ईरान-इजरायल जंग में हिज़्बुल्लाह की एंट्री, मिडिल ईस्ट में हालात और भड़के

ईरान-इजरायल संघर्ष में हिज़्बुल्लाह की एंट्री ने इस जंग को और खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या हालात कूटनीति से संभलते हैं या युद्ध की आग और फैलती है।

Hezbollah also attacked Israel
Hezbollah also attacked Israel

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहा ईरान और इजरायल के बीच का संघर्ष अब और गंभीर होता दिख रहा है। ताजा घटनाक्रम में लेबनान के लड़ाकू संगठन हिज़्बुल्लाह के युद्ध में कूदने की खबर सामने आई है। इससे यह साफ हो गया है कि यह जंग अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे इलाके में फैलने का खतरा बढ़ गया है।

इजरायल की सेना ने दावा किया है कि लेबनान की ओर से उसके नउत्तरी शहरों की तरफ रॉकेट दागे गए, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया। इन हमलों के बाद इजरायल में सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई। माना जा रहा है कि यह हमला हिज़्बुल्लाह की ओर से किया गया है, जो लंबे समय से ईरान का करीबी सहयोगी रहा है।

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हालिया हवाई हमलों के बाद वहां हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई शहरों में धमाकों की खबरें आई हैं और सैन्य ठिकानों के साथ-साथ कुछ नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने इन हमलों को सीधी आक्रामक कार्रवाई बताते हुए बदला लेने की चेतावनी दी है।

हिज़्बुल्लाह को ईरान का रणनीतिक साथी माना जाता है। कहा जाता है कि ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei के मार्गदर्शन में यह संगठन वर्षों से मजबूत हुआ है। अब जब ईरान पर सीधा हमला हुआ है, तो हिज़्बुल्लाह की सक्रियता से जंग और व्यापक रूप ले सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह टकराव यूं ही बढ़ता रहा, तो इसमें खाड़ी देशों और अमेरिका के सैन्य ठिकाने भी सीधे प्रभावित हो सकते हैं। पहले ही कुछ इलाकों में विस्फोटों की खबरें आई हैं, जिससे आम लोगों में डर का माहौल बन गया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। लेकिन जमीनी हालात बताते हैं कि फिलहाल तनाव कम होने के बजाय और तेज हो रहा है।