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लोकसभा में राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला, पूछा अडानी से क्या है रिश्ता!

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस के दौरान लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला किया और उनके गौतम अडानी के साथ रिश्तों पर सवाल उठाया। राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान अडानी मुद्दे पर कई सवाल उठाए और कहा कि अरबपति व्यापारी को लाभ पहुंचाने के लिए भारत की विदेश नीति तैयार की गयी है।

राहुल गांधी के भाषण के दौरान सत्तापक्ष के सदस्यों ने कई बार टोका-टाकी की और हंगामा किया। भाजपा के सदस्यों ने उन्हें टोकते हुए कहा कि बिना प्रमाण के वे कोई आरोप न लगाएं। गांधी ने अपने भाषण में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से जुड़े हुए अनुभव साझा करते हुए कहा – ‘यात्रा में युवाओं ने हमसे अडानी पर कई सवाल किए हैं। युवाओं ने अग्निवीर योजना को लेकर भी आशंकाएं जताई कि हमें पहले लम्बी सर्विस और पेंशन मिलती थी, किंतु अब हमें सिर्फ चार साल के बाद निकाल दिया जाएगा। किसी युवा ने कहा कि वह बेरोजगार है, किसी ने कहा कि वह मजदूरी करता है।’

अडानी पर राहुल गांधी ने कहा कि, 2014 में दुनिया के अमीर लोगों की लिस्ट में अडानी 609 नंबर पर थे किंतु अब वे उस लिस्ट में 2 नंबर पर आ गए हैं। अडानी इतने कम समय में इतने अमीर कैसे हो गए? वे इतने सारे व्यापार कैसे करने लगे हैं,  और पीएम मोदी से उनका क्या रिश्ता है?’

कांग्रेस नेता ने अग्निवीर योजना पर कहा कि, अग्निवीर योजना आरएसएस और होम मिनिस्ट्री से आई है और आर्मी पर थोपी गयी है। अग्निवीर योजना को अजीत डोवल  जी ने सेना पर थोपा है। जबकि आर्मी के लोग कह रहे हैं कि उन्हें ये योजना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा – ‘यात्रा के दौरान सेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों ने मुझसे कहा कि अग्निवीर योजना आरएसएस, गृह मंत्रालय से आई, न कि सेना से।’

राहुल ने कहा कि, ‘2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद, मौजूदा नियम यह था कि केवल हवाई अड्डों में अनुभव रखने वाली कंपनी/व्यक्ति को ही उन्हें विकसित करने की जिम्मेदारी दी जाती थी किंतु अडानी के लिए एयरपोर्ट को डेवलप करने के नियमों में बदलाव किए गए और यह नियम किसने बदले ये महत्वपूर्ण बात है। नियम को भारत सरकार ने अडानी के लिए बदल दिया और उन्हें 6 एयरपोर्ट दिए गए। भारत सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर दबाव डालकर एजेंसी का प्रयोग करते हुए जीवीके से लेकर एयरपोर्ट को अडानी सरकार को दिलवाए है और मैं इसके सबूत भी दे दूंगा।’

उन्होंने पीएम मोदी और गौतम अडानी की तस्वीर दिखाते हुए दोनों के संबंधों पर कई सवाल उठाए और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि अडानी की सफलता के पीछे किसका हाथ है? पीएम मोदी और अडानी का क्या संबंध है? आगे कहा कि चाहे एयरपोर्ट हो, पोर्टस हो, सड़क हो, कोयला हो, ड्रोन हो, या फिर सेब का बिजनेस हो सभी अडानी के हैं।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ का अनुभव साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यात्रा के दौरान मैं कई लोगों से मिला और लोग मुझसे सवाल करते थे कि मुझे भी अडानी की तरह ही अपना स्टार्टअप करना है। जिस प्रकार अडानी हर सेक्टर में फैले हैं और जहां हाथ डालते हैं वहीं सफल हो जाते है वैसे ही हमें भी सफल होना है। उन्होंने कहा – ‘पहले अडानी के हवाई जहाज में पीएम मोदी जाते थे और अब अडानी पीएम के जहाज में जाते हैं। साथ में या कई बार बाद में।’

सवाल करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पीएम बताए कि वो विदेश दौरे पर कितनी बार अडानी के साथ गए? वो बताएं जहां प्रधानमंत्री गए वहां कितने देशों में अडानी को कॉन्ट्रैक्ट मिले। और अडानी के मामले की जांच क्यों नहीं होती?

