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छत्तीसगढ़ में एक साथ ६ आईईडी धमाके

पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने फिर आतंकी वारदात कर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश है। शनिवार को कांकेर जिले के गोमे और गट्टाकाल के बीच नक्सलियों ने एक साथ छह आईईडी धमाके किये जिसमें बीएसएफ का एक एएसआई घायल हो गया है जबकि पुलिस के कुछ जवान घायल हुए हैं। बीजापुर में भी नक्सलियों से मुठभेड़ की खबर है। एक नक्सली को मार गिराया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में में सुरक्षाबलों की एक टीम सर्च अभियान पर निकली  थी जब आईईडी ब्लास्ट हुए। अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक नक्सलियों ने एक साथ छह आईईडी ब्लास्ट कर दिए। इन धमाकों के बाद सुरक्षा बालों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गयी जो  अभी तक जारी है।
नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग जारी है। घायल बीएसएफ जवान को अंतागढ़ अस्पताल ले जाया जा रहा है। इस जवान का नाम महेंद्र कुमार बताया गया है। ब्लास्ट में जिला पुलिस के जवानों के भी घायल होने की खबर सामने आ रही है। बीएसएफ के आईजी जयभगवान सांगवान ने घटना की पुष्टि की है।
चुनाव की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ में करीब एक दर्जन नक्सली हमले हुए हैं। विधानसभा चुनाव का नक्सली लगातार विरोध कर रहे हैं और चुनाव ड्यूटी पर जाने वाले कर्मियों और सुरक्षाबलों को निशाना बना रहे हैं। पिछले दिनों नक्सलियों ने दूरदर्शन के एक कैमरामैन की भी हत्या कर दी थी। कुछ ही दिन पहले नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में सीआईएसएफ जवानों से भरी ऐन निजी बस को भी उड़ा दिया था जिसमें एक जवान सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी।

जीएसटी, नोटबंदी आर्थिक वृद्धि के सबसे बड़े रोड़ा : राजन

नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर मोदी सरकार भले इसे देश के लिए लाभकारी बता रही है, रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने नोटबंदी और जीएसटी को देश की आर्थिक वृद्धि में बड़ा रोड़ा बताकर सरकार के दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजन ने साफ़ कहा है कि सात प्रतिशत की मौजूदा वृद्धि दर बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती है।
राजन ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से पहले २०१२ से २०१६ के बीच चार साल के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि दर तेज रही थी। लेकिन उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी दो झटकों की तरह आये और इनने देश की आर्थिक वृद्धि पर गंभीर विपरीत असर डाला। ”देश की वृद्धि दर ऐसे समय में गिरने लगी जब वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर गति पकड़ रही थी”।
राजन ने कहा कि जिस तरह के लोग श्रम बाजार से जुड़ रहे हैं उनके लिये सात प्रतिशत वृद्धि दर  पर्याप्त नहीं है। ”हमें अधिक रोजगार सृजित करने की जरूरत है। हम इस स्तर पर संतुष्ट नहीं हो सकते हैं”।
रिपोर्ट्स के मुताबिक राजन ने वैश्विक वृद्धि के प्रति भारत के सेंसिटिव होने के तथ्य को कबूल किया और कहा कि भारत अब काफी अपन इकॉनमी है। ”यदि दुनिया में दर वृद्धि होती है तो भारत भी वृद्धि करता है। लेकिन साल २०१७ में दुनिया में वृद्धि के गति पकड़ने के बाद भी भारत की रफ्तार सुस्त पडी रही जिससे पता चलता है कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे झटके बड़े झटके थे जिन्होंने हमारी गति में रोड़ा अटका दिया”। राजन ने कहा कि २५ साल तक सात प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर बेहद मजबूत वृद्धि है लेकिन कुछ मायनों में यह भारत के लिये वृद्धि की नयी सामान्य दर बन चुकी है जो कि पहले साढ़े तीन प्रतिशत हुआ करती थी।

पटना में कुशवाहा महासंघ कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

लोक सभा चुनाव से पहले एनडीए के बीच बिहार में बड़ी खटपट हो गयी है। अभी तक उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी ने सीटों को लेकर कोइ हामी नहीं भरी है और शनिवार को पटना में  नीतीश कुमार की पुलिस ने अखिल भारतीय कुशवाहा महासंघ के कार्यकर्ताओं जिनमें महिलाएं भी हैं, पर जमकर लाठियां भांज दीं। यह कार्यकर्ता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपेंद्र कुशवाहा को ”नीच” बताने वाली टिप्पणी का विरोध करने के लिए मार्च निकाल रहे थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश की टिप्पणी के विरोध में अखिल भारतीय कुशवाहा महासंघ ने पटना में राजभवन तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए गांधी मैदान के जेपी गोलंबर से डाक बंगला चौराहा पहुंचे और वहां ट्रैफिक जाम किया। उसी समय पुलिस ने उन पर जमकर लाठियां बरसा दीं जिसमें एक दर्जन कार्यकर्ता घायल हो गए। इस लाठीचार्ज के बाद बिहार में राजनीतिक बबाल मच गया है।

