प्रेम की लोककथाएं

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imgजेठवा-उजली (राजस्थान)

जेठवा के विरह में उजली के छंदों को जोड़कर बुनी गई बड़ी मार्मिक लोककथा है जेठवा-उजली. खास तौर पर गुजरात और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में लोकप्रिय यह कथा यहां की संस्कृति के दो अहम पहलुओं ‘प्रेम’ और ‘शरणागत की रक्षा’ को दिखाती है. Read More>>


imgढोला-मारू (कच्छ)

यों तो थार के चप्पे-चप्पे पर प्रेमकथाएं बिखरी पड़ी हैं लेकिन ढोला-मारू की प्रेमकथा सबसे लोकप्रिय है. यहां हर तीज-त्योहार पर गाए जाने वाले लोकगीतों से लेकर लोकचित्रों और लोकनाटकों में ढोला-मारू को आदर्श दंपति का दर्जा मिला हुआ है.  Read More>>


imgछैला संदू (झारखंड)

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