Home Blog Page 1260

पाकिस्तान जेल से 36 वर्ष बाद रिहाई परिवार के लिये खुशियां लाई

इस साल का 15 अगस्त को जयपुर के एक परिवार के लिए पड़ोसी मुल्क से एक नायाब तोहफा आने वाला है।

पाकिस्तान की लाहौर जेल में 36 सालों से बंद गजानंद शर्मा की जल्द ही रिहाई हो जाएगी।

गजानंद की 62 वर्षीय पत्नी जयपुर में रहकर सिर्फ इस बात का इंतजार कर रही थीं कि उनकी मौत से पहले एक बार पति को देख सकें।

सूत्रों के मुताबिक 13 अगस्त को पाकिस्तान लाहौर जेल में बंद गजानंद शर्मा को रिहाई मिल सकती है।

गुरुवार को गजानंद शर्मा की पत्नी मखनी देवी, बेटा मुकेश ने केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह से मुलाकात की।

गजानंद के परिवार के साथ जयपुर से भाजपा सांसद रामचरण बोहरा, हवामहल विधायक सुरेंद्र पारीक, भाजपा नेता राजेंद्र पारीक और स्नेहलता शर्मा भी मौजूद थीं।

सांसद रामचरण बोहरा और गजानंद के बेटे मुकेश ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने मुलाकात के बीच मखनी देवी से कहा कि गजानंद को स्वतंत्रता दिवस के पहले 13 अगस्त को पाक जेल से रिहाई मिल सकती है।

इसके बाद तीन-चार दिन दूतावास की कार्रवाई पूरी करने में लगेंगे। गजानंद के भारत लौटते ही उनके परिजनों को सूचना दे दी जाएगी।

नेहरू बाले ब्यान पर माफी माँगी दलाई लामा ने

देश भर में उनके ब्यान पर विवाद पैदा होने के बाद आखिर तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने जवाहर लाल नेहरू को लेकर दिए गए बयान पर शुक्रवार को माफी मांग ली है। दलाई लामा ने पहले कहा था कि १९४७ में महात्मा गांधी जिन्ना को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे लेकिन जवाहर लाल नेहरू ने इसका विरोध किया था।

अब दलाई लामा ने कहा है कि उनका बयान अचानक विवादास्पद हो गया। ”अगर कुछ ग़लत है तो मैं माफ़ी मांगता हूं।” रिपोर्ट्स के मुताबिक गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के एक कार्यक्रम में दलाई लामा ने कहा था कि ”महात्मा गांधी चाहते थे कि मोहम्मद अली जिन्ना पीएम बनें लेकिन पंडित नेहरू इसके लिए तैयार नहीं हुए”। दलाई लामा ने कहा था कि ”तब पीएम बनने की चाहत में नेहरू ने आत्मकेंद्रित रवैया नहीं अपनाया होता तो देश का बंटवारा नहीं होता”।

उनके ब्यान के बाद राजनीतिक दलों ने इस पर आपत्ति जताई थी जिसके बाद दलाई लामा ने बयान को लेकर माफी मांगी है। दरअसल, कार्यक्रम में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह बयान दिया था। दलाई लामा का कहना था कि ”मेरा मानना है कि सामंती व्यवस्था के बजाय प्रजातांत्रिक प्रणाली बहुत अच्छी होती है। सामंती व्यवस्था में कुछ लोगों के हाथों में निर्णय लेने की शक्ति होती है, जो बहुत खतरनाक होता है”। उन्होंने कहा, ‘अब भारत की तरफ देखें। मुझे लगता है कि महात्मा गांधी जिन्ना को पीएम का पद देने के बेहद इच्छुक थे लेकिन पंडित नेहरू ने इसे स्वीकार नहीं किया।