निजी टीवी चैनल ”इण्डिया टुडे” के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुशवाहा से जुड़े सवाल के जवाब में कहा था कि ”बातचीत के स्तर को नीचे मत ले जाइए”। उपेंद्र कुशवाहा अपने लिए इस टिप्पणी से बहुत खफा हो गए और आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने उन्हें ”नीच” कहा है। उन्होंने कहा – मैं नीतीश कुमार को बड़ा भाई मानता हूं, लेकिन उन्होंने मुझे नीच क्यों कहा? जबकि हम दोनों ही लवकुश समाज से आते हैं।

कुशवाहा ने कहा कि जब तक नीतीश कुमार सार्वजनिक रूप से इस पर अपना स्पष्टीकरण नहीं देंगे, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। विरोध में अखिल भारतीय कुशवाहा महासंघ ने पटना में प्रदर्शन किया। नीतीश कुमार के खिलाफ ”मुर्दाबाद” के नारे भी लगे। और बाद में पुलिस ने विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां भांज डालीं। पुलिस का आरोप है कि भीड़ की तरफ से उसपर पथराव किया गया।

छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार थमा

नक्सली घटनाओं और मुख्य दलों के ताबड़तोड़ प्रचार के बाद आखिर छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में प्रथम चरण के मतदान के लिए शनिवार शाम चुनाव प्रचार खत्म हो गया। इस प्रचार में पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा क्षेत्रीय दलों के नेता प्रचार में जुटे।

कांग्रेस के लिए प्रचार की कमान अध्यक्ष राहुल गांधी ने संभाले रखी जबकि भाजपा के स्टार प्रचारक रहे पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह। प्रचार के आखिरी दिन राहुल गांधी ने शनिवार को तीन  रैलियां सम्बोधित कीं जबकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जनसभा के अलावा रोड शो भी किया।

छत्तीसगढ़ में मुकाबला देखते हुए भाजपा ने हिन्दुतवा की छवि वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी चार जनसभाएं कीं। योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोरमी, मुंगेली, साजा और कवर्धा में चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया।

छत्तीसगढ़ में पहले चरण का मतदान १२ नवंबर को कुल १८ सीटों पर होना है। इन १८ सीटों पर  भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्या मुकाबला है हालाँकि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस पार्टी भी मैदान में है जिसे मायावती की बसपा का भी समर्थन है।

श्रीलंका संसद भंग करने का विरोध किया विक्रमसिंघे ने

श्रीलंका में राजनीतिक संकट के बीच राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के २२५ सदस्यीय संसद को भंग करने के फैसले का पद से हटाए गए पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की पार्टी ने जोरदार विरोध किया है। पार्टी ने राष्ट्रपति के फैसले को लोगों के अधिकार छीनने वाला फैसले बताया है।

गौरतलब है कि शुक्रवार रात राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने  देश की संसद को भंग कर दिया था।  राष्ट्रपति के ऐलान के बाद शुक्रवार मध्यरात्रि १२ बजे संसद भंग हो गयी। देश में संसदीय चुनाव के लिए नामांकन १९ से २६ नवंबर तक दाखिल किए जाएंगे। सम्भावना है कि चुनाव ५ जनवरी को होंगे।

राष्ट्रपति ने नई संसद की बैठक आयोजित के लिए १७ जनवरी की तारीख तय कर दी है।

हालांकि सिरिसेना का संसद को भंग करने का कदम निर्धारित संसदीय चुनाव से डेढ़ साल पहले ही उठा लिया है। संसद का कार्यकाल अगस्त २०२० में पूरा होना था। कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक संसद भंग करने का फैसला १९वें संशोधन के हिसाब से असंवैधानिक है जिसके अनुसार राष्ट्रपति साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले प्रधानमंत्री को बर्खास्त नहीं कर सकते या संसद को भंग नहीं कर सकते।

उधर इस फैसले का विरोध करते हुए पद से हटाए गए पीएम विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाली यूनाइटेड नेशनल पार्टी ने एक बयान में कहा – ”हम जोरदार तरीके से संसद को भंग करने के फैसले का विरोध करते हैं। उन्होंने लोगों से उनके अधिकार छीन लिए हैं”।

याद रहे एक हैरानी भरे फैसले में राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने पहले प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद उन्होंने उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी महेंद्रा राजपक्षे को देश का प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था। इसके बाद देश में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था।