आपको बता दें, प्रेसिडेंट एड्रेस पर राहुल गांधी ने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हमें बेरोजगारी, महंगाई और किसान यह मुद्दे दिखाई दिए। किंतु राष्ट्रपति एड्रेस में यह तीनों ही मुद्दे का जिक्र नहीं किया गया था ये तीनों मुद्दे गायब थे। प्रेसिडेंट एड्रेस में बहुत सी चीजें बोली गयी किंतु अग्निवीर पर एक लाइन बोली गयी कि यह केंद्र सरकार की योजना है। मैंने देखा कि प्रेसिडेंट एड्रेस और जनता की बाते बिल्कुल अलग है।’

सर्वोच्च न्यायालय का विक्टोरिया गौरी की जज पद पर नियुक्ति रद्द करने से इंकार  

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को एल विक्टोरिया गौरी की मद्रास हाईकोर्ट में जज पद पर नियुक्ति रद्द करने से इंकार कर दिया। गौरी की जज के रूप में नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सर्वोच्च अदालत की बेंच ने यह फैसला सुनाया।

विक्टोरिया के मामले में सुनवाई न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बीआर गवई की बेंच ने की। बता दें मद्रास हाईकोर्ट के कुछ वकीलों ने अपनी अर्जी में कुछ कारणों के आधार पर विक्टोरिया को इस पद के योग्य नहीं माना था। सुनवाई के दौरान जस्टिस संजीव खन्ना ने वकील रामचंद्रन ने पूछा एलिजिबिलिटी के पॉइंट पर आपकी आपत्ति है। उन्होंने कहा कि हां, उनके माइंड सेट के बारे में चीजों को कॉलेजियम से छिपाया गया।

जस्टिस गवई ने कहा कि ऐसा नहीं है कि कॉलेजियम को ये नहीं पता होगा।कॉलेजियम एजेंसियों और जजों से परामर्श करता है। कॉलेजियम ने ये भी कहा है कि राजनितिक जुड़ाव जज नियुक्त ना करने का कोई कारण नहीं है। यहां तक कि मेरा भी एक राजनीतिक पार्टी का बैकग्राउंड रहा है, लेकिन 20 साल से मैं उसमें नहीं हूं।

रामचंद्रन ने कई जजों के नाम गिनाए और कहा कि राजनीतिक जुड़ाव नहीं हेट स्पीच मुद्दा है। जस्टिस गवई ने कहा कि वो अभी एडिशनल जज बन रही हैं। क्या कॉलेजियम को मौका नहीं मिलना चाहिए। ऐसा लगता है कि आपको कॉलेजियम पर भरोसा नहीं है? रामचंद्रन ने भी जस्टिस आफताब आलम, जस्टिस रमा जॉइस, जस्टिस राजेंद्र सच्चर सहित कई जजों के नाम गिनाए जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि रही थी।

उधर विक्टोरिया की नियुक्ति को चुनौती देते हुए दलील दी गयी है कि उनका जाहिर तौर पर एक राजनीतिक दल से जुड़ाव रहा है। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स से पता चलता है कि वो बीजेपी महिला मोर्चा की महासचिव रह चुकी हैं। कुछ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खुद को जोड़ते हुए उन्होंने अपने नाम के पीछे चौकीदार शब्द भी लगा लिया था।

इसके अलावा आरोप लगाया गया है कि अपनी पार्टी की विचारधारा के मुताबिक ही विक्टोरिया गौरी कई अवसरों पर लव जिहाद और अन्य साम्प्रदायिक मुद्दों पर सार्वजनिक तौर पर मुसलमानों और ईसाइयों के प्रति नफरत और विद्वेष बढ़ाने वाले बयान भी दे चुकी हैं। याचिका में ये भी कहा गया है कि गौरी ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम से ऐसी ही कई बातें छिपाई हैं।

अडानी मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच 2 बजे तक राज्यसभी की कार्यवाही स्थगित, पीएम मोदी ने संसदीय दल की बैठक में लिया हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र के दौरान होने वाली साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक में मंगलवार को हिस्सा लिया। पीएम मोदी पार्टी सांसदों का इस बैठक में मार्गदर्शन करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पीएम मोदी का अभिनंदन किया।

इस बैठक में बजट 2023-24 समेत विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही सुचारू ढंग से चलाने की रणनीति भी तय होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

