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करूणानिधि को देखने अस्पताल गए राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को चेन्नई में कावेरी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती द्रमुक अध्यक्ष एम करुणानिधि के स्वास्थ्य का हाल जानने अस्पताल गए। भर्ती होने के चौथे दिन भी करुणानिधि गहन चिकित्सा इकाई में रहे। राहुल ने उनसे मिलने के बाद पत्रकारों को बताया कि करूणानिधि धीरे-धीरे बेहतर हो रहे हैं और वे उनके स्वास्थ्य में सुधार से प्रसन्न हैं।

इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी है कि करुणानिधि को लीवर फंक्शन और हेमेटोलॉजिकल पैरामीटर में आयु संबंधित गिरावट के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया है। अस्पताल के एक प्रवक्ता ने कहा कि वरिष्ठ नेता ”मेडिकल सपोर्ट” पर हैं और उनका स्वास्थ्य स्थिर है। अभी कुछ और दिन उन्हें अस्पताल में रहना पड़ सकता है।

गांधी के साथ तमिलनाडु कांग्रेस के प्रमुख सू थिरूनावुक्कारासर और पार्टी नेता मुकुल वासनिक भी थे। करुणानिधि को देखने के बाद राहुल ने पत्रकारों को बताया – ”मैं आज उनसे मिला। वह ठीक हैं। उनकी हालत स्थिर है। मैं यह देखकर संतुष्ट हूं कि उनकी सेहत में सुधार दिख रहा है।” राहुल ने कहा कि वह (करुणा) तमिलनाडु के लोगों की तरह ही बेहद दृढ़ हैं। ”उनके अंदर तमिलनाडु की भावना है।” राहुल अस्पताल में करीब 15 मिनट रुके। बाद में राहुल ने कहा कि सोनिया गांधी ने करुणानिधि और उनके परिवार के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं। हमारा द्रमुक प्रमुख के साथ पुराना रिश्ता है।”

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष कड़ी सुरक्षा के बीच हवाईअड्डे से सीधे अलवरपेट के कावेरी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन और दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने उनकी अगवानी की।

ममता बनर्जी ने कहा एनआरसी को लेकर हो सकता है देश में रक्तपात

असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की कवायद राजनैतिक उद्देश्यों से की गई ताकि लोगों को बांटा जा सके। यह कहते हुए पश्चिम बंगा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चेतावनी दी है कि इससे देश में रक्तपात और गृह युद्ध छिड़ जाएगा।
भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि यह पार्टी देश को बांटने का प्रयास कर रही है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बनर्जी ने दिल्ली में एक सम्मेलन में कहा, ‘‘एनआरसी राजनैतिक उद्देश्यों से किया जा रहा है। हम ऐसा होने नहीं देंगे। वे (भाजपा) लोगों को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। देश में गृह युद्ध, रक्तपात हो जाएगा।’’
असम में रह रहे असली भारतीय नागरिकों की पहचान के लिये उच्चतम न्यायालय की निगरानी में चल रही व्यापक कवायद के तहत अंतिम मसौदा सूची में 40 लाख से अधिक लोगों को जगह नहीं मिली है।
इस मुद्दे की गूंज संसद के दोनों सदनों में सुनाई पड़ी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष से अपील की कि वह इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण नहीं करे क्योंकि सूची उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर प्रकाशित की गई है और केंद्र की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
उन्होंने कहा कि एनआरसी की मसौदा सूची में जिन लोगों के नाम नहीं हैं, उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

बीजेपी संसदीय दल की बैठक में मोदी को लड्डू और हार

करीब डेढ़ हफ्ते पहले लोक सभा में विश्वासमत जीतने के लिए भाजपा संसदीय दल ने मंगलवार को नई दिल्ली में संसद के लाइब्रेरी भवन में बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को लड्डू खिलाकर और हार पहनाकर सम्मानित किया गया। बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी को सम्मानित किया।

आजकल संसद का मानसून सत्र भी चल रहा है। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उठाये कुछ सवालों पर चुटकियों के साथ जवाब दिया था। राहुल ने इससे पहले राफेल विमान डील को लेकर पीएम और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर गंभीर आरोप लगाए थे। आज हुई बैठक से पहले अविश्वास प्रस्ताव पर मिली जीत के लिए मोदी का सम्मानित किया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में असम पर एनआरसी के अंतिम ड्राफ्ट पर विपक्ष के हमलावर रवैये पर भी चर्चा हुई और आगे की रणनीति पर विचार किया गया। असम के मामले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा था कि असम के लिए राष्ट्रीय नागरिक पंजीयन का मसौदा पूरी तरह “निष्पक्ष” है और जिनका नाम इसमें शामिल नहीं है उन्हें घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि उन्हें भारतीय नागरिकता साबित करने का मौका मिलेगा। सिंह ने कहा था कि यह सारी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की देख रेख में हो रही है।

