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अमेरिका दो साल के बाद भारत में राजदूत नियुक्त करेगा, गार्सेटी का नाम हुआ तय

आखिर अमेरिका ने भारत में अपना राजदूत नियुक्त करने की तैयारी कर ली है। अमेरिका की सीनेट ने इसके लिए एरिक गार्सेटी के नाम पर मुहर लगाई है जो लॉस एंजिल्स के मेयर रहे हैं। भारत में अमेरिका की तरफ से राजदूत नियुक्त न करने का मसला खाल के महीनों में काफी चर्चा में रहा है और इसपर सवाल भी उठ रहे थे।

राष्ट्रपति जो बाइडन ने एरिक गार्सेटी के नाम का प्रस्ताव अमेरिकी संसद की विदेश मामलों से संबंधित समिति को भेजा था। इसमें 52 सदस्यों ने भारत में राजदूत नियुक्त करने के हक़ में वोट डाला और इसमें सबसे ज्यादा 42 वोट एरिक गार्सेटी के हक़ में पड़े। सभी डेमोक्रेट्स के अलावा दो रिपब्लिकन सीनेटर टॉड यंग और बिल हेर्टी ने भी  गार्सेटी को ही अपना समर्थन दिया।

याद रहे एरिक गार्सेटी राष्ट्रपति बाइडन के चुनाव प्रचार अभियान के सह अध्यक्ष थे।  उन्हें बाइडन का करीबी माना जाता है। पहले चर्चा थी कि उन्हें बाइडेन अपने मंत्रिमंडल में जोड़ सकते हैं, हालांकि अब उन्हें राजदूत का जिम्मा दिया गया है।

 भारत में उनकी नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका रूस के साथ भारत के बेहतर संबंधों के बीच उसे अपने नजदीक करने की कोशिश करता दिख रहा है। याद रहे गार्सेटी विवादों में भी रहे हैं और उन पर अपने सहयोगी रिक जैकब्स के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।

बता दें जनवरी 2021, जब जो बाइडेन सत्ता में आये थे उसके बाद नई दिल्ली में अमेरिका का कोई राजदूत नहीं था। अब करीब दो साल के बाद अमेरिका भारत में  स्थायी राजदूत नियुक्त करने जा। 

दिल्ली शराब घोटाला मामले में आज बीआरएस की विधायक कविता से पूछताछ करेगा ईडी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में गुरुवार (आज)  तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी और पार्टी विधायक के कविता और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट बुची बाबू गोरंतला से आज दोबारा पूछताछ करेगा।

एजेंसी ने बुधवार को भी बुचिबाबू गोरंतला को 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी और उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया था। इस बीच शराब नीति घोटाला मामले में निदेशालय अरुण रामचंद्र पिल्लई की ज्यादा हिरासत मांग सकता है। पिल्लई को हिरासत खत्म होने के बाद आज अदालत में पेश किया जाना है।

आज की पूछताछ में कविता पर हरेक नजर रहेगी। इससे पहले वे पूछताछ के लिए ईडी ऑफिस जाने पर आपत्ति जता चुकी हैं। कविता सर्वोच्च न्यायालय में भी दस्तक दे चुकी हैं जिसमें उन्होंने ईडी के गुरुवार को पेश होने के समन पर रोक लगाने और घर पर पूछताछ की गुहार लगाई थी, हालांकि, अदालत ने फिलहाल पूछताछ पर रोक से इनकार किया है।

याद रहे यह आरोप लगाए गए हैं कि दिल्ली सरकार की शराब कारोबारियों को लाइसेंस देने के लिए 2021-22 की आबकारी नीति से उद्यमियों को सांठगांठ करने का अवसर दिया गया और कुछ डीलरों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिन्होंने इसके लिए कथित तौर पर घूस दी। इस शराब नीति से संबंधित धनशोधन मामले में बीआरएस नेता के कविता का नाम भी जुड़ा है। 

उद्धव बनाम शिंदे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले पर उठाए सवाल कहा- विश्वास मत नहीं बुलाना चाहिए था

