Home Blog Page 1273

पीएम चौकीदार नहीं, भागीदार : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोक सभा में अविश्वास प्रस्ताव पर कहा कि मोदी सरकार जुमलों की सरकार है। आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधि ने सदन में अपना जो दुःख बताया है वह पूरे देश का दुःख है। राहुल ने कहा कि जुमलों की सरकार का पहला उदहारण हरेक के खाते में १५ लाख डालना था। लेकिन हुआ क्या।

दूसरा जुमला था हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार का वादा। लेकिन पिछले चार साल में सिर्फ ४ लाख लोगों को रोजगार मिला। राहुल ने कहा यह मेरे नहीं लेबर ब्यूरो के आंकड़े हैं। जीएसटी ने छोटे व्यापारी को बरबाद किया। आपने बेरोजगारी फैला दी इससे और गरीबों की जेब में हाथ डालकर  उनका पैसा लूट लिया। जियो के इश्तहार पर पीएम का फोटो आ चुका है। यह वो शक्तियां हैं जो  इनकी मदद करती हैं। १०-२० बड़े बिजनसमैन हैं जिनकी यह मदद करते हैं। गरीबों के लिए आपके दिल में जगह नहीं है।

पीएम ने कहा था मैं देश का चौकीदार हूँ। मैं पीएम नहीं चौकीदार हूँ । लेकिन जब अमित शाह के पुत्र जयंत शाह पर आरोप लगा और कहा गया कि पीएम के मित्र (अमित शाह) के बेटे की आमदन एक महीने में १६००० गुना बढ़ा गयी तो पीएम चुप रहते हैं। इस बीच स्पीकर ने कहा जो सदन में नहीं उनकी नाम कार्यवाही से हटाने होंगे।

राहुल ने राफेल डील पर कहा डिफेंस मिनिस्टर यहाँ बैठी हैं। कहा था देश को जहाज की कीमत बताउंगी। डिफेन्स मिनिस्टर ने बाद में साफ़ बोला कि आंकड़ा नहीं दे सकती। क्योंकि दोनों देशों में सीक्रेट समझौता है। मैं फ्रांस के राष्ट्रपति से मिला। मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने साफ़ कहा ऐसा कोइ सम्झौटा नहीं। जाओ पूरे देश को बताओ। राहुल ने कहा सीधे देश के पीएम के दबाव में आकर रक्षा मंत्री ने देश से झूठ बोला। पूछा – क्यों और किसकी मदद हो रही, देश को बताइये।

इस बीच भाजपा के विरोध के बाद स्पीकर ने कहा कि रक्षा मंत्री को वे अपना पक्ष रखने का अवसर देंगी। राहुल ने कहा कि रक्षा मंत्री ने देश से झूठ बोला। राहुल ने कहा दुनिया जानती है कि देश के पीएम किसके निकट हैं। राफेल डील पर देश को बताया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ”राफेल हवाईजहाज की हमारी डील में इसका दाम 520 करोड़ रुपये था, मगर पता नहीं क्या हुआ प्रधानमंत्री जी फ्रांस गये और जादू से हवाईजहाज का दाम 1650 करोड़ रुपये हो गया।”

पीएम एक्सप्लेन करें क्यों एचएएल से वापस लिया। पीएम को बताना चाहिए। मैं जनता हूँ पीएम मुस्कुरा रहे हैं। वे मेरी आँखों में झाँक नहीं पा रहे।

पीएम चौकीदार नहीं भागीदार हैं : राहुल

इस बीच भाजपा के अनंत कुमार ने राहुल के आरोप पर कहा कि वे ऐसा नहीं कर सकते। यह नियमों के खिलाफ है। पर राहुल ने कहा कि मैंने देश के सामने रख दिया है। राहुल ने कहा पीएम चौकीदार नहीं भागीदार हैं। हमारे पीएम चाइना के पीएम के साथ झूला झूल रहे थे तब चीन के सैनिक डोकलाम में घुसपैठ कर रहे थे। पीएम बिना एजेंडा चीन जाते हैं और डोकलाम पर चुप रहते हैं। आपमें दम नहीं है। हमारे सैनिक देश की रक्षा करते हैं आप झूला झूलते हैं। आप देश के गिनती के अपने मित्रों का कर्जा माफ़ करते हैं और अपने दोस्तों की जेब में पैसा डालते हैं।

