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हरियाणा ने पारसनाथ डेवलपर्स को 333 करोड़ रुपये बकाया के चलते प्रतिबंधित किया

हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने 14 मई के आदेश में कहा कि डेवलपर ने सोनीपत, पानीपत और रोहतक जिलों में अपनी परियोजनाओं और लाइसेंस से जुड़े कई शर्तों का पालन नहीं किया। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक अमित खत्री ने जारी आदेश में धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, आपराधिक विश्वासघात और नियमों के उल्लंघन के आरोपों को उजागर किया।

अधिकारियों के अनुसार, पारसनाथ डेवलपर्स ने 2006 और 2010 के बीच हरियाणा में कई लाइसेंस प्राप्त किए थे, जो आवासीय प्लॉटेड कॉलोनी और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिए थे, और ये कुल 530 एकड़ से अधिक में फैली थीं। हालांकि, ये सभी लाइसेंस अब समाप्त हो चुके हैं और कई परियोजनाएं अधूरी हैं या घर खरीदारों और निवासियों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

विभाग ने कहा कि कंपनी ने सोनीपत में चार लाइसेंस, पानीपत में 2007 में एक और रोहतक में 2010 में एक लाइसेंस प्राप्त किया था। ये सभी परियोजनाएं मिलकर 530.19 एकड़ में फैली थीं। अधिकारियों ने कहा कि लाइसेंस की समाप्ति के बावजूद, कई घर खरीदारों और सरकार के प्रति जिम्मेदारियां अभी भी लंबित थीं।

सोनीपत में 118.31 एकड़ में आवासीय प्लॉटेड कॉलोनी का लाइसेंस सेक्टर 9, 17 और 10 में था, जो 24 अप्रैल, 2019 तक वैध था। सेक्टर 8, सोनीपत में 84.16 एकड़ का एक और कॉलोनी लाइसेंस 7 मई, 2019 तक वैध था।

सोनीपत में ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिए भी कंपनी ने लाइसेंस प्राप्त किए। सेक्टर 10 और 11 में 18.94 एकड़ का ग्रुप हाउसिंग लाइसेंस 26 सितंबर, 2015 तक वैध था, जबकि सेक्टर 9 और 18 में 28.11 एकड़ का लाइसेंस 5 अक्टूबर, 2017 तक वैध था।

पानीपत में, पारसनाथ डेवलपर्स के पास सेक्टर 38 और 39 में 162.48 एकड़ का आवासीय प्लॉटेड कॉलोनी का लाइसेंस था, जो 30 मार्च, 2021 तक वैध था। रोहतक में सेक्टर 33A और 33 में 118.19 एकड़ की कॉलोनी का लाइसेंस 6 मई, 2014 को समाप्त हो गया।

अधिकारियों ने कहा कि विभाग ने जनता से प्राप्त कई शिकायतों को ध्यान में रखा, जिसमें परियोजनाओं में देरी, धोखाधड़ी और अन्य अनियमितताओं का उल्लेख था। आदेश में स्पष्ट किया गया कि “जनता की ओर से धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और नियमों के पालन में विफलता” की विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

विभाग ने कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही का भी उल्लेख किया। पारसनाथ डेवलपर्स के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप शामिल हैं। एक एफआईआर 2020 में नई दिल्ली के बरखंबा रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई, जिसमें आपराधिक साजिश का प्रावधान भी शामिल था। दूसरी एफआईआर 2024 में उसी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई।

अधिकारियों ने कहा कि लंबित आपराधिक मामलों और घर खरीदारों की बार-बार शिकायतों को कंपनी पर प्रतिबंध लगाने के मुख्य कारणों में गिना गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं के हित की रक्षा और रियल एस्टेट नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था।

प्रतिबंध का अर्थ है कि पारसनाथ डेवलपर्स अब हरियाणा में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से नए लाइसेंस या अनुमोदन नहीं ले पाएगा, जब तक कि आगे कोई आदेश नहीं जारी होता। इस कदम से राज्य में कंपनी की नई हाउसिंग या वाणिज्यिक परियोजनाओं को लॉन्च करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