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने शिवसेना बनाम शिवसेना मामले में बुधवार को सुनवाई की है कोर्ट ने राज्यपाल की भूमिका पर चिंता व्यक्त कर कहा कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को ऐसे क्षेत्र में प्रवेश नहीं करना चाहिए जहां उनकी कार्रवाई से विशेष परिणाम निकले। और महाराष्ट्र के राज्यपाल की उन्हें इस तरह विश्वास मत नहीं बुलाना चाहिए था। उन्हें खुद ये पूछना चाहिए था कि तीन साल की सुखद शादी के बाद क्या हुआ? राज्यपाल ने कैसे अंदाजा लगाया कि आगे क्या होने वाला है? सीजेआई ने राज्यपाल से पूछा कि क्या फ्लोर टेस्ट बुलाने के लिए पर्याप्त आधार था? आप जानते हैं कि एनसीपी और कांग्रेस ठोस ब्लॉक है।

बेंच ने कहा कि, “सवाल यह है कि क्या राज्यपाल सिर्फ इसलिए सरकार गिरा सकते है क्योंकि किसी विधायक ने कहा कि उनके जीवन और संपत्ति को खतरा है? क्या विश्वास मत बुलाने के लिए कोई संवैधानिक संकट था? सरकार को गिराने में राज्यपाल स्वेच्छा से सहयोगी नहीं हो सकते। लोकतंत्र में यह एक दुखद तस्वीर है। सुरक्षा के लिए खतरा विश्वास मत का आधार नहीं हो सकता। ”

आपको बता दें, महाराष्ट्र में पिछले साल एकनाथ शिंदे गुट ने बगावत कर उद्धव ठाकरे की सरकार गिराई थी और शिवसेना के बागी विधायकों के साथ भाजपा के समर्थन में शिंदे गुट ने सरकार बनाई थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर 5 याचिकाएं दाखिल की गई थी।

इस सभी याचिकाओं में डिप्टी स्पीकर द्वारा शिंदे गुट के 14 विधायकों के बर्खास्तगी नोटिस, राज्यपाल द्वारा उद्धव ठाकरे को फ्लोर टेस्ट का आदेश देने व एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनने के लिए आमंत्रण देने के राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी गई और इन सब याचिकाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

अडानी मामले को लेकर विपक्षी दलों का संसद से ईडी कार्यालय तक मार्च

एक महीने बाद संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हो गया है। और विपक्ष लगातार हिंडनबर्ग-अडानी रिपोर्ट को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जांच की मांग कर रहा है। जिसके चलते संसद में हंगामा हो रहा है।

अडानी ग्रुप मामले को लेकर विपक्षी दलों ने बुधवार को संसद से लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय तक मार्च निकालने तैयारी थी हालांकि जैसे ही विपक्षी दल हाथों में ‘अडानी-मोदी में यारी है पैसे की लूट जारी है।’ बैनर लिए विजय चौक तक पहुंचे उन्हे दिल्ली पुलिस द्वारा रोक दिया गया और आगे नहीं बढ़ने दिया गया।

मार्च के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, “हम अडानी के घोटाले में एक ज्ञापन सौंपने के लिए निदेशक ईडी से मिलने जा रहे है। लेकिन सरकार हमें विजय चौक के पास से कहीं नहीं जाने दे रही है, उन्होंने हमें रोक दिया है। लाखों रुपये का घोटाला हुआ है, एलआईसी, एसबीआई, व अन्य बैंक बर्बाद हुए है। ”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की संसद भवन स्थित कमरे में हुई बैठक में बुधवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), समाजवादी पार्टी (सपा), जनता दल (यूनाइटेड), आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी), शिवसेना (उद्धव ठाकरे), केरल कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, विदुथलाई चिरूथिगल काची, एनसी, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल शामिल हुए थे। लेकिन एनसीपी और टीएमसी ने इस बैठक में भाग नहीं लिया था।

आपको बता दें, 24 जनवरी को अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट आई थी जिसमें दावा किया गया था कि अडानी समूह ने स्टॉक में हेराफेरी की गई है।

अडानी समूह की कंपनियों पर हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद उठे सवालों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने छह सदस्य की एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। और इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एएम सप्रे करेंगे।

जमीन के बदले नौकरी मामला: लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती को सीबीआई कोर्ट ने दी जमानत

