सात दिन में दूसरी बार बर्ड हिट, दिल्ली से पटना जा रही 164 यात्रियों वाली फ्लाइट से टकराया पक्षी; पटना एयरपोर्ट की सुरक्षा पर सवाल

पटना एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की फ्लाइट से पक्षी टकराने की घटना, 164 यात्री सुरक्षित
पटना एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की फ्लाइट से पक्षी टकराने की घटना, 164 यात्री सुरक्षित

पटना, 24 अगस्त |

पटना एयरपोर्ट पर एक बार फिर विमान से पक्षी टकराने की घटना, एयर इंडिया की फ्लाइट लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट का शिकार हुई

पटना एयरपोर्ट पर एक बार फिर विमान से पक्षी टकराने की घटना सामने आई है। सोमवार को दिल्ली से पटना जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट का शिकार हो गई। विमान में 164 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि पायलट ने विमान को सुरक्षित रनवे पर उतार लिया और सभी यात्री सुरक्षित रहे। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से उड़ान भरकर पटना पहुंच रही एयर इंडिया की फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान विमान से पक्षी टकराया। घटना की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट के संबंधित अधिकारियों और तकनीकी टीम को अलर्ट किया गया। इसके बाद विमान की तकनीकी जांच की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बर्ड हिट से विमान के किसी महत्वपूर्ण हिस्से को नुकसान तो नहीं पहुंचा।

यह घटना इसलिए भी अहम है क्योंकि पटना एयरपोर्ट पर महज सात दिनों के भीतर बर्ड हिट की यह दूसरी घटना, लगातार घटनाएं एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं

यह घटना इसलिए भी अहम है क्योंकि पटना एयरपोर्ट पर महज सात दिनों के भीतर बर्ड हिट की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की मौजूदगी और उन्हें नियंत्रित करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। विमानन क्षेत्र में बर्ड स्ट्राइक को गंभीर सुरक्षा चुनौती माना जाता है। टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान पक्षी विमान के इंजन, विंग या दूसरे महत्वपूर्ण हिस्सों से टकरा सकते हैं। कई मामलों में इससे विमान को तकनीकी नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। पटना एयरपोर्ट पर पहले भी बर्ड हिट की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में एक सप्ताह के भीतर दो घटनाओं का सामने आना यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि क्या एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के मौजूदा इंतजाम पर्याप्त हैं?

रनवे और उसके आसपास पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रखना एयरपोर्ट सेफ्टी का अहम हिस्सा, बर्ड स्केयरिंग सिस्टम और नियमित निगरानी की जाती है

रनवे और उसके आसपास पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रखना एयरपोर्ट सेफ्टी का अहम हिस्सा है। इसके लिए बर्ड स्केयरिंग सिस्टम, नियमित निगरानी और अन्य सुरक्षा उपाय किए जाते हैं। लेकिन जब कम अंतराल में ऐसी घटनाएं दोबारा सामने आएं, तो इन व्यवस्थाओं की समीक्षा की जरूरत महसूस होती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने पक्षियों को ऑपरेशनल एरिया से दूर रखने के लिए फायरआर्म्स और फायरक्रैकर्स से लैस बर्ड चेसर्स तैनात किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट के आसपास के फुलवारीशरीफ इलाके में मांस की दुकानें एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, जो पक्षियों को आकर्षित करती हैं और लगातार सुरक्षा जोखिम पैदा करती हैं। मानसून के दौरान घास तेजी से बढ़ती है और घास कटाई से कीड़े बाहर आते हैं जो पक्षियों को आकर्षित करते हैं।

164 यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम, पायलट की सतर्कता और एयरपोर्ट टीम की कार्रवाई से किसी बड़े हादसे की स्थिति नहीं बनी

इस घटना में सबसे बड़ी राहत यह रही कि दिल्ली से पटना जा रही फ्लाइट में सवार सभी 164 यात्री सुरक्षित रहे। लैंडिंग के दौरान पायलट की सतर्कता और एयरपोर्ट पर मौजूद सुरक्षा एवं तकनीकी टीम की कार्रवाई से किसी बड़े हादसे की स्थिति नहीं बनी। बर्ड हिट के बाद विमान की तकनीकी जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। पक्षी के आकार और टकराने की जगह के आधार पर विमान के इंजन या दूसरे हिस्सों पर असर पड़ सकता है। इसलिए ऐसी घटना के बाद विमान को दोबारा उड़ान पर भेजने से पहले उसकी जांच की जाती है। जांच में बर्ड स्ट्राइक की पुष्टि हुई, हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान के इंजन को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। जरूरी तकनीकी जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद विमान को दोबारा दिल्ली लौटने की अनुमति दे दी गई।

सवाल सिर्फ एक फ्लाइट का नहीं, पटना एयरपोर्ट प्रशासन इन घटनाओं की वजहों की समीक्षा करेगा या नहीं और भविष्य में बर्ड स्ट्राइक को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे

पटना एयरपोर्ट पर बर्ड हिट की लगातार घटनाएं केवल एक विमान या एक उड़ान तक सीमित मामला नहीं हैं। यह एयरपोर्ट की सुरक्षा, रनवे के आसपास के पर्यावरण और पक्षियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने की व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है। अब अहम सवाल यह है कि पटना एयरपोर्ट प्रशासन इन घटनाओं की वजहों की समीक्षा करेगा या नहीं और भविष्य में बर्ड स्ट्राइक को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। क्योंकि विमान के लिए आसमान में दिखने वाला एक छोटा-सा पक्षी भी लैंडिंग के वक्त बड़ी सुरक्षा चुनौती बन सकता है।