Home Blog Page 1259

लोकसभा चुनाव के साथ हो सकते हैं 11 राज्यों के मतदान

अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ ही हो सकते हैं 11 राज्‍यों के विधानसभा चुनाव। बीजेपी सूत्रों के अनुसार यह क़दम चुनावों के दौरान होने वाले खर्चों को कम करने के लिए उठाया जा सकता है।

सूत्रों ने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र, मिजोरम, छत्‍तीसगढ़ और हरियाणा जैसे राज्‍यों के चुनाव कराए जा सकते हैं।

पार्टी प्रमुख अमित शाह ने सोमवार को विधि आयोग को पत्र लिखकर कहा कि देश हर वक्त चुनाव के मोड में नहीं रह सकता है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली केंद्र सरकार एक देश एक चुनाव की पैरवी करती रही है।

इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए सभी पार्टियों की बैठक बुलाई जा सकती है। याद रहे इस तरह से चुनाव कराने के लिए संविधान में संशोधन कराने की जरूरत भी नहीं है।

जहाँ आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा के चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ ही होते हैं, वहीं राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़ और मिजोरम में लोकसभा चुनावों में छह महीने विधानसभा के लिए वोट डाले जाते हैं। ऐसे में इन राज्‍यों के चुनाव कुछ महीनों के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।

सूत्रों ने बताया कि हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव भी लोकसभा के साथ कराया जा सकता है। इन सभी राज्यों में बीजेपी का शासन है। इन सभी राज्यों में लोकसभा चुनाव के बाद चुनाव होने हैं।

याद रहे कि 2014 का लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में हुए थे। सूत्रों ने बताया कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ ही होने हैं।

कहा जा रहा है कि बिहार विधानसभा का चुनाव भी समय से पहले कराए जा सकते हैं। यहां की विधानसभा का कार्यकाल 2020 के अंत तक है। नीतीश कुमार की अगुआई वाली जेडीयू सरकार में बीजेपी सहयोगी है।

जम्‍मू कश्‍मीर में अभी किसी की सरकार नहीं है। पीडीपी बीजेपी के अलग होने के बाद से वहां पर राज्‍यपाल का शासन है। ऐसे में वहां पर भी अगले साल चुनाव कराया जा सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ विपक्षी दल कांग्रेस एक साथ मतदान कराने के खिलाफ है। विपक्षी पार्टिया सरकार के प्रस्ताव को लोकतंत्र के विरूद्ध बता रही हैं।

राफेल पर फिर राहुल का मोदी पर बड़ा हमला

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौद्दे में एक बार फिर सीधे प्रधांनमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर हमला बोला है। पीएम के दो दिन पहले इस मसले पर सरकार का बचाव करने के बाद राहुल ने सोमवार को कर्नाटक के बीदर में किसान रैली को संबोधित करते हुए सीधे-सीधे मोदी और सीतारमण पर आरोप लगाया और उन्हें चुनौती दी। राहुल ने किसान क़र्ज़ माफी पर भी मोदी सरकार को ललकारा।  कहा – ”आपका सीना वाकई में 56 इंच का है तो कर्नाटक के किसानों के माफ हुए कर्ज का 50 फीसदी देकर दिखाएं”।

राफेल पर राहुल ने कहा – ”मेरा साफ़ आरोप है कि मोदी ने देश के साथ धोखा किया है। मैं उनसे इस मुद्दे पर आमने-सामने डिबेट करना चाहता हूं। एक तरफ मुझे खड़ा कर दीजिए दूसरी तरफ मोदी को। जितनी देर तक मुझसे डिबेट करना चाहें तब तक मुझसे डिबेट कर सकते हैं। वो मेरे सवालों का जवाब नहीं दे पाएंगे। मोदी लोक सभा में भी मेरे राफेल पर भाषण के दौरान दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे देखते रहे लेकिन मेरी आँख से आँख नहीं मिला पाए। ”

कांग्रेस अध्यक्ष ने करीब १५ मिनट तक राफेल पर बोला और इस दौरान वे मोदी और भाजपा सरकार के प्रति बहुत आक्रमक दिखे। उन्होंने अनिल अम्बानी का नाम लेकर आरोप लगाया कि ५६० करोड़ के जहाज़ के १५५० करोड़ उनकी जेब में डाल दिए गए जो कि देश की जनता का पैसा था।