नौकरी के बदले जमीन मामले में राजद प्रमुख लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती को कोर्ट ने बुधवार को जमानत दे दी है। कोर्ट ने 50-50 हजार के मुचकले पर सभी को जमानत दी है।

इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी समेत अन्य 14 लोगों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आपराधिक षड्यंत्र रचने और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है।

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में लालू प्रसाद यादव के साथ उनके परिवार की पेशी है। लालू यादव उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती पेशी के लिए कोर्ट पहुंच गर्इ है। हालांकि लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे है।

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि रेलवे भर्ती के लिए भारतीय रेलवे के निर्धारित मानदंडों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए रेलवे में अनियमित नियुक्ति की गर्इ थी। बदले में उम्मीदवारों ने सीधे या किसी और तरीके से राजद प्रमुख लालू यादव (तत्कालीन रेल मंत्री) के परिवार के सदस्यों को प्रचलित बाजार दरों के पांचवें हिस्से तक अत्यधिक रियायती दरों पर अपनी जमीन बेची थी।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव मंगलवार को तीसरी बार सीबीआई की पूछताछ में शामिल नहीं हुए। अधिकारिक जानकारी के अनुसार उन्हे 4 और 11 मार्च को पेश होना था किंतु वे नहीं हुए जिसके बाद उन्हें मंगलवार को पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस दिया गया था। और मंगलवार को तीसरे नोटिस पर भी तेजस्वी नहीं पेश नहीं हुए।

टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने जम्मू कश्मीर में कई जगह छापेमारी की

टेरर फंडिंग को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में छापेमारी की है। खबर है कि एक पत्रकार के घर पर भी छापा मारा गया है।

जानकारी के मुताबिक एनआईए की टीमें शोपियां जिले के वाची इलाके, पुलवामा जिले के नेहामा, कुलगाम और अनंतनाग जिले के फ्रेशल इलाके में छापेमारी कर रही हैं। एजेंसी की तरफ से हिरासत में लिए गए एक क्षेत्रीय अखबार के साथ काम करने वाले एक स्थानीय पत्रकार के निलूरा पुलवामा स्थित घर की भी तलाशी ली गई है।

एनआईए के अधिकारी मंगलवार सुबह जम्मू कश्मीर के अलग-अलग जिलों में पहुंचे और छापेमारी शुरू की। जानकारी के मुताबिक यह छापेमारी टेरर फंडिंग, घाटी में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले गठजोड़ का पर्दाफाश करने और राज्य में हो रही टारगेट किलिंग की घटनाओं के मामले में की जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए के यह छापे शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग और कुलगाम में हुए हैं। अभी इस मामले में ज्यादा जानकारी बाहर नहीं आई है। मालूम हो कि सोमवार को भी एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में छापा मारा था। सोमवार को टीम ने श्रीनगर के करफली मोहल्ला हब्बाकरद में फारूक अहमद के बेटे उजैर अहमद के घर पर छापा मारा था और तलाशी ली थी। 

भोपाल गैस त्रासदी: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अतिरिक्त मुआवजे की क्यूरेटिव याचिका

भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए और अधिक मुआवजे की मांग करने वाली केंद्र सरकार की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। केंद्र सरकार ने याचिका दायर कर 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को अधिक मुआवजा देने के लिए यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (यूसीसी) की उत्तराधिकारी फर्मों से की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि, “डाऊ केमिकल्स के साथ समझौता फिर से नहीं खुलेगा। भोपाल गैस त्रासदी में 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गर्इ थी और करीब एक लाख से अधिक लोग जिंदगी भर बीमारियों से जूझने को मजबूर हो गए।”

बता दें, जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने भोपाल गैस त्रासदी पर अपना फैसला सुनाया है। इस पीठ में जस्टिस अभय एस ओका, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस जेके महेश्वर शामिल है।

आपको बता दें, केंद्र सरकार की याचिका पर संविधान पीठ ने 12 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। और इस हादसे के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (यूसीसी) अब डॉव केमिकल्स के स्वामित्व में है। उसने आधी रात को यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव के बाद 7400 करोड़ का मुआवजा दिया था।