तिब्बती धर्मगुरु ने कहा, मुझे लगता है कि खुद को पीएम के रूप में देखना पंडित नेहरू का आत्म केंद्रित रवैया था। अगर महात्मा गांधी की सोच को स्वीकारा गया होता तो भारत और पाकिस्तान एक होते। उन्होंने कहा, मैं पंडित नेहरू को बहुत अच्छी तरह जानता हूं, वे बेहद अनुभवी और बुद्धिमान व्यक्ति थे लेकिन कभी-कभी गलतियां हो जाती हैं।

दलाई लामा के ब्यान के तुरंत बाद इस पर राजनितिक दलों की टिप्णियां आनी शुरू हो गयी थीं और निजी टीवी चैनलों ने इस पर लगातार कार्यकरण करने शुरू कर दिए थे। अब दलाई लामा ने अपने ब्यान पर माफी मांग ली है।

भारी बारिश ने केरल में ली 26 लोगों की जान

केरल में बुधवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण इडुक्की जिले और उत्तरी हिस्से में कई जगह भूस्खलन हुआ जो कम से कम 26 लोगों की मौत का कारण बना।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को वहां से निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें रवाना कर दी गई हैं। केंद्र सरकार भी केरल के हालात पर नजर बनाए हुए है।

जहां राज्य के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने स्थिति को ‘काफी विकट’ करार दिया है, वहीं केंद्रीय मंत्री के जे अल्फोंस ने कहा कि पिछले 50 साल की ये सबसे भयानक बाढ़ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बाढ़ की हालात से निपटने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने देगी।

अधिकारियों ने बताया कि सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रया बल को इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड और मलप्पुरम जिले के प्रभावित इलाकों में राहत अभियान में प्रशासन का सहयोग करने के लिए तैनात किया गया है।

राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के सूत्रों ने कहा कि वर्षा जनित घटनाओं में कल से 24 लोग मारे गए हैं जिनमें 17 की मौत इडुक्की और मलपुरम जिलों में भूस्खलन के कारण हुई है।

भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं जिस कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 24 बांधों को खोल दिया गया है. एशिया के सबसे बड़े अर्ध चंद्राकार बांध इडुक्की जलाशय से पानी छोड़े जाने से पहले रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

सरकार ने बताया कि राज्य में पिछले दो दिनों में दस हजार से अधिक लोगों को 157 राहत शिविरों में भेजा गया है. सरकार ने लोगों से कहा है कि राज्य के ऊपरी इलाकों और बांध वाले इलाकों में नहीं जाएं।

पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारी बारिश के कारण कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो घंटे के लिए विमानों की लैंडिंग रोक दी गई। नजदीक स्थित पेरियार नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण हवाई अड्डा क्षेत्र में पानी भरने की आशंका थी।

हरि जीते, हरि हारे

राज्य सभा के उपसभापति पद के लिए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) उम्मीदवार जद (यू) के राज्यसभा सदस्य हरिवंश नारायण सिंह जीत गए हैं। उन्होंने यूपीए (कांग्रेस) के बीके हरिप्रसाद को हराया है। एनडीए को 125 और यूपीए को 105 वोट मिले। राज्यसभा में सदस्यों की मौजूदा संख्या 244 है। चुनाव में 14 सदस्य अनुपस्थित रहे। इस तरह लोक सभा में अविश्वास प्रस्ताव के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए की यह लगातार दूसरी हार है। साल १९७७ से लगातार कांग्रेस का ही सदस्य उपसभापति रहा था ।

जीत के बाद उपसभापति हरिवंश को उनके आसान तक लाया गया। जीत पर तमाम नेताओं ने उन्हें बधाई दी। कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने उनकी जीत पर खुशी जताई और उम्मीद जाहिर की कि वे तटस्थ होकर अपने पद का निर्वहन करेंगे। आज़ाद ने हरिवंश के अनुभव की सराहना की और कहा कि यह सदन के काम आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश की जीत की तुलना अगस्त क्रांति से की। मोदी ने उनके अनुभव का जिक्र किया और एक पत्रकार के रूप में उनकी भूमिका को याद किया।

चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ही जीत का दावा कर रही थीं लेकिन बीजू जनता दल की ओर से हरिवंश सिंह का समर्थन किए जाने के ऐलान से एनडीए का पक्ष मजबूत हो गया था। नवीन पटनायक ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने उन्हें फ़ोन किया था और बीजू जनता दल उनके उम्मीदवार को वोट कर रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी उन्हें फ़ोन किया था।

दिलचस्प यह है कि राज्यसभा सांसद और कभी समाजवादी पार्टी में रहे अमर सिंह ने भी कहा था कि इस चुनाव में एनडीए की जीत होगी। उधर एनसीपी नेता वंदना चव्हाण ने स्वीकार किया था कि सम्भवता उनके पास नंबर नहीं हैं। पहले वंदना का ही नाम यूपीए की तरफ से सामने आया था।

चुनाव से ऐन पहले उपसभापति चुनाव में वोटिंग से बाहर रहने का ऐलान कर वाईएसआर कांग्रेस ने भी यूपीए को झटका दिया था। पार्टी के राज्यसभा में दो सांसद हैं। बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर चुनाव के दौरान उपस्थित रहने को कहा था। उपसभापति चुनाव से पहले एनडीए की बैठक हुई थी जिसकी अध्यक्षता भाजपा प्रमुख अमित शाह ने की थी। जम्मू कश्मीर की पार्टी पीडीपी ने भी वोटिंग में हिस्सा न लेने का ऐलान चुनाव से पहले किया था। डीएमके भी 4 में से २ ही सांसदों ने वोट डाला। आप ने भी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया।

उधर कांग्रेस उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद ने कहा था कि ”हमें अपनी जीत की पूरी उम्मीद है, विपक्ष एकजुट है और हमारे पास आंकड़े हैं।” हरिप्रसाद ने कहा था कि कांग्रेस नेताओं ने उपचुनाव के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेताओं और अरविंद केजरीवाल से बात की है। हालाँकि आप नेता संजय सिंह ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केजरीवाल से बात नहीं की जिससे साफ़ है उन्हें हमारे वोट की ज़रुरत नहीं थी। कांग्रेस के सुब्बारेड्डी भारत से बाहर थे, लिहाजा वे उपसभापति चुनाव में वोट नहीं डाल पाए।

पाकिस्तान ने डाला शरीफ के बेटों के नाम काली सूची में

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बेटों हसन और हुसैन का नाम काली सूची में डाल दिया गया है जिसकी वजह से उनके पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा करने पर रोक लग गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ एक अदालत ने लंदन में रहने वाले शरीफ के बेटों को भगोड़ा घोषित किया था क्योंकि वे जुलाई 2017 में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद उनके पिता तथा उनके खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के तीन में से किसी भी मामले में पेश नहीं हुए थे।

‘जियो न्यूज’ ने खबर दी कि भ्रष्टाचार रोधी संस्था राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने हसन और हुसैन के नामों को निकास नियंत्रण सूची में डालने का अनुरोध किया और कार्यवाहक कैबिनेट ने फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं किया है।

खबर में कहा गया कि एनएबी ने आव्रजन और पासपोर्ट निदेशालय से भी आग्रह किया जिसके बाद उनके पासपोर्ट पर रोक लगा दी गई और उनके नाम काली सूची में डाल दिये गये।

पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले सप्ताह संघीय जांच एजेंसी ने इंटरपोल से हसन और हुसैन के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने की मांग की थी।

जीएसटी की केवल दो दरें अधिक लाभदायक: आईएमएफ

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को भारत का “महत्वपूर्ण सुधार” सुधार बताया पर साथ में यह भी कहा कि जीएसटी के ढांचे को और सरल बना कर इसमें कर की केवल दो दरें रखना अधिक लाभदायक होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़आईएमएफ ने कहा है कि इसमें कर की दरों की संख्या ज्यादा रहने से अनुपालन और कर प्रशासन की लगात बढ़ती है।

