‘दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा’ – राम मंदिर चढ़ावा मामले पर CM योगी

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पूरे मामले की सच्चाई अगले 15 दिनों में सामने आ जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और गठित विशेष जांच दल (SIT) निष्पक्ष तरीके से जांच कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और दान राशि से जुड़ा कोई भी मामला पूरी पारदर्शिता के साथ जांचा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद तथ्य जनता के सामने रखे जाएंगे और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। आरोप सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया। जांच दल को प्रारंभिक रिपोर्ट सात दिन और अंतिम रिपोर्ट 15 दिन के भीतर सौंपने का निर्देश दिया गया है।

इस बीच SIT ने मंदिर परिसर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और दान राशि की गणना, उससे जुड़े कर्मचारियों तथा प्रबंधन व्यवस्था से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच के दायरे में दान पेटियों से नकदी की गिनती और उसके प्रबंधन की प्रक्रिया भी शामिल है।

मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों ने आरोपों को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अफवाहों और अटकलों के बजाय जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।

राम मंदिर ट्रस्ट और राज्य सरकार दोनों का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल सच्चाई सामने लाना और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना है। आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।