उधर मोदी ने बैठक में जाते हुए उस समय एक संसद को अपने पेअर छूने से रोक दिया जब उसने ऐसा करनी कोशिश की। गौरतलब है कि मोदी को मिली धमकियों के मद्देनजर भी इस तरह की सुरक्षा बरती जाती है। हालाँकि यहाँ मोदी ने खुद संसद को पेअर छूने से रोका और हाथ से न करते हुए इशारा किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन संसद ने कुछ रोज पहले मोदी को पत्र लिखकर दलितों के प्रति व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई थी। याद रहे प्रधानमंत्री कई बार कह चुके हैं कि कोई भी नेता उनके पैर न छुए। कुछ दिन पहले पीएम की पहल पर बाकायदा सरकारी सेक्युलर जारी हुआ था जिसमें किसी का स्वागत फूलों के गुलदस्ते से न करने को कहा गया था।

सबूतों की कमी के चलते पंचकूला हिंसा के सभी आरोपी बरी

हरियाणा के पंचकूला में यौन शोषण के दोषी और डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद हुई हिंसा के मामले में सभी आरोपियों को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया गया है।

अनुयायी ज्ञानीराम, संगा सिंह, होशियार सिंह, रवि, तर्सेम और राम किशन पर गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार का दोषी ठहराए जाने के बाद हुए दंगों में लिप्त होने का आरोप लगा था।

पंचकूला हिंसा के मामले में पंचकूला पुलिस ने एसआईटी गठित कर आरोपियों की धरपकड़ की और 19 आरोपियों के नाम एफआईआर नंबर 343 में शामिल किए गए थे। इन लोगों पर देशद्रोह व हत्या समेत अन्य धाराएं लगाई गई थीं।

राम रहीम को रेप के 2 अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया था। जिसके बाद 25 अगस्त को हिंसा भड़की थी। राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई थी। राम रहीम अभी रोहतक की सुनरिया जेल में बंद है।

असम में दूसरी नागरिकता सूची जारी, ४० लाख के पास भारतीय नागरिकता नहीं

आखिर में नागरिकता की दुसरी सूची सोमवार को जारी कर दी गयी। इसके मुताबिक एक बड़ी आबादी के पास भारत की नागरिकता नहीं है। असम की कुल आबादी 3.29 करोड़ है और सोमवार को असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की दूसरी और आखिरी सूची में 2.89 करोड़ लोगों की पहचान भारतीय के रूप में की गई है जबकि 40 लाख लोगों को असम का नागरिक नहीं माना गया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि यह सारा प्रोसेस सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हुआ है लिहाजा इसमें किसी तरह की गड़बड़ की आशंका निर्मूल है। बहुत से लोगों ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार में कुछ के नाम हैं कुछ के नहीं।

असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की दुसरी और अंतिम सूची सोमवार जारी कर दिया गया। इसे आॅनलाइन और राज्य के तमाम एनआरसी सेवा केन्द्रों (एनएसके) में सुबह दस बजे प्रकाशित कर दिया गया जिसमें उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटो होंगे जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं। हालाँकि जो सूची आज जारी की गयी हैं उसमें संशोधन का अवसर अभी लोगों के पास होगा। इसके अलावा अंतिम उपाए के रूप में कोर्टका विकल्प भी उनके पास होगा।

राज्य में सुरक्षा कड़ी करते हुए तमाम डीसी और एसपी को कड़ी सतर्कता बरतने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। सात जिलों- बारपेटा, दरांग, दीमा, हसाओ, सोनितपुर, करीमगंज, गोलाघाट और धुबरी में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गयी है। रिपोर्ट के मुताबिक असम और पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिये केन्द्र सरकार ने सीआरपीएफ की 220 कंपनियां भेजी हैं।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि जिनके नाम सूची में नहीं हैं उनके पास दावों की पर्याप्त गुंजाइश होगी। उन्होंने कहा – ” यदि वास्तविक नागरिकों के नाम दस्तावेज में मौजूद नहीं हों तो उन्हें (महिला/पुरूष) संबंधित सेवा केन्द्रों में निर्दिष्ट फॉर्म को भरना होगा । यह फॉर्म 7 अगस्त से 28 सितंबर के बीच उपलब्ध होंगे और अधिकारियों को उन्हें इसका कारण बताना होगा कि मसौदा में उनके नाम क्यों छूटे। इसके बाद अगले कदम के तहत उन्हें अपने दावे को दर्ज कराने के लिये अन्य निर्दिष्ट फॉर्म भरना होगा, जो 30 अगस्त से 28 सितंबर तक उपलब्ध रहेगा। आवेदक अपने नामों को निर्दिष्ट एनआरसी सेवा केन्द्र जाकर 30 जुलाई से 28 सितंबर तक सभी वर्किंग दिनों में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक देख सकते हैं।

