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एमपी में कर्जा माफी, मकान अनुदान देंगे : कांग्रेस

कांग्रेस ने शनिवार को मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। पार्टी ने इसे ”बचन पत्र” का नाम दिया है। वरिष्ठ नेताओं कमल नाथ और ज्योतिर्दित्य सिंधिया ने घोषणा पत्र जारी किये। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में किसानों का कर्जा माफ़ करने, बेघरों को २.५० लाख रुपए अनुदान देने के अलावा और भी बचन जनता को दिए हैं।
बचन पत्र जारी करते हुए कांग्रेस ने वादा किया है कि ”हम सिर्फ वादे नहीं करेंगे बल्कि उन्हें पूरा करेंगे”। मध्यप्रदेश की २३० सीटों पर २८ नवंबर को वोट पड़ेंगे। घोषणापत्र जारी करते हुए वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने कहा कि जनता राज्य की भाजपा सरकार से परेशान हो चुकी है और इस बार वह कांग्रेस को वोट करने का मन बना चुकी है।
जहाँ तक वादों की बात हगाई कांग्रेस ने अपने बचन पत्र में भ्रष्टाचार और माफिया राज को खत्म करने का बचन दिया है। पार्टी ने कहा इसके लिए जन आयोग का गठन किया जाएगा जिसमें पत्रकार, वकील और सम्मानित नागरिकों को सदस्य बनाया जाएगा। इसके अलावा बेरोजगारों को १० हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
पार्टी ने किसानों का कर्जा माफ करने, महिलाओं की रसोई सस्ती करने, राज्य में बेटियों के विवाह के लिए ५१ हजार रुपए देने, वकीलों और पत्रकारों के लिए सुरक्षा अधिनियम लाने, साथ साल से ज्यादा  उम्र के पत्रकारों को १० हजार रुपए मासिक भत्ता देने का बचन दिया है।
गौरतलब है कि कांग्रेस के शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के लिए भी अपना घोषणापत्र जारी किया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में जन घोषणा पत्र जारी किया जिसमें किसानों का कर्ज माफी, शराबबंदी और रोजगार को प्रमुखता से शामिल किया है।

पुलवामा में दो आतंकी ढेर

पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद सीमा के दूसरी तरफ (पाकिस्तान) से आतंकवादियों की घुसपैठ पर लगाम लगने की सम्भावना रहती है हालांकि पहले से यहाँ मौजूद आतंकवादी अभी सक्रिय हैं। सुरक्षा बालों ने उनका पिछले एक महीने में जिस तरह सफाया किया है वह अभियान अभी जारी है। इसी की कड़ी में शनिवार को भी जम्मू कश्मीर के पुलवामा में दो आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया।
पुलवामा जिले के तेक्किन गांव में छिपे दो आतंकियों को सुरक्षा बलों ने शनिवार सुबह ढेर कर दिया। सुरक्षा बलों को इन आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर कर तलाशी अभियान शुरू किया। आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी और कुछ देर चली इस मुठभेड़ में सुरक्षा बालों ने दोनों आतंकियों को मार गिराया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इन आतंकियों की अभी पहचान नहीं हुई है। शुक्रवार को भी पुलवामा के त्राल इलाके में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया था।   आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने त्राल के डार गंगीगुंड इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया था जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गयी। सुरक्षा बलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया।

