हथियार वाले नक्सली चले गए दिमाग़ी नक्सली मौजूद : पीएम मोदी

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।

राघवेंद्र द्विवेदी

80 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। 76 मिनट के भाषण में उन्होंने अपनी उपलब्धियां गिनाईं और ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विकसित भारत का जिक्र करते हुए कहा ‘आइये सपनों को संकल्प बनाएं, संकल्प को सामर्थ्य बनाएं और सामर्थ्य को सफलता में बदल कर रहें। आइये हर कदम को विकास का कदम बनाएं, कदम से कदम मिलाएं, मन से मन मिलाएं, लक्ष्य से जुड़े रहें, एक दीप से जलें दीप हजारों, आओ मिलकर विकसित भारत बनाएं।’

नारी शक्ति को बल देने के लिए प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि सभी दल महिलाओं के सामर्थ्य के पुजारी बनें। युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इन दिनों जनगणना का काम चल रहा है। आप का कुछ समय जनगणना के काम में बड़ी भूमिका निभा सकता है। आप अपनों और परिवार की जितनी सटीक जानकारी देंगे, देश को आगे बढ़ने में उतनी मदद मिलेगी। पीएम ने लाल किले से ऐलान किया ‘हम जल्द ही नागरिक रक्षा (सिविल डिफेंस) का देश में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे, जो आधुनिक चुनौतियों का सामना करेगा’।

लगातार 13वीं बार लाल किला पर राष्ट्र ध्वज फहराते हुए पीएम ने संबोधन में कहा कि 2014 में जब आपने हमें मौका दिया तभी हमने संकल्प किया था कि हम नक्सलवाद को देश से खत्म करेंगे। हम उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हैं। जहां पर कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं, जहां कभी धरती रक्तरंजित होती थी, आज वहां विश्वास, प्रयास और विकास का तिरंगा लहरा रहा है। हथियार वाले नक्सली तो गए लेकिन दिमाग वाले नक्सली देश में हैं जो देश को हिंसा में घसीटने की कोशिश में जुटे रहते हैं। हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। इन्हें अलग-थलग करना होगा। सुरक्षित भारत बनाना हमारा दायित्व है।

युवाओं को कोचिंग की सुविधा देने की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हर परिवार को लगता है कि अगर उन्होंने अपने बच्चे को कोचिंग सेंटर नहीं भेजा तो उसका भला नहीं होगा। इसलिए हमने छात्रों के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का फैसला किया है। हम युवाओं को निःशुल्क कोचिंग देने का नेटवर्क खड़ा करने वाले हैं। नई शिक्षा नीति लागू की गई है। 2004 से 2014 तक देश में 50 से कम विश्वविद्यालय थे और 10 साल में 650 विश्वविद्यालय बने हैं। मेडिकल की सीटों में भी बढ़ोतरी हुई है। युवा सपने लेकर आएं, हम संसाधन की कमी नहीं होने देंगे।

खेलों पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा 2036 के ओलंपिक को देखते हुए देश के गांवों से लेकर शहरों तक टैलेंट हंट का एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 5 से 15 साल के बच्चों की खेल प्रतिभा को स्पेशल ट्रेनिंग से निखारा जाएगा। खेलो इंडिया गेम्स, खेलों के लिए कोचिंग, खेल चिकित्सा आदि में युवाओं के लिए काफी जगह बनी है। 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों को भारत आयोजित करने वाला है और हम 2036 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार बनकर उभर रहे हैं।

‘शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा। उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, वह तय करना होगा। वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी। क्वालिटी से कोई समझौता मंजूर नहीं। हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए।

भावुक करने वाला पल तब आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बच्चों से मिले। प्रधानमंत्री को अपने बीच देखकर बच्चे भी बहुत खुश नजर आ रहे थे। इसी दौरान पैर पीएम के छूने के लिए एक बेटी झुकी तो उसकी टोपी नीचे गिर गई, प्रधानमंत्री ने जमीन पर गिरी टोपी उठाकर दोबारा बच्ची के सिर पर रखी। वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह का औपचारिक समापन हुआ।