बता दें, संसद का बजट सत्र इस साल 31 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था। और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट 2023-24 पेश किया था।

किंतु जब से बजट पेश हुआ है तभी से अडानी मुद्दे पर जारी गतिरोध के कारण संसद में कोई कामकाज नहीं हुआ है। विपक्ष लगातार मांग कर रही है कि सरकार को अडानी मुद्दे पर संसद में आकर जवाब देना चाहिए। जिसके बाद से दोनों सदनों में व्यवधान देखा जा रहा है।

वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल अडानी समूह के खिलाफ शेयरों में हेरफेर के आरोपों की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग लगातार कर रहा है। और अडानी मुद्दे पर एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की अपनी मांग के संबंध में विपक्षी दलों ने मंगलवार को दिन की रणनीति तय करने के लिए एक बैठक की है।

कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को कहा कि, जब तक पीएम मोदी अडानी समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट पर संसद में चर्चा के लिए सहमत नहीं हो जाते, तब तक पार्टी पीछे नहीं हटेगी। संसद में हिंडनबर्ग-अडानी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है और बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ रहा है।

आपको बता दें, अडानी-हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद संसद के दोनों सदनों में लगातार घमासान हंगामा चल रहा है। विपक्षी दल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच और पीएम के बयान की लगातार मांग कर रही है। मंगलवार (यानी आज) को भी विपक्ष ने संसद में जमकर हंगामा किया और इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

तुर्की में मरने वालों की संख्या 4300 हुई,
भारत ने राहत सामग्री की खेप भेजी

तुर्की में  भूकंप के बाद अब धीरे-धीरे वहां हुई तबाही की तस्वीर साफ़ हो रही है। अब 4,300 लोगों के मरने की पुष्टि सरकारी स्तर पर की गयी है, हालांकि, जानकारों के मुताबिक वहां  संख्या कहीं अधिक हो सकती है। इस बीच वहां भूकंप के झटकों का सिलसिला जारी है और आज भी वहां 5.9 का भूकंप आया है। भूकंप से हज़ारों इमारतें जमींदोज हो गयी हैं और बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी संपत्ति का नुक्सान हुआ है। इस बीच भारत ने तुर्की की तरफ मदद का हाथ बढ़ाते हुए वायु सेना के विमान के जरिए भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप तुर्किये रवाना की है।

इसे हाल के दशकों का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया गया है। स्थिति भयावह बनी हुई है और हजारों लोगों के घर तबाह होने से लोग बेघर हो गए हैं। दक्षिण-पूर्वी तुर्की के बड़े शहरों में से एक सनलिउर्फ़ भूकंप से काफी प्रभावित हुआ है। इस शक्तिशाली भूकंप ने ज्यादातर कुर्द क्षेत्र और पड़ोसी सीरिया में कम से कम 4,300 लोगों की जान चली गयी है।

तुर्की में मंगलवार को फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई है। भूकंप की वजह से हजारों इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई इमारतें तो पूरी तरह मलबे के ढेर में तब्दील हो गई हैं। हालांकि अभी भी हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि बचावकर्मी अब भी प्रभावित इलाकों में मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

इस बीच भारत ने तुर्की की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। पीएमओ की ओर से की गई घोषणा के कुछ घंटे बाद ही भारतीय वायु सेना के विमान के जरिए भारत ने भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप तुर्किये रवाना कर दी। एक बयान में कहा गया है कि राहत सामग्री के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और चिकित्सा दलों को तुर्किये गणराज्य की सरकार के समन्वय से तुर्की भेजा जाएगा।

सोमवार को सबसे पहले 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था उसके बाद फिर भूकंप के दो और तेज झटके आए, जिनकी तीव्रता क्रमशः 7.6 और 6.0 थी। आज फिर आए भूकंप के झटकों ने लोगों को बुरी तरह डरा दिया है।

इस भूकंप में 11,000 से अधिक लोग घायल हो हुए हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर है। अज्ञात संख्या में लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं जिन्हें बचाने की कोशिश जारी है। फिलहाल बचाव दल सनलिउर्फ़ के मुख्य मार्गों पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। तुर्की और सीरिया में आए भीषण भूकंप में अब तक चार हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। भारत समेत कई देशों ने भूकंप प्रभावित देशों की मदद के लिए हाथ मिलाया है।

