आतिफ नूर खान, तहलका
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे कर्मचारियों, दिव्यांगजनों और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े तीन महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इन फैसलों की जानकारी दी।
सरकार ने रेलवे के 11,40,770 कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) को मंजूरी दी है। वहीं, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने, दिव्यांग पेंशन की पात्रता में बदलाव और आईडीबीआई बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री को भी मंजूरी दी गई है।
1. रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस
केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी दी है। इस फैसले से कुल 11,40,770 अराजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। बोनस भुगतान पर सरकार कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
यह बोनस वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे कर्मचारियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के सम्मान में दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली का तोहफा बताया।
उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी त्योहारों के दौरान भी लगातार काम करते हैं। जब देश के लोग त्योहार मनाते हैं, तब भी रेलवे कर्मचारी पटरियों, स्टेशनों, वर्कशॉप और अन्य स्थानों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
रेलवे कर्मचारियों को दिया जाने वाला यह बोनस उनके योगदान को मान्यता देने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंजूर किया गया है।
2. सामाजिक सुरक्षा योजना 2031 तक जारी, दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव
कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनइसएपी) से संबंधित है। सरकार ने इस कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस फैसले के तहत योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा। इसके अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के नाम भी बदले जाएंगे।
दिव्यांगजनों के लिए पेंशन के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
दिव्यांगता की पात्रता सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। इसके अलावा, पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त को जन्म से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, दिव्यांगजन पेंशन के तहत सहायता राशि अब 0 से 79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों के लिए 375 रुपये प्रतिमाह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों के लिए 625 रुपये प्रतिमाह होगी।
सरकार के मुताबिक, इस मंजूरी से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा होगा। वहीं, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी।
दिव्यांग पेंशन के नए पात्रता मानदंड, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से संबंधित दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी किए जाएंगे।
3. आईडीबीआई बैंक की 60.72% हिस्सेदारी की बिक्री को मंजूरी
कैबिनेट का तीसरा बड़ा फैसला आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश से जुड़ा है। सरकार ने बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के लिए फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड की सहायक कंपनी 10955230 कनाडा इंक. को रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी दी है।
इस सौदे का कुल मूल्य 52,877.07 करोड़ रुपये है। इसके तहत भारत सरकार अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अपनी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगा।
इस बिक्री के बाद भारत सरकार और एलआईसी की आईडीबीआई बैंक में संयुक्त हिस्सेदारी 34 प्रतिशत रह जाएगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि के साथ आने वाले वर्षों में उद्योगों, उद्यमियों और वित्तीय क्षेत्र को बड़ी मात्रा में पूंजी की आवश्यकता होगी। आईडीबीआई बैंक का रणनीतिक पुनर्गठन इस जरूरत को पूरा करने और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने में मदद कर सकता है।
सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में नई पूंजी आएगी। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, छोटे उद्योगों, नए उद्यमियों और अपने कारोबार का विस्तार करने वाली कंपनियों के लिए विकास के अवसर बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही, वित्तीय क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
तीनों फैसलों का क्या होगा असर?
14 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े हैं। रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के बोनस से आर्थिक लाभ मिलेगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम को पांच वर्षों तक जारी रखने और दिव्यांग पेंशन के पात्रता मानदंडों में बदलाव से सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी की बिक्री से वित्तीय क्षेत्र में निजी निवेश और पूंजी उपलब्धता बढ़ाने की उम्मीद है।
इन फैसलों के जरिए केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के प्रोत्साहन, सामाजिक सुरक्षा के विस्तार और वित्तीय क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।




