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गत वर्ष एक करोड़ लोगों को मिला काम, मोदी ने किया दावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष की ओर से रोजगार के मुद्दे पर लगातार किये जा रहे सवालों का जवाब में कहा है कि जब भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेजी से विकास कर रहा है तो फिर ये कैसे कहा जा सकता है कि रोजगार के मोर्चे पर कुछ भी नहीं हो रहा है।

एएनआई के इंटरव्यू में मोदी ने अचरजता जताई कि, ‘जब अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है तो फिर नौकरियों क्यों नहीं बढ़ेंगी?” उन्होंने कहा पिछले साल एक करोड़ से ज़्यादा नई नौकरियां पैदा हुई।

पीएम मोदी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान दिये अपने भाषण को दोहराते हुये कहा, ‘निवेश बढ़ रहा है, सड़क निर्माण, रेल लाइन बिछाने का काम, सोलर पार्क बनाने और ट्रांसमिशन लाइन के विस्तार का काम तेजी से हो रहा है, तो फिर कैसे कहा जा सकता है कि नये रोजगार नहीं मिलेंगे.पीएम मोदी ने सवाल पूछने के अंदाज में कहा, ‘जब इस समय सबसे अधिक निवेश हो रहा है तो क्या इससे निर्माण और नए रोजगार सृजन नहीं होगा?”

पीएम ने कहा कि साल 2014 में मोबाइल निर्माण की दो फैक्टरियां थीं और अब बढ़कर 120 हो गई हैं। अगर इलेक्ट्रानिक्स निर्माण के क्षेत्र में इस तरह का विकास हो रहा है तो क्या नई नौकरियों का सृजन नहीं हुआ होगा।

मोदी ने कहा कि आज भारत नये ‘स्टार्ट अप्स’ का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि खाना, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स, मोबाइल सोल्यूशन और इस तरह के कई सेक्टरों में ऐप आधारित एग्रीगेटर्स की भरमार है। क्या यह नये रोजगार का सृजन नहीं कर रहे हैं?

प्रधान मंत्री ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र भी बड़ा रोजगार पैदा करता है. पिछले साल विदेशी पर्यटकों संख्या में 14 फीसदी का इजाफा हुआ है, क्या इससे नये रोजगार नहीं पैदा होंगे?

इसके बाद मोदी ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) का जिक्र करते हुये कहा कि 45 लाख नये लोगों के खाते खोले गये हैं और पिछले 9 महीने में 5.68 लाख लोग नई पेंशन स्कीम से जुड़े हैं। इससे पता चलता है कि पिछले साल 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले हैं।

अमेरिकी हवाई अड्डे से जहाज़ हुआ चोरी

सार्वजनिक स्थानों पर चोरी की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। मगर किसी हवाई अड्डे से दिन दहाड़े एक हवाई जहाज़ चोरी हो जाना किसी को चौंका देगा।
एक एयरलाइन का मैकेनिक कल रात अमेरिका के सी-टैक हवाई अड्डे से खाली खड़े एक होराइजन एयर के विमान को चोरी कर उड़ा ले गया।
इसके बाद उसे पकड़ने के लिए सैन्य विमानों को पीछे से भेजा गया।  कुछ ही देर में वह विमान पुजेट साउंड नामक छोटे द्वीप में दुर्घनाग्रस्त हो गया।
पियर्स काउंटी के शेरिफ के विभाग ने अनुसार प्रारंभिक सूचना से पता चला है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया क्योंकि 29 वर्षीय वह मैकेनिक हवा में स्टंट कर रहा था या उसे विमान चलाना आता ही नहीं था।
पियर्स काउंटी शेरिफ के विभाग के एक प्रवक्ता एड ट्रोयर ने ट्विटर पर बताया कि उस व्यक्ति की खुद को आहत करने की प्रवृति थी।
पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में देखा गया कि शाम के समय होराइजन एयर क्यू 400 हवा में लंबे चक्कर काट रहा है और खतरनाक किस्म की कलाबाजियां कर रहा है।विमान में कोई यात्री सवार नहीं था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस विमान का जब सैन्य विमान पीछा कर रहे थे तो वह विमान वाशिंगटन के दक्षिण-पश्चिम केट्रोन आइलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
शेरिफ के विभाग ने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है। पियर्स काउंटी के निवासी मैकेनिक की पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है, जिसके नाम का अभी खुलासा नहीं किया गया है।
सी-टैक हवाई अड्डा पैसिफिक नॉर्थवेस्ट में सबसे बड़ा वाणिज्यिक हवाई अड्डा है। इस घटना की वजह से यहां विमानों की आवाजाही रोक दी गई।
अमेरिकी तटरक्षकों ने दुर्घटना स्थल पर एक नौका को भेजा है।
होराइजन एयर, अलास्का एयर ग्रुप का हिस्सा है, जो पूरे पश्चिमी अमेरिका में उड़ान सेवा उपलब्ध कराता है। क्यू400 एक टर्बोप्रोप विमान है, जिसमें 76 सीट हैं।