मेयर का चुनाव नहीं होने पर ‘आप’ आज
सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जाएगी

दिल्ली में बहुमत हासिल करने के बावजूद अपना मेयर नहीं बनने देने के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) मंगलवार (आज) भाजपा के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेगी। तीन बार मेयर के चुनाव की तारीख घोषत होने के बावजूद अभी तक यह चुनाव नहीं हो पाया है। उधर भाजपा ने भी ऐलान किया है कि वह सड़क पर उतरेगी। इस बीच मेयर के चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी आज सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जा रही है।

मेयर के चुनाव का मसला दिल्ली में बड़े विवाद का कारण बन गया है। आज दोनों बड़ी दल आप और भाजपा एक दूसरे के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। सोमवार को जबरदस्त हंगामे के बाद लगातार तीसरी बार मेयर का चुनाव टल गया। पेंच मनोनीत पार्षदों को वोटिंग का अधिकार देने पर फंसा हुआ है। जिसके चलते सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी ने इसपर आपत्ति जताई जिसके बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा।

वरिष्ठ आप नेता आतिशी ने कहा कि भाजपा को आज चुनाव होने ही नहीं देना था, उनके कई सांसद आज नहीं थे। मनोज तिवारी, गौतम गंभीर, हंस राज हंस कोई नहीं थे, इसलिए उन्होंने चुनाव नहीं होने दिया। उन्होंने कहा – ‘चुनाव नहीं होने से दिल्ली की जनता का नुकसान हो रहा है।’

उधर आम आदमी पार्टी आज सर्वोच्च न्यायालय जा रही है। पार्टी के अनुसार वह अपील करेगी कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक हफ्ते के भीतर एमसीडी मेयर का चुनाव हो। पार्टी का आरोप है कि प्रोटेम अध्यक्ष सत्या शर्मा, जो भाजपा से हैं, ‘मनमाने’ तरीके से सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर रही हैं।

याद रहे भाजपा ने आप पर अपनी पार्टी के पार्षदों को प्रलोभन देने का आरोप लगाया था। आज भाजपा नेता प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं जिसमें वह आप पर निशाना साधेंगे। पार्टी नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा – ‘इस समय आम आदमी पार्टी बौखलाई हुई है, उसके पार्षद दल में फूट है वह इसलिए लगातार चुनाव टाल रही है और उनके नेता हमारे पार्षदों को सम्पर्क कर रहे हैं।’

भगवान के लिए हम सभी एक, जाति भगवान
ने नहीं पंडितों ने बनाई जो गलत है : भागवत  

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भगवान के लिए हम सभी एक हैं और जाति भगवान ने नहीं पंडितों ने बनाई है जो गलत है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि देश में हिन्दू समाज के नष्ट होने का भय दिख रहा है क्या? यह बात आपको कोई ब्राह्मण नहीं बता सकता, आपको समझना होगा।

भागवत ने यह बात रविवार को मुंबई में संत रोहिदास जयंती पर एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा – ‘हमारे समाज को बांटकर पहले देश में आक्रमण हुए, फिर बाहर से आए लोगों ने इसका फायदा उठाया। सालों पहले देश में आक्रमण हुए, फिर बाहर से आए लोगों ने हमें बांटकर फायदा उठाया। नहीं तो हमारी ओर नजर उठाकर देखने की भी किसी में हिम्मत नहीं थी। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं। जब समाज में अपनापन खत्म होता है तो स्वार्थ अपने आप बड़ा हो जाता है।’

आरएसएस प्रमुख की यह टिप्पणी देश में रामचरितमानस की एक चौपाई को लेकर छिड़े विवाद के बीच आई है। याद रहे कि सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि  तुलसीदास की रामचरितमानस में कुछ अंश ऐसे हैं, जिनपर हमें आपत्ति है। इसमें वह शुद्रों को अधम जाति का होने का सर्टिफिकेट दे रहे हैं।

भागवत ने कहा – ‘देश में हिंदू समाज के नष्ट होने का भय दिख रहा है क्या? यह बात आपको कोई ब्राह्मण नहीं बता सकता, आपको समझना होगा। हमारी आजीविका का मतलब समाज के प्रति भी जिम्मेदारी होती है। हर काम समाज के लिए है तो कोई ऊंचा, नीचा, या कोई अलग कैसे हो गया?’

