नई दिल्ली में Indian Oil Corporation Limited (IOCL) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने दो हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों को शुरू किया है। ये बसें केंद्रीय सचिवालय और कर्तव्य भवन के बीच चलेंगी। इंडियन ऑयल के निदेशक (रिफाइनरी) Arvind Kumar ने कहा कि यह पहल देश में क्लीन और Sustainable Mobility को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है।
उन्होंने बताया कि इन बसों में इस्तेमाल होने वाला हाइड्रोजन फरीदाबाद स्थित इंडियन ऑयल के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि ये बसें धुआं या जहरीली गैस नहीं छोड़तीं, बल्कि इनसे केवल पानी निकलता है। यानी यह पूरी तरह प्रदूषण मुक्त तकनीक मानी जा रही है।
Arvind Kumar के मुताबिक फिलहाल यह परियोजना शुरुआती चरण में है और अभी केवल दो बसें चलाई जा रही हैं। हालांकि इंडियन ऑयल भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि पानीपत रिफाइनरी में 10 केटीए क्षमता वाला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट तैयार किया जा रहा है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
इंडियन ऑयल का कहना है कि जैसे-जैसे तकनीक और लागत दोनों बेहतर होंगे, वैसे-वैसे हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। कंपनी के पास फिलहाल देशभर में अलग-अलग परीक्षण परियोजनाओं के तहत 15 हाइड्रोजन बसें मौजूद हैं।
केंद्र सरकार भी लगातार स्वच्छ ईंधन और कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में हाइड्रोजन बसें भारत के बड़े शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अहम हिस्सा बन सकती हैं। फिलहाल दिल्ली में शुरू हुई यह पहल लोगों के लिए एक नई और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का अनुभव लेकर आई है।




