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प्रधानमंत्री की सभा में टेंट गिरा : २५ घायल

पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले में सोमवार दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के दौरान मंच के पास जनता को धुप और बारिश से बचाने के लिए लगाए गए टेंट का बड़ा हिस्सा गिर गया जिसमें २५ से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। मोदी बाद में घायलों का हाल जानने अस्पताल गए।

भाजपा ने इस बात की जांच करने का फैसला किया है की टेंट कैसे गिरा और इसमें किसकी लापरवाही है। यह भाजपा की तरफ से आयोजित कार्यक्रम था। टेंट का हिस्सा गिरने से २५ से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। घायलों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया है हालाँकि बताया जा रहा है की इनमें से दो की हालत गंभीर है।

प्रधानमंत्री की सभा पश्चिम बंगाल के वेस्ट मिदनापुर में थी और भाजपा ने इसे किसान रैली का नाम दिया था। मोदी जब रैली को संबोधित कर रहे थे तभी उनकी सभा के एक हिस्से में पंडाल (टेंट) गिर गया। टेंट गिरते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। इसमें कमसे काम २५ लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत मिदनापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रैली के बाद मोदी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे और जख्मी हुए लोगों से मिल उनका हालचाल जाना। एक घायल महिला को हौसला देते हुए मोदी ने उनके जल्द ठीक हो जाने की प्रार्थना की।
पंडाल उस वक्त गिरा जब मोदी भाषण दे रहे थे। जैसे ही टेंट गिरा और मोदी ने महसूस किया कि इसमें लोग हुए हो सकते हैं उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात एसपीजी के जवानों को घायलों की मदद करने का इशारा किया। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख जताया है और घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से घायलों के इलाज के लिए हर संभव मदद की बात कही है। कांग्रेस और माकपा ने हादसे पर दुःख जताया है।

कुपवाड़ा में आतंकी ढेर, दो सैनिक घायल

राज्यपाल शासन लगने के बाद भी जम्मू कश्मीर में आतंवादियों की घुसपैठ और उनके हमलों में कमी नहीं आई है। सोमवार को कश्मीर के कुपवाड़ा इलाके में आतंवादियों ने हमला कर दिया। सुरक्षा वालों की जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी ढेर हो गया जबकि दो सैनिक घायल हुए हैं।

यह खबर लिखे जाने तक सेना और आतंकियों में मुठभेड़ जारी थी। कुछ दिन पहले कुपवाड़ा के जंगलों में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ सर्च अभियान चला रखा है। सोमवार सुबह शुरू हुई मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर हो गया। उसके पास से एक एके-47 राइफल भी बरामद हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह कुपवाड़ा के साफावाली गली में नियंत्रण रेखा के पास आतंकियों और सुरक्षाबलों में मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ में एक आतंकी को सेना ने मार गिराया। आतंकी के पास से एके-47 राइफल बरामद की गई है। कुछ दिन पहले कुपवाड़ा जिले के जंगलों में आतंकी गतिविधि के इनपुट मिले थे। कुपवाड़ा के हलमतपोरा इलाके के जंगलों में शनिवार को सर्च ऑपरेशन चलाया गया था।

गौरतलब है कि इससे तीन दिन पहले ही कुपवाड़ा में 30 घंटे से अधिक समय तक सेना ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए एक आतंकी को मार गिराया था। इस कार्रवाई के दौरान पैरा स्पेशल फोर्सेज के जवान मुकुल मीणा शहीद जबकि एक जवान घायल हो गया था।

भूस्खलन से चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद

हिमाचल की पर्यटन स्थल मनाली के पास बहुत ज्यादा भूस्खलन होने से इसका देश के बाकी हिस्से से सड़क संपर्क टूट गया है। कुल्लू-मनाली हाईवे पर रांगड़ी में भारी भूस्खलन के चलते कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग -२१ (नेशनल हाईवे) सोमवार को अवरुद्ध हो गया जिसके बाद उस पर यातायात बंद कर दिया गया है। भूस्खलन से किसी जान माल के नुक्सान की खबर नहीं है।