इस बीच स्पीकर ने नसीहत देते हुए तथ्यों के साथ बोलने को कहा। उन्होंने कहा सब को बोलने का अधिकार है तथ्यों के साथ बोलने पर रोक नहीं। अनंत कुमार ने कहा राहुल जो बोल रहे उसके तथ्य सदन में रखने चाहियें। इस समय सदन में हंगामा देखने को मिला।

हंगामे के बीच स्पीकर ने सदन को स्थगित किया। पौने दो बजे तक सदन स्थागित किया।

स्पीकर ने सदन दोबारा शुरू होने पर कहा कि डीबेट अच्छी तरह से हो। राहुल से कहा आप नाम लेकर  आरोप लगाएं तो मंत्री को भी बोलने का अधिकार मिलता है। मैं सदन में इतने साल से हूँ। मैंने बड़े लोगों को सदन में बोलते सुना है। आरोप जिसपर हैं तो उसे बोलने का अधिकार है। सीधा डिफेंस मिनिस्टर पर आरोप हैं तो उन्हें बोलने का अधिकार देना होगा। आरोप के प्रूफ भी देने पड़ते हैं। गलत बात जहाँ होगी उसे कार्यवाही से हटाना होगा। भाषा और डेकोरम बनाकर रखें। पीएम के खिलाफ आंकड़े जो रखे हमें नहीं मालुम कितने सच। बाद में भाषण देखकर फैसला करूंगी।

राहुल ने दुबारा बोलना शुरू किया। किसानों के कर्ज माफी की बात उठाई। कर्नाटक सरकार ने एक ही बार में जो पीएम ने दिया उससे कहीं ज्यादा दिया। इसके बाद महिलाओं के लिए कहा कि एक विदेशी पत्रिका ने देश में महिलाओं की दुर्दशा के बारे में लिखा। हज़ारों साल से ऐसा नहीं हुआ। अब पहली बार देश की सरकार अपनी महिलाओं की इज्जत नहीं बचा पा रही। गैंग रेप होता है। देश की दुनिया में खराब छवि बन रही है। जहाँ भी देखो रेप की ख़बरें आ रही हैं। उनपर पूरे देश में अत्याचार हो रहा। दलितों, गरीबों, आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे हैं। प्रधानमंत्री चुप रहते हैं। इससे देश की छवि खराब हो रही।

लगातार आक्रमक भाषण देते हुए राहुल ने कहा देश में जिस किसी को उठकर पीट दिया जाता है। पीएम चुप रहते हैं। इस बीच भाजपा के अनुराग ठाकुर और अन्य सदस्य शोर करने लगे। स्पीकर ने सबको चुप रहने को कहा। राहुल ने कहा जब ऐसी बात होती है फ़र्ज़ बनता है देश को बताएं। सत्तापक्ष का शोर चलता रहा। राहुल ने कहा जब भी किसी को पीटा, कुचला जाता है तो यह अंबेडकर  के संबिधान पर हमला होता है। जब आपके मंत्री संबिधान को बदलने की बात करते हैं तो देश के संबिधान की इंसल्ट करते हैं। हम ऐसा नहीं होने देंगे।

राहुल ने कहा कि पीएम और शाह अलग-अलग व्यकितत्व हैं। लेकिन एक चीज में दोनों एक जैसे हैं। दोनों सत्ता हारना नहीं चाहते। अभी जब स्थगन के दौरान में अंदर गया तो भाजपा के ही सदस्यों ने मुझे मेरी स्पीच पर बधाई दी। यही फीलिंग पूरे देश में है। अब अगले चुनाव में हम सब मिलकर प्रधानमंत्री को हराने जा रहे हैं। मेरे दिल में पीएम के खिलाफ गुस्सा है या नफरत नहीं है। मैं तो पीएम, भाजपा और आरएसएस का आभारी हूँ जिन्होंने मुझे हिन्दुस्तानी होने का अर्थ समझाया। वे लाठी मारें, झूठ बोले लेकिन देश के प्रति प्यार होना चाहिए। आपने मुझे हिन्दू होने का मतलब समझाया। आपने मुझे शिबजी का मतलब समझाया। आपका धन्यवाद। यह हमारे देश का इतिहास है। भाजपा को कहा – आपके लिए मैं पप्पू हूँ, लेकिन मेरे दिल में आपके लिए नफरत नहीं। मैं कांग्रेस हूँ। आपके दिल से नफरत बाहर निकालूंगा। आप सबको कांग्रेस में बदलूंगा।

