
तहलका डेस्क।
नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अब अपने चुनावी संकल्पों को जमीन पर उतारने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में आयोजित उच्च स्तरीय बैठकों के दौर में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनकी सरकार अगले महीने से जनहित की बड़ी योजनाओं का आगाज करने जा रही है। इस रणनीति के केंद्र में महिलाएं और स्वास्थ्य सेवाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं कि जून महीने से ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने ₹3,000 की सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना 1 जून 2026 से प्रभावी होगी। इसके साथ ही, राज्य की परिवहन बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर (Free Travel) की सुविधा भी शुरू होने वाली है, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं, हालांकि पात्रता के तकनीकी पहलुओं और चयन प्रक्रिया पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है। दिलचस्प बात यह है कि शुभेंदु सरकार केवल नई योजनाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पिछली सरकार द्वारा ठुकराई गई केंद्र की ‘आयुष्मान भारत’ योजना को भी जून से बहाल करने का रास्ता साफ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने नौकरशाही को साफ कर दिया है कि सत्ता परिवर्तन का असर जनकल्याण पर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि राज्य में दशकों से चल रही कोई भी सामाजिक सुरक्षा योजना बंद नहीं की जाएगी। सरकार का रुख स्पष्ट है कि पुरानी व्यवस्थाओं को कायम रखते हुए नई सुविधाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाया जाए। आने वाले हफ्तों में सरकार इन योजनाओं के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इनका दायरा आय आधारित होगा या सार्वभौमिक।