राहुल ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि राफेल के मामले में रक्षा मंत्री ने देश से झूठ बोला है। ”अनिल अंबानी की कंपनी ने कभी हवाई जहाज नहीं बनवाया। जिस कंपनी को नरेंद्र मोदी ने ठेका दिलवाया वह 10 दिन पहले बनी थी। ये हवाई जहाज भारत में नहीं बनेंगे।” मैंने मोदी (पीएम) से लोकसभा में कहा कि देश की रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन ने झूठ बोला कि हवाई जहाज के दाम बताये नहीं जा सकते क्योंकि एक गुप्त समझौता हुआ है। जब मैंने फ्रांस के राष्ट्रपति से पूछा तो उन्होंने साफ़ कहा कि जहाज़ों की कीमत न बताने को लेकर कोइ गुप्त समझौता नहीं हुआ है। इस मीटिंग में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह जी भी मेरे साथ थे।”

कांग्रेस नेता ने क़र्ज़ को लेकर भी मोदी सरकार पर प्रहार किया। उन्होंने कर्नाटक के किसानों का कर्ज माफ़ करने की कर्णाटक की कुमारस्वामी सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि ”हमने चुनाव में वादा किया था कि सरकार में आएंगे तो क़र्ज़ माफ कर देंगे। हम झूठ नहीं बोलते हैं हमने जो कहा वो करके दिखा दिया है”।

राहुल गांधी ने किसान रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने पीएम मोदी को चुनौती दी और कहा कि कर्नाटक सरकार ने किसानों का कर्ज माफ कर दिया है। अगर आपका सीना वाकई में 56 इंच का हैं तो कर्नाटक के किसानों के माफ हुए कर्ज का 50 फीसदी देकर दिखाएं।

हिमाचल में भारी बारिश, ५ जिलों में स्कूल बंद

हिमाचल के ज्यादातर जिलों में पिछले १२ घंटे से जारी भारी बारिश ने पूरा जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और काम से काम १८५ बड़ी और छोटी सड़कें बंद हो गयी हैं। पिछले ४८ घंटों में बारिश की बजह से बने कारणों से ६ लोगों की मौत हो गयी है जिनमें बरोटीवाला में एक ही परिवार के ३ लोग भी शामिल हैं। शिमला में पिछले १२ घंटे से जारी बारिश के कारण कई जगह पेड़ गिरने और रस्ते बंद होने की सूचना है। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे भी बंद पड़ा है। मलवा गिरने से प्रदेश भर में कम से कम एक दर्जन वाहन मिट्टी के नीचे दब गए हैं। शिमला-चंडीगढ़ मार्ग भी चक्की मोड़ के पास बंद हो गया है।

रविवार रात से जारी भारी बारिश के बाद शिक्षा विभाग और प्रसाशन ने सोमवार सुबह पांच जिलों में स्कूलों को बंद रखने का आदेश जाई किया है। इनमें शिमला, सिरमौर, कुल्लू, काँगड़ा, मंडी और सोलन जिले शामिल हैं। फिलहाल एक दिन की छुट्टी घोषित की गयी है। शिमला के उपायुक्त अमित कश्यप के मुताबिक शिमला जिले में भारी बारिश के कारण प्रशासन ने 13 अगस्त को जिला के सभी सरकारी और निजी स्कूलों (जमा दो तक) को बंद रखने का निर्णय किया है। इस संबंध में सभी उपमंडल अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं।

उधर एडीएम सोलन विवेक चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि भारी बरसात के चलते जिला सोलन के सभी स्कूलों, कॉलेजों व आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी कर दी गई है। तेज बारिश के चलते जलस्तर काफी बढ़ गया है। लोग नदी किनारे भी न जाएं। भूस्खलन होने का अंदेशा हर समय बना हुआ है। कालका-शिमला हाईवे में बार-बार बड़ी चट्टानें और मलबा बारिश के चलते सड़कों पर गिर रहा है जिसके कारण बार-बार लम्बा जाम लग रहा है। ऐसे में लोग देख कर सफर करें। उन्होंने कहा कि हो सके तो निर्माणधीन नेशनल हाईवे में दोपहिया वाहनों से सफर करने से बचें। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के चलते नदी-नालों से दूर रहें ताकि जानमाल के नुकसान से बचाव हो सके।