राहुल गांधी के गंभीर आरोपों का रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 25 जनवरी 2008 को फ्रांस के साथ सीक्रेसी अग्रीमेंट कांग्रेस की ही सरकार ने किया था, हम तो इसे आगे बढ़ा रहे हैं। इस अग्रीमेंट में राफेल डील भी शामिल है। रक्षा मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी उस समय तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने फ्रांस की सरकार के साथ सीक्रेसी अग्रीमेंट्स किया था। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के अध्यक्ष जब फ्रेंच प्रेजिडेंट से मिले तो क्या बात हुई, नहीं पता। आपको बता दें कि पूरा मामला राफेल की कीमत को लेकर है। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने प्लेन की कीमत बढ़ा दी।

रक्षा मंत्री ने आगे फ्रेंच प्रेजिडेंट द्वारा एक भारतीय मीडिया समूह को दिए इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा, ‘सवाल का जवाब देते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति ने साफ कहा था कि आपके साथ (भारत से) कॉमर्शल अग्रीमेंट्स हैं और आपके पास प्रतिद्वंद्वी भी हैं और ऐसे में हम आपको डील की डीटेल नहीं दे सकते हैं।’

राहुल ने कहा कि कुछ ही दिन पहले एक नया जुमला स्ट्राइक हुआ। ये एमएसपी का जुमला था। प्रधानमंत्री ने पूरे देश में 10 हजार करोड़ का फायदा दिया है और कर्नाटक की सरकार ने सिर्फ एक प्रदेश में 34000 करोड़ रुपये का फायदा दिया। उन्होंने कहा कि किसान कहता है प्रधानमंत्री जी आपने हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों का ढाई लाख करोड़ का कर्जा माफ किया हमारा भी थोड़ा कर्ज माफ कीजिये। लेकिन वित्त मंत्री कहते हैं नहीं किसानों का कर्जा माफ नहीं होगा।

अपना भाषण ख़त्म करके राहुल प्रधानमंत्री के पास गए और कुछ शब्द कहे और लौटे। मोदी ने उन्हें वापस आने का इशारा किया। फिर लौटे राहुल मोदी के गले मिले और उनसे हाथ मिलाया। मोदी ने भी मुस्कुरा कर उनकी पीठ पर हाथ रखा।

राहुल के खिलाफ विशेषधिकार हनन का नोटिस देगी भाजपा

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया है कि राहुल के खिलाफ पार्टी सदन में विशेषधिकार हनन का नोटिस देगी। उन्होंने राफेल पर राहुल के आरोपों को संसदीय नियमों का उल्लंघन बताया और कहा कि उनके आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं। कहा कि राहुल ने नियमों को पानी में बहा दिया।

उधर सदन में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश को भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास है। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को देश की जनता के बहुमत का मजाक बताया। कहा जिस नेता के कहने पर लोगों लोगों ने एलपीजी सिलिंडर गरीबों को देने के लिए सब्सिडी छोड़ दी। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा कुछ कष्टों के बावजूद भाजपा और मोदी पर है। उनसे पहले समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव ने भी कुछ मुद्दों पर सरकार की खिंचाई की।

अब हो सकता है कि अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के समय कांग्रेस सदन से वाकआउट करे क्योंकि टीडीपी का अविश्वास प्रस्ताव आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जे पर था।

अविश्वास प्रस्ताव : सेना वोटिंग में हिस्सा नहीं लेगी, बीजू जनता दल ने वाकआउट किया

शिव सेना नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रताव पर वोटिंग में हिस्सा नहीं लेगी। शिव सेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने पार्टी की बैठक के बाद मीडिया के लोगों से बातचीत में यह जानकारी दी। सेना के फैसले से भाजपा को झटका लगा है क्योंकि सेना भाजपा सर्कार में लम्बे समय से भाजपा की सहयोगी रही है। हालाँकि दोनों के बीच रिश्तों में पिछले कुछ समय से खटाई दिखने को मिली है। जून में लोक सभा के उपचुनाव में भी शिव सेना भाजपा के खिलाफ माराष्ट्रा में लड़ी थी। राउत ने कहा की सबको मालुम है कि सरकार क्या कर रही है। उन्होंने कहा की वोटिंग के समय सेना सदन से अनुपस्थित रहेगी। हालाँकि सेना नेता ने कहा कि सेना सरकार में बनी रहेगी।