तिवारी की केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर

राजधानी दिल्ली में बने ”सिग्नेचर ब्रिज” के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुआ हंगामा अब बड़े राजनीतिक झगड़े में तब्दील हो गया है। शनिवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष और संसद मनोज तिवारी ने इस उदघाटन पर हुए हंगामे को लेकर खुद पर हमले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप के विधायक अमानतुल्लाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने मनोज तिवारी की शिकायत पर आईपीसी की ६ धाराओं ३२३  (मारपीट करना), ५०६ (जान से मारने की धमकी देना), ३०८ (चोट पहुंचाना), १२०बी (आपराधिक षड़यंत्र रचना), ३४१ (रास्ता रोकना), ३४ (कॉमन इंन्टेशन) जैसी संगीन धाराओं में एफआईआर की है। हालांकि अमानतुल्लाह ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ”दबाव” में काम कर रही है।

एफआईआर दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने घटना की जांच शुरू कर दी है। सम्भावना है कि क्राइम ब्रांच अमानतुल्लाह से पूछताछ कर सकती है।

उधर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद वरिष्ठ आप नेता संजय सिंह ने ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा है कि ”दिल्ली पुलिस ने अपना ज़मीर बेच दिया है। भाजपाई नेताओं से जूते खाने के बाद भी उनके सामने घुटने टेकने वाली दिल्ली पुलिस को कोर्ट में बताना होगा @KhanAmanatullah पर ऐसी संगीन धाराएँ किसके कहने पर लगाई गई? पुलिस अधिकारी को पीटने वाले मनोज तिवारी पर एफआईआर क्यों नहीं?

”सिग्नेचर ब्रिज” के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुआ हंगामा इस तरह एक बड़ी राजनीतिक जंग में बदल गया है। भाजपा और आप दोनों इस मामले में आमने-सामने हैं।

मैं झूठे वादे नहीं करता : राहुल

छत्तीसगढ़ चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को फिर हुंकार भरी। उन्होंने मोदी सरकार पर हमले जारी रखे और प्रचार के आखिरी दिन कांकेर में भाषण से पहले राजनंदागांव में गुरूद्वारे में  मत्था टेका। वे गुरूद्वारे में एक बच्ची  को गोद में उठाये भी दिखे। उन्होंने बाद में चुनाव सभा में  राज्य की जनता से कांग्रेस को मौका देने की अपील की।

कांकेर में अपनी लगातार दूसरी रैली में कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। नोटबंदी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मोदी को घेरते हुए राहुल ने कहा कि वह (पीएम) अब नोटबंदी और जीएसटी के बारे में नहीं बोलते। राहुल ने राफेल डील के मुद्दे से भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने १२ लाख करोड़ रुपये १५ अमीर उद्योगपतियों को दे दिए। उन्होंने अंबानी को ३० हजार करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा – पीएम ने देश के खजाने की कुंजी उद्योगपतियों को दी हम इसे पिछड़ों, कमजोरों, दलितों और महिलाओं को देना चाहते हैं। मोदीजी १५ लोगों पर विश्वास करते हैं और हम देश के करोड़ों लोगों पर भरोसा करते हैं”।

पीएम मोदी पर सीधा आकर्मण करते हुए राहुल ने कहा कि पीएम मोदी अब चुप हो गए हैं और नोटबंदी या जीएसटी की बात नहीं करते। ”अब चौकीदार भ्रष्टाचार की बात नहीं करते, वह भ्रष्टाचार या रोजगार की बात नहीं करते। मैंने एक भी झूठा वादा आज तक नहीं किया है, चाहे वह किसी बिल की बात को या कर्जमाफी की। जो मैंने कहा है, मैं करके दिखाता हूं क्योंकि मैं जनता का सम्मान  करता हूं”।

अपने भाषण में राहुल ने मुख्यमंत्री रमन सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीएम रमन सिंह ने आदिवासी बिल लागू नहीं होने दिया, हम सरकार बनते ही इसे लागू करेंगे और किसानों और गरीबों को उनका हक मिलेगा। ”हम चाहते हैं कि प्रदेश के हर व्यक्ति को लगे कि यह कांग्रेस पार्टी की सरकार नहीं, मेरी सरकार है और इसमें मेरी आवाज सुनाई देती है”।

इससे पहले राहुल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ गुरुद्वारे पहुंचे और मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। इस दौरान राहुल गांधी ने एक बच्ची को गोद में भी उठाया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों को राहुल गांधी के साथ सेल्फी लेते भी देखा गया।