हरमनप्रीत का शतक, भारत जीता

महिला क्रिस गेल मने जाने वालीं भारत की धाकड़ बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर के जबरदस्त प्रदर्शन की बदौलत भारत ने आईसीसी महिला वर्ल्ड टी-२० के पहले मैच में न्यूजीलैंड को ३४ रन से हरा दिया। हरमनप्रीत ने १०३ रन की धुआंधार पारी खेली और भारत की ऐसी पहली महिला क्रिकेटर ban गईं जिन्होंने टी-२० में शतक बनाया है।
वेस्टइंडीज के गयाना में खेले गए इस मैच में हरमनप्रीत की बल्लेबाजी का जलवा दिखा। इस स्टार बल्लेबाज ने महज ५१ गेंदों में आठ छक्के और सात चौकों की मदद से १०३ रन बनाये। इस तरह भारत ने इस टूर्नामेंट का आगाज धमाकेदार जीत से किया।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित २० ओवर में ५ विकेट पर १९४ रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया जिसमें हरमनप्रीत का शतक शामिल है। इतने बड़े लक्ष्ये के जवाब में न्यूजीलैंड की टीम ९ विकेट पर १६० रन ही बना सकी और भारत के सामने घुटने टेक दिए। न्यूजीलैंड की ओर से सूजी बेट्स ने ६७ रन की अच्छी पारी खेली, लेकिन अपनी टीम को जीत न दिला सकीं।
हरमनप्रीत १०३ रन से टी-२० में शतक जड़ने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई। वहीं, महिला वर्ल्ड टी-२० में शतक जड़ने वाली तीसरी खिलाड़ी। उनसे पहले वेस्टइंडीज की डींड्रा डोटिन और ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग इस फार्मेट में शतक बना चुकीं हैं।
भारत की तरफ से बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए हेमलता और पूनम यादव ने ३-३ विकेट झटके जबकि राधा यादव ने २ और अरुंधति रेड्डी ने न्यूजीलैंड की एक खिलाड़ी को आउट किया।

तालिबान से बातचीत पर सरकार ने दी सफाई

रूस में अफगानिस्तान मुद्दे पर होने वाली बैठक में  हिस्सा लेते हुए आज भारत पहली बार तालिबान के साथ बातचीत के मेज पर होगा। इस क़दम पर मोदी सरकार की सियासी हलकों में काफी आलोचना हो रही है.
भारत ने कहा है कि वह अफगानिस्तान में सभी प्रकार की शांति प्रक्रियाओं का समर्थन करता है और रूस की ओर से मॉस्को में आयोजित की जाने वाली बैठक में वह गैर-आधिकारिक तौर पर हिस्सा लेगा।
इस बैठक में 12 देशों के अलावा तालिबान को भी आमंत्रित किया गया है। भारत के अलावा ईरान, चीन, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के प्रतिनिधि बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि अफगानिस्तान में शांति बहाली के लिए जो भी कदम उठाए जा रहे हैं वो विदेश नीतियों के तहत हैं और भारत शांति की प्रक्रिया में शामिल होता रहेगा।
कुछ दिन पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत दौरे पर आए थे जिसमें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की थी।

हमारी सरकार बनी तो युवाओं को रोजगार : राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को दो चुनावी रैलियों को सम्वोधित किया। कांकेर और राजनांदगांव की इन रैलियों में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला बोला। कहा कि मोदी राफेल पर चुप हैं, नोटबंदी पर चुप हैं क्योंकि वे इन मुद्दों पर जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं।
राहुल ने इलाके में रोड रैली भी की और इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने काफी उत्साह दिखाया। राहुल ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जान कांग्रेस की सरकार आएगी युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। हमारे सीएम आपके पास आएंगे और आपकी समस्याएं जानेंगे। राहुल ने नोटबंदी को लेकर सीधे पीएम मोदी को आड़े हाथ लिया। उन्होंने रैली में उपस्थित लोगों से कहा कि नोटबंदी के दौरान आप सभी बैंकों की लाइन में खड़े थे और आपके पैसे को लेकर १५ से २० उद्योगपतियों की जेब में डाल दिया गया। नीरव मोदी, विजय माल्या, ललित मोदी और मेहुल चोकसी को पैसा देकर भगा दिया गया”।
अपने भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष ने रमन सिंह के शासन में भ्रष्टाचार का जिक्र भी किया और आरोप लगाया कि राज्य में ५००० करोड़ रुपये का चिटफंड घोटाला हुआ। ”गरीब लोगों का पैसा लेकर कंपनियां भाग गईं। इसकी कोई जांच नहीं हुई। इस मामले जे जुड़े ६० लोगों की मौत हो चुकी है”। राहुल ने सवाल किया कि ये कंपनियां किसने बनाई? फिर खुद ही जवाब दिया – ”रमन सिंह के मित्रों ने बनाई”।
राहुल ने रैली में राफेल डील का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। कहा कि रफेल की खरीद में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। ” मोदी ने अनिल अंबानी की कंपनी को फायदा देने के लिए राफेल विमान का कॉन्ट्रैक्ट दिया। उनकी कंपनी ने कभी विमान नहीं बनाया। मोदी ने ऐसा अनिल अंबानी को ३० हजार करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव से पहले मोदी भ्रष्टाचार और युवाओं को रोजगार की बात करते थे।   ”अब कहते हैं कि झाड़ू लगाओ, सफाई करो। पीएम मोदी अब नोटबंदी पर नहीं बोलते। अगर प्रधानमंत्री नोटबंदी पर बोलेंगे, तो लोग उन्हें मंच से भगा देंगे।” राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी  अपने चंद बिजनेसमैन मित्रों का तीन लाख करोड़ से अधिक का कर्ज माफ किया, लेकिन किसानों के लिए कुछ नहीं किया गया।