आईएमएफ ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि जीएसटी में दो दरों वाली कर संचरना (दो कर स्लैब) होनी चाहिये, जिसमें एक मानक दर हो जिसका स्तर कम हो तथा दूसरी दर चुनिंदा वस्तुओं के लिए हो जो ऊंची हो। इससे जीएसटी प्रणाली प्रगतिशील होगी और इसमें राजस्व निरपेक्षता भी बनी रहेगी।

मुद्रा कोष ने कहा कि भारत की कर नीति में जीएसटी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसने केंद्र और राज्यों के विभिन्न अप्रत्यक्ष करों को एकीकृत करने और उनमें सामंजस्य बठाने का काम किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ऐसे पांच देशों के समूह में शुमार है, जहां चार या उससे अधिक जीएसटी दरें हैं। अधिक दरों और अन्य सुविधाओं की वजह से भारत के जीएसटी प्रणाली में उच्च अनुपालन और अधिक प्रशासनिक लागत आ रही है।

पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत के आईएमएफ मिशन प्रमुख रानिल सलगादो ने कहा कि जीएसटी ने व्यापार के लिये आंतरिक बाधाओं को कम करके पहली बार एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बनाया है। जिससे 1.3 अरब से अधिक आबादी वाले बाजार में एक मुक्त व्यापार समझौता स्थापित हुआ है।

जीएसटी में इस समय चार दरें , पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत लागू है। सरकार और जीएसटी परिषद के सदस्यों ने संकेत दिया है कि दरों की संख्या आगे चल कर घटायी जा सकती है।

मुंबई रिफाइनरी में लगी आग अब काबू में

चेंबूर माहुल गांव स्थित भारत पेट्रोलियम हाइड्रो पॉवर प्लांट में लगी आग पर अब नियंत्रण पा लिया गया है।
फायर ब्रिगेड के अनुसार 70 प्रतिशत आग पर काबू पाने में उन्हें सफलता मिली है।
आग को बुझाने के लिए फॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। फायर ब्रिगेड ने 2 फॉर्म टेंडर भेजे हैं।
भारत पेट्रोलियम प्लांट में लगी आग पर काबू पाना बहुत ही आवश्यक था क्योंकि भारत पेट्रोलियम के बगल में न सिर्फ हिंदुस्तान पेट्रोलियम है बल्कि माहुल गांव के इलाके में तेल के अनेक टैंक्स हैं।
इसी इलाके में गवाणपाड़ा और विष्णु नगर जैसे स्लम एरिया भी है।  ऐसे में यदि इस आग पर काबू नहीं पाया जाता तो एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी ।
आई विटनेस के अनुसार इस विस्फोट की तीव्रता इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर सायन  तक इस विस्फोट की आवाज सुनाई दी।
BPCL से मिली सूचना के  अनुसार रिफाइनरी के हाइड्रो कक्कर प्लांट के कंप्रेसर में 3:00 बजे के करीब आग लगी।
इस दुर्घटना में 2 कर्मचारी मामूली रूप में जख्मी हुए हैं।
रिफाइनरी के मेडिकल सेंटर में प्राथमिक उपचार  के बाद अस्पताल भेज दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार प्लांट के कर्मचारियों को  दुर्घटनास्थल से सुरक्षित  बाहर निकाल दिया गया है।

पंचतत्व में देह और अमर हो के नारे

तिरंगे में लिपटी करूणानिधि की पार्थिव देह जब मरीना बीच पहुँची वहां उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुँची हर आँख नाम थी। समर्थक दूर खड़े रो रहे थे। तमिल राजनीति के पितामह करूणानिधि के तमाम परिजन, जिनमें एमके स्टालिन भी हैं, वहां मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, फ़ारूक़ अब्दुल्ला, गुलाम नबी आज़ाद सहित कई मुख्यमंत्री और बड़े नेता वहां मौजूद थे। दफ़नाने से पहले करूणानिधि के शव पर फूल चढ़ाकर उन्हें नेताओं ने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हें २१ तोपों की सलामी दी गयी। ठीक 7.03 बजे करूणानिधि की पार्थिव देह को मातमी धुन के बीच पास में बनी कबर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफना दिया गया।