इस फैसले ने घर खरीदारों और रियल एस्टेट विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है, जिन्होंने कई वर्षों से परियोजनाओं में देरी और अधूरी बुनियादी सुविधाओं के बारे में चिंता जताई है। विभिन्न हाउसिंग कॉलोनियों के निवासी कई बार अधिकारियों के पास देरी, बुनियादी सुविधाओं की कमी और भूमि उपयोग और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के लिए पहुंचे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम बढ़ते दबाव को दर्शाता है, ताकि उन डेवलपर्स पर कार्रवाई की जा सके जो लाइसेंस की शर्तों का पालन करने में विफल रहते हैं या परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा नहीं करते। हाल के वर्षों में, हरियाणा सरकार ने बढ़ती शिकायतों के बीच रियल एस्टेट परियोजनाओं की निगरानी कड़ी कर दी है।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने डेवलपर्स की वित्तीय जिम्मेदारियों की निगरानी भी बढ़ा दी है, जिसमें बाहरी विकास शुल्क और अन्य कानूनी बकाया शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि लंबित बकाया की वसूली प्राथमिकता है, खासकर उन मामलों में जहां परियोजनाएं रुकी हुई हैं या लाइसेंस समाप्त हो गए हैं।

पारसनाथ डेवलपर्स, जो कभी उत्तर भारत में प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों में से एक थी, ने हाल के वर्षों में वित्तीय और कानूनी चुनौतियों का सामना किया है। विभिन्न राज्यों में इसकी कई परियोजनाओं में देरी और खरीदारों व अधिकारियों के बीच विवाद सामने आए हैं।

घर खरीदार समूहों ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया, और कहा कि ऐसे डेवलपर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है जो अपने वादों को पूरा नहीं करते। कुछ निवासियों ने दावा किया कि उन्होंने कई वर्षों तक अपने घरों की कब्जा लेने और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए प्रतीक्षा की है।

विश्लेषकों ने कहा कि जबकि प्रतिबंध एक महत्वपूर्ण कदम है, प्रभावित खरीदार परियोजना की पूर्णता और बकाया की वसूली के ठोस उपायों की भी प्रतीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि नियामक अधिकारियों को वित्तीय संस्थाओं, स्थानीय निकायों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय करना पड़ सकता है ताकि रुकी हुई परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके।

हरियाणा में पारसनाथ डेवलपर्स के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब कई राज्यों में रियल एस्टेट क्षेत्र की निगरानी बढ़ रही है। अधिकारियों ने पारदर्शिता, समय पर परियोजना पूर्णता और डेवलपर्स की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

कंपनी की परियोजनाओं से जुड़े कई घर खरीदारों के लिए यह विभाग का आदेश लंबित परियोजनाओं, अधूरी बुनियादी सुविधाओं और कथित उल्लंघनों को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में एक महत्वपूर्ण घटना है। यह देखना बाकी है कि प्रतिबंध से शिकायतों का समाधान और बकाया वसूली में कितनी तेजी आती है।

पीएम की अहम बैठक से पहले कैबिनेट फेरबदल की चर्चा तेज

तेहलका ब्यूरो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करने वाले हैं। यह 2026 की पहली बड़ी बैठक होगी, जिसमें कैबिनेट फेरबदल की अटकलें सबसे चर्चित मुद्दा बनकर उभरी हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल होंगे। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन की समीक्षा, अब तक लिए गए फैसलों के परिणामों का आकलन और आने वाले समय की प्राथमिकताओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी मंत्रालयों को बेहतर प्रदर्शन के लिए दिशा-निर्देश दे सकते हैं। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा।

ईरान युद्ध और मध्य पूर्व संकट

बैठक में मध्य पूर्व में जारी संकट और ईरान युद्ध का मुद्दा भी उठ सकता है। इस संकट का भारत की अर्थव्यवस्था, खासकर ऊर्जा कीमतों और व्यापार पर पड़ने वाले असर को लेकर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

फोकस के क्षेत्र

ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, एविएशन और लॉजिस्टिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी गहन चर्चा होने की उम्मीद है। सरकार अगले 10 वर्षों के सुधार एजेंडे को और मजबूत करने पर जोर दे सकती है।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भाजपा को कुछ राज्यों में अच्छे चुनावी नतीजे मिले हैं।

रांची में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित दस दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का शुभारंभ

झारखण्ड की प्रसिद्द चित्रकला
झारखण्ड की प्रसिद्द चित्रकला

18 मई 2026 ,रांची/ नई दिल्ली: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए), क्षेत्रीय केंद्र रांची एवं डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, रांची के संयुक्त तत्वावधान में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन एवं संघर्ष पर आधारित दस दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का उद्घाटन सोमवार को मोराबादी स्थित संस्थान के सभागार में किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन 18 से 27 मई तक किया जायेगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक श्री कर्मा जिम्पा भूटिया (आईएफएस) ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में पारंपरिक कला शैलियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री भूटिया ने कहा कि चित्रकला के माध्यम से बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और समाज पर पडने वाले प्रभाव को बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा, इससे समाज में सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक समझ को नई दिशा मिलेगी।