यूपीए ने रमन सरकार के सामने रोड़े अटकाए : मोदी

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए पहली बार प्रचार में उतरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि पिछली यूपीए सरकार ने सूबे में रमन सिंह सरकार को काम नहीं करने दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ का कोना-कोना विकास का पर्याय बना हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक बस्तर इलाके में अपनी चुनावी जनसभा में मोदी ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा दिया लेकिन कांग्रेस ने अपनी सरकार रहते इसे उपेक्षित रखा।   ”रमन सिंह सरकार ने गांवों को सड़कों से जोड़ा और सात नई रेल लाइनों को मंजूरी दी गई। करीब १५ हजार किलोमीटर की रेललाइन को चौड़ा करने का काम केंद्र सरकार ने किया है। छत्तीसगढ़ का कोना-कोना विकास का पर्याय बना हुआ है”।
मोदी ने अपने भाषण में ”शहरी माओवाद” का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा – ”शहरी माओवादी एसी में रहते हैं, बड़ी कारों में घूमते हैं और उनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं लेकिन वे रिमोट कंट्रोल के माध्यम से यहां हमारे गरीब आदिवासी युवाओं के जीवन को बर्बाद कर देते हैं। कांग्रेस इन शहरी माओवादियों  का समर्थन क्यों कर रही है?” उन्होंने कहा कि ”जमीन से कटे और चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए नेता आदिवासियों की समस्याओं को समझ नहीं पाए।”
पीएम ने कहा कि ”मेरे पहाड़ की यह बर्बादी हम नहीं होने देंगे। आज रमन सरकार में जहां देखिए, वहीं पर विकास हो रहा है, यह सब संभव हुआ है इच्छाशक्ति से”। मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिर्फ कमल ही खिलना चाहिए। ”मुझे वाजपेयीजी के सपनों को पूरा करना है, इसलिए बार-बार बस्तर आया हूं। आज भी इसीलिए बस्तर आया हूं। हमें मिलकर बस्तर का भाग्य बदलना है”।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर पिछले दिनों में नक्सली हमलों का जिक्र भी किया और कहा कि डीडी के  कैमरामैन की नक्सली हमले में मौत हो गयी। हमारे जवानों को शहीद किया गया।  ”लेकिन कांग्रेस के लोग नक्सलियों को भटके हुए क्रांतिकारी बता रहे हैं”।

नोटबंदी ‘बीमार’ फैसला था : मनमोहन

कांग्रेस ने मोदी सरकार की ”नोटबंदी” के दो साल होने पर इस फैसले को ”खुद बुलाई आपदा” करार दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे ”बीमार फैसला” बताया वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि यह दुनिया के इतिहास में अकेला ऐसा फैसला था जिसमें लोगों को अपने ही पैसे बैंकों से निकालने के लिए कतार में खड़े होना पड़ा और १५३ लोगों को तो अपनी जान गंवानी पड़ी। उधर सरकार की तरफ से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे सही फैसला बताते हुए कहा देश को इस फैसले का लाभ हुआ है।

कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ देश भर में लोगों को इसके नुक्सान बताने के लिए गुरूवार को मुहिम शुरू कर दी। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी नोटबंदी का विरोध करते हुए आज के दिन को काला दिवस करार दिया है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार के इस फैसले को ”बीमार सोच वाला और मनहूस” कदम करार दिया है। गौरतलब है कि दो साल पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रव्यापी टीवी ब्रॉडकास्ट में  ८ नवंबर, २०१६ को देश में नोटबंदी का ऐलान करते हुए ५०० और १००० रुपये के नोट बंद करते हुए ऐलान किया था कि यह नॉट अब ”लीगल टेंडर” नहीं रहेंगे।