पाक का सीजफायर उल्लंघन, जवान शहीद

जम्मू संभाग के राजौरी के सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की नाकाम कोशिशों के बाद शनिवार को इस इलाके में पाकिस्तान की फायरिंग में सेना का एक जवान शहीद हो गया। पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर उल्लंघन के चलते सीमा पर तनाव बना हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सुंदरबनी सेक्टर में शनिवार सुबह हुए हमले में सेना का एक जवान शहीद हो गया। पुंछ के भिंबर गली सेक्टर में भी शुक्रवार को सीजफायर उल्लंघन से बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया था। इससे पहले पाक की ओर से सुंदरबनी में घुसपैठ की कोशिश की गई थी जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया था।

राजौरी के सुंदरबनी सेक्टर में शनिवार सुबह 9:45 बजे पाकिस्तान ने सीजफायर उल्लंघन किया। पाक के हमले में सेना का एक जवान घायल हो गया और बाद में वह शहीद हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से किए गए स्नाइपर शॉट का शिकार जवान उस वक्त हुआ जब जवानों की टुकड़ी सीमा पर गश्त कर रही थी। इससे पहले शुक्रवार को भी स्नाइपर शॉट में बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया था। गौरतलब है कि पिछले महीने दो पाकिस्तानी घुसपैठियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया था।

कर्नाटक में टीपू सुलतान पर राजनीति

भाजपा के विरोध के बवजूद शनिवार को कर्नाटक सरकार ने टीपू सुलतान की जयन्ती मनाए। हालाँकि भाजपा ने राज्य भर में इस आयोजन का विरोध किया जिसके फलस्वरूप पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा कार्यकर्ता कर्नाटक सरकार टीपू जयंती समारोह के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा के विरोध प्रदर्शन के चलते आम जनजीवन पर काफी असर पड़ा है। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे भाजपा के कई नेताओं को हिरासत में लिया है। कोडागु, चिकमंगलुरु, चित्रदुर्ग, मांड्या और धारवाड़ जिलों में इसका ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। वहां दो दिन के लिए धारा-१४४ लगा दी गई है।

उधर सूबे के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने निजी कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार को ही टीपू जयंती समारोह से किनारा कर लिया था। भाजपा ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सत्ता जाने के डर से कुमारस्वामी इस समारोह में शामिल नहीं हो रहे। भाजपा टीपू सुल्तान की जयंती का विरोध कर रही है। भाजपा ने कहा है कि टीपू सुल्तान एक हिंदू विरोधी था जिसने हजारों हिंदुओं की हत्या कर दी थी। उस टीपू को कांग्रेस और जेडीएस हीरो बना रही है और उसका श्राद्ध मना रही है।

भाजपा प्रदर्शन को देखते  कोडागू और विराजपत सहित कई इलाकों में सड़कें सूनी दिखीं। लोग जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे हैं। भाजपा प्रदर्शन देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। फिलहाल आंदोलन के दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

छत्तीसगढ़ में विकास की बहार : शाह

भाजपा ने छत्तीसगढ़ के लिए शनिवार को अपना चुनाव घोषणापत्र जारी क्र दिया जिसमें पार्टी ने कहा है कि पिछले १५ साल में भाजपा के रमन सरकार ने सूबे को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। घोषणा पत्र में ज्यादातर रमन सरकार की उप्लाभ्दियों का जिक्र किया गया है।

रिपोट्स के मुताबिक शनिवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यह घोषणा पत्र जारी किया जिसे पार्टी ने संकल्प पत्र का नाम दिया है। छत्तीसगढ़ में १२ नवम्बर को पहले चरण का मतदान होना है। चुनाव प्रचार पर आये शाह ने घोषणा पत्र जारी करते हुए रमन सरकार की उपलब्धियां गिनवाईं। शाह  ने चौथी बार भाजपा सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि १५ साल के दौरान रमन सरकार ने  छत्तीसगढ़ को शिक्षा और स्वास्थ्य का हब बना दिया।

शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह झूठा प्रचार कर जनता को गुमराह कर रही है। ”रमन सिंह की  भाजपा सरकार ने गरीबों और पिछड़ों का हक दिलाया। छत्तीसगढ़ ऐसा पहले राज्य था जिसने स्किल डवलेपमेंट को लेकर कानून लाया”। उन्होंने कहा कि रमन सरकार ने न सिर्फ राज्य की तस्वीर बदल दी बल्कि नक्सलवाद पर सफलतापूर्वक काबू पाया।

छत्तीसगढ़ की नक्सल प्रभावित १८ विधानसभा सीटों पर १२ नवंबर को वोट पड़ने हैं। दूसरे दौर का मतदान २० नवंबर को होना है। इस बीच शाह ने पने चुनाव प्रचार के दौराम मुख्यमंत्री के हलके में शनिवार को रोड शो भी किया जिसमें बड़ी संख्या भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।