गौरतलब है कि कुछ दशक से बांग्लादेश से लाखों लोगों के अवैध घुसपैठ का दावा किया जाता रहा है। एनआरसी की पहली सूची 31 दिसंबर, 2017 को जारी हुई थी। पहली लिस्ट में असम की 3.29 करोड़ आबादी में से 1.90 करोड लोगों को शामिल किया गया था। अब 1.40 करोड़ लोगों को दूसरी सूची जारी की गयी है।

केजरीवाल ने फाड़ी एलजी कमेटी की रिपोर्ट; कहा सीसीटीवी फाइल करेंगे पास

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच तकरार अभी भी जारी है।

ये बात एक बार फिर तब साबित हुई जब केजरीवाल ने एक कार्यक्रम में दिल्ली में सीसीटीवी प्रोजेक्ट से जुड़ी उपराज्यपाल कमेटी की रिपोर्ट को सरेआम यह कहकर फाड़ दिया कि जनता यही चाहती है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट फाड़ते हुए यह भी दावा किया कि सोमवार को सबसे पहले वह 1.40 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की फाइल पास करेंगे।

केजरीवाल ने कहा इसके बाद सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

“जनता की मर्जी है कि भई इस रिपोर्ट को फाड़ दो। जनता जनार्दन है इस जनतंत्र में…” यह कहते हुए उन्होंने सीसीटीवी प्रोजेक्ट से जुड़ी उपराज्यपाल कमेटी की रिपोर्ट के चार टुकड़े कर दिए।

असल में सीसीटीवी प्रोजेक्ट पर उपराज्यपाल कमेटी की रिपोर्ट में ये कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति सुरक्षा की दृष्टि से खुद के खर्चे पर सीसीटीवी कैमरे लगवाना चाहता है तो उसे पुलिस से लाइसेंस लेना होगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घर, दुकान, कंपनी, मार्केट आदि में सीसीटीवी लगाने के लिए दिल्ली पुलिस उपायुक्त (लाइसेंसिंग) से अनुमति लेनी होगी।

इस रिपोर्ट को ग़लत बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि इस तरह के फरमान से यही साबित होता है कि थानों के भीतर पैसा चढ़ाओ और लाइसेंस ले जाओ।

उन्होंने कहा कि पुलिस से हथियारों के लाइसेंस देने का काम तो ठीक तरह से हो नहीं रहा है। एलजी साहब! उन्हें सीसीटीवी लगवाने का काम और देना चाहते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस कमेटी में पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जिसकी वजह से थानों से लाइसेंस लेने की बाध्यता डाली जा रही है।

केजरीवाल ने उपराज्यपाल बैजल पर हमला बोलते हुए कहा, ‘एलजी की केमेटी की रिपोर्ट जिसके सदस्य पुलिसकर्मी हैं, कहते हैं कि अगर कोई दिल्ली में सीसीटीवी कैमरा लगाएगा, चाहे वे अपने पैसे से ही लगाए, उन्हें पुलिस से लाइसेंस लेना होगा। लाइसेंस का मतलब है पैसा चढ़ाओ, लाइसेंस ले जाओ।’

जबकि उपराज्यपाल अनिल बैजल का कहना है कि हमारा उद्देश्य महज सीसीटीवी लगाना नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बारिश के कारण दिल्ली के कई इलाक़ों में आ सकती है बाढ़

लगातार हो रही बारिश के कारण दिल्ली और इसके आसपास के इलाक़ों पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है।

असल में हरयाणा के हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है जो कि भारी वर्षा की वजह से इकठ्ठा हो गया था।

इसकी वजह से दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर शनिवार सुबह 10 बजे 204.83 मीटर के निशान तक पहुंच गया था।

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक़ ‘पानी का स्तर और बढ़ेगा’ लेकिन अभी ‘कोई खतरा’ नहीं है’।

मगर आने वाले खतरे को देखते हुए निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।

राहत बचाव कार्य दल का गठन किया गया है, जो इन क्षेत्रों का दौरा करके लोगों को संभावित खतरे से जागरूक कर रही हैं।