1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात हुए गैस रिसाव से 3 हजार से अधिक लोगों की मौत और 1 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। केंद्र सरकार इस बात पर जोर दे रही है कि 1989 में तय किए गए मुआवजे के समय इंसानों की मौतों उन पर रोगों के कारण पड़ने वाले बोझ व पर्यावरण को हुए वास्तविक नुकसान की गंभीरता को सही से आकलन नहीं किया जा सका था।

सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी को यूसीसी से ज्यादा मुआवजे की मांग वाली केंद्र सरकार की याचिका पर सवाल किया था कि सरकार 30 साल से ज्यादा समय के बाद कंपनी के साथ हुए समझौते को फिर से तय करने का काम नहीं कर सकती है।

सरकार का कर्मचारियों को झटका, नहीं मिलेगा कोरोना के 18 माह का बचा डीए

केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ा झटका देते हुए कोविड के 18 महीने के दौरान रोके गए उनके डीए का भुगतान करने से इनकार कर दिया है। लोकसभा में
वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी।

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक स्वाक के जवाब में मंत्री ने साफ शब्दों में बकाया डीए देने से इनकार कर दिया। इससे कर्मचारियों को बड़ा झटका लगाए बैठे हैं जिन्हें यह बकाया मिलने की पूरी उम्मीद थी। वैसे भी कर्मचारी जनवरी के महंगाई भत्ते  का इंतजार कर रहे हैं और माना जा रहा था होली से पहले सरकार यह घोषणा कर देगी। हालांकि, अभी यह घोषणा नहीं हुई है।

सरकारी कर्मचारियों को अभी भी इसका इंतजार है. माना जा रहा है कि बुधवार को होने वाली बैठक में डीए का मुद्दा आएगा और केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी निकलेगी. फिलहाल यह मुद्दा जस का तस है और कोई आधिकारिक जानकारी इसके बारे में बाहर नहीं आई है.

उधर सरकार ने अब यह साफ़ करके कि कोरोना महामारी के दौरान रोका गया केंद्रीय कर्मचारियों का 18 महीने का महंगाई भत्ता या डीए नहीं दिया जाएगा। लोक सभा में प्रश्न काल के दौरान सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार ने यह भी बताया है कि इससे सरकार के 34,402.32 करोड़ रुपये बचें हैं जिसका प्रयोग महामारी से उबरने में किया गया।

याद रहे कोरोना काल में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की तीन किश्तें नहीं दी गईं थीं। जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 का महंगाई भत्ता और महंगाई राहत नहीं दी गई। सरकार ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मौजूदा समय में बजट घाटा एफआरबीएम क़ानून के प्रावधानों की तुलना में दोगुना है इसलिए यह डीए देने का प्रस्ताव नहीं है।

जाहिर है करोड़ों कर्मचारियों को इससे बड़ा झटका लगा है और उनकी बकाया मिलने की उम्मीद पर पानी फिर गया है। बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक है और हो सकता है नए डीए को लेकर सरकार कोई फैसला करे।

राहुल गांधी के बयान, अडानी मुद्दे पर हंगामे के बाद संसद कल तक स्थगित

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को हंगामे के साथ शुरू हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लंदन में बयान पर भाजपा सदस्यों ने शोर शराबा किया तो कांग्रेस ने कहा कि सरकार अडानी मुद्दे पर जांच से भाग रही है। संसद के दोनों सदनों में आज जबरदस्त हंगामे के बाद सदनों को मंगलवार के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले अडानी के मुद्दे पर विपक्ष के नेता बेल में आ गए और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग करते हुए हंगामा किया।

आज संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हुआ। हालांकि, शुरू होते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लंदन में दिए बयान को लेकर भाजपा ने माफी की मांग की। हालांकि, राज्यसभा में कांग्रेस दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार अडानी मुद्दे पर जांच से भाग रही है और हमारी बात नहीं सुनी जाती। उन्होंने कहा की ‘हम विक्रम बेताल की तरह पीछा नहीं छोड़ेगे।’

विपक्ष के नेता अडानी मुद्दे पर बेल में आ गए और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। हंगामे को देखते हुए दोनों सदनों को दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दिया गया। दो बजे जब दोबारा सदन शुरू हुए तो फिर हंगामा हुआ। इसके बाद दोनों सदनों की कार्रवाई मंगलवार तक स्थगित कर दी गई।

