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West Bengal में विकास की नई पटरी: 107 KM रेल लाइन से नई एक्सप्रेस तक, रेलवे का बड़ा प्लान

West Bengal में विकास की नई पटरी, रेलवे का बड़ा प्लान... | Image Source: News18 Hindi
West Bengal में विकास की नई पटरी, रेलवे का बड़ा प्लान... | Image Source: News18 Hindi

नई दिल्ली: Ministry of Railways की तरफ से सबसे बड़ी मंजूरी Shalbani-Adra तीसरी रेल लाइन परियोजना को मिली है। करीब 107 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस नई लाइन से कई इलाकों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ट्रेनों की आवाजाही भी आसान बनेगी। इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों दोनों को फायदा मिलने की संभावना है।

इसके अलावा Kolkata के Santragachi से Rajasthan के Khatipura तक नई एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मंजूरी भी दी गई है। यह ट्रेन खड़गपुर के रास्ते चलेगी। लंबे रूट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है। अभी तक इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती थी, लेकिन नई एक्सप्रेस शुरू होने से सफर आसान हो सकता है।

रेल मंत्रालय ने न्यू जलपाईगुड़ी से सिलीगुड़ी जंक्शन तक करीब 7 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के दोहरीकरण सर्वे को भी मंजूरी दी है। उत्तर बंगाल में बढ़ते रेल ट्रैफिक को देखते हुए इस परियोजना को काफी अहम माना जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि डबल लाइन बनने के बाद ट्रेनों की रफ्तार और समय दोनों में सुधार होगा। साथ ही ट्रैफिक दबाव भी कम किया जा सकेगा।

राजनीतिक गलियारों में भी इन परियोजनाओं को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने का असर अब विकास परियोजनाओं पर दिखाई देने लगा है। रेलवे से जुड़ी कई योजनाएं, जो पहले लंबे समय से अटकी हुई थीं, अब तेजी से आगे बढ़ सकती हैं। आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल में रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी और भी बड़ी घोषणाएं देखने को मिल सकती हैं।

100 साल पुराने रिकॉर्ड से तय होगा मंदाकिनी का फ्लड जोन, बाढ़ से मिलेगी राहत?

Mandakini River | Image Source: Amar Ujala
Mandakini River | Image Source: Amar Ujala

नई दिल्ली: चित्रकूट प्रशासन का मानना है कि फ्लड प्लेन जोन तय होने से यह साफ हो जाएगा कि नदी के आसपास कौन-कौन से इलाके बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। इसके बाद उन क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर रोक लगाने और लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की योजना तैयार करना आसान होगा। शासन स्तर से संबंधित विभागों को इस काम के लिए निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

मां मंदाकिनी नदी चित्रकूट की आस्था और संस्कृति से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का लंबा समय इसी क्षेत्र में बिताया था। यही वजह है कि हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं। लेकिन बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। सामान्य दिनों में नदी का जलस्तर करीब 123.500 मीटर रहता है, जबकि बाढ़ के समय यह बढ़कर 131.500 मीटर तक पहुंच जाता है। इससे घाटों के आसपास कटान और जलभराव की स्थिति बन जाती है।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने पिछले 100 वर्षों में आई बाढ़ के आंकड़ों का अध्ययन शुरू कर दिया है। अधिकारी पुराने रिकॉर्ड, नदी के बहाव और प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में कई विभाग मिलकर काम करेंगे और रिपोर्ट तैयार होने के बाद मंदाकिनी नदी का फ्लड प्लेन जोन आधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा।

चित्रकूट के डीएम पुलकित गर्ग ने बताया कि यह पूरा काम एनजीटी के निर्देशों के तहत किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस पहल से भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। प्रशासन अब ऐसी रणनीति तैयार करने में जुटा है जिससे हर साल आने वाली बाढ़ का असर कम किया जा सके।

“झुके कंधे, फीकी मुस्कान”… जिनपिंग से मुलाकात में ट्रंप की बॉडी लैंग्वेज ने क्या इशारा दिया?