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर सुबह 10 बजे 204.83 मीटर के निशान तक पहुंच गया। अधिकारी ने कहा कि ‘पानी का स्तर और बढ़ेगा’ लेकिन अभी ‘कोई खतरा’ नहीं है’।

सूत्रों के अनुसार शनिवार सुबह 9 बजे हरियाणा ने हथिनीकुंड बैराज से 2,11,874 क्यूसेक पानी छोड़ा – जिसका उपयोग दिल्ली में पीने के उद्देश्यों के लिए किया जाता है – और बाद में पानी अधिक जारी किया जाएगा। इसके बाद 11 बजे 3,11,190 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने के बाद दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को एक अलर्ट जारी किया था।

दुनिया ने देखा इस सदी का सबसे लम्बा चंद्रग्रहण

इस सदी के सबसे लंबे चंद्रग्रहण को भारत समेत दुनिया के कई देशों में देखा गया। भारत में यह दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु और मुंबई समेत सभी शहरों में देखा गया।

रात 11.54 मिनट पर शुरू होनेवाले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि अपने विभिन्न चरणों के दौरान 3 घंटे 55 मिनट रही।

शुरू होने के बाद ये पहले काले और फिर धीरे-धीरे लाल रंग में तब्दील होता गया। चांद के इस रूप को ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।

लोगों ने कई घंटों बड़े उत्साह के साथ चंद्र ग्रहण का इंतज़ार किया. भारत में चंद्र ग्रहण के दौरान कई लोगों ने गंगा स्नान भी किया।

नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक ये 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण था।

खगोलशास्त्रियों का कहना है कि इस चंद्रग्रहण को देखने के लिए किसी उपकरण की जरूरत नहीं हुई। देश के अधिकांश हिस्सों में इसे बिना टेलीस्कोप से देखा जा सका।

हालांकि मौसम खराब होने की वजह से कई जगहों पर बादलों की वजह से लोग इस अद्भुत खगोलीय घटना को नहीं देख सके। कई चैनलों और वेबसाइट पर चंद्र ग्रहण की सीधी तस्वीरें दिखाई गईं।

सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच में इस तरह आ जाती है कि चांद धरती की छाया से छिप जाता है. यह तभी संभव है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अपनी कक्षा में एक दूसरे के बिल्कुल सीध में हों।

पूर्णिमा के दिन जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है. इससे चंद्रमा के छाया वाला भाग अंधकारमय रहता है और इस स्थिति में जब हम धरती से चांद को देखते हैं तो वह भाग हमें काला दिखाई पड़ता है. इसी वजह से इसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

ये चंद्र ग्रहण उत्तरी अमरीका को छोड़ कर पृथ्वी के अधिकांश भाग में दिखा लेकिन पूर्ण चंद्र ग्रहण यूरोप के अधिकांश भागों, मध्यपूर्व, मध्य एशिया और ऑस्ट्रेलिया में देखा गया।

अब 31 अगस्त तक भर सकते हैं आयकर रिटर्न

अगर आपने अभी तक अपना आयकर रिटर्न नहीं भरा है और इस बात को लेकर आप परेशान हैं तो आप ठंडी सांस ले सकते हैं।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ा कर 31 अगस्त कर दिया है।

नए आयकर रिटर्न फॉर्म को अप्रैल के शुरू में अधिसूचित किया गया था. ऐसे करदाताओं जिनके खातों का ऑडिट नहीं होना है, उन्हें अपना ई-आयकर रिटर्न 31 जुलाई तक भरना था।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की ड्यू डेट आगे बढ़ा दी है. टैक्स पेयर्स की संबंध‍ित श्रेण‍ियों की खातिर इसे 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है.

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट कर नागरिकों से नई तारीख की खुशखबरी दी। उन्होंने कहा कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख एक महीने बढ़ाई गई है. मैं करदाताओं से अपील करता हूं कि वे निर्धारित तारीख तक अपना आयकर जमा कराएं.

हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती है। इस बार आयकर विभाग ने रिटर्न भरने के लिए आयकरदाताओं को और समय दिया है। इस बार तो पूरा एक महीने का अतिरिक्त समय इनकम टैक्सपेयर्स को दिया गया है।

आयकर रिटर्न ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से भर सकते हैं। आईटीआर भरने के लिए आपको अपनी आय से जुड़े सभी दस्तावेजों को तैयार करना होगा। इसमें आपकी कंपनी की तरफ से मिला फॉर्म 16, बैंक अकाउंट डिटेल, इंटरेस्ट सर्टिफ‍िकेट और लोन डिटेल भी शामिल है।