‘ट्रैक चाइल्ड’ पोर्टल से जुड़े बालगृहों के 30,000 से अधिक बच्चों के आधार कार्ड

उनकी सुरक्षा के मद्दे नज़र बाल गृहों में रह रहे 30,000 से अधिक बच्चों के आधार कार्डों को ‘ट्रैक चाइल्ड’ पोर्टल से जोड़ दिया गया है।

एक अधिकारी के अनुसार इससे बाल गृहों से लापता हुये बच्चों की रिपोर्ट करने और उससे संबंधी जानकारियां हासिल करने में मदद मिल सकेगी।

पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ‘ट्रैक चाइल्ड’ पोर्टल उन सभी बच्चों के केंद्रीय डेटाबेस के तौर पर काम करता है जो देश के विभिन्न हिस्सों से लापता हो जाते हैं।

यह गुमशुदा बच्चों की तलाश में सहायता के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का कार्य करता है।

यह पोर्टल बाल गृहों, पुलिस विभागों और राज्य सरकारों के बीच समन्वय में सहायता करता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बाल गृहों में रह रहे बच्चों की संख्या की जानकारी के लिए सरकार बाल गृहों में बच्चों के आधार कार्ड को इस पोर्टल से लिंक कर रही है और अब तक 30835 बच्चों की आधार संख्या को लिंक किया जा चुका है।

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार देश भर में 9000 से ज्यादा बाल देखभाल गृहों में कुल 261566 बच्चे रह रहे हैं।

इनके आधार कार्डों को ट्रैक चाइल्ड से लिंक करने का मकसद गुमशुदा बच्चों को ढूंढ़ने में सहायता करना तो है ही, साथ ही इससे यह भी पता चल सकेगा कि यदि उस लापता बच्चे को कहीं भर्ती करने की कोशिश की जाती है तो उसकी जानकारी इससे मिल पाएगी।

पिछले कुछ समय में देश के कई हिस्सों में बाल गृहों से बच्चों के गुम होने की खबर आयी है। इसे देखते हुये इन प्रयासों को तेज कर दिया गया है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2014, 2015 और 2016 में क्रमश: कुल 68,874, 60,443 और 63,407 बच्चे लापता हुए हैं।

केरल में कहर जारी

देश भर में बाढ़ का कहर जारी है। अब तक बारिश और बाद में करीब ७४० लोगों की मौत हो चुकी है। केरल में अब तक 30 लोगों की जान गयी है और वहां १४ में से ११ जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सूबे में अब तक १७,००० लोगों को सुरक्षित जगह पहुँचाया गया है। उधर उत्तर प्रदेश के बस्ती में एनएच-२८ पर एक निर्माणाधीन फ्लाई ओवर शनिवार सुबह ढह गया। अभी तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है।

इडुक्की में पानी का स्तर बढ़ने के बाद चेरुथोनी बांध के पांच और दरवाज़े खोल दिए गए हैं। केरल के मुन्नार में रिजॉर्ट में फंसे 30 विदेशी पर्यटकों को सेना ने सुरक्षित निकाला लिया है।