इस तरह तमिलनाडु की राजनीति में एक लम्बे युग का अंत हो गया। पिछले डेढ़ साल में प्रदेश की राजनीति के दो बड़े नाम जय जयललिता और अब करूणानिधि परिदृश्य से गायब हो गए हैं। स्टालिन के अलावा एआईडीएमके और फिल्मों से राजनीति में आये रजनीकांत, कमल हासन जैसे नेता अब तमिल राजनीति के नए चेहरों के तौर पर सामने हैं।

इससे पहले राजाजी हॉल, जहाँ करूणानिधि का शव मरीना बीच ले जाने से पहले अंतिम दर्शन के लिओए रखा गया था, में भारी भीड़ ले चलते भगदड़ मचने से 2 लोगों की मौत हो गई है। इस भगदड़ में चार दर्जन लोग घायल हो गए। इस बीच करूणानिधि का शव मरीना बीच ले जाने की तैयारी कर ली गयी हैं उन्हें चार बजे के करीब दफनाया जाएगा। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजाजी हाल पहुंचकर वरिष्ठ नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि देने के लिए राजाजी हॉल में लाखों लोग उमड़ पड़े है। इस दौरान पुलिस और भीड़ के बीच धक्कामुक्की होने से वहां भड़दड मच गयी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया। इसमें कई लोगों के घायल होने की रिपोर्ट है।

सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अभिनेता रजनीकांत और कमल हासन ने भी दिवगंत नेता को अंतिम विदाई दी। वहां बढ़ती भीड़ को देखकर पुलिस ने राजाजी हॉल में प्रवेश पर रोक लगा दी जिससे खफा डीएमके समर्थक दीवार फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। इसी बीच पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने कुछ घंटे की कोर्ट में चली लड़ाई में करूणानिधि को मरीना बीच पर पर दफ़न करने की हरी झंडी दे दी। इस मसले को लेकर सूबे में तनाव की स्थिति बन गयी थी क्योंकि एआईडीएमके सरकार ने करूणानिधि को मरीना बीच पर दफ़न करने का कुछ कारण देकर विरोध किया था। हालाँकि कोर्ट ने बुधवार को कुछ घंटे की सुनवाई के बाद डीएमके की अप्पील को मंजूर करते हुए करूणानिधि को मरीना बीच पर दफ़न करने की इज़ाज़त दे दी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी करूणानिधि के अंतिम दर्शन के लिए कुछ देर पहले चेनेई पहुँच गए हैं जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

मद्रास हाई कोर्ट ने इसकी मंजूरी दी है। इस तरह तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत डीएमके नेता एम करुणानिधि के पार्थिव शरीर को मरीना बीच पर ही दफ़नाया जाएगा। मद्रास हाईकोर्ट में मंगलवार और बुधवार सुबह कुछ घंटे चली सुनवाई के बाद करुणानिधि को अन्नादुरई की समाधि के बगल में दफनाने की अनुमति मिल गयी।

करूणानिधि को दफ़नाने के स्थान को लेकर मंगलवार रात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के घर पर सुनवाई शुरू हुई थी, जिसे सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। अदालत ने राज्य सरकार से इस पर जवाब मांगा था। डीएमके चाहती थी कि उनके नेता के शव को मरीना बीच पर जगह मिले, जहां तमिलनाडु की राजनीति के दिग्गजों के शव दफ़नाए गए थे हालांकि प्रदेश की एआईएडीएमके सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी थी जिसके बाद डीएमके कोर्ट में गयी थी। पूर्व मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन और उनकी बेहद करीबी जे जयललिता मरीना बीच पर ही दफन किए गए थे और वहीं उनके स्मारक बनाए गए। ये दोनों राजनीति में करुणानिधि के कट्टर विरोधी थे।