इस बार अगर किसी ने आईटीआर ड्यू डेट के बाद भरा तो आप पर भारी-भरकम जुर्माना लग सकता है। ड्यू डेट के तहत आईटीआर न भरने पर आप पर 5 हजार रुपये तक पेनल्टी लगाई जा सकती है।

इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत नोटिस भी जारी किए जा सकते हैं। इसलिए आईटीआर भरने के दौरान अपनी आय से जुड़ी सारी जानकारी सही सही देना बेहतर होगा। वेतनभोगीयों को आईटीआर 1 अथवा सहज फॉर्म भरना होगा।

कश्मीर पर आप एक कदम बढ़ाओ हम दो बढ़ाएंगे : इमरान खान

भारत का नाम उन्होंने सबसे बाद में लिया। भारत के मीडिया पर खुद को विलेन के रूप में पेश करने के आरोप लगाया लेकिन यह भी कहा क्रिकेट के कारण वो भारत को बहुत ज्यादा जानते हैं। कश्मीर का राग अलापा लेकिन कहा वो दोस्ती का हाथ बढ़ाने के लिए तैयार हैं, व्यापार का रास्ता खुलना चाहिए और भारत भारत की लीडरशिप तैयार है तो हमें साथ बैठकर बात करनी चाहिए। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-इ-इन्साफ (पीटीआई) पाकिस्तान के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और इमरान खान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय लग रहा है। इमरान ने आज शाम प्रेस कांफ्रेंस की और देश, दुनिया के सामने रखा कि प्रधानमंत्री बनने पर वे क्या करना चाहेंगे और उनकी क्या नीति होगी।

इमरान ने भारत का जिक्र अपनी प्रेस कांफ्रेंस में सबसे आखिर में किया। सबसे पहले कहा – ”मुझे अफसोस हुआ कि हिंदुस्तान की मीडिया ने मुझे किसी बॉलीवुड फिल्म के विलेन की तरह पेश किया। मैं वो पाकिस्तानी हूं जो हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा घूमा हूं। मैं वो पाकिस्तानी हूं जो चाहता है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधरें।” इसके बाद उनहोंने कहा कि सबसे बेहतर यह होगा कि हम एक-दूसरे के साथ ट्रेड करें इसकी बहुत ज्यादा सम्भावना है।

कश्मीर पर इमरान ने कहा – ”बदकिस्मती से हमारा जो प्रमुख मसला है वह कश्मीर है। वहां ह्यूमन राईट वायलेशन हैं। आप सिटीज में लाकर आर्मी बैठा देंगे तो मसला हल नहीं होगा। आर्मी महीन भी दुनिया में मसला हल नहीं कर सकी है। कोशिश होनी चाहिए कि दोनों देश टेबल पर बैठकर मसला हल करें। इस खित्ते में भारत और पाकिस्तान दो अहम् मुल्क हैं। हमारे अपने बहुत मसले हैं। अगर एक दूसरे पर आरोप लगाते रहेंगे तो कोइ मसल नहीं होगा।”

इमरान ने जोर देकर कहा कि अगर हिंदुस्तान की लीडरशिप तैयार है तो हम भी तैयार हैं। ”आप एक कदम बढ़ेंगे तो हम दो कदम बढ़ाएंगे।” मैं पूरी कन्विक्शन से कह रहा हूं कि हम बात-चीत से मसले हल करें।

उन्होंने कहा सभी मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि 22 साल की मेहनत रंग लाई है। इमरान खान ने कहा कि उनका पूरा फोकस गरीब तबकों के जीवन स्तर को सुधारने, कानून व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को सुधारने पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार के मामले में चीन हमारे सामने एक बड़ी मिसाल है। उन्होंने हिंदुस्तान से साथ विवाद को बात-चीत से हल करने की वकालत की।

इमरान ने ऐलान किया कि वे महलनुमा पीएम हाउस में नहीं रहेंगे बल्कि छोटी एनेक्सी में रहेंगे। कहा हमें अपने खर्च कम करने हैं और उसके बाद आय बढ़ानी है। तभी रोजगार पैदा होंगे। हम सभी सरकारी महलों को आम लोगों के लिए इस्तेमाल करेंंगे। उन्होंने कहा कि टैक्स के पैसों का सही इस्तेमाल होगा। इसकी शुरुआत मैं करूंगा। हम टैक्स कल्चर ठीक करेंगे।

चुनाव में धांधली पर कहा की आगे आओ , मैं इसकी जांच के लिए तैयार हूँ। साथ ही कहा इलेक्शन कमीशन पिछली पार्टियों के वक्त बना लिहाजा मुझपर इल्जाम लगाना गलत। साफ़ सुथरे चुनाव हुए।