उपनिदेशक श्रीमती मोनिका रानी टूटी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बिरसा मुंडा की विरासत को सोहराय, जादू पटिया और पैतकर जैसी पारंपरिक कला शैलियों के माध्यम से प्रस्तुत करने का यह प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण और विशिष्ट है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाएगी।

कार्यशाला का प्रस्तुतीकरण वरिष्ठ कलाकार एवं डीएसपीएमयू के प्रदर्शन एवं दृश्य कला विभाग के अतिथि संकाय सदस्य श्री सी.आर. हेम्ब्रम ने किया है।इस अवसर पर श्री हेम्ब्रम ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक जनजातीय चित्रकला के माध्यम से बिरसा मुंडा के जीवन और विचारधारा को मूर्त रूप देना है।

आईजीएनसीए, रांची के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कुमार संजय झा ने कहा कि यह कार्यशाला युवा पीढ़ी को बिरसा मुंडा के आदर्शों और उनके सामाजिक योगदान से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने कलाकारों से झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

श्री महादेव टोप्पो ने कलाकारों को बिरसा मुंडा के जीवन के प्रेरणादायक पक्षों को स्वतंत्र रूप से चित्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा कार्यशाला को पारम्परिक कला रूपों के माध्यम से प्रतिभा अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण मंच बताया। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कमल कुमार बोस ने भी कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ये चित्र समाज में प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगे। डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि यह कार्यशाला बिरसा मुंडा के आदर्शों एवं दृष्टि को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।
कार्यशाला में झारखंड की विभिन्न पारंपरिक चित्रकला शैलियों से जुड़े कलाकार भाग ले रहे हैं, जिनमें पैतकर, जादू पटिया, सोहराय एवं उरांव चित्रकला परंपरा के कलाकार शामिल हैं। ये कलाकार अपनी कला के माध्यम से बिरसा मुंडा के जीवन एवं संघर्ष के विभिन्न आयामों को चित्रित करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कलाकारों, विद्यार्थियों, विद्वानों एवं संस्कृति प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।

NEET बवाल पर सड़कों पर उतरी युवा कांग्रेस, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

नई दिल्ली: देश की राजधानी में शुक्रवार को Indian Youth Congress के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Uday Bhanu Chib ने किया। संगठन का कहना है कि NEET पेपर लीक और उससे जुड़े घटनाक्रम ने देशभर के छात्रों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए।

युवा कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भरोसा टूटता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लाखों छात्र सालों मेहनत करते हैं, लेकिन बार-बार परीक्षा रद्द होने और लीक जैसी घटनाओं से उनका भविष्य अधर में लटक जाता है। संगठन ने यह भी कहा कि हाल की घटनाओं के बाद कई छात्र मानसिक तनाव में आए हैं और कुछ छात्रों की मौत की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया। युवा कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और छात्रों को न्याय मिले। साथ ही NTA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए और परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलाव की मांग की गई।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट ‘X’ में कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्रों की मौतें बेहद चिंताजनक हैं। खड़गे ने दावा किया कि कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों की वजह से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

प्रतीक यादव की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित, बेटी ने ‘आई लव यू पापा’ का कार्ड गंगा में सिराया

प्रतीक यादव की अस्थियां गंगा में प्रवाहित | photo source: दैनिक भास्कर
प्रतीक यादव की अस्थियां गंगा में प्रवाहित | photo source: दैनिक भास्कर

16 मई 2026, नई दिल्ली/ हरिद्वार: अपने पिता को अन्तिम विदाई देना इतना आसान नहीं होता लेकिन प्रतीक यादव की बेटी पद्मजा ने ‘I LOVE PAPA’ लिखा और कार्ड गंगा में बहा दिया। हर कोई वहां मौजूद शख्स यह देखकर भाव विभोर हो गया। बाबा रामदेव की मौजूदगी में घाट पर पंडितों ने विधि-विधान से पूजा-अनुष्ठान कराया। इस दौरान अपर्णा यादव दोनों बेटियों प्रथमा और पद्मजा के साथ वहां हाथ जोड़कर बैठी रहीं। शनिवार सुबह ही अपर्णा चार्टर्ड प्लेन से लखनऊ से हरिद्वार पहुंचीं। साथ में तेज यादव, अक्षय यादव, अपर्णा के पिता अरविंद बिष्ट और भाई अमन भी थे। आपको बता दें कि प्रतीक यादव का लखनऊ में 13 मई को 38 साल की उम्र में निधन हो गया था। अगले दिन उनका अंतिम संस्कार किया गया था। उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी थी।