ट्रंप और जिनपिंग की बीजिंग के Great Hall of the People में हाई प्रोफाइल मीटिंग। | Image Source: NDTV.in
ट्रंप और जिनपिंग की बीजिंग के Great Hall of the People में हाई प्रोफाइल मीटिंग। | Image Source: NDTV.in

नई दिल्ली: Beijing के Great Hall of the People में हुई इस हाई प्रोफाइल मीटिंग में दोनों नेताओं ने ईरान संकट, व्यापार, ताइवान और वैश्विक हालात जैसे कई बड़े मुद्दों पर चर्चा की। लेकिन मीटिंग खत्म होने के बाद जब दोनों मीडिया के सामने आए, तो लोगों का ध्यान ट्रंप के हाव-भाव पर टिक गया। तस्वीरों में ट्रंप के कंधे झुके हुए दिखे और उनके चेहरे पर तनाव साफ नजर आया। वहीं शी जिनपिंग आराम से बैठे दिखाई दिए और उनके चेहरे पर हल्की मुस्कान भी नजर आई।

बॉडी लैंग्वेज एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी बड़े नेता के हाव-भाव उसके मानसिक दबाव और स्थिति को काफी हद तक दिखाते हैं। ट्रंप जिस तरह हाथों को घुटनों के बीच दबाकर बैठे थे, उसे कई लोग दबाव और असहजता का संकेत मान रहे हैं। दूसरी तरफ जिनपिंग का आत्मविश्वास भरा अंदाज यह दिखा रहा था कि बातचीत में चीन की स्थिति ज्यादा मजबूत रही।

इस मुलाकात के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने साफ कहा कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ हर हाल में खुला रहना चाहिए और किसी भी देश की दादागिरी वहां नहीं चलेगी। वहीं ताइवान मुद्दे पर जिनपिंग ने अमेरिका को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि यह चीन की ‘रेड लाइन’ है और इस मामले में कोई समझौता नहीं होगा।

बताया जा रहा है कि ट्रंप इस दौरे में आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। इसी वजह से उनके साथ बड़े कारोबारी चेहरे भी नजर आए। हालांकि सोशल मीडिया पर अब चर्चा इस बात की ज्यादा हो रही है कि इस मुलाकात में मनोवैज्ञानिक बढ़त आखिर किसके पास रही।

मथुरा पुलिस की डायल 112 सेवा का सिपाही निकला गांजा तस्कर, साथी समेत हुआ गिरफ्तार

मथुरा में गांजा तस्करी के आरोप में दो सिपाही गिरफ्तार (Photo- ITG)
मथुरा में गांजा तस्करी के आरोप में दो सिपाही गिरफ्तार (Photo- ITG)

15 मई 2026, नई दिल्ली/ मथुरा: मथुरा पुलिस का एक सिपाही अपने साथी के साथ गांजा तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया है।इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तो ये हैं कि पकड़ा गया आरोपी यूपी पुलिस की डायल 112 सेवा में तैनात था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार सिपाही लंबे समय से तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और अपने पद का फायदा उठाकर अवैध कारोबार चला रहा था।सिपाही अनिल कुमार और पचावर का रहने वाला उसका साथी पुष्पेंद्र शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 20 किलो गांजा, नकदी और कुछ संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। साथ ही 2 लाख रूपये की नकदी भी बरामद की है।बरामद माल की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में NDPS एक्ट  के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

विभागीय कार्रवाई भी शुरू

घटना सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और यदि अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।

पुलिस को महावन-बल्देव रोड पर नशीले पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी. इस इनपुट के आधार पर जब महावन पुलिस ने घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की तो दोनों आरोपियों को धर-दबोच लिया गया। जब रिकार्ड खंगाला गया तो पता चला कि सुनील कुमार चार साल पहले भी शराब की तस्करी मे जेल जा चुका है

किताब के शब्दों में संवेदना, इरादों में जहर: यूटा की ‘Black Widow’ को उम्रकैद

पति की मौत के बाद किताब लिखकर बटोरी सहानुभूति, अब निकली उसी की कातिल? यूटा के उस चर्चित हत्याकांड का खौफनाक अंत… Pic Sourcs : foxnews
पति की मौत के बाद किताब लिखकर बटोरी सहानुभूति, अब निकली उसी की कातिल? यूटा के उस चर्चित हत्याकांड का खौफनाक अंत… Pic Sourcs : foxnews