केरल में मुख्यमंत्री विजयन से शनिवार को बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल में बारिश से हालात काफी बिगड़ गए हैं। पिछले 55 घंटों से हो रही बारिश के चलते 14 अगस्त तक कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालत और भी बिगड़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके मंत्रियों ने प्रभावित इलाकों इडुक्की, वायनाड, कलीकट और कोच्चि का हवाई दौरा किया। गृहमंत्री राजनाथ सिंह 12 अगस्त यानी रविवार को केरल का दौरा करेंगे।

केरल में अब तक बारिश और भूस्खलन के कारण 29 लोगों की जान जा चुकी है और अलग अलग शहरों में 30 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है।इस बारिश से अब तक कुल 54 हज़ार लोग बेघर हो गए हैं। वहीं भारतीय वायुसेना ने हेल्प ऑपरेशन चलाकर अब तक 55 लोगों को बचाया है। बचाए गए लोग केरल के पहाड़ी इलाकों में फंसे हुए थे।

उधर पेरियार नदी में जलस्तर को देख कोचि के बैकवॉटर्स से घिरे वेलिंगडन द्वीप के हिस्सों के भी डूबने की आशंका जताई जा रही है। हालात को काबू में करने के लिए शासन भी हर संभव मदद कर रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया है कि देश के सात राज्यों में बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में इस मानसून में अब तक 718 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि गैर सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक ७४० लोगों की मौत हुई है। राष्ट्रीय

आपदा प्रतिक्रिया केंद्र (एनईआरसी) के अनुसार उत्तर प्रदेश में 171, पश्चिम बंगाल में 170, केरल में 178 और महाराष्ट्र में अब तक 139 लोगों की मौत हुई है। वहीं, गुजरात में 52, असम में 44 और नगालैंड में आठ लोगों की मौत हुई है।

इसके अलावा 26 लोग लापता हैं। इनमें से 21 केरल और पांच पश्चिम बंगाल के हैं। बारिश से जुड़ी घटनाओं में 244 लोग घायल हुए हैं जबकि असम में 11.45 लाख लोग बारिश और बाढ़ की वजह से प्रभावित हुए हैं। करीब 27,552 हेक्टेयर खेतों में लगी फसलों पर भी इसका असर पड़ा है। वहीं केरल में पिछले 50 साल में पहली बार बारिश से भीषण तबाही हुई है। एहतियातन राज्य के 24 बांधों को खोल दिया गया है।

केरल में जगह-जगह भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वायनाड में खेतों में पानी भर गया है। किसानों को उनकी फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है।

राफेल पर सोनिया, विपक्षी सांसद धरने पर बैठे

यूपीए अध्यक्ष और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने राफेल लड़ाकू विमान समझौते में कथित घोटाले पर मोदी सरकार को घेरने के लिए संसद परिसर में प्रदर्शन किया। सोनिया गांधी की अगुवाई में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने इन विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे। सोनिया ने राफेल मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग की है।

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोक सभा में राफेल के मामले पर प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पर गंम्भीर आरोप लगाए थे जिसके बाद से पार्टी और विपक्ष ने यह मुद्दा गरम रखा है। कांग्रेस ने राफेल मुद्दे को अब बड़ा मुद्दा बना लिया है और लगातार इस मसले को उठा रही है।

शुक्रवार को भाकपा के डी राजा, आप सांसद सुशील गुप्ता, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज बब्बर, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अम्बिका सोनी और अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने जोरदार मांग की कि इस मुद्दे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच करवाई जाए।

इस मौके पर विपक्ष के सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।

गौरतलब है कि कांग्रेस सदस्यों ने गुरुवार को भी लोकसभा में राफेल मामले की जांच जेपीसी से करवाने की मांग उठाते और इस विषय पर पीएम मोदी से जवाब की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया था। इस हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी।