आरएसएस नेता ने कहा – ‘देश में विवेक, चेतना सभी एक है, उसमें कोई अंतर नहीं है। सिर्फ लोगों के मत अलग हैं। धर्म को हमने बदलने की कोशिश नहीं की, बदलता तो धर्म छोड़ दो, ऐसा बाबासाहेब अंबेडकर ने कहा। परिस्थिति को कैसे बदलो, यह बताया है।’

भागवत ने कहा कि किसी भी स्थिति में अपना धर्म न छोड़िए। संत रोहिदास समेत सभी बुद्धजीवियों के कहने का तरीका अलग था, लेकिन उन्होंने यही बताया कि हमेशा धर्म से जुड़े रहो। हिन्दू और मुसलमान सभी एक ही हैं।

उन्होंने कहा – ‘समाज और धर्म को द्वेष के नजर से मत देखो। गुनी बनो और धर्म का पालन करो। समाज में बेरोजगारी बढ़ रही है क्योंकि लोग काम में भी बड़ा-छोटा देखते हैं। जबकि संत रोहिदास कहते थे कि लगातार कोशिश करते रहो, एक दिन समाज जरूर बदलेगा। आज भारत को दुनिया में सम्मान से देखा जाता है।’

भागवत ने संत रोहिदास को लेकर कहा – ‘धर्म के अनुसार कर्म करो। पूरे समाज को जोड़ो, समाज के उन्नति के लिए काम करना ही यही धर्म है। बस अपने बारे में सोचना और पेट भरना ही धर्म नहीं है।

सीरिया और तुर्की में आया भूकंप, 7.8 तीव्रता के भूकंप से कई लोगों की मौत

सीरिया और तुर्की के नूर्दगी से करीब 23 किमी पूर्व भूकंप के झटके महसूस किए गए है। रिएक्टर स्केल पर भूकंप की 7.8 तीव्रता मापी गई है। इस भूकंप ने सीरिया और तुर्की में भी भारी तबाही मचाई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि, दक्षिण-पूर्वी तुर्की में 7.8 तीव्रता के भूकंप के बाद सीरिया सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में कम से कम 237 लोग मारे गए है। और अलेप्पो, लताकिया, हमा और टार्टस प्रांतों में 639 लोग घायल हुए है।

तुर्की के उपराष्ट्रपति फुआट ओकटे ने जानकारी देते हुए कहा कि, देश के दक्षिण पूर्व में सोमवार को आए 7.8 तीव्रता के भूकंप से तुर्की में कम से कम 284 लोगों की मौत हो गई है। तुर्की के सबसे बड़े भूकंपों में से एक में 2,300 से अधिक लोग घायल हो गए, कई प्रमुख शहरों में खोज और बचाव कार्य जारी है।“

भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 4.17 बजे लगभग 17.9 किलोमीटर की गहराई में आया। यूएस जियोलॉजिकल सर्विस ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को दक्षिणी तुर्की में गाजियांटेप के पास 7.8 तीव्रता का भूकंप आया।

इसका केंद्र तुर्की के 26 किलोमीटर दूर पूर्व में नूरदा रहा है। ये लाका ग़ाजिएनटेप के पास है। इस इलाके की आबादी करीब 20 लाख है और इसमें 5 लाख सीरियाई शरणार्थी है।

उच्चतम न्यायालय को मिले पांच नए जज, सीजेआई चंद्रचूड़ ने दिलाई शपथ

उच्चतम न्यायालय को सोमवार नए पांच न्यायाधीश मिले है। शीर्ष अदालत में कुल न्यायाधीशों की संख्या 32 हो गई हैं। उच्चतम न्यायालय के लिए स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 34 है।

इन पांच न्यायाधीशों के नाम जस्टिस पंकज मित्तल, जस्टिस पीवी संजय कुमार, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनोज मिश्रा है।

जस्टिस पंकज मित्तल, जस्टिस पीवी संजय कुमार, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनोज मिश्रा

सोमवार को राजस्थान, पटना और मणिपुर के उच्च न्यायालयों के तीन मुख्य न्यायाधीशों जिनमें न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा ने शपथ ली है।

अदालत के नए भवन में सभागार में कार्यक्रम को आयोजित किया गया और भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) द्वारा उन्हें शपथ दिलाई गई।

इन पांच न्यायाधीशों में सबसे वरिष्ठ न्यायमूर्ति मित्तल है। उनका मूल कैडर इलाहाबाद उच्च न्यायालय है और वे पिछले साल 14 अक्टूबर से राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।