तहलका ब्यूरो।

पार्क सिटी। अमेरिका के यूटा राज्य से एक ऐसा आपराधिक मामला सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों पर से भरोसा डिगा दिया है। अपने पति की संदिग्ध मौत के बाद बच्चों के लिए ‘शोक से उबरने’ पर किताब लिखकर दुनिया भर की सहानुभूति बटोरने वाली कूरी रिचिन्स (35) ही असल में अपने पति की कातिल निकली।

बीते दिनों अदालत ने इस जघन्य कृत्य के लिए उसे बिना पैरोल के आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने सख्त टिप्पणी करते हुए कूरी को समाज के लिए एक अत्यंत घातक व्यक्तित्व करार दिया।

यह मामला महज एक हत्या का नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का है। अभियोजन पक्ष ने साबित किया कि साल 2022 में कूरी ने अपने पति एरिक रिचिन्स को उनके कॉकटेल में फेंटेनिल की जानलेवा खुराक देकर मौत की नींद सुला दिया था।

जांच में पाया गया कि वह मात्रा सामान्य से पांच गुना अधिक थी। केवल हत्या ही नहीं, कूरी पर बीमा धोखाधड़ी, जालसाजी और पूर्व में भी हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। साक्ष्यों के अनुसार, उसने ‘वैलेंटाइन डे’ के मौके पर भी एरिक को नशीला सैंडविच देकर मारने की कोशिश की थी, हालांकि तब एरिक की जान बच गई थी।

इस हत्याकांड के पीछे की मंशा पूरी तरह वित्तीय लाभ और निजी स्वार्थ से जुड़ी थी। कूरी भारी कर्ज में दबी थी और पति को रास्ते से हटाकर उसकी 40 लाख डॉलर की संपत्ति और बीमा राशि हड़पना चाहती थी। विडंबना देखिए कि जिस दिन उसे सजा सुनाई गई, उसी दिन एरिक का 44वां जन्मदिन था।

अदालत में कूरी के अपने बच्चों के बयानों ने सबको झकझोर कर रख दिया। बच्चों ने बताया कि उनकी मां उन्हें डराने-धमकाने और कमरे में बंद करने जैसी क्रूरताएं करती थी। सबसे बड़े बेटे ने मां के लालच की कड़वी सच्चाई बयां करते हुए कहा कि वह अपनी मां के साथ सुरक्षित महसूस नहीं करते।

मोबाइल रिकॉर्ड और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री ने कूरी के झूठ की कलई खोल दी, जिसमें उसने जहर और फेंटेनिल के असर के बारे में सर्च किया था। शब्दों के जाल बुनकर सहानुभूति बटोरने वाली इस महिला का मुखौटा अब पूरी तरह उतर चुका है।

“पाकिस्तान नहीं, भारत से बनेगी बात!” ईरान-US तनाव के बीच रूस ने ट्रंप को दी बड़ी सलाह

शांति चाहते हो तो पाकिस्तान की जगह भारत पर करना होगा भरोसा... बोले- रूसी विदेश मंत्री Sergei Lavrov | Image Source: LA Times
शांति चाहते हो तो पाकिस्तान की जगह भारत पर करना होगा भरोसा... बोले- रूसी विदेश मंत्री Sergei Lavrov | Image Source: LA Times

नई दिल्ली: Iran और America के बीच जारी तनाव को लेकर दुनिया की बड़ी ताकतें लगातार सक्रिय हैं। इसी बीच रूस ने अमेरिका को एक अहम संदेश देते हुए कहा है कि भारत इस पूरे संकट में बेहतर मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत के पास लंबे समय का कूटनीतिक अनुभव और संतुलित विदेश नीति है, जो किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय विवाद को संभालने में मदद कर सकती है।

रूस का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump चीन के दौरे पर हैं और माना जा रहा है कि वह ईरान संकट को लेकर चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका इस मामले में किसी तरह की शांति वार्ता या समझौते का रास्ता तलाशने की कोशिश कर रहा है।