आज नोटबंदी के दो साल होने पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस फैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था पर कहर बरपा और देश भर के लोगों ने इसे महसूस किया। ”नोटबंदी ने हर व्यक्ति को प्रभावित किया, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, पेशा या संप्रदाय का हो। अक्सर कहा जाता है कि वक्त सभी जख्मों को भर देता है लेकिन नोटबंदी के जख्म-दिन-ब दिन और गहराते जा रहे हैं”।

पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक जानकार मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी से जीडीपी में तो गिरावट आई ही, छोटे और मंझोले धंधे, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं,  को भी नोटबंदी ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया। ”अर्थव्यवस्था लगातार बुरे दिनों से गुजर रही है जिसका खराब असर रोजगार पर पड़ रहा है और युवा रोजगार के लिए भटकने को मजबूर हो गए हैं”।

मनमोहन ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिए जाने वाले कर्ज और बैंकों की गैर-वित्तीय सेवाओं पर भी काफी बुरा असर पड़ा है। नोटबंदी के कारण रुपए का स्तर गिरा है जिससे मैक्रो-इकोनॉमी भी काफी प्रभावित हुई है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी एक ट्वीट के जरिये नोटबंदी की देश को उठाने वाली कीमत समझाई है। थरूर ने इस दिन को आपदा बताते हुए #DemonetisationDisasterDay के नाम से ट्वीट किया है। थरूर ने कहा – ”नोटबंदी के कारण नए नोट छापने पर ८ हजार करोड़ रुपए का खर्च आया, १५ लाख लोगों की नौकरी गई, १०० लोग जान से हाथ धो बैठे और जीडीपी में डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

उधर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी के दिन को ‘काला दिवस’ करार दिया है। इस बीच कांग्रेस ने देश भर में नोटबंदी के खिलाफ मुहीम शुरू की जिसमें जनता को इस के नुकसानों के बारे में बताया जाएगा।

दंतेवाड़ा नक्सली हमले में २ जवान, ३ नागरिकों की मौत

चुनावी सूबे छत्तीसगढ़ में गुरूवार को नक्सलियों के आईईडी हमले में दो जवानों और तीन नागरिकों की मौत हो गयी है। नक्सलियों से दंतेवाड़ा इलाके के बचेली में एक मिनी बस को इस हमले का शिकार बनाया। इस इलाके में १२ नवम्बर को वोट पड़ने वाले हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने बचेली में एक निजी बस को आईईडी ब्लास्ट करके उड़ा दिया। इस मिनी बस में  सीआईएसफ के जवान सवार थे। पता चला है कि इन जवानों की दंतेवाड़ा में चुनाव ड्यूटी लगी थी और यह लोग वहीं जाने से पहले आकाश नगर में रुके थे। जब वे सब्ज़ी लेने बाज़ार जा रहे थे तो उनकी बस को नक्सलियों ने आईईडी से उड़ा दिया।

चुनाव की घोषणा के बाद ही छत्तीसगढ़ में नक्सली हमलों में काफी तेजी आई है और गुरूवार का यह हमला सबसे बड़े हमलों में एक माना जा रहा है। इस हमले में घायल जवानों को अस्पाताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है हालांकि उनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। जब नक्सलियों ने इस बस पर आईईडी हमला किया इसमें सीआईएसफ के जवान सवार थे। घटना की पुष्टि एंटी नक्सल आॅपरेशन के स्पेशल डीजी डीएम अवस्थी ने की है।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ी राहत