बीजू जनता दल ने सदन से वाकआउट किया। इसके एक सदस्य ने कहा कि १० साल यूपीए और ४ साल भाजपा का राज लोगों की उम्मीदों के खिलाफ रहा और इससे ओडिसा की जनता का कोइ भला नहीं हुआ लिहाजा पार्टी चर्चा में हिस्सा नहीं लेगी।

बीजेडी के २० संसद हैं। कांग्रेस ने चर्चा का समय बढ़ने की मांग की लेकिन स्पीकर ने कहा कि पहले से तय समय के मुताबिक ही चर्चा होगी यानी करीं ६ घंटे। शाम ६ बजे अविश्वास मत पर वोटिंग होगी। मत पर चर्चा शुरू हो गयी है।

मोदी 4 साल में 84 देश गए ; 1,484 करोड़ रुपये हुए ख़र्च

जून 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 84 देशों की यात्रा के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर 1,484 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ विदेश मामलों के राज्य मंत्री वीके सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा में यह जानकारी दी।

आंकड़ों के अनुसार, 15 जून, 2014 और 10 जून, 2018 के बीच की अवधि के दौरान प्रधानमंत्री के विमान के रखरखाव पर 1088.42 करोड़ रुपये और चार्टर्ड उड़ानों पर 387.26 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. हॉटलाइन पर कुल व्यय 9.12 करोड़ रुपये का हुआ।

भाषा की एक ख़बर के मुताबिक़ नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से 42 विदेशी यात्राओं में कुल 84 देशों का दौरा किया।

सिंह द्वारा प्रदान किए गए विवरण में 2017-18 और 2018-19 में उनकी विदेशी यात्राओं के दौरान हॉटलाइन सुविधाओं पर हुआ खर्च शामिल नहीं है। वर्ष 2018-19 में यात्राओं के लिए चार्टर्ड उड़ानों की लागत भी शामिल नहीं है।

वीके सिंह के अनुसार, प्रधानमंत्री ने 2015-16 में अधिकतम 24 देशों का दौरा किया और वर्ष 2017-18 में 19 तथा 2016-17 में 18 देशों का दौरा किया।

वर्ष 2014-15 में, पीएम मोदी ने 13 देशों का दौरा किया, जिसमें प्रधानमंत्री के बतौर जून 2014 में उन्होंने पहला दौरा भूटान का किया था।

पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ 2018 में मोदी ने 10 देशों का दौरा किया, जिसमें उनका अंतिम दौरा पिछले महीने का चीन रहा।  वर्ष 2014-15 में विदेशी गंतव्यों के लिए चार्टर्ड उड़ानों की लागत 93.76 करोड़ रुपये थी, जबकि वर्ष 2015-16 में यह लागत 117 करोड़ रुपये थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2016-17 में, लागत 76.27 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2017-18 में, चार्टर्ड उड़ान पर खर्च 99.32 करोड़ रुपये था।

मॉब लिंचिंग के खिलाफ कार्रवाई राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी : राजनाथ सिंह

देश में भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या करने की घटनाएं अफवाह फैलने, फेक न्यूज और अपुष्ट खबरों के फैलने के कारण घटती हैं। ऐसे में राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे प्रभावी कार्रवाई करें क्योंकि कानून और व्यवस्था राज्यों का विषय है। यह बात केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोक सभा में कही।

राजनाथ ने कहा ऐसे मामले दुर्भाग्यपूर्ण हैं और केंद्र भी ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिये प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने ये भी बताया कि मॉब लिंचिंग पर रोकथाम के लिए सोशल मीडिया सेवा प्रदाताओं से भी फर्जी समाचार पर रोक लगाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।

लोकसभा में आज शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के के. सी. वेणुगोपाल ने भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या करने के बढ़ते मामलों और असहमति के स्वर को दबाने का विषय उठाया और सरकार से जुड़े लोगों पर ऐसी घटनाओं का समर्थन करने का आरोप लगाया।

इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सचाई है कि कई प्रदेशों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं घटी हैं। इसमें कई लोगों की जानें भी गई है। लेकिन ऐसी बात नहीं है कि इस तरह की घटनाएं विगत कुछ वर्षों में ही हुई हैं। पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं।

उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग में लोग मारे गए हैं, हत्या हुई और लोग घायल हुए हैं, जो किसी भी सरकार के लिये सही नहीं है।

“हम ऐसी घटनाओं की पूरी तरह से निंदा करते हैं।’’ गृह मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं अफवाह फैलने, फेक न्यूज और अपुष्ट खबरों के फैलने के कारण घटती हैं। ऐसे में राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे प्रभावी कार्रवाई करें क्योंकि कानून और व्यवस्था राज्यों का विषय है।

सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में केंद्र सरकार भी चुप नहीं है। इससे पहले भी साल 2016 में परामर्श जारी किया था और जुलाई के पहले सप्ताह में भी परामर्श जारी किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ सोशल मीडिया पर फेक न्यूज के बारे में हमने सोशल मीडिया सेवा प्रदाताओं से अपनी प्रणाली में फर्जी समाचार पर रोक लगाने की व्यवस्था करने को कहा है।’’ उन्होंने कहा कि हम ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बारे में संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सीधे सम्पर्क में रहते हैं और जो भी अपराधी है, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सिंह के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।

इससे पहले भीड़ द्वारा हत्या के विषय को उठाते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि संविधान में सभी को समान अधिकार दिया गया है। लेकिन राजनीतिक विरोधियों पर हमले हो रहे हैं, असहमति के स्वर को दबाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने मॉब लिंचिंग पर रोक लगाने के लिये कानून बनाने की मांग की ।

कांग्रेस सदस्य ने कहा कि बातचीत और चर्चा स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को भी सोशल मीडिया पर आलोचना की स्थिति का सामना करना पड़ा।

वेणुगोपाल ने ये भीआरोप लगाया कि मदर टेरेसा से जुड़ी मिशनरिज आफ चैरिटी को भी निशाना बनाया जा रहा है और इसमें सरकार से जुड़ी एजेंसियां शामिल हैं।

ऐ भाई जरा देख के चलो… चले गए कवि नीरज

मानव कवि बन जाता है
तब मानव कवि बन जाता है!
जब उसको संसार रुलाता,
वह अपनों के समीप जाता,
पर जब वे भी ठुकरा देते
वह निज मन के सम्मुख आता,
पर उसकी दुर्बलता पर जब मन भी उसका मुस्काता है!
तब मानव कवि बन जाता है!
– गोपालदास “नीरज”

प्रख्यात हिंदी कवि गोपाल दास नीरज नहीं रहे। लंबी बीमारी के बाद गुरुवार शाम वे इस नश्वर संसार को अलविदा कह गए। लेकिन वे मरे नहीं हैं, अपने शब्दों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।

नीरज ९३ साल के थे। पिछले मंगलवार तबबयत ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे वेंटिलेटर पर थे और गंभीर होने के बाद उन्हें दिल्ली ”एम्स” में भर्ती किया गया जहाँ उन्होंने इस संसार को अलविदा कह दिया। लंबे समय से नीरज की सेहत खराब चल रही थी।

लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में, हज़ारों रंग के, नज़ारे बन गए जैसे सदाबहार गीत रचने वाले नीरव ने आज मदहोश हुआ जाए रे, मेरा मन मेरा मन मेरा मन, बिना ही बात मुस्कुराए रे, मेरा मन मेरा मन मेरा मन जैसा गीत भी लिखा। और शोखियों में घोला जाये, फूलों का शबाब, उसमें फिर मिलायी जाये, थोड़ी सी शराब, होगा यूं नशा जो तैयार, हाँ…होगा यूं नशा जो तैयार, वो प्यार है भी नीरज ने ही लिखा।

उनका पूरा नाम था गोपाल दास नीरज। देश का तीसरा बड़ा सम्मान ‘पद्मभूषण’ उनके रचनाकर्म के लिए उन्हें साल 2007 में मिला। इससे पहले उन्हें 1991 में ‘पद्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उत्तर प्रदेश का ‘यश भारती’ पुरस्कार भी उन्हें मिला।