मंडी जिला में भारी बारिश का कहर छाया हुआ है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि भूस्खलन के चलते एनएच 20 और 21 भी बंद हैं इसके अलावा अधिकतर संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं। प्रशासन ने लोगों से ऐहतियात बरतने को कहा है। हमीरपुर की उपयुक्त ऋचा वर्मा ने कहा अगर शाम तक मौसम साफ न हुआ तो 14 अगस्त स्कूलों में भी रहेगी छुट्टी। डीसी कांगड़ा संदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भारी बरसात के चलते 13 अगस्त को कांगड़ा जिला में सभी स्कूल बन्द रहेंगे।

इस बीच सोमवार तड़के करीब ४ बजे चिंतपूर्णी शम्भू बैरियर के समीप सड़क धंसने के कारण श्रद्धालुओं से भरी एक कार खाई में जा गिरी। हादसे में तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। हादसे के बाद कार एक पेड़ पर अटक गई थी जिससे कार सवार अन्य तो बच गए लेकिन बच्ची की मलबे में दबने से मौत हो गई। काफी मशक्कत के बाद बच्ची को ढूंढा गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

पूरा परिवार पंजाब के कपूरथला का रहने वाला बताया जा रहा है जो कि चिंतपूर्णी माथा टेकने आया था। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। उधर सोलन जिले के बरोटीवाला में रविवार तड़के एक झुग्गी पर दिवार आ गिरने से एक ही परिवार के ३ लोगों की मौत हो गयी। इनमें चार साल की बच्ची और उसके माता-पिता शामिल हैं।

पूर्व लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी का निधन

सोमनाथ दा के नाम से मशहूर रहे वरिष्ठ नेता और लोकसभा की पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे ८९ वर्ष के थे और कुछ समय से कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती थे। सोमनाथ चटर्जी दस बार लोकसभा के सदस्य रहे जबकि वे २००४ से 2009 तक लोकसभा के स्पीकर रहे।

सोमनाथ को कोलकाता के अस्पताल में पिछले मंगलवार भर्ती कराया गया था, जहां उनको दिल का दौरा पड़ा था। वे आईसीयू में भर्ती थे। पीएम मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई बड़े नेताओं ने सोमनाथ के निधन पर शोक जताया है। चटर्जी १९७१ में पहली बार लोक सभा के लिए चुने गए थे। सोमनाथ का जन्म 25 जुलाई, 1929 को तेजपुर में हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक, चटर्जी का इलाज करीब 40 दिन से चल रहा था। सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी लेकिन उनको मंगलवार को फिर से भर्ती कराया गया था। जहां उनकी डायलिसिस की जा रही थी। वे गुर्दे की समस्या से जूझ रहे थे।

दस बार लोकसभा के सदस्य रहे सोमनाथ दा माकपा की केंद्रीय समिति के भी सदस्य रहे। वे २००४ से 2009 के बीच लोकसभा के अध्यक्ष रहे। हालांकि इसी बीच उनकी पार्टी के साथ अनबन भी हो गई जब उनकी पार्टी ने यूपीए की पहली सरकार (२००४-२००९) से समर्थन वापस ले लिया। उस वक्त सोमनाथ चटर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था और तब 2008 में उन्हें माकपा से निष्कासित कर दिया गया था।

माकपा के साथ राजनीतिक करियर की शुरुआत चटर्जी ने ब्रिटेन में लॉ की पढ़ाई करने के बाद कलकत्ता हाइकोर्ट में प्रैक्टिस की थी और उसके बाद राजनीति में कदम रखा था। सीपीआई के साथ राजनीतिक करियर की शुरुआत 1968 में की और 2008 तक इस पार्टी से जुड़े रहे थे। यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सोमनाथ के निधन पर शोक जताया है।

बाढ़ ग्रस्त केरल को मिलेगी 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि

केंद्र सरकार ने बारिश और बाढ़ से जूझते केरल को 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान करने का वादा किया है।

याद रहे कि पिछले महीने केंद्र सरकार ने संकट की इस घड़ी में केरल की राहत पहुंचने हेतु 80.25 करोड़ रुपये की पहली इंस्टालमेंट जारी किया था।

रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने केरल के दो बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है।

राजनाथ ने भीषण बाढ़ के कारण पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र की ओर से राज्य को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मैं राज्य सरकार को आश्वस्त करना चाहता हूं कि बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी.’ उन्होंने कहा कि इस स्थिति में केंद्र सरकार राज्य की सरकार के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।

