नई दिल्ली: Iran और Pakistan के रिश्तों में इन दिनों खटास देखने को मिल रही है। वजह है होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा एक विवाद, जिसने दोनों देशों के बीच भरोसे को हिला दिया है। ईरान को लग रहा है कि पाकिस्तान एक तरफ दोस्ती की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ ऐसे कदम उठा रहा है जिससे अमेरिका को फायदा हो रहा है।
दरअसल, मौजूदा हालात में ईरान ने कुछ ‘दोस्त देशों’ को सीमित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी थी। इसी के तहत पाकिस्तान के कुछ तेल टैंकरों को भी रास्ता दिया गया। लेकिन अब खबर सामने आई है कि इन जहाजों के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका को फायदा पहुंचा। यही बात ईरान को सबसे ज्यादा खटक रही है।
इस पूरे मामले में Donald Trump के बयान ने भी आग में घी डालने का काम किया। ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई, जिसे उन्होंने सकारात्मक संकेत बताया। हालांकि, ईरान इसे अपनी रणनीति के खिलाफ मान रहा है और इसे भरोसे के टूटने के तौर पर देख रहा है।
ईरान के नजरिए से यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि हाल ही में उसने पाकिस्तान को अपना दोस्त बताया था। लेकिन अब उसे लग रहा है कि दोस्ती का फायदा उठाकर पाकिस्तान कहीं न कहीं दोहरी चाल चल रहा है। यही वजह है कि तेहरान के राजनीतिक हलकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
वहीं पाकिस्तान लगातार यह कह रहा है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। उसने बातचीत के प्रस्ताव भी आगे बढ़ाए हैं, लेकिन ईरान इन कोशिशों को ज्यादा महत्व नहीं दे रहा। अब तेहरान को पाकिस्तान की नीयत पर ही शक होने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान एक तरफ संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसके हालिया कदमों से यह संदेश जा रहा है कि उसका झुकाव अमेरिका और खाड़ी देशों की ओर ज्यादा है। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच भरोसा कमजोर पड़ता दिख रहा है।
यह मामला सिर्फ एक समुद्री रास्ते का नहीं, बल्कि भरोसे और कूटनीति का है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि पाकिस्तान इस अविश्वास को कैसे दूर करता है और अपने रिश्तों को किस दिशा में ले जाता है।










‘धुरंधर देखने वाले BJP को वोट देंगे?’ हिमंता का बयान बना चर्चा का मुद्दा
नई दिल्ली: Assam में चुनावी माहौल के बीच अब फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर भी सियासत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के एक बयान ने इस बहस को और हवा दे दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘धुरंधर’ फिल्म देखने जा रहे हैं, वे भारतीय जनता पार्टी को वोट देंगे।
दरअसल, विपक्ष खासकर कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि यह फिल्म बीजेपी और आरएसएस के विचारों को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इसी सवाल पर जवाब देते हुए हिमंता सरमा ने कहा कि फिल्म की लोकप्रियता खुद यह दिखाती है कि बीजेपी का समर्थन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब बड़ी संख्या में लोग फिल्म देखने जा रहे हैं और शो हाउसफुल चल रहे हैं, तो यह एक तरह से जनता के मूड का संकेत भी है।
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने खुद माना कि उन्होंने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है। उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्में देखने का ज्यादा शौक नहीं है, लेकिन लोगों से मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने इसकी सफलता को बीजेपी के पक्ष में माहौल से जोड़ा।
वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस बयान को लेकर हमलावर है। कांग्रेस का कहना है कि फिल्मों को राजनीति से जोड़ना सही नहीं है और यह जनता को प्रभावित करने की कोशिश है। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
अगर फिल्म की बात करें, तो ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने कुछ ही दिनों में सैकड़ों करोड़ की कमाई कर ली है और देश ही नहीं, विदेशों में भी अच्छा कारोबार कर रही है। इसकी लोकप्रियता को लेकर भी चर्चा जारी है।
बता दें कि असम में 9 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है।