इसके बाद संवाददाताओं से बातचीत में सोनिया गांधी ने सरकार के तीन तलाक विधेयक को राज्यसभा में पेश करने पर कहा कि ‘इस मुद्दे पर उनकी पार्टी की स्थिति बिल्कुल साफ है। ”मैं इस पर और कुछ नहीं कहूंगी।” याद रहे हींतीन तलाक मुद्दे पर कांग्रेस का कहना है कि इस बिल में संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार ने विपक्ष से किसी तरह का मशबरा नहीं किया। सरकार इस बिल को राज्यसभा में तीन संशोधन के बाद पेश कर रही है।

पाकिस्तान जेल से 36 वर्ष बाद रिहाई परिवार के लिये खुशियां लाई

इस साल का 15 अगस्त को जयपुर के एक परिवार के लिए पड़ोसी मुल्क से एक नायाब तोहफा आने वाला है।

पाकिस्तान की लाहौर जेल में 36 सालों से बंद गजानंद शर्मा की जल्द ही रिहाई हो जाएगी।

गजानंद की 62 वर्षीय पत्नी जयपुर में रहकर सिर्फ इस बात का इंतजार कर रही थीं कि उनकी मौत से पहले एक बार पति को देख सकें।

सूत्रों के मुताबिक 13 अगस्त को पाकिस्तान लाहौर जेल में बंद गजानंद शर्मा को रिहाई मिल सकती है।

गुरुवार को गजानंद शर्मा की पत्नी मखनी देवी, बेटा मुकेश ने केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह से मुलाकात की।

गजानंद के परिवार के साथ जयपुर से भाजपा सांसद रामचरण बोहरा, हवामहल विधायक सुरेंद्र पारीक, भाजपा नेता राजेंद्र पारीक और स्नेहलता शर्मा भी मौजूद थीं।

सांसद रामचरण बोहरा और गजानंद के बेटे मुकेश ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने मुलाकात के बीच मखनी देवी से कहा कि गजानंद को स्वतंत्रता दिवस के पहले 13 अगस्त को पाक जेल से रिहाई मिल सकती है।

इसके बाद तीन-चार दिन दूतावास की कार्रवाई पूरी करने में लगेंगे। गजानंद के भारत लौटते ही उनके परिजनों को सूचना दे दी जाएगी।

नेहरू बाले ब्यान पर माफी माँगी दलाई लामा ने

देश भर में उनके ब्यान पर विवाद पैदा होने के बाद आखिर तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने जवाहर लाल नेहरू को लेकर दिए गए बयान पर शुक्रवार को माफी मांग ली है। दलाई लामा ने पहले कहा था कि १९४७ में महात्मा गांधी जिन्ना को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे लेकिन जवाहर लाल नेहरू ने इसका विरोध किया था।

अब दलाई लामा ने कहा है कि उनका बयान अचानक विवादास्पद हो गया। ”अगर कुछ ग़लत है तो मैं माफ़ी मांगता हूं।” रिपोर्ट्स के मुताबिक गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के एक कार्यक्रम में दलाई लामा ने कहा था कि ”महात्मा गांधी चाहते थे कि मोहम्मद अली जिन्ना पीएम बनें लेकिन पंडित नेहरू इसके लिए तैयार नहीं हुए”। दलाई लामा ने कहा था कि ”तब पीएम बनने की चाहत में नेहरू ने आत्मकेंद्रित रवैया नहीं अपनाया होता तो देश का बंटवारा नहीं होता”।

उनके ब्यान के बाद राजनीतिक दलों ने इस पर आपत्ति जताई थी जिसके बाद दलाई लामा ने बयान को लेकर माफी मांगी है। दरअसल, कार्यक्रम में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह बयान दिया था। दलाई लामा का कहना था कि ”मेरा मानना है कि सामंती व्यवस्था के बजाय प्रजातांत्रिक प्रणाली बहुत अच्छी होती है। सामंती व्यवस्था में कुछ लोगों के हाथों में निर्णय लेने की शक्ति होती है, जो बहुत खतरनाक होता है”। उन्होंने कहा, ‘अब भारत की तरफ देखें। मुझे लगता है कि महात्मा गांधी जिन्ना को पीएम का पद देने के बेहद इच्छुक थे लेकिन पंडित नेहरू ने इसे स्वीकार नहीं किया।

