हिमाचल में पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर ‘अनाथ एवं विधवा उपकर’ लागू, आधी रात से बढ़ीं कीमतें

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर ‘अनाथ एवं विधवा उपकर’ (Orphan and Widow Cess) लागू कर दिया है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग की अधिसूचना के अनुसार नई दरें 11 अगस्त की मध्यरात्रि से प्रभावी हो गई हैं। इस उपकर से प्राप्त राशि अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए बनाए गए विशेष कोष में जमा की जाएगी और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर खर्च होगी।

यह उपकर हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (VAT) अधिनियम, 2005 की धारा 6-ए के तहत लगाया गया है। राज्य विधानसभा ने इस वर्ष बजट सत्र के दौरान संशोधन विधेयक पारित कर सरकार को पेट्रोल और डीजल पर अधिकतम ₹5 प्रति लीटर तक उपकर लगाने का अधिकार दिया था। फिलहाल सरकार ने इसकी दर 60 पैसे प्रति लीटर निर्धारित की है। उपकर ईंधन की पहली बिक्री (First Point of Sale) पर वसूला जाएगा।

राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के लिए स्थायी वित्तीय स्रोत उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार समर्पित कोष बनने से इन वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सहायता कार्यक्रमों को नियमित रूप से वित्तीय समर्थन मिल सकेगा।

हालांकि इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने इसे जनविरोधी निर्णय बताते हुए कहा कि आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। वहीं प्रदेश के पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने भी आशंका जताई है कि ईंधन महंगा होने से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग पड़ोसी राज्यों से पेट्रोल-डीजल खरीदना पसंद कर सकते हैं, जिससे राज्य के कारोबार पर असर पड़ सकता है।