वोदका वाले ‘लंगर’ पर मचा बवाल, शराब ठेका मालिक गिरफ्तार

इस घटना के दृश्यों ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक जिम्मेदारी और विज्ञापनों की सीमाओं को लेकर एक बहस छेड़ दी है।

चंडीगढ़ पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद एक स्थानीय शराब ठेके के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। इस वीडियो में एक प्रमोशनल स्टंट (प्रचार) के तहत खुलेआम शराब परोसी जा रही थी, जिससे पूरे शहर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा “शराब का लंगर” कहे जा रहे इस विवादास्पद कार्यक्रम का आयोजन चंडीगढ़ के पॉश इलाके सेक्टर 9 की मार्केट में ‘लिकर वर्ल्ड’ नामक ठेके के बाहर किया गया था। वायरल फुटेज में ठेके के कर्मचारी बर्फ के गोलों पर स्मिर्नॉफ फ्लेवर्ड वोदका डालकर खुले बाजार में लोगों को बांटते नजर आ रहे हैं।

मौके पर की गई जांच के बाद, अधिकारियों ने पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। पुलिस ने गिरफ्तार मालिक की पहचान साकेतरी गांव के रहने वाले राजेश सचदेवा के रूप में की है। जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि यह स्टंट एक नए अल्कोहल ब्रांड को लॉन्च करने के मार्केटिंग कैंपेन का हिस्सा था, और उन्होंने पुष्टि की कि इसमें एक निजी कंपनी का प्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से शामिल था।

इस घटना को लेकर इसलिए भी तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं क्योंकि यह बेहद संवेदनशील इलाके में बिना किसी डर के किया गया। सेक्टर 9 की यह मार्केट चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय, पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के कार्यालय, और डीजीपी व एसएसपी के दफ्तरों से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित है।

आलोचकों ने सवाल उठाए हैं कि प्रमुख सरकारी कार्यालयों के ठीक सामने यह कार्यक्रम कई घंटों तक बिना किसी रोक-टोक के कैसे चलता रहा। खबरों के मुताबिक, इस प्रमोशन का वीडियो शुरुआत में खुद ठेकेदार ने ही इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद उसने इसे डिलीट कर दिया। इंटरनेट पर वीडियो मौजूद होने के बावजूद, निवासियों का आरोप है कि जब तक इस मामले ने मीडिया में तूल नहीं पकड़ा और जनता का विरोध तेज नहीं हुआ, तब तक पुलिस ने कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की।

इस घटना के दृश्यों ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक जिम्मेदारी और विज्ञापनों की सीमाओं को लेकर एक बहस छेड़ दी है। हालांकि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे ग्राहकों को आकर्षित करने का एक अनोखा तरीका बताया, लेकिन अधिकांश निवासियों ने सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह खुलेआम मुफ्त शराब परोसने पर गहरी चिंता व्यक्त की है और आबकारी विभाग से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।