नीरज का जीवन भी गज़ब का रहा। क्या नहीं देखा उन्होंने जीवन में। सुख-दुःख सब देखे। पुरावली (इटावा) में जन्में नीरज ने पान और बीड़ी बेची और रिक्शा तक चलाया। धर्म समाज कॉलेज में नौकरी के लिए जब अलीगढ़ आये तब तक एक कवि के रूप में जाने जाने लगे थे। अलीगढ़ उनका स्थाई ठिकाना बन गया। फिर शोहरत का जीवन शुरू हो गया।

मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुक्रवार को

मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को चर्चा और मतदान होगा। इस सरकार के चार साल से अधिक के शासनकाल में पहली बार अविश्वास का प्रस्ताव लाया गया है। सदन में भाजपा के पास जो बहुमत है उसे देखते हुए इस प्रस्ताव के गिर जाने की संभावना है। देश के इतिहास में आज तक 26 बार सरकार के खिलाफ अविश्वास के प्रस्ताव लाए गए लेकिन केवल दो बाद सरकार गिरी।

पहला अविश्वास का प्रस्ताव 1963 में तत्कालीक प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के खिलाफ आया था। यह प्रस्ताव जेवी कृपलानी ने रखा था। उस समय कृपलानी ने किसान मज़दूर प्रजा पार्टी शुरू की थी। यह बाद में सोशलिस्ट पार्टी के साथ मिल गई और इस का नाम प्रजा सोशलिस्ट पार्टी हो गया। कृपलानी के प्रस्ताव पर इसके हक में 62 वोट पड़े और 347 सांसदों ने प्रस्ताव के विरोध में वोट डाले।

नेहरू के बाद लालबहादुर शास्त्री के तीन साल के छोटे से समय में विपक्ष तीन बार अविश्वास प्रस्ताव लाया, लेकिन सफलता कभी नहीं मिली। शास्त्री की मृत्यु के बाद के दो साल इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रहीं। उन दो सालों में उनके खिलाफ दो अविश्वास के प्रस्ताव आए।

यदि रिकार्ड की बात करें तो सबसे ज़्यादा 15 अविश्वास के प्रस्ताव इंदिरा गांधी के खिलाफ आए। सरकार के खिलाफ सबसे ज़्यादा प्रस्ताव मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद ज्योर्तिमय बासु लाए। उनके ये प्रस्ताव इंदिरा सरकार के खिलाफ थे।

अविश्वास  प्रस्ताव पहली बार 1978 में जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ सफल हुआ। उस समय मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री थे। उनके खिलाफ दो बार यह प्रस्ताव आया। 1978 में आए प्रस्ताव पर सरकार गिर गई थी।
नरसिंह राव की सरकार के खिलाफ भी तीन बार अविश्वास के प्रस्ताव आए। अटल बिहारी वाजपेयी ने भी दो बाद इसका सामना किया। पहली बार सरकार गिरी पर दूसरी बार बच गए। 2008 में मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव नाकाम रहा था।

पीठ के फैसले के बावजूद ठप्प है कामकाज, दिल्ली सरकार ने बताया न्यायलय को

दिल्ली में प्रशासन के संबंध में संविधान पीठ के फैसले के बावजूद उसका कामकाज ठप्प पड़ा हुआ है और राज्य सरकार अधिकारियों के तबादले या नियुक्ति के आदेश भी नहीं दे पा रही। ये बताया अरविन्द केजरीवाल सरकार ने न्यायलय को।

न्यायमूर्ति ए . के . सीकरी और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने जवाब में कहा कि न्यायालय को स्थिति का ज्ञान है और चूंकि वह नियमित पीठ नहीं है , वह 26 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगी।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पी . चिदंबरम ने कहा, “सरकार का कामकाज पूरी तरह ठप्प है। संविधान पीठ के फैसले और उसमें सभी पहलुओं पर स्पष्टीकरण के बावजूद हम अधिकारियों की नियुक्ति नहीं कर सकते, उनका तबादला नहीं कर सकते। इन मुद्दों को जल्दी सुलझाने की जरूरत है।”

दिल्ली सरकार की ओर से ही पेश हुई वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि अधिकारी इस संबंध में हलफनामा दायर करने के इच्छुक नहीं थे , इसलिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हलफनामा दायर किया है।

जयसिंह ने कहा , ‘‘ मैं सिर्फ मामला स्पष्ट करना चाहती थी। ’’

भाषा रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन को लेकर विस्तृत दिशा – निर्देश तय किये थे।