शपथ लेने वाले दूसरे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति करोल है। इनका मूल कैडर उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश है। पदोन्नति के समय वे पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे।

तीसरे न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार मूल रूप से तेलंगाना उच्च न्यायालय से जुड़े हैं। वह पांच न्यायाधीशों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। और पिछले साल 13 दिसंबर को कॉलेजियम द्वारा सिफारिश के समय और बाद में केंद्र द्वारा मंजूरी के समय मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे।

वहीं पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह चौथे न्यायाधीश हैं उन्हें शीर्ष अदालत में नियुक्त किया गया है। और सूची में पांचवें स्थान पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा रहे।

आपको बता दें, उच्चतम न्यायालय के छह सदस्यीय कॉलेजियम ने पिछले साल 13 दिसंबर को शीर्ष अदालत में न्यायाधीश पद के लिए इन सभी पांच नामों की सिफारिश की थी।

हिंडनबर्ग-अडानी विवाद में जेपीसी जांच की मांग को लेकर संसद के बाहर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

संसद में सोमवार को गांधी प्रतिमा के सामने विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया और हिंडनबर्ग-अडानी विवाद की संयुक्त संसदीय समिति जांच या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों ने फैसला किया है कि वे इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दोनों सदनों में स्थगन प्रस्ताव की मांग करेंगे। साथ ही विपक्ष ने अडानी के मुद्दे के अलावा किसी और मुद्दे पर बातचीत न करने का भी फैसला किया है।

विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद में विपक्ष के नेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में मुलाकात की और अडानी-हिंडनबर्ग पंक्ति और अन्य मुद्दों पर रणनीति पर चर्चा की।

मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में हुई बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), जनता दल (यूनाइटेड), समाजवादी पार्टी (एसपी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), केरल कांग्रेस (जोस मनी), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), आम आदमी पार्टी (आप), इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), और शिवसेना ने भाग लिया।

बता दें, कांग्रेस पार्टी आज कथित अडानी घोटाले के विरोध में जीवन बीमा निगम (एलआईसी) कार्यालयों और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखाओं के सामने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।

जहां एक तरफ कांग्रेस को अडानी मुद्दे पर अन्य विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिल रहा है वहीं दूसरी तरफ यह देखना होगा कि सभाओं में एक साथ नजर आने वाली भारत राष्ट्र समिति, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियां कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल होंगी या नहीं। हालांकि, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और जनता दल ने कांग्रेस पार्टी से इस मुद्दे पर दूरी बनायी हुई है।

विपक्षी दलों के सांसदों का कहना है कि, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों जैसे एसबीआई और एलआईसी में अडानी समूह के निवेश का मध्यम वर्ग की बचत पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। और सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं होने दे रही है। संसद में हंगामे के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही छह फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई।

आपको बता दें, अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट 24 जनवरी को सामने आई थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अडानी समूह के पास कमजोर व्यापारिक बुनियादी सिद्धांत थे, और वह स्टॉक हेरफेर और लेखांकन धोखाधड़ी में शामिल था।

दिल्ली शराब नीति: दिल्ली भाजपा ने आप कार्यालय के बाहर केजरीवाल के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालयों के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की है।

भाजपा ने यह आक्रामक रूख दिल्ली की नई आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़ी ईडी चार्जशीट में अरविंद केजरीवाल का नाम आने के बाद अपनाया है। साथ ही मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूरक आरोप पत्र पर सवाल उठाने के लिए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है।

वहीं एक अदालत ने बृहस्पतिवार को दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं के संबंध में पांच व्यक्तियों और सात कंपनियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र को स्वीकार कर लिया, जिसे कथित भ्रष्टाचार की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की सिफारिश के बाद पिछले साल आप सरकार ने वापस ले लिया था।

प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि आबकारी नीति से अर्जित कथित सौ करोड़ रुपये की किकबैक का एक हिस्सा पिछले साल हुए गोवा विधानसभा चुनाव में आप ने इस्तेमाल किया था।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले मे कहा है कि, मामला फर्जी था और इसका उद्देश्य भाजपा की मदद करने के लिए आया है। केजरीवाल ने कहा कि जो पार्टी केंद्र में शासन करती है, ईडी जैसी एजेंसियों पर हावी हो जाती है।