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ओडिशा बस हादसे में १२ की मौत

ओडिशा  में मंगलवार शाम एक बस हादसे में १२ लोगों की मौत हो गयी जबकि कई अन्य घायल हो गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हादसा कटक में देर शाम जगतपुर के पास हुआ जब एक बस नदी में जा गिरी। बस में ३० के करीब लोग सवार थे। बस जब महानदी पुल को पार कर रही थी कि तभी अनियंत्रित होकर नीचे गिर गयी जिससे १२ लोगों की मौत हो गयी। हादसे में १८ लोग घायल हुए हैं।

घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को २-२ लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। इसके साथ ही सीएम ने हादसे में घायल हुए लोगों का मुफ्त इलाज किए जाने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अनियंत्रित होने के बाद पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई और बस के शीशे तोड़कर लोगों को बाहर निकाला गया। बताया गया कि एक पशु की भी मौत हो गई।

अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती विस्फोट, ५० की मौत

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को शीर्ष मौलवियों की एक सभा में मंगलवार को एक आत्मघाती विस्फोट से ५० से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि इसमें दर्जनों लोग घायल हो गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि काबुल में पिछले कुछ महीनों में यह सबसे बड़ा हमला है।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि विस्फोट में पांच दर्ज़न से जयादा लोग घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है। पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के मौके पर एक मैरिज हाल  में उलेमा परिषद की एक सभा को आतंकियों ने निशाना बनाया और ५० से जयादा लोगों की जान ले ली।

अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब दानिश ने बताया प्रारंभिक सूचना के मुताबिक एक   हमलावर ने खुद को विस्फोट कर उड़ा लिया। उन्होंने बताया कि मृतकों और घायलों की संख्या ५० से ज्यादा है। मैरिज हाल के प्रबंधक ने बताया कि एक आत्मघाती हमलावर ने सभा के बीच विस्फोट से  खुद को उड़ा लिया।

छत्तीसगढ़ : दूसरे चरण में ७२ फीसदी वोट

छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए तमाम उम्मीदवारों का भाग्य आज दूसरे चरण के मतदान के साथ ही ईवीएम में बंद हो गया। दूसरे चरण में मंगलवार को ७२ सीटों के लिए करीब ७२ फीसद वोट पड़े। इस चरण में कुल १०७९ प्रत्याशी मैदान में थे। नतीजे ११ दिसंबर को सामने आएंगे।
आज ७२ सीटों के लिए मतदान हुआ जो शांतिपूर्ण रहा।  किसी अप्रिय घटना की कोइ खबर नहीं है।  छत्तीसगढ़ में मतदान का समय ख़त्म होने के बाद भी कई जगह मतदान केंद्रों पर कतारें लगी थीं जिससे मतदान का प्रतिशत कुछ अधिक भी हो सकता है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक राज्य में मतदान के लिए उत्साह दिखा और सुबह से ही मतदान केद्रों के सामने मतदाताओं की लंबी कतार देखी गईं।
छत्तीसगढ़ में पहले चरण में राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले की १८ सीटों के लिए इस महीने की १२ तारीख को मतदान हुआ था। इस दौरान इस क्षेत्र के ७६ फीसदी से अधिक मतदाताओं ने मतदान में भाग लिया था।
इस बीच कुछ जगह ईवीएम मशीनों में गड़बड़ की शिकायत वोटर्स की तरफ से की गयी। विपक्षी कांग्रेस ने भी ईवीएम की गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग को शिकायत भेजी है। भाजपा चौथी बार रमन सरकार बनने का दावा कर रही हैं जबकि कांग्रेस वापसी की उम्मीद कर रही है। मायावती-जोगी का तीसरा मोर्चा भी मैदान में है।
सुबह से ही मतदान केद्रों के सामने मतदाताओं की लंबी कतार देखी गई और पहली बार के युवाओं ने भी मतदान में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों, भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय, राजनांदगांव लोकसभा के सांसद अभिषेक सिंह, विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री पद के मजबूत दावेदार टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने अपने-अपने क्षेत्रों में वोट डाला।
मरवाही विधानसभा हलके के मतदान केंद्र सेमरा में पीठासीन अधिकारी सुरेंद्र कुमार मंडावी और धनौली मतदान केंद्र के कर्मचारी कमल किशोर तिवारी को जिला निर्वाचन अधिकारी पी दयानन्द ने निर्वाचन अभिकर्ता की शिकायत के बाद निर्वाचन कार्य से हटा दिया। निर्वाचन अभिकर्ता ने पक्षपात  की शिकायत की थी।