लखनऊ से प्राइवेट चार्टड प्लेन से परिवार हरिद्वार पहुंचा

कलश को माथे से लगाती बेटी | Photo source: दैनिक भास्कर

अपर्णा आज ही सुबह करीब 9:30 बजे परिवार के साथ एयरपोर्ट के लिए रवाना हुईं। लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर आदित्य यादव के हाथ में अस्थि-कलश दिखाई दिया। शनिवार दोपहर 12 बजे अपर्णा यादव के साथ पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव, और राम गोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव भी दिखाई दिये। इसके बाद सभी हरिद्वार की तरफ निकल गये।

104 साल पुराने मंदिर में चोरी की गुत्थी सुलझी, भगवान शनि की अष्टधातु प्रतिमा बरामद

AI Image
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16 मई 2026, नई दिल्ली :  दिल्ली के उत्तरी जिले के कोतवाली पुलिस थाना ने चांदनी चौक के मन्दिर से  104 साल पुराने श्री शिव नवग्रह मंदिर में हुई एक चोरी की गुत्थी को सुलझा लिया है। जब चोर को गिरफ्तार किया गया तो उसके साथ एक रिसीवर को भी गिरफ्तार किया।चोरी हुई भगवान शनि की अष्टधातु प्रतिमा को पुलिस ने बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी की गुत्थी सुलझा ली। प्रतिमा चोरी होने के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश था। CCTV और मुखबिर की सूचना से आरोपी तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर की सूचना के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद चोरी की गई अष्टधातु प्रतिमा बरामद कर ली गई। इस चोरी की सूचना मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा ने 12 मई को दर्ज करायी थी। उन्होंने बताया कि चोरी सुबह 3 से 5 बजे के बीच हुई थी। फिलहाल मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा है इसलिए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की जा रही है।

प्रतिमा की बरामदगी के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों ने मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने और रात में पुलिस गश्त तेज करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

Narcotics Control Bureau की बड़ी कार्रवाई, 182 करोड़ की ‘कैप्टागन’ ड्रग्स जब्त

‘ऑपरेशन RAGEPILL’ के तहत पहली बार भारत में पकड़ी गई ‘जिहादी ड्रग’ | photo source : tv9 bharatvarsh
‘ऑपरेशन RAGEPILL’ के तहत पहली बार भारत में पकड़ी गई ‘जिहादी ड्रग’ | photo source : tv9 bharatvarsh

16 मई 2026,नई दिल्ली: गृह मंत्रालय  ने शनिवार को जानकारी दी कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ‘ऑपरेशन RAGEPILL’ के तहत 182 करोड़ रुपये कीमत की कैप्टागन ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त की है। यह भारत में पहली बार है जब इस तरह की ड्रग्स पकड़ी गई है। 

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि मोदी सरकार “ड्रग-फ्री इंडिया” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और देश को ड्रग्स तस्करी का ट्रांजिट रूट नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह खेप मिडिल ईस्ट भेजी जानी थी और मामले में एक विदेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है। कैप्टागन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “जिहादी ड्रग” के नाम से भी जाना जाता है। यह एक सिंथेटिक उत्तेजक ड्रग है, जिसका इस्तेमाल कई आतंकी और उग्रवादी संगठनों द्वारा किए जाने की आशंका जताई जाती रही है।  इस मामले में सीरिया के एक नागरिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अमित शाह ने एनसीबी अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि एजेंसी देश में ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है और हर स्तर पर तस्करी के नेटवर्क को तोड़ा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है। घटना के बाद प्रशासन ने खुले बोरवेल को सुरक्षित तरीके से बंद करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।

होशियारपुर के बोरवेल में गिरे चार वर्षीय बच्चे को करीब 9 घंटे बाद सुरक्षित निकाला गया

9 घंटे के बाद बोरवेल से बाहर आया गुरूकरण सिंह | photo source : news 18
9 घंटे के बाद बोरवेल से बाहर आया गुरूकरण सिंह | photo source : news 18

