कैरेबियाई देशों में ‘Jaipur Foot’ की दस्तक: Bharat के ‘कृत्रिम पैरों’ से अब दौड़ेंगे विदेशी!

कैरेबियाई देशों में भारतीय 'जयपुर फुट' की धमक: विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पीएम कमला प्रसाद बिसेसर ने किया सेंटर का उद्घाटन, 15 देशों को मिलेगा सीधा लाभ, स्थानीय लोगों को मिलेगी ट्रेनिंग और 600 कृत्रिम अंग; भारत ने निभाया वैश्विक सेवा का संकल्प…

त्रिनिदाद में कृत्रिम पैर केंद्र की स्थापना : विदेश मंत्री और त्रिनिदाद-टोबैगो की पीएम कमला प्रसाद बिसेसर ने किया सेंटर का उद्घाटन, जयशंकर ने इसे दिव्यांगजन के लिए वरदान बताया…Pic Credit : TTT Live Online/FB
त्रिनिदाद में कृत्रिम पैर केंद्र की स्थापना : विदेश मंत्री और त्रिनिदाद-टोबैगो की पीएम कमला प्रसाद बिसेसर ने किया सेंटर का उद्घाटन, जयशंकर ने इसे दिव्यांगजन के लिए वरदान बताया…Pic Credit : TTT Live Online/FB

तहलका डेस्क।

नई दिल्ली/वाशिंगटन। कैरेबियाई क्षेत्र में दिव्यांगजनों के जीवन को नई गति देने के उद्देश्य से त्रिनिदाद और टोबैगो में एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई है। भारत की मानवीय कूटनीति के प्रतीक ‘जयपुर फुट’ ने अब इस द्वीप राष्ट्र में अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी हालिया यात्रा के दौरान ‘जयपुर फुट प्रोस्थेटिक्स सेंटर’ का औपचारिक उद्घाटन किया, जो न केवल त्रिनिदाद बल्कि आसपास के 15 से अधिक द्वीपीय देशों (कैरिकॉम क्षेत्र) के लिए आशा की नई किरण बनकर उभरा है। इस केंद्र की स्थापना भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति की सहयोगी संस्था ‘जयपुर फुट यूएसए’ द्वारा की गई है। इस गरिमामयी अवसर पर त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर की उपस्थिति ने दोनों देशों के बीच बढ़ते प्रगाढ़ संबंधों को रेखांकित किया।

भारत ने निभाया वैश्विक सेवा का संकल्प,प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा के बाद अब स्थाई केंद्र बनकर तैयार… Pic Credit : TTT Live Online/FB

यह केंद्र उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिन्होंने घुटने के नीचे अपने अंग गंवा दिए थे। मानवीय गरिमा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाला यह प्रोजेक्ट दक्षिण त्रिनिदाद के पीनल नगर में स्थित है, जहां शुरुआती चरण में 600 कृत्रिम अंग मुहैया कराए जाएंगे।

मानवीय कूटनीति से मजबूत होंगे भारत-कैरिकॉम संबंध… Pic Credit : TTT Live Online/

विशेष बात यह है कि यह केवल एक वितरण केंद्र नहीं है; यहां जयपुर से आए विशेषज्ञ स्थानीय तकनीशियनों को प्रशिक्षित भी करेंगे, जिससे भविष्य में यह क्षेत्र प्रोस्थेटिक्स के मामले में आत्मनिर्भर बन सके। इस स्थायी केंद्र की नींव पिछले साल पोर्ट ऑफ स्पेन में लगे 50 दिवसीय शिविर की अपार सफलता ने रखी थी, जहां 800 से अधिक दिव्यांगों के जीवन में बदलाव आया था।

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले साल किए गए वादे को हकीकत में बदलते हुए, यह केंद्र अब कैरेबियाई देशों में भारत की सॉफ्ट पावर और सेवा भाव का जीवंत प्रमाण बन गया है। यह पहल दिव्यांग व्यक्तियों को न केवल चलने की क्षमता प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान के साथ खड़ा होने का हौसला भी देगी।