लावरोव ने इशारों में पाकिस्तान की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पाकिस्तान कुछ सीमित मामलों में सहयोग कर सकता है, लेकिन लंबे समय तक टिकने वाला समाधान निकालने के लिए भारत ज्यादा भरोसेमंद विकल्प है। रूस का मानना है कि भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संतुलित और शांतिपूर्ण नीति अपनाई है, जिसकी वजह से उसकी वैश्विक साख मजबूत हुई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप की विदेश नीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका में महंगाई और युद्ध जैसे मुद्दों को लेकर पहले ही सरकार दबाव में है। ऐसे में ट्रंप की चीन यात्रा को कई लोग उनकी रणनीतिक मजबूरी के तौर पर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर अपना प्रभाव इस्तेमाल करे ताकि हालात और ज्यादा न बिगड़ें।

रूस के बयान ने एक बार फिर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की ओर ध्यान खींचा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की संतुलित नीति और मजबूत कूटनीतिक पहचान को अब दूसरे बड़े देश भी खुलकर स्वीकार करने लगे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ईरान-अमेरिका विवाद में भारत की भूमिका कितनी अहम बनती है।

दिल्ली में BRICS बैठक के दौरान ईरान-UAE में टकराव, साझा बयान पर नहीं बनी सहमति

Iran's Foreign Minister Abbas Araqchi attends the BRICS foreign ministers' meeting at Bharat Mandapam in New Delhi | Photo Source: Reuters
Iran's Foreign Minister Abbas Araqchi attends the BRICS foreign ministers' meeting at Bharat Mandapam in New Delhi | Photo Source: Reuters

15 मई 2026, नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित BRICS देशों की बैठक के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर तीखी असहमति सामने आई। सूत्रों के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह पश्चिम एशिया से जुड़े संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे और खाड़ी क्षेत्र में प्रभाव को लेकर मतभेद रहे। बैठक में ईरान ने कुछ क्षेत्रीय मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया, जबकि UAE ने उसका विरोध किया। कई दौर की बातचीत के बावजूद साझा मसौदे पर सहमति नहीं बन सकी।

भारत ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि BRICS जैसे मंच का उद्देश्य आर्थिक सहयोग, वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करना और बहुपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाना है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सदस्य देशों के बीच मतभेद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए और संगठन की एकजुटता बनी रहनी चाहिए।

कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि भारत ने मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की, ताकि साझा बयान जारी हो सके, लेकिन अंतिम समय तक सहमति नहीं बन पाई। हालांकि बैठक में व्यापार, डिजिटल सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

विशेषज्ञों के मुताबिक, BRICS के विस्तार के बाद संगठन के भीतर क्षेत्रीय और रणनीतिक मतभेद अधिक खुलकर सामने आने लगे हैं। ईरान और UAE दोनों के शामिल होने से पश्चिम एशिया की राजनीति का असर अब BRICS मंच पर भी दिखाई देने लगा है।

Indian Oil और DMRC की पहल, राजधानी को मिली Hydrogen बस सेवा

हाइड्रोजन फ्यूल सेल बस. | Image Source: NDTV.in
हाइड्रोजन फ्यूल सेल बस. | Image Source: NDTV.in

नई दिल्ली में Indian Oil Corporation Limited (IOCL) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने दो हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों को शुरू किया है। ये बसें केंद्रीय सचिवालय और कर्तव्य भवन के बीच चलेंगी। इंडियन ऑयल के निदेशक (रिफाइनरी) Arvind Kumar ने कहा कि यह पहल देश में क्लीन और Sustainable Mobility को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है।

उन्होंने बताया कि इन बसों में इस्तेमाल होने वाला हाइड्रोजन फरीदाबाद स्थित इंडियन ऑयल के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि ये बसें धुआं या जहरीली गैस नहीं छोड़तीं, बल्कि इनसे केवल पानी निकलता है। यानी यह पूरी तरह प्रदूषण मुक्त तकनीक मानी जा रही है।

Arvind Kumar के मुताबिक फिलहाल यह परियोजना शुरुआती चरण में है और अभी केवल दो बसें चलाई जा रही हैं। हालांकि इंडियन ऑयल भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि पानीपत रिफाइनरी में 10 केटीए क्षमता वाला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट तैयार किया जा रहा है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।