तिब्बती धर्मगुरु ने कहा, मुझे लगता है कि खुद को पीएम के रूप में देखना पंडित नेहरू का आत्म केंद्रित रवैया था। अगर महात्मा गांधी की सोच को स्वीकारा गया होता तो भारत और पाकिस्तान एक होते। उन्होंने कहा, मैं पंडित नेहरू को बहुत अच्छी तरह जानता हूं, वे बेहद अनुभवी और बुद्धिमान व्यक्ति थे लेकिन कभी-कभी गलतियां हो जाती हैं।

दलाई लामा के ब्यान के तुरंत बाद इस पर राजनितिक दलों की टिप्णियां आनी शुरू हो गयी थीं और निजी टीवी चैनलों ने इस पर लगातार कार्यकरण करने शुरू कर दिए थे। अब दलाई लामा ने अपने ब्यान पर माफी मांग ली है।

भारी बारिश ने केरल में ली 26 लोगों की जान

केरल में बुधवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण इडुक्की जिले और उत्तरी हिस्से में कई जगह भूस्खलन हुआ जो कम से कम 26 लोगों की मौत का कारण बना।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को वहां से निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें रवाना कर दी गई हैं। केंद्र सरकार भी केरल के हालात पर नजर बनाए हुए है।

जहां राज्य के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने स्थिति को ‘काफी विकट’ करार दिया है, वहीं केंद्रीय मंत्री के जे अल्फोंस ने कहा कि पिछले 50 साल की ये सबसे भयानक बाढ़ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बाढ़ की हालात से निपटने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने देगी।

अधिकारियों ने बताया कि सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रया बल को इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड और मलप्पुरम जिले के प्रभावित इलाकों में राहत अभियान में प्रशासन का सहयोग करने के लिए तैनात किया गया है।

राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के सूत्रों ने कहा कि वर्षा जनित घटनाओं में कल से 24 लोग मारे गए हैं जिनमें 17 की मौत इडुक्की और मलपुरम जिलों में भूस्खलन के कारण हुई है।

भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं जिस कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 24 बांधों को खोल दिया गया है. एशिया के सबसे बड़े अर्ध चंद्राकार बांध इडुक्की जलाशय से पानी छोड़े जाने से पहले रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

सरकार ने बताया कि राज्य में पिछले दो दिनों में दस हजार से अधिक लोगों को 157 राहत शिविरों में भेजा गया है. सरकार ने लोगों से कहा है कि राज्य के ऊपरी इलाकों और बांध वाले इलाकों में नहीं जाएं।

पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारी बारिश के कारण कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो घंटे के लिए विमानों की लैंडिंग रोक दी गई। नजदीक स्थित पेरियार नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण हवाई अड्डा क्षेत्र में पानी भरने की आशंका थी।

हरि जीते, हरि हारे

राज्य सभा के उपसभापति पद के लिए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) उम्मीदवार जद (यू) के राज्यसभा सदस्य हरिवंश नारायण सिंह जीत गए हैं। उन्होंने यूपीए (कांग्रेस) के बीके हरिप्रसाद को हराया है। एनडीए को 125 और यूपीए को 105 वोट मिले। राज्यसभा में सदस्यों की मौजूदा संख्या 244 है। चुनाव में 14 सदस्य अनुपस्थित रहे। इस तरह लोक सभा में अविश्वास प्रस्ताव के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए की यह लगातार दूसरी हार है। साल १९७७ से लगातार कांग्रेस का ही सदस्य उपसभापति रहा था ।