एक की मौत, सौ से ज्यादा श्रद्धालु फंसे

हिमाचल की राजधानी शिमला में पहुँची रिपोर्ट्स के मुताबिक किन्नर कैलाश यात्रा पर गए एक और श्रद्धालु की गुफा नामक स्थान पर मौत हो गई है। यही नहीं सौ से ज्यादा श्रद्धालु वहां फंसे हुए हैं जिन्हें सेना, आईटीबीपी, पुलिस और होमगार्ड जवानों की मदद से रेस्क्यू किया जा रहा है। खराब मौसम के चलते यात्रा को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक किन्नर कैलाश यात्रा में जिस श्रद्धालु की जान गयी है उसकी पहचान संजय (60), निवासी मुजफ्फरपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मौत हाईफ़ोथर्मिया से हुई है। शव को घटनास्थल से लाने का प्रयास किया जा रहा है। शव को रेस्क्यू टीम सड़क मार्ग तक पहुंचाने का प्रयास करेगी कि किन्नौर ज़िला मुख्यालय के समीप पोवारी से पैदल यात्रा आरंभ होती है। किन्नौर प्रशासन ने 2 से 11 अगस्त तक के लिए आधिकारिक तौर से यात्रा शुरू की थी। किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ के ठीक सामने से हो कर गुजरती है।

किन्नर कैलाश की ऊंचाई 19850 फीट है। खड़ी चढ़ाई होने के कारण यहां पहुंचना काफी कठिन होता है। प्रशासन ने विकट मौसम की स्थिति में किसी भी समय यात्रा रोकने की चेतावनी दी थी। क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए डीसी किन्नौर ने यात्रा को स्थगित करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि यात्रा मार्ग में लगातार तेज बारिश हो रही है जिस से ठंड अधिक हो गई है। और यात्रा करना मुश्किल हो रहा है। किन्नौर ज़िला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि यात्रा को पूर्ण रूप से रोक दिया गया है। रास्ते मे फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए सेना और अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों की टीम बना कर रेस्क्यू के लिए रवाना कर दी है।

दिल्ली के मोतीनगर में कांवडियों का उत्पात

विलम्ब से मिली जानकारी के मुताबिक नई दिल्ली के मोतीनगर इलाके में कांवडियों ने जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने सड़क से गुजरते हुए सड़क पर खड़े वाहनों में तोड़ फोड़ की। दिलचस्प बात यह है कि उस समय वहां पुलिस मौजूद थी लेकिन वह मूकदर्शक बनी रही।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भगवान शिव में आस्था रखने वाले कांवडियों ने नई दिल्ली के मोती नगर मेट्रो स्टेशन के पास यह सब किया। वहां कावड़ियों का काफिला सड़क से गुजर रहा था। इस बीच अचानक एक कार किसी कावड़िए को छू गई और उसके हाथ में पकडे लोटे से थोड़ा जल बाहर गिर गया। इसी बात से वो आग बबूला हो उठे। फिर क्या था कावड़िए का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते कार पर उन्होंने डंडे बरसाने शुरू कर दिए। कार के शीशे तोड़ने के बाद गुस्साए कावड़ियों ने कार की खिड़कियां तक तोड़ डाली।

कुछ लोगों ने कार भी ज़मीन पर पलट दी। गनीमत यह रही कि कार चला रहा व्यक्ति सुरक्षित उतर गया था। शिव भक्त जब यह तांडव कर रहे थे उस समय दिल्ली पुलिस के कर्मी मूक दर्शक बन कर चुपचाप देख रहे थे। उत्पात करने वालों को नहीं रोका। कांवड़ियों के उत्पात से वहां दहशत का माहौल बन गया। पुलिस का कहना है कि इस सम्बन्ध में कोइ मामला दर्ज नहीं क्योंकि पीड़ितों की तरफ से शिकायत ही दर्ज नहीं करवाई गयी है।