राहुल गांधी के लंदन में बयान को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में भाजपा ने उनसे  माफी की मांग की। लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘राहुल गांधी ने लंदन में भारत का अपमान किया है। मैं मांग करता हूं कि उनके बयानों की इस सदन के सभी सदस्यों को निंदा करनी चाहिए। उन्हें सदन के सामने माफी मांगने के लिए कहा जाए।’

उधर राज्यसभा में मंत्री और भाजपा सदस्य पीयूष गोयल ने कहा कि ‘राहुल ने देश की गरिमा को गिराया है। वह सदन में आकर माफी मांगें।’  मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर ‘देशद्रोह का केस चलाने’ की मांग कर दी।

उधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बाद में कहा कि ‘भाजपा राहुल गांधी का बयान अपने हिसाब से पेश कर रही है। भाजपा के नेता खुद लोकतंत्र को कुचल रहे हैं और हर एजेंसी का गलत उपयोग कर रहे हैं। वे देश को एक तानाशाही की तरह चला रहे हैं और फिर ये लोग लोकतंत्र और देशभक्ति की बात करते हैं।’

खरगे ने कहा – ‘हम अडानी शेयरों के मुद्दे पर जेपीसी की मांग कर रहे हैं। जब हम इस मुद्दे को उठाते हैं तो माइक बंद कर दिया जाता है और सदन में हंगामा शुरू हो जाता है। इसके लिए आज भी हम जेपीसी की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी के बयान को सत्ता पक्ष के लोग अपने हिसाब से तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे हैं।’

कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें सदन के अंदर न बोलने देने का आरोप लगाया और कहा – ‘ मुझे दो मिनट भी नहीं बोलने दिया गया। पीयूष गोयल को बोलने के लिए 10 मिनट दिया गया। हमारा माइक भी बंद कर दिया गया और हंगामा किया गया। हम विक्रम बेताल की तरह इनके पीछे पड़े रहेंगे।’

कांग्रेस का प्रदर्शन
उधर कांग्रेस आज देश भर में अडाणी-हिंडनबर्ग मामले पर प्रदर्शन कर रही है। इस मामले पर कांग्रेस देश के अलग-अलग राज्यों में केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में राजभवनों का घेराव किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

न्यूजीलैंड की श्रीलंका पर जीत से भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में

इससे पहले कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी टेस्ट मैच का कोई नतीजा आता, भारत के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2023) के फाइनल में पहुंचने का रास्ता न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच क्राइस्टचर्च में दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच में न्यूजीलैंड को आखिरी गेंद पर मिली जीत से हो गया। फाइनल में भारत का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से ही होगा जिसके सबसे ज्यादा अंक हैं।

न्यूजीलैंड ने पहला टेस्ट बेहद रोमांचक अंदाज में आखिरी गेंद पर जीता। उसने श्रीलंका को 2 विकेट से हरा दिया। मैच के नतीजे से श्रीलंक टीम के मंसूबों पर पानी फिर गया लेकिन भारत के फाइनल में पहुँचाने का रास्ता साफ़ हो गया।

अब भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2023 के आखिरी टेस्ट मैच के खत्म होने से पहले ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2023) के फाइनल में पहुंच गया है। श्रीलंका के खिलाफ न्यूजीलैंड की जीत के हीरो पूर्व कप्तान केन विलियमसन रहे जिन्होंने 121 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली।

याद रहे भारत अभी 60.29 विनिंग परसेंटेज के साथ दूसरे स्थान पर है और अब फाइनल के लिए क्वालीफाई कर गया है। तीसरे स्थान पर मौजूद साउथ अफ्रीका (55.56 पर्सेंट) और चौथे स्थान पर मौजूद श्रीलंका फाइनल की रेस से बाहर हो चुके हैं। पिछले चैंपियन न्यूजीलैंड की टीम का इस बार खराब हाल रहा और वो 8वें स्थान पर है।

व्हाइट बॉल क्रिकेट की चैंपियन इंग्लैंड की टीम शुरुआती दौर में खराब प्रदर्शन के कारण पांचवें स्थान पर है। इसके अलावा पाकिस्तान 6वें और वेस्टइंडीज 7वें स्थान पर जबकि बांग्लादेश 9वें पायदान पर है।