सिख विरोधी दंगों में एक को सजा-ए-मौत

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद १९८४ में भड़के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में अदालत ने ३४ साल के बाद दोषी यशपाल को मौत की सजा सुनाई है। इसी मामले में दोषी दूसरे व्यक्ति नरेश को आजीवन कारावास की सजा कोर्ट ने सुनाई है।
पिछले हफ्ते 14 नवंबर को दोनों आरोपियों को हत्या, हत्या की कोशिश, लूटपाट, आगजनी और अन्य धाराओं में दोषी करार दिया था। यह पहला मामला है जिसमें एसआईटी की जांच के बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया था। एसआईटी का गठन मोदी सरकार बनने के बाद किया गया था।
जज ने तिहाड़ जेल जाकर दोषियों को यह सजा सुनाई। इस मामले में फैसला १५ नवंबर को ही आना था लेकिन पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों की सजा पर अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला २० नवंबर के लिए सुरक्षित रख लिया था। पहली ही कहा गया था कि सुरक्षा कारणों से किसी अज्ञात जगह से सजा का एलान किया जाएगा।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन ने इन दंगों को नरसंहार की तरह जघन्य बताते हुए दोषियों को मौत की सजा की मांग थी। वहीं, बचाव पक्ष ने इसे क्षणिक गुस्सा बताते हुए सजा में नरमी बरतने का आग्रह किया था। पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय पांडेय ने नरेश सेहरावत और यशपाल सिंह की सजा और मृतकों के परिजनों और घायल हुए पीड़ितों को मुआवजे के मुद्दे पर दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब इसपर फैसला आ गया है जिसमें इक को मौत और दूसरे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है।

मंजू वर्मा को न्यायिक हिरासत में भेजा

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में एक आरोपी पूर्व मंत्री मंजू वर्मा को कोर्ट ने पहली दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मंजू वर्मा ने मंगलवार सुबह ही आत्मसमर्पण किया था।
टीवी रिपोर्ट्स में बताया गया कि आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उन्हें स्थाननीय कोर्ट में पेश किया जहाँ से उन्हें पहली दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गौरतलब है कि मंजू वर्मा  आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में आरोपी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय पहले ही बिहार सरकार को फटकार लगाई थी कि उसे यह भी मालूम नहीं कि उनकी एक मंत्री कहाँ हैं। दिलचस्प यह है की मंजू वर्मा कोर्ट में बुरखा पहनकर एक ऑटो में पहुँची।
मंजू ने बेगूसराय के मंझौल मंडल के न्यायालय में समर्पण किया है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। मंजू मामला सामने आने के बाद से ही  फरार थीं। मंजू के आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी की पुष्टि बिहार पुलिस ने की है।
पुलिस अब उनको रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। मंजू से पहले उनके पति ने भी इसी मामले में कोर्ट में सरेंडर किया था। मंजू वर्मा बिहार की समाज कल्याण मंत्री थीं और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा था। मंजू के पैतृक घर से हथियार मिलने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उनके घर के बहार उनकी फरारी को लेकर इश्तिहार भी चपकाये गए थे।
मंझौल के न्यायालय ने वर्मा के खिलाफ धारा ८२ और धारा ८३ के तहत पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया था।

सचिवालय के भीतर केजरीवाल पर हमला

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर सचिवालय के  दिया गया। उनके ऊपर लाल मिर्ची का पावडर फेंका गया। केजरीवाल ने हमले का वचाव  कोशिश की और इस के चलते उनका चस्मा गिरकर टूट गया। हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक केजरीवाल की सुरक्षा में उस समय बड़ी चूक हुई जब एक शख्स ने सचिवालय के भीतर उनपर हमला कर दिया और उनके ऊपर लाल मिर्ची फेंक दी। उस समय उनके सुरक्षा कर्मी कहाँ थे इस बारे में अभी तस्वीर साफ़ नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक केजरीवाल ने हमलावर का मुकाबला भी किया और इस चक्कर में उनका चस्पा ज़मीन पर गिरकर टूट गया।
आम आदमी पार्टी के नेता और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया इस मामले में ४.३० पर प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। पार्टी के एक नेता सोमनाथ ने टीवी चैनल से इस हमले का आरोप भाजपा पर लगाया है। उन्होंने कहा भाजपा और मोदी के राज में कोइ सुरक्षित नहीं है।
आरोपी की पहचान अनिल कुमार के रूप में की गयी है और वह नारायणा का रहना वाला बताया गया है। हैरानी की बात है कि सचिवालय के भीतर कड़े सुरक्षा चाकर से होकर जाना पड़ता है लिहाज़ा यह बड़ा सवाल है कि हमलावर भीतर कैसे पहुंच गया।

अनंतनाग हुर्रियत अध्यक्ष मीर की हत्या

दक्षिण कश्मीर में मंगलवार को आतंकियों ने हुर्रियत (गिलानी) के नेता हाफिजुल्लाह मीर की हत्या कर दी है। मीर अनंतनाग जिला के तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष थे। वे पिछले महीने ही जेल से रिहा हुए थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक मीर हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के बहुत नजदीक माने जाते थे।  हाफिज उल्लाह की मौत के पीछे आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद का हाथ बताया जा रहा है।  इस संगठन का सरगना जाकिर मूसा है जिसके बारे में माना जाता है कि वह हुर्रियत (गिलानी)  से  मतभेद रखता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ अज्ञात हथियारबंद लोग हाफिजुल्लाह मीर के अचबल स्थित घर में जबरन घुसे और उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस फाइरिंग में मेरे की मौत हो गयी और कुछ लोग घायल हो गए जिनमें एक महिला (सम्भवता उनकी पत्नी) भी शामिल हैं। हालाँकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उनका स्प्ताल में इलाज चल रहा है।
गोलीबारी में मीर गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया। हालाँकि डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गौरतलब है कि पिछले महीने ही मीर को जेल से छोड़ा गया था। वे दो साल से जेल में थे। फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश और पहचान की कोशिश कर रही है।

बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा का सरेंडर

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में एक आरोपी पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने मंगलवार को न्यायालय के समक्ष सरेंडर कर दिया। वे आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में आरोपी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय पहले ही बिहार सरकार को फटकार लगाई थी कि उसे यह भी मालूम नहीं कि उनकी एक मंत्री कहाँ हैं। दिलचस्प यह है की मंजू वर्मा कोर्ट में बुरखा पहनकर एक ऑटो में पहुँची।
मंजू ने बेगूसराय के मंझौल मंडल के न्यायालय में समर्पण किया है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। मंजू मामला सामने आने के बाद से ही  फरार थीं। मंजू के आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी की पुष्टि बिहार पुलिस ने की है।
पुलिस अब उनको रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। मंजू से पहले उनके पति ने भी इसी मामले में कोर्ट में सरेंडर किया था। मंजू वर्मा बिहार की समाज कल्याण मंत्री थीं और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा था। मंजू के पैतृक घर से हथियार मिलने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उनके घर के बहार उनकी फरारी को लेकर इश्तिहार भी चपकाये गए थे।
मंझौल के न्यायालय ने वर्मा के खिलाफ धारा ८२ और धारा ८३ के तहत पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया था।

सुषमा स्वराज नहीं लड़ेंगी २०१९ का चुनाव

एक बड़े ऐलान में विदेश मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि वे २०१९ का  लोक सभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। भाजपा में प्रधानमंत्री पद की दावेदार रहीं स्वराज ”स्वास्थ्य” कारणों से यह फैसला किया है।
इसका ऐलान सुषमा ने मंगलवार को इंदौर में किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक मीडिया को दिए उनके ब्यान से संकेत मिलता है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उन्होंने अपने फैसले की जानकारी दे दी है। हो सकता है अगले चुनाव के बाद पार्टी उन्हें राज्य सभा में भेजें हालाँकि यह अभी कयास ही हैं क्योंकि अभी यह भी पता नहीं कि भाजपा २०१९ के लोकसभा चुनाव में कैसा प्रदर्शन करेगी।
गौरतलब है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का स्वास्थ्य कुछ महीनों से ठीक नहीं और उन्हें कुछ समय पहले किडनी ट्रांस्प्लांट से भी गुजरना पड़ा था। हालांकि थोड़ी छुट्टी के बाद स्वराज ने विदेश मंत्री के रूप में अपना काम जारी रखा है और वे देश-विदेश के तमाम कार्यक्रमों में शामिल रही हैं।
स्वराज इस समय मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रचार में शामिल हैं। प्रचार के लिए ही वे मंगलवार को इंदौर पहुंची जहाँ उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने फैसले की जानकारी दी।

आलोक वर्मा मामले की सुनवाई अब २९ को

सीबीआई के छुट्टी पर भेजे गए निदेशक आलोक वर्मा के याचिका पर सुनवाई मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय ने २९ नवम्बर के लिए रख दी। आज की सुनवाई में प्रधान न्यायाधीश ने वर्मा की सीलबंद रिपोर्ट मीडिया में आने पर नाराजगी जाहिर की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनवाई के शुरू में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सीलबंद रिपोर्ट के मीडिया में लीक होने पर अपनी नाराजगी जताते हुए आलोक वर्मा के वकील फाली एस नरीमन को एक दस्तावेज पढ़ने को कहा। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह लीकेज कैसे हुई? इसके बाद आलोक वर्मा के वकील ने कहा उन्हें खुद भी नहीं मालूम कि दस्तावेज कैसे लीक हुए।
अब इस मामले पर अगली सुनवाई २९ नवंबर को होगी। याद रहे सीवीसी की जांच रिपोर्ट के बाद सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर कल अपना जवाब दाखिल कर दिया है। इससे पहले उन्होंने सीवीसी को भी एक जवाब दायर किया था। आलोक वर्मा ने कोर्ट से जवाब देने के लिए ज्यादा समय की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने उन्हें ३ घंटे के अंदर जवाब देने को कहा था। इसके बाद आज यानी की मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई तय थी। सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने साफ शब्दों में आलोक वर्मा के वकील फाली एस नरीमन से पूछा कि जब जवाब सीलबंद लिफाफे में मांगी गई थी तो आखिर रिपोर्ट लीक कैसे हुई? अब मामले पर सुनवाई २९ नवम्बर को होगी।