दूसरी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उन लोगों के पासपोर्ट मुफ्त में दोबारा से बनाकर देने का ऐलान किया है जिनके पासपोर्ट बाढ़ के चलते नष्ट हो गए हैं। बाढ़ पीड़ितों से इस संबंध में पासपोर्ट केंद्रों से संपर्क करने की अपील की गई है।

सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, “केरल में बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। हमने फैसला लिया है कि जब हालात सामान्य हो जाएंगे तो उन लोगों के पासपोर्ट को मुफ्त में बदलकर दोबारा दिया जाएगा जिनके पासपोर्ट बाढ़ के चलते नष्ट हो गए हैं।”

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 24 घंटे राहत-बचाव कार्य चलाया जा रहा है। भारतीय सेना ने बताया कि बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड, इडुक्की और मल्लपुरम के क्षेत्र हैं। 40 से अधिक राहतकर्मियों की 10 टीमें 24 घंटे राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं।

गृह मंत्रालय ने ट्वीट के ज़रिये बताया मौजूदा हालात से निपटने के लिए एनडीआरएफ 14 टीमें लगी हैं।

गत वर्ष एक करोड़ लोगों को मिला काम, मोदी ने किया दावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष की ओर से रोजगार के मुद्दे पर लगातार किये जा रहे सवालों का जवाब में कहा है कि जब भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेजी से विकास कर रहा है तो फिर ये कैसे कहा जा सकता है कि रोजगार के मोर्चे पर कुछ भी नहीं हो रहा है।

एएनआई के इंटरव्यू में मोदी ने अचरजता जताई कि, ‘जब अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है तो फिर नौकरियों क्यों नहीं बढ़ेंगी?” उन्होंने कहा पिछले साल एक करोड़ से ज़्यादा नई नौकरियां पैदा हुई।

पीएम मोदी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान दिये अपने भाषण को दोहराते हुये कहा, ‘निवेश बढ़ रहा है, सड़क निर्माण, रेल लाइन बिछाने का काम, सोलर पार्क बनाने और ट्रांसमिशन लाइन के विस्तार का काम तेजी से हो रहा है, तो फिर कैसे कहा जा सकता है कि नये रोजगार नहीं मिलेंगे.पीएम मोदी ने सवाल पूछने के अंदाज में कहा, ‘जब इस समय सबसे अधिक निवेश हो रहा है तो क्या इससे निर्माण और नए रोजगार सृजन नहीं होगा?”

पीएम ने कहा कि साल 2014 में मोबाइल निर्माण की दो फैक्टरियां थीं और अब बढ़कर 120 हो गई हैं। अगर इलेक्ट्रानिक्स निर्माण के क्षेत्र में इस तरह का विकास हो रहा है तो क्या नई नौकरियों का सृजन नहीं हुआ होगा।

मोदी ने कहा कि आज भारत नये ‘स्टार्ट अप्स’ का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि खाना, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स, मोबाइल सोल्यूशन और इस तरह के कई सेक्टरों में ऐप आधारित एग्रीगेटर्स की भरमार है। क्या यह नये रोजगार का सृजन नहीं कर रहे हैं?

प्रधान मंत्री ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र भी बड़ा रोजगार पैदा करता है. पिछले साल विदेशी पर्यटकों संख्या में 14 फीसदी का इजाफा हुआ है, क्या इससे नये रोजगार नहीं पैदा होंगे?

इसके बाद मोदी ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) का जिक्र करते हुये कहा कि 45 लाख नये लोगों के खाते खोले गये हैं और पिछले 9 महीने में 5.68 लाख लोग नई पेंशन स्कीम से जुड़े हैं। इससे पता चलता है कि पिछले साल 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले हैं।