इंडियन ऑयल का कहना है कि जैसे-जैसे तकनीक और लागत दोनों बेहतर होंगे, वैसे-वैसे हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। कंपनी के पास फिलहाल देशभर में अलग-अलग परीक्षण परियोजनाओं के तहत 15 हाइड्रोजन बसें मौजूद हैं।

केंद्र सरकार भी लगातार स्वच्छ ईंधन और कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में हाइड्रोजन बसें भारत के बड़े शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अहम हिस्सा बन सकती हैं। फिलहाल दिल्ली में शुरू हुई यह पहल लोगों के लिए एक नई और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का अनुभव लेकर आई है।

लखीमपुर में NEET परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र की मौत, परिवार बोला- सदमे में था

ऋतिक मिश्रा ने की आत्महत्या छात्र की उम्र 21 साल
ऋतिक मिश्रा ने की आत्महत्या छात्र की उम्र 21 साल

15 मई 2026, नई दिल्ली/ लखीमपुर खीरी: ऋतिक मिश्रा के  परिवार के मुताबिक, छात्र लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और NEET परीक्षा को लेकर बेहद गंभीर था। परीक्षा रद्द होने की खबर मिलने के बाद वह लगातार परेशान रहने लगा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि भविष्य को लेकर चिंता और मानसिक दबाव ने उसे तोड़ दिया।

घटना के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी  ने केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह सिर्फ आत्महत्या नहीं बल्कि “सिस्टम द्वारा की गई हत्या” है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल

घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। नेताओं का कहना है कि बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और अनिश्चितता के कारण लाखों छात्र मानसिक तनाव झेल रहे हैं। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पुलिस छात्र की मौत के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

इस बीच शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े फैसलों का छात्रों की मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है। ऐसे मामलों में समय पर काउंसलिंग और पारदर्शी सूचना व्यवस्था बेहद जरूरी है।

उन्नाव केस में सेंगर को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया सजा निलंबन आदेश

उन्नाव केस में Kuldeep Singh Sengar को बड़ा झटका। | Image Source: Navbharatlive/Social Media
उन्नाव केस में Kuldeep Singh Sengar को बड़ा झटका। | Image Source: Navbharatlive/Social Media

नई दिल्ली: उन्नाव रेप केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शुक्रवार को Supreme Court ने साफ कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट को सभी पहलुओं पर नए सिरे से विचार करना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि सेंगर की अपील पर जल्द फैसला किया जाए ताकि मामला ज्यादा लंबा न खिंचे। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से कोशिश करने को कहा है कि दो महीने के भीतर मुख्य याचिका पर फैसला हो जाए।

Supreme Court की पीठ ने कहा कि अगर मुख्य अपील पर जल्दी फैसला नहीं हो पाता है, तो summer holidays से पहले सेंगर की सजा निलंबन वाली याचिका पर दोबारा आदेश पारित किया जाए। अदालत ने यह भी साफ किया कि उसने अभी मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय नहीं दी है। यानी हाईकोर्ट अब पीड़िता समेत सभी पक्षों को सुनकर नए सिरे से फैसला ले सकता है।

इस पूरे मामले में एक बड़ा कानूनी सवाल भी उठा है। Supreme Court ने High Court से यह भी विचार करने को कहा कि क्या कोई विधायक POCSO Act के तहत “लोक सेवक” माना जा सकता है या नहीं। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि भारतीय दंड संहिता की धारा 21 के तहत लोक सेवक की परिभाषा में नहीं आता। इसी आधार पर सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित किया गया था।

गौरतलब है कि High Court के फैसले के बाद देशभर में काफी विरोध देखने को मिला था। पीड़िता के परिवार, सामाजिक संगठनों और कई लोगों ने इस आदेश पर नाराजगी जताई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले के बाद एक बार फिर इस केस पर सबकी नजरें टिक गई हैं। अदालत ने सभी पक्षों से यह भी कहा है कि हाईकोर्ट में सुनवाई टालने की कोशिश न की जाए, ताकि मामले का जल्द निपटारा हो सके।