16 मई 2026, नई दिल्ली/ होशियारपुर: जाको राखे साइंयां मार सके न कोय, पंजाब के  होशियारपुर में खुले बोरवेल में गिरे चार वर्षीय बच्चे गुरूकरण सिंह को करीब नौ घंटे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चे के सकुशल बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों ने राहत की सांस ली। 20 से 30 फुट गहरे बोरवेल से उसे बचाव दल ने रात 12:40 पर बाहर निकाला गया।

जानकारी के मुताबिक बच्चा खेलते समय अचानक खुले बोरवेल में गिर गया था। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। रेस्क्यू टीम ने बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने के साथ लगातार उसकी निगरानी की। बचाव अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोदा गया और काफी सावधानी के साथ बच्चे तक पहुंच बनाई गई। करीब नौ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर पंजाब के मंत्री डॉ रवजोत सिंह और सांसद डॉ राज कुमार चब्बेवाल बचाव दल के साथ मौजूद थे।

अधिकारियों के अनुसार, बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है। घटना के बाद प्रशासन ने खुले बोरवेल को सुरक्षित तरीके से बंद करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।

इनामी गोकश से पुलिस की मुठभेड़, पैर में गोली लगते ही दबोचा गया बदमाश

इनामी गोकश को पैर में गोली मारकर पुलिस ने दबोचा। | Image Source: अमर उजाला
इनामी गोकश को पैर में गोली मारकर पुलिस ने दबोचा। | Image Source: अमर उजाला

नई दिल्ली: Saharanpur district के Behat थाना क्षेत्र में पुलिस उस समय अलर्ट मोड पर थी, जब जनता रोड स्थित शाहपुर मोड़ पर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों तेजी से गांव संसारपुर की तरफ भाग निकले। इसके बाद पुलिस टीम ने उनका पीछा शुरू कर दिया।

भागने के दौरान कुछ दूरी पर बदमाशों की बाइक फिसलकर गिर गई। खुद को घिरता देख दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल आरोपी की पहचान खिड़का भटकव्वा निवासी आसिफ के रूप में हुई है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर अस्पताल भेज दिया।

पुलिस ने बताया कि आसिफ के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा, कारतूस, खोखा और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। वहीं उसके साथी आदिल, जो कस्साबान मोहल्ले का रहने वाला है, के पास से भी अवैध तमंचा और कारतूस मिले हैं। पुलिस के मुताबिक आसिफ पर गोकशी, मारपीट और शस्त्र अधिनियम समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से वांछित चल रहा था। आदिल के खिलाफ भी जिले के अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।

पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रिया यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी किन गतिविधियों में शामिल थे और इनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

ट्रंप की चीन को नसीहत, टैरिफ से बचने के लिए अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने का किया आग्रह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (ANI)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (ANI)

16 मई 2026, नई दिल्ली/वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप  ने चीन और अन्य विदेशी कंपनियों से कहा है कि यदि वे अमेरिकी टैरिफ से बचना चाहते हैं तो उन्हें अमेरिका में उत्पादन करना होगा और अमेरिकी लोगों को नौकरियां देनी होंगी। ट्रंप ने एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र को फिर से अमेरिका को  मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां अमेरिका में फैक्ट्री लगाएंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करेंगी, उन्हें बेहतर कारोबारी माहौल और कर लाभ दिए जाएंगे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “अगर कंपनियां टैरिफ से बचना चाहती हैं, तो उन्हें अमेरिका आकर उत्पादन करना चाहिए। हम चाहते हैं कि नौकरियां अमेरिकी नागरिकों को मिलें, न कि विदेशियों को।”

ट्रंप लंबे समय से चीन के साथ व्यापार असंतुलन और अमेरिकी उद्योगों पर उसके प्रभाव को लेकर कड़ा रुख अपनाते रहे हैं। उनके प्रशासन ने पहले भी चीनी उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाए थे, जिसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ा था। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा कि “मैने बोइंग और जनरल इलेक्ट्रिक को यह बताया है कि हम जनरल इलेक्ट्रिक इंजन का इस्तेमाल करेंगे, जो बेहतरीन हैं। अगर वे अच्छा काम करते हैं तो हम 750 तक पहुंच सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आगामी आर्थिक नीतियों और चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें घरेलू विनिर्माण, रोजगार और “अमेरिका फर्स्ट” नीति को प्रमुखता दी जा रही है। ट्रंप ने 13 से 15 मई तक चीन की राजकीय यात्रा की , जहां उनकी चीनी राष्ट्रपति से भी मुलाकात हुई।