अमेरिकी हवाई अड्डे से जहाज़ हुआ चोरी

सार्वजनिक स्थानों पर चोरी की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। मगर किसी हवाई अड्डे से दिन दहाड़े एक हवाई जहाज़ चोरी हो जाना किसी को चौंका देगा।
एक एयरलाइन का मैकेनिक कल रात अमेरिका के सी-टैक हवाई अड्डे से खाली खड़े एक होराइजन एयर के विमान को चोरी कर उड़ा ले गया।
इसके बाद उसे पकड़ने के लिए सैन्य विमानों को पीछे से भेजा गया।  कुछ ही देर में वह विमान पुजेट साउंड नामक छोटे द्वीप में दुर्घनाग्रस्त हो गया।
पियर्स काउंटी के शेरिफ के विभाग ने अनुसार प्रारंभिक सूचना से पता चला है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया क्योंकि 29 वर्षीय वह मैकेनिक हवा में स्टंट कर रहा था या उसे विमान चलाना आता ही नहीं था।
पियर्स काउंटी शेरिफ के विभाग के एक प्रवक्ता एड ट्रोयर ने ट्विटर पर बताया कि उस व्यक्ति की खुद को आहत करने की प्रवृति थी।
पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में देखा गया कि शाम के समय होराइजन एयर क्यू 400 हवा में लंबे चक्कर काट रहा है और खतरनाक किस्म की कलाबाजियां कर रहा है।विमान में कोई यात्री सवार नहीं था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस विमान का जब सैन्य विमान पीछा कर रहे थे तो वह विमान वाशिंगटन के दक्षिण-पश्चिम केट्रोन आइलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
शेरिफ के विभाग ने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है। पियर्स काउंटी के निवासी मैकेनिक की पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है, जिसके नाम का अभी खुलासा नहीं किया गया है।
सी-टैक हवाई अड्डा पैसिफिक नॉर्थवेस्ट में सबसे बड़ा वाणिज्यिक हवाई अड्डा है। इस घटना की वजह से यहां विमानों की आवाजाही रोक दी गई।
अमेरिकी तटरक्षकों ने दुर्घटना स्थल पर एक नौका को भेजा है।
होराइजन एयर, अलास्का एयर ग्रुप का हिस्सा है, जो पूरे पश्चिमी अमेरिका में उड़ान सेवा उपलब्ध कराता है। क्यू400 एक टर्बोप्रोप विमान है, जिसमें 76 सीट हैं।

‘ट्रैक चाइल्ड’ पोर्टल से जुड़े बालगृहों के 30,000 से अधिक बच्चों के आधार कार्ड

उनकी सुरक्षा के मद्दे नज़र बाल गृहों में रह रहे 30,000 से अधिक बच्चों के आधार कार्डों को ‘ट्रैक चाइल्ड’ पोर्टल से जोड़ दिया गया है।

एक अधिकारी के अनुसार इससे बाल गृहों से लापता हुये बच्चों की रिपोर्ट करने और उससे संबंधी जानकारियां हासिल करने में मदद मिल सकेगी।

पीटीआई भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ‘ट्रैक चाइल्ड’ पोर्टल उन सभी बच्चों के केंद्रीय डेटाबेस के तौर पर काम करता है जो देश के विभिन्न हिस्सों से लापता हो जाते हैं।

यह गुमशुदा बच्चों की तलाश में सहायता के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का कार्य करता है।

यह पोर्टल बाल गृहों, पुलिस विभागों और राज्य सरकारों के बीच समन्वय में सहायता करता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बाल गृहों में रह रहे बच्चों की संख्या की जानकारी के लिए सरकार बाल गृहों में बच्चों के आधार कार्ड को इस पोर्टल से लिंक कर रही है और अब तक 30835 बच्चों की आधार संख्या को लिंक किया जा चुका है।

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार देश भर में 9000 से ज्यादा बाल देखभाल गृहों में कुल 261566 बच्चे रह रहे हैं।

इनके आधार कार्डों को ट्रैक चाइल्ड से लिंक करने का मकसद गुमशुदा बच्चों को ढूंढ़ने में सहायता करना तो है ही, साथ ही इससे यह भी पता चल सकेगा कि यदि उस लापता बच्चे को कहीं भर्ती करने की कोशिश की जाती है तो उसकी जानकारी इससे मिल पाएगी।

पिछले कुछ समय में देश के कई हिस्सों में बाल गृहों से बच्चों के गुम होने की खबर आयी है। इसे देखते हुये इन प्रयासों को तेज कर दिया गया है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2014, 2015 और 2016 में क्रमश: कुल 68,874, 60,443 और 63,407 बच्चे लापता हुए हैं।

केरल में कहर जारी

देश भर में बाढ़ का कहर जारी है। अब तक बारिश और बाद में करीब ७४० लोगों की मौत हो चुकी है। केरल में अब तक 30 लोगों की जान गयी है और वहां १४ में से ११ जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सूबे में अब तक १७,००० लोगों को सुरक्षित जगह पहुँचाया गया है। उधर उत्तर प्रदेश के बस्ती में एनएच-२८ पर एक निर्माणाधीन फ्लाई ओवर शनिवार सुबह ढह गया। अभी तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है।

