ईरान के प्रस्ताव पर भड़के अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप, बोले- ‘यह पूरी तरह अस्वीकार्य’

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की ओर से आए शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान की तरफ से मिला जवाब उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया और यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। इस बयान के बाद एक बार फिर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई है।

ईरान लंबे समय से अमेरिका के साथ खेल खेल रहा है... बोले - Donald Trump | Image Source : PTI
ईरान लंबे समय से अमेरिका के साथ खेल खेल रहा है... बोले - Donald Trump | Image Source : PTI

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब शांति वार्ता को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसे युद्ध खत्म करने की दिशा में अहम माना जा रहा था।

जानकारी के मुताबिक, ईरान की ओर से अमेरिका को एक जवाब भेजा गया था, जिसमें युद्ध खत्म करने और आगे की बातचीत का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि ट्रंप ने इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए साफ कर दिया कि अमेरिका इस जवाब से संतुष्ट नहीं है।

Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि उन्होंने ईरान के प्रतिनिधियों का जवाब पढ़ा, लेकिन उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान लंबे समय से अमेरिका के साथ खेल खेल रहा है और अब हालात ज्यादा समय तक ऐसे नहीं चलेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘एक्सियोस’ से बातचीत में भी ईरान के जवाब पर नाराजगी जताई। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ईरान के प्रस्ताव में आखिर क्या बातें थीं, लेकिन इतना जरूर कहा कि प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं थी।

इस बीच रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ नेता Lindsey Graham ने भी कड़ा रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका को सैन्य कार्रवाई पर विचार करना चाहिए क्योंकि ईरान लगातार अंतरराष्ट्रीय नौवहन और सहयोगी देशों को निशाना बना रहा है।

वहीं, Donald Trump ने इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से भी बातचीत की। दोनों नेताओं ने ईरान से जुड़े मुद्दों और मौजूदा हालात पर चर्चा की। ट्रंप ने बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि अमेरिका-इजराइल संबंध मजबूत हैं।

गौरतलब है कि अमेरिका और इजराइल की ओर से फरवरी में ईरान के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। बाद में अप्रैल में युद्धविराम पर सहमति बनी, लेकिन अब भी दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह विवाद कूटनीति से सुलझेगा या हालात फिर से बिगड़ेंगे।