भूस्खलन के चलते सोमवार सुबह 6 बजे से यह रिपोर्ट लिखे जाने तक नेशनल हाईवे बंद है। मार्ग बंद हो जाने से सड़क के दोनों ओर ट्रैफिक जाम लग गया है। फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी हाईवे को बहाल करने में जुटी हुई है। दूसरी ओर मनाली-लेह मार्ग पर जिंगजिंग बार के पास भूस्खलन का दौर जारी है, जिससे पर्यटकों सहित राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले कुछ रोज से जारी बारिश के बाद हिमाचल के कमसे काम तीन दर्जन संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। कुछ जगह बसों के फंसे होने की भी जानकारी मिली है। लगातार हो रही बारिश से राहगीरों और पर्यटकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसके कारण मनाली-कुल्लू मार्ग में भी काफी जोखिम बढ़ गया है। बूढ़ा केंप, रांगड़ी, बांहनु, आलू ग्राउंड, क्लॉथ, 17 मील, 15 मील, पतलीकूहल पुल, डोभी, रायसन सहित अनेक स्थानों पर लगातार पत्थर और मलबा पहाड़ियों से गिर रहा है।

इस बीच कुल्लू प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे जिले के किसी भी हिस्से में जोखिम उठाकर जाने की कोशिश न करें क्योंकि पहाड़ियों से बारिश के कारण लगातार मलवा गिर रहा है।

जल्द ही बढ़ सकता है गरीब रथ के टिकट के दाम बढ़ना तय

सस्ते किराये की सुविधा के साथ शुरू की गई वातानुकूलित ट्रेन गरीब रथ एक्सप्रेस के टिकट के दाम में ही बेडरोल का दाम जल्द ही जोड़ा जा सकता है।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार रेलवे एक दशक पहले तय हुए बेडरोल के 25 रूपये के किराये को भी बढ़ाने पर विचार कर रहा है जिससे किराये में खासी बढ़ोतरी हो सकती है।

अधिकारी के मुताबिक़ कपड़े के रखरखाव की लागत में तीव्र बढ़ावा होने से यह समीक्षा दूसरी ट्रेनों में भी लागू हो सकती है।

गरीब रथ ट्रेनों की तरह दूसरी ट्रेनों में भी बेडरोल की कीमतों में एक दशक में कोई इजाफा नहीं हुआ है।

उप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के कार्यालय से एक नोट आने के बाद यह विचार किया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार इस नोट में पूछा गया था कि गरीब रथ में किराये का पुनरीक्षण क्यों नहीं किया गया और अनुशंसा की कि बेडरोल की लागत को ट्रेन के किराये में शामिल किया जाए।

मुकेश अम्बानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी, ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।

नए इंडेक्स के मुताबिक़ शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की कुल संपत्ति 44.3 अरब डॉलर आंकी गई थी।

रिपोर्ट्स की मानें तो अम्बानी ने अलीबाबा समूह के संस्थापक जैक मा को पीछे छोड़ दिया है जिनकी कुल संपत्ति 44 अरब डॉलर आंकी गई।

इस साल अंबानी की कुल संपत्ति में चार अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई जबकि जैक मा के अलीबाबा समूह को इस साल 1.4 अरब डॉलर का घाटा झेलना पड़ा।

रिलायंस की पेट्रोकैमिकल्स क्षमता दोगुनी करने का फायदा कंपनी के चेयरमैन मुकेश अम्बानी को मिला है।

हाल ही में आयोजित हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज की एजीएम में मुकेश अंबानी ने कहा था कि साल 2025 तक रिलायंस दोगुना हो जाएगा।

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के 100 अरब डॉलर (करीब 6.85 लाख करोड़ रुपये) की कंपनी बनने के बाद अब रिलायंस भी इस क्लब में शामिल हो गई है।

बृहस्पतिवार को शेयर बाजार की तेजी के बाद रिलायंस 100 अरब डॉलर की कंपनी बनने में सफल रही है। इसका बाजार पूंजीकरण करीब 6.89 लाख करोड़ रुपये हो गया।