इडुक्की में पानी का स्तर बढ़ने के बाद चेरुथोनी बांध के पांच और दरवाज़े खोल दिए गए हैं। केरल के मुन्नार में रिजॉर्ट में फंसे 30 विदेशी पर्यटकों को सेना ने सुरक्षित निकाला लिया है।

केरल में मुख्यमंत्री विजयन से शनिवार को बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल में बारिश से हालात काफी बिगड़ गए हैं। पिछले 55 घंटों से हो रही बारिश के चलते 14 अगस्त तक कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालत और भी बिगड़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके मंत्रियों ने प्रभावित इलाकों इडुक्की, वायनाड, कलीकट और कोच्चि का हवाई दौरा किया। गृहमंत्री राजनाथ सिंह 12 अगस्त यानी रविवार को केरल का दौरा करेंगे।

केरल में अब तक बारिश और भूस्खलन के कारण 29 लोगों की जान जा चुकी है और अलग अलग शहरों में 30 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है।इस बारिश से अब तक कुल 54 हज़ार लोग बेघर हो गए हैं। वहीं भारतीय वायुसेना ने हेल्प ऑपरेशन चलाकर अब तक 55 लोगों को बचाया है। बचाए गए लोग केरल के पहाड़ी इलाकों में फंसे हुए थे।

उधर पेरियार नदी में जलस्तर को देख कोचि के बैकवॉटर्स से घिरे वेलिंगडन द्वीप के हिस्सों के भी डूबने की आशंका जताई जा रही है। हालात को काबू में करने के लिए शासन भी हर संभव मदद कर रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया है कि देश के सात राज्यों में बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में इस मानसून में अब तक 718 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि गैर सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक ७४० लोगों की मौत हुई है। राष्ट्रीय

आपदा प्रतिक्रिया केंद्र (एनईआरसी) के अनुसार उत्तर प्रदेश में 171, पश्चिम बंगाल में 170, केरल में 178 और महाराष्ट्र में अब तक 139 लोगों की मौत हुई है। वहीं, गुजरात में 52, असम में 44 और नगालैंड में आठ लोगों की मौत हुई है।

इसके अलावा 26 लोग लापता हैं। इनमें से 21 केरल और पांच पश्चिम बंगाल के हैं। बारिश से जुड़ी घटनाओं में 244 लोग घायल हुए हैं जबकि असम में 11.45 लाख लोग बारिश और बाढ़ की वजह से प्रभावित हुए हैं। करीब 27,552 हेक्टेयर खेतों में लगी फसलों पर भी इसका असर पड़ा है। वहीं केरल में पिछले 50 साल में पहली बार बारिश से भीषण तबाही हुई है। एहतियातन राज्य के 24 बांधों को खोल दिया गया है।

केरल में जगह-जगह भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वायनाड में खेतों में पानी भर गया है। किसानों को उनकी फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है।

राफेल पर सोनिया, विपक्षी सांसद धरने पर बैठे

यूपीए अध्यक्ष और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने राफेल लड़ाकू विमान समझौते में कथित घोटाले पर मोदी सरकार को घेरने के लिए संसद परिसर में प्रदर्शन किया। सोनिया गांधी की अगुवाई में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने इन विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे। सोनिया ने राफेल मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग की है।

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोक सभा में राफेल के मामले पर प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पर गंम्भीर आरोप लगाए थे जिसके बाद से पार्टी और विपक्ष ने यह मुद्दा गरम रखा है। कांग्रेस ने राफेल मुद्दे को अब बड़ा मुद्दा बना लिया है और लगातार इस मसले को उठा रही है।

शुक्रवार को भाकपा के डी राजा, आप सांसद सुशील गुप्ता, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज बब्बर, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अम्बिका सोनी और अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने जोरदार मांग की कि इस मुद्दे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच करवाई जाए।

इस मौके पर विपक्ष के सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।

गौरतलब है कि कांग्रेस सदस्यों ने गुरुवार को भी लोकसभा में राफेल मामले की जांच जेपीसी से करवाने की मांग उठाते और इस विषय पर पीएम मोदी से जवाब की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया था। इस हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी।

इसके बाद संवाददाताओं से बातचीत में सोनिया गांधी ने