अभी तक टीवी चैनलों के सर्वे में कड़े मुकाबले में फंसे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को चुनाव से ऐन पहले अच्छी खबर मिली है। वहां सतनामी समाज के धर्मगुरु बाबा बालदास और उनके पुत्र खुशवंत सहाय  कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। बाबा बालदास वही धर्मगुरु हैं जिन्होंने पिछले चुनाव में भाजपा का समर्थन कर कांग्रेस का खेल कमसे कम एक दर्ज़न सीटों पर बिगाड़ दिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक राजनीतिक जानकार धर्मगुरु के समर्थन मिलने को कांग्रेस के लिए लाभकारी मान रहे हैं। इसका कारण ये है कि छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज अनुसूचित जाति वर्ग का एक बड़ा समुदाय माना जाता है जिसका प्रभाव पूरे प्रदेश में है। आदिवासियों के बाद सूबे में इस वर्ग को ही सबसे बड़ा माना जाता है। साढ़े सार दर्ज़न सीटों पर इस समुदाय का प्रभाव है और बाबा बालदास का इन मतदाताओं पर जबरदस्त प्रभाव माना जाता है।

दिलचस्प बात यह है कि चुनाव की घोषणा के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बाबा बालदास से मिले भी थे और उस समय यही माना गया था कि बाबा और समुदाय का भाजपा को समर्थन रहेगा। बसपा के अजीत जोगी की पार्टी को समर्थन से कांग्रेस को नुक्सान हुआ है उसकी भरपाई सतनामी समाज के धर्मगुरु के इस समर्थन से आसानी से हो जाएगी, ऐसा राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं।

चुनाव से पहले सतनामी समाज के धर्मगुरु के कांग्रेस को समर्थन से चुनावी समीकरण बदलने की पूरी सम्भावना बन गयी है। अभी तक के टीवी सर्वे में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस-भाजपा में कड़ा मुकाबला दिखाया जा रहा है, हालांकि सीटों के लिहाज़ से जोगी की पार्टी मायावती की बसपा के समर्थन के बावजूद बहुत पीछे है। बाबा बालदास ने बिना शर्त कांग्रेस का समर्थन करने का ऐलान किया है।

सीनेट में ट्रम्प, निचले सदन में विपक्ष की जीत

अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में एक मोर्चे (हाउस ऑफ रिप्रिजेंटेटिव) पर हार मिलने के बावजूद सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीद के मुताबिक बहुमत सलामत रहा है। उच्च सदन (सीनेट) में बहुमत बनाये रखने के बावजूद ट्रम्प की पार्टी का कांग्रेस.(संसद) में एकाधिकार नहीं रह पाया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मध्यावधि चुनाव में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रिजेंटेटिव) में बहुमत हासिल कर लिया है। उसे इस चुनाव में दो दर्ज़न से ज्यादा सीटों का फायदा हुआ है। हालांकि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने १०० सीटों वाली सीनेट में  बहुमत बरकरार रखा है। ट्रम्प ने इसे अपनी नीतियों को जनता का समर्थन बताया है।

गौरतलब है कि अमेरिकी में राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के मध्य अर्थात दो साल का कार्यकाल पूरा होने पर मध्यावधि चुनाव करवाने का चलन है। ये चुनाव अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के निचले सदन (हाउस ऑफ़ रिप्रेंज़ेटेटिव्स) की ४३५ सीटों के लिए करवाए जाते हैं जबकि सौ सदस्यों वाले उच्च सदन (सीनेट) के एक तिहाई सदस्य इस चुनाव से चुने जाते हैं।

डेमोक्रेट्रिक पार्टी ने  हालांकि सत्ता में रिपब्लिकन पार्टी का एकाधिकार तोड़ दिया है। उसने पिछले आठ साल में पहली बार ४३५ सदस्यों वाले इस सदन में बहुमत हासिल किया है। हाउस ऑफ रिप्रिजेंटेटिव में चुनाव से पहले तक रिपब्लिकन पार्टी के पास २३५ और डेमोक्रेट्स के पास १९३ सीटें थीं।

अमेरिका की राजनीति पर पकड़ रखने वालों का मानना है की सीनेट में ट्रम्प की जीत के बावजूद अगले (२०२०) के राष्ट्रपति चुनाव में दोनों पार्टियों में तगड़ा मुकाबला हो सकता है। उससे पहले के समय में उन्हें अपने मत्वाकांक्षी कानूनों को हाउस ऑफ़ रिप्रेंज़ेटेटिव्स में पास करवाना आसान नहीं रहेगा। कुल मिलकर ये चुनाव ट्रम्प की पार्टी के लिए एक तरह से कुछ संकेत लिए आये हैं जिनपर काम करके उन्हेँ अपनी स्थिति में और सुधार करना होगा।