उत्तरकाशी बस हादसे में 14 की मौत

उत्‍तराखंड के चंबा-उत्तरकाशी हाइवे पर गुरुवार को राज्य सड़क परिवहन निगम की एक बस के गहरी खाई में गिर जाने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गयी है। इस बस में 30 के करीब यात्री सवार थे। किरगनी के पास यह बस 250 मीटर गहरी खाई में गिर गयी।

हादसे में 16 लोग घायल हो गए हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गयी है । यह हादसा सूर्यधार के पास हुआ जब चालाक के नियंत्रण खो देने से बस करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिर गई। प्रशासन और पुलिस अधिकारी सूचना मिलते ही घटनास्‍थल पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू कर दिए गए। हादसे ही जानकारी मिलने पर कांदेखाल और चम्बा थाना पुलिस के कर्मी मौके पर पहुंच गए और राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और अग्निशमन विभाग की टीमें भी घटना स्थल के लिए रवाना हो गईं ।

मिली जानकारी के मुताबिक सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमें बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं और आठ घायल यात्रियों को खाई से निकाल कर अस्पतालों में भेजा जा रहा है। चम्बा पुलिस लाइन हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर पहुंच चुका है। मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट कर कहा की ”चंबा-उत्तरकाशी मार्ग पर रोडवेज बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुखद सूचना मिली है। हादसे में मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों को तत्काल उपचार के निर्देश दिए हैं। गंभीर रूप से घायलों को हेलीकॉप्टर से एम्स लाने के निर्देश दिए हैं।”

सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रूपये की आर्थिक मदद तुरंत उपलब्ध करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन के टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। घटना की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।

दंतेवाड़ा मुठभेड़ में ७ नक्सली ढेर

पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई ने साझी कार्रवाई कर गुरूवार सुबह छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में ७ नक्सलियों को ढेर कर दिया। यह नक्सली उस समय ढेर किये गए जब सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ के दौरान गुरुवार सुबह उन्हें मार गिराया।

मिली जानकारी के मुताबिक जो सात नक्सली माये गए उनमें तीन महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ में बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर हुई। सूचना मिले पर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई की। जबरदस्त गोलीबारी के बीच ७ नक्सलियों को ढेर कर दिया गया। मौके से पुलिस को भारी मात्रा में नक्सलियों के हथियार भी मिले हैं।

अभी तक किसी सुरक्षा बल के घायल होने की खबर नहीं है। जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ की यह वारदात दंतेवाड़ा में तिमेनार की पहाड़ियों के पीछे गंगालूर थाना क्षेत्र में हुई है। दंतेवाड़ा एसटीएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में गुरुवार तड़के ६ बजे ये मुठभेड़ हुई।

दंतेवाड़ा के नक्सल ऑपरेशन अधिकारियों ने इस मुठभेड़ और इसमें सात नक्सलियों के मरने की पुष्टि की है। मारे गए नक्सलियों के पास से आईएनएसएस राइफल, दो थ्री नॉट थ्री राइफल, एक 12 बोर राइफल और कुछ अन्य हथियार बरामद हुए हैं। नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद इलाके में अलर्ट जारी किया गया है।

काँगड़ा में मिग २१ दुर्घटनाग्रस्त

हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में बुधवार दोपहर एक मिग – २१ दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर है। यह मिग – २१ मेहरा पाली के पास हादसे का शिकार हो गया है। अभी इसके पायलट का कुछ पता नहीं चल पाया है की वो कहाँ है।

यह मिग २१ इंडियन एयरफोर्स का है।

काँगड़ा के पुलिस अधिकारीयों के मुताबिक हादसे से पहले पठानकोट के एयर फाॅर्स बेस से उड़ा था और बाद में इसका स्टेशन से संपर्क टूट गया। अभी तक हादसे के बारे में कोइ और जानकारी नहीं मिल पाई है। काँगड़ा की पुलिस प्रमुख संतोष पटियाल ने हादसे की पुषिट की और कहा कि अधिकारी हादसा स्थल पर पहुँच रहे हैं। जिसके बाद ही ज्यादा जानकारी पता चल पाएगी।

लोगों ने बताया की उन्होंने खेतों में जलता हुआ मलवा देखा है।

जवाली के एसडीएम ने बताया की मिग में कितने लोग सवार थे इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। एसडीएम बलवान चाँद के मुताबिक इंडियन एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टर मौके पर पहुँच गए हैं।