जीत के बाद उपसभापति हरिवंश को उनके आसान तक लाया गया। जीत पर तमाम नेताओं ने उन्हें बधाई दी। कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने उनकी जीत पर खुशी जताई और उम्मीद जाहिर की कि वे तटस्थ होकर अपने पद का निर्वहन करेंगे। आज़ाद ने हरिवंश के अनुभव की सराहना की और कहा कि यह सदन के काम आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश की जीत की तुलना अगस्त क्रांति से की। मोदी ने उनके अनुभव का जिक्र किया और एक पत्रकार के रूप में उनकी भूमिका को याद किया।

चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ही जीत का दावा कर रही थीं लेकिन बीजू जनता दल की ओर से हरिवंश सिंह का समर्थन किए जाने के ऐलान से एनडीए का पक्ष मजबूत हो गया था। नवीन पटनायक ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने उन्हें फ़ोन किया था और बीजू जनता दल उनके उम्मीदवार को वोट कर रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी उन्हें फ़ोन किया था।

दिलचस्प यह है कि राज्यसभा सांसद और कभी समाजवादी पार्टी में रहे अमर सिंह ने भी कहा था कि इस चुनाव में एनडीए की जीत होगी। उधर एनसीपी नेता वंदना चव्हाण ने स्वीकार किया था कि सम्भवता उनके पास नंबर नहीं हैं। पहले वंदना का ही नाम यूपीए की तरफ से सामने आया था।

चुनाव से ऐन पहले उपसभापति चुनाव में वोटिंग से बाहर रहने का ऐलान कर वाईएसआर कांग्रेस ने भी यूपीए को झटका दिया था। पार्टी के राज्यसभा में दो सांसद हैं। बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर चुनाव के दौरान उपस्थित रहने को कहा था। उपसभापति चुनाव से पहले एनडीए की बैठक हुई थी जिसकी अध्यक्षता भाजपा प्रमुख अमित शाह ने की थी। जम्मू कश्मीर की पार्टी पीडीपी ने भी वोटिंग में हिस्सा न लेने का ऐलान चुनाव से पहले किया था। डीएमके भी 4 में से २ ही सांसदों ने वोट डाला। आप ने भी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया।

उधर कांग्रेस उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद ने कहा था कि ”हमें अपनी जीत की पूरी उम्मीद है, विपक्ष एकजुट है और हमारे पास आंकड़े हैं।” हरिप्रसाद ने कहा था कि कांग्रेस नेताओं ने उपचुनाव के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेताओं और अरविंद केजरीवाल से बात की है। हालाँकि आप नेता संजय सिंह ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केजरीवाल से बात नहीं की जिससे साफ़ है उन्हें हमारे वोट की ज़रुरत नहीं थी। कांग्रेस के सुब्बारेड्डी भारत से बाहर थे, लिहाजा वे उपसभापति चुनाव में वोट नहीं डाल पाए।

पाकिस्तान ने डाला शरीफ के बेटों के नाम काली सूची में

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बेटों हसन और हुसैन का नाम काली सूची में डाल दिया गया है जिसकी वजह से उनके पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा करने पर रोक लग गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ एक अदालत ने लंदन में रहने वाले शरीफ के बेटों को भगोड़ा घोषित किया था क्योंकि वे जुलाई 2017 में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद उनके पिता तथा उनके खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के तीन में से किसी भी मामले में पेश नहीं हुए थे।

‘जियो न्यूज’ ने खबर दी कि भ्रष्टाचार रोधी संस्था राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने हसन और हुसैन के नामों को निकास नियंत्रण सूची में डालने का अनुरोध किया और कार्यवाहक कैबिनेट ने फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं किया है।

खबर में कहा गया कि एनएबी ने आव्रजन और पासपोर्ट निदेशालय से भी आग्रह किया जिसके बाद उनके पासपोर्ट पर रोक लगा दी गई और उनके नाम काली सूची में डाल दिये गये।

पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले सप्ताह संघीय जांच एजेंसी ने इंटरपोल से हसन और हुसैन के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने की मांग की थी।