फीफा वर्ल्ड कप २०१८ : फ्रांस सरताज, फाइनल में क्रोएशिया को ४-२ से हराया

फीफा वर्ल्ड कप 2018 का फाइनल। रूस की राजधानी मॉस्को के लुज्निकी स्टेडियम में फ्रांस और क्रोएशिया के समर्थकों के अलावा बड़ी संख्या में फुटबाल प्रेमियों की भीड़। मैच शुरू होने से पहले सभी को लग रहा था बहुत ज़बरदस्त मुकाबला होगा। शायद पूरे समय तक कोइ भी टीम गोल न कर पाए और एक्स्ट्रा समय या शूट आउट में फैसला हो। लेकिन यह क्या ! मैच के १८ वें मिनट में ही फ्रांस ने पहला गोल कर दिया। हाफ टाइम आते-आते तीन गोल हो चुके थे। पूरे ४४ साल के बाद यह पहला मौका था जब हाफ टाइम से पहले ही तीन गोल हो गए। दूसरे हाफ में भी तीन गोल हुए। और जब मैच खत्म हुआ स्कोर बोर्ड पर अंकित था – फ्रांस : ४, क्रोएशिया : २ गोल। बीस साल के बाद फ्रांस फिर विजेता की पायदान पर खड़ा था। और क्रोएशिया पहली बार फाइनल खेलने के गौरव को भीतर संजोने के बावजूद निराशा के सागर में था। टीवी पर करीब १४९ करोड़ फुटबाल प्रेमियों ने यह मैच देखा।

फ्रांस का पिछले साल में यह तीसरा फाइनल था। १९९८ में वे जीत चुके थे और ४१ लाख की आबादी वाले क्रोएशिया का फाइनल में पहुँचने का यह पहला अवसर था। क्रोएशिया अपने पहले ही फीफा फुटबाल विश्व कप में सेमीफाइनल में पहुँच गया था।

पहले हाफ में १८ वें मिनट में फ्रांस ने पहला गोल किया वो भी क्रोएशियाई खिलाड़ी मानजुकिच के आत्मघाती गोल से। मारियो मानजुकिच ने फ्रांस के एंटॉनियो ग्रीजमैन की फ्री-किक को क्लियर करने की कोशिश की लेकिन गेंद उनके सिर से लगकर गोल पोस्ट में चली गई। यह वर्ल्ड कप फाइनल में पहला सेल्फ गोल था। लेकिन १० मिनट बाद २८ मिनट में इवान पेरिसिच ने क्रोएशिया को बराबरी पर ला खड़ा किया। शानदार स्ट्राइक का परिचय देते हुए सीधे विरोधी खेमे में धावा बोला इवान पेरिसिच ने और फ्रांस के खेमे में पहुंचकर गोल दाग दिया। हतप्रभ रह गए इस गोल से फ्रांस के समर्थक। अब मुकाबला १-१ की बराबरी पर था।

इस बीच ३६ वे मिनट में पेरिसिच के हैंड बॉल की वजह से फ्रांस को पेनल्टी मिली। वीएआर के जरिये इसका फैसला हुआ। इससे पहले 28 में से 21 पेनल्टी गोल में तब्दील हो चुकी थीं लिहाज़ा क्रोएशियाई गोल कीपर तनाव में दिख रहे थे। ३९ वें मिनट में ग्रीजमैन ने पेनल्टी मारी और क्रोएशियाई गोल कीपर ने अनुमान से बाईं तरफ डाइव लगा दी। लेकिन ग्रीजमान की किक दाईं तरफ से सीधे गोल में जा घुसी। फ्रांस ने समर्थकों के जोशीले शोर के बीच २-१ की बढ़त बना ली।

इसके बाद हाफटाइम तक क्रोएशियाई खिलाड़ियों ने बराबरी की भरपूर कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके।

दूसरे हाफ में फ्रांस ने एक बार फिर गोल किया और क्रोएशिया पर 3-1 से बढ़त बना ली। पॉल पोग्बा ने फ्रांस के लिए 59वें मिनट में यह गोल दागा। फ्रांस की बढ़त 3-1 होते ही उसके समर्थकों और कोच ने एक तरह से नृतय कर अपनी खुशी मनाई। इस गोल के बाद फ्रांस की स्थिति काफी मजबूत हो गई।

और 65वें मिनट में फ्रांस ने एक और गोल दाग दिया। एम्बाप्पे ने अपनी टीम को 4-1 से एक तरह से अजय बढ़त दिला दी।

हालांकि ६९वें मिनट में मारियो मांडजुकिक ने गोल करते हुए फ्रांस की बढ़त को कम कर दिया और क्रोएशिया के खेमे में उम्मीद की किरण जगाये रखी। मांडजुकिक ने अकेले ही गेंद ले जाकर गोलकीपर को छकाकर गेंद गोल में डाल दी। यह नजारा देखने लायक था।  फ्रांस के गोलकीपर को भी नौमान नहीं लगा पाया कि मांडजुकिक एक चतुर शिकारी की तरह उनके पास पहुँच चुके हैं। फ्रांस की डिफेंस उस समय पूरी तरह चूक गयी थी। मुकाबले में फ्रांस अब भी 4-2 से आगे था। और उसकी यह बढ़त अंत तक बनी रही।

विंबलडन २०१८ : जोकोविक पुरुष, केर्बर महिला चैंपियन

तीन बार के चैंपियन सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने रविवार रात विम्बल्डन टेनिस चैंपियनशिप के पुरुष एकल फाइनल में केविन एंडरसन को 3-० से हराकर ख़िताब जीत लिया। तीसरे सेट को छोड़कर एंडरसन पहले दो सेट में जोकोविक का बेहतरीन मुकाबला नहीं कर पाए।

जोकोविच ने पहला सेट ६-२ से और दूसरा सेट ६-2 से जीतकर मनोविज्ञानिक बढ़त बना ली थी।  हालाँकि तीसरे सेट में एंडरसन ने बेहतरीन खेल दिखाया।  ५-५ की बराबरी पर दोनों में कड़ा मुकाबला दिखा जबकि एक मौके पर एंडरसन ६-५ की बढ़त बनाकर सेट जीतने के कगार पर थे लेकिन जोकोविक ने मुकाबला ६-६ की बराबरी पर ला दिया।

ड्यूज के बाद पहला अंक गवाने के बाद जोकोविक ने लगातार पांच अंक अर्जित किये जिसके बाद एंडरसन ने एक अंक लिया। लेकिन जोकोविक ने वापसी की और ७-६ से जीत लिया।  विजेता बन कर ही सांस ली। यह उनका चौथा ख़िताब है।

इससे पहले एंडरसन ने पहले ‍सर्विस की, लेकिन वे पहले ही गेम में अपनी सर्विस बरकरार नहीं रख पाए। 30-40 के स्कोर पर एंडरसन ने डबल फॉल्ट किया और गेम जोकोविच के कब्जे में चला गया। इसके बाद जोकोविच ने दूसरा गेम जीतते हुए 2-0 की बढ़त बनाई। जोकोविच ने इसके बाद पांचवें गेम में भी एंडरसन की सर्विस भंग की और वे देखते ही देखते 4-1 से आगे हो गए। इसके बाद उन्होंने कुल ‍29 मिनट में पहला सेट 6-2 से जीता।

जोकोविच ने दूसरे सेट में भी दबदबा बनाए रखा। उन्होंने पहले गेम में एंडरसन की सर्विस भंग की। इसके बाद उन्होंने पांचवें गेम में भी केविन की सर्विस भंग करते हुए सेट में 4-1 की बढ़त बनाई। इसके बाद जोकोविच ने आठवें गेम में सर्विस बरकरार रखते हुए यह सेट 6-2 से अपने नाम किया।

एंडरसन पहली बार इस चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे थे जबकि जोकोविच ने सेमीफाइनल में दो बार के चैंपियन रफेल नडाल को 6-4, 3-6, 7-6 (9), 3-6, 10-8 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। आज जोकोविच ने करिअर का १३वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता।

केर्बर ने सेरेना को हराया

उधर महिला वर्ग में पूर्व नंबर एक जर्मनी की एंजेलिक केर्बर ने सात बार की चैंपियन अमेरिका की सेरेना विलियम्स को ६-3, 6-3 से हराकर विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप में पहली बार महिला वर्ग का  खिताब जीत लिया। ३६ साल की सेरेना मां बनने के बाद अपने पहले ग्रैंड स्लेम और आठवें विंबलडन खिताब की तलाश में थीं लेकिन हार के साथ उनका २४ वां ग्रैंड सलेम खिताब जीतने का सपना टूट गया।

इस टूर्नामेंट में इस बार उन्हें  25वीं वरीयता मिली थी। सेरेना शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में तो पहुंची। केर्बर ने पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और पूर्व नंबर एक सेरेना को कहीं टिकने नहीं दिया। केर्बर 5-3 के स्कोर पर खिताब के लिए सर्विस करते हुए नर्वस दिखाई दे रहीं थीं लेकिन उनके पहले चैंपियनशिप अंक पर सेरेना का बैकहैंड जैसे ही नेट से टकराया वह खुशी से उछल पड़ीं।

11 वीं वरीयता प्राप्त केर्बर का यह तीसरा ग्रैंड स्लेम खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2016 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन के खिताब जीते थे। टॉप 10 वरीय खिलाडिय़ों के बाहर हो जाने के बाद केर्बर महिला वर्ग में केर्बर शीर्ष वरीय खिलाड़ी रह गयी थीं और उन्होंने अपनी वरीयता के साथ पूरा न्याय किया। इसके साथ ही वह 1996 में स्टेफी ग्राफ की कामयाबी के बाद विंबलडन का खिताब जीतने वाली पहली जर्मन खिलाड़ी बन गयीं। फाइनल में हारने के बाद सेरेना ने विंबलडन के अपने प्रदर्शन को सभी मांओं को समर्पित किया। विंबलडन खिताब जीतने वाली आखिरी मां ऑस्ट्रेलिया की इवोन गुलागोंग थीं जिन्होंने 1980 में यहां खिताब जीता था।

जम्मू के रियासी में भूस्खलन : 7 की मौत

जम्मू के रियासी इलाके में रविवार शाम ३.३० बजे के आसपास एक झरने के पास भूस्खलन होने से कम से कम ७ लोगों की मौत हो गयी। सात लोगों के शव पुलिस ने मलवे से निकले हैं। गैरसरकारी सूचना के मुताबिक यह हादसा रियासी के सियालवाला पिकनिक स्पॉट के पास हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किये गए हैं। इस घटना में कम से कम ४0 अन्य लोग घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक इस स्थल पर मौजूद थे जब यह हादसा हुआ। पिकनिक स्पॉट के पास पहाड़ी का मलवा नीचे आ गिरा जिससे लोग उसमें दब गए। बारिश के कारण पहाड़ी का मलबा नीचे आ गिरा जिसमें इन लोगों की दबने से मौत हो गयी।

कुछ गंभीर घायलों को जम्मू रेफर करने की सूचना है और उनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह भी कहा गया है कि कुछ लोग अभी मलवे में दबे हैं और उन्हें बचाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

कठुआ रेप : सबूत मिटाने के आरोप में ४ पुलिस वाले बर्खास्त

जम्मू कश्मीर में चार पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है।  इन चारों पर कठुआ में आठ साल के बच्ची से रेप के मामले में सबूत मिटाने का आरोप है।

मिली जानकारी के मुताबिक जिन चार पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया है उनमें से एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) भी शामिल है। आठ साल की बच्ची से रेप और उसकी निर्मम हत्या का मामला इस समय अदालत में है और उसकी जांच जारी है। जिन चार पुलिस कर्मियों को रविवार दोपहर बर्खास्त करने के निर्देश सरकार की तरफ से जारी हुए हैं उनपर आरोप है कि उन्होंने रेप और हत्या से जुड़े सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की है। इस बारे में और ब्योरे का इन्तजार है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़ : बीएसएफ के दो जवान शहीद

शहीद मुख्तयार सिंह, शहीद लोकेंद्र सिंह

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए।  इस मुठभेड़ में एक अन्य जवान घायल हो गया है। जवानों ने भी ताबड़तोड़ जवाबी फायरिंग की हालांकि अचानक हमले से बीएसएफ 175 बटालियन के दो जवान राजस्थान निवासी लोकेंद्र सिंह और पंजाब निवासी मुख्तयार सिंह शहीद हो गए। घायल संदीप डे पश्चिम बंगाल का रहने वाला बताया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह करीब 3.45 बजे गश्त पर निकले बीएसएफ के दस्ते पर नक्सलियों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से दो जवानों की मौत हो गई जबकि एक घायल हो गया। शहीद जवान बीएसएफ की 175वीं बटालियन के थे। हमले में घायल जवान को रायपुर लाने के लिए एमआई-17 हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी लेकिन खराब मौसम की वजह से हेलिकॉप्टर को बीच रास्ते से ही लौटना पड़ा। घायल जवान की हालत नाजुक बताई जा रही है।

जहाँ यह घटना हुई उसे धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। यह इलाका पंखाजुर है जहाँ पुलिस के अभियान से परेशान नक्सलियों ने रविवार तड़के बीएसएफ जवानों पर फायरिंग कर दी जो सर्चिंग पर निकले थे। हमले में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए, जबकि एक घायल हुआ है। घायल जवान को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया जा रहा है। झबरों के मुताबिक जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ अभी जारी थी।

बीएसएफ जवानों पर नक्सलियों का यह हमला प्रतापपुर थाना क्षेत्र के मोहला जंगल में हुआ। जवान तड़के करीब 3.45 बजे सर्चिंग पर मोहला से प्रतापपुर की ओर निकले थे। इसी दौरान लौटते समय वो एंबुश में फंस गए अौर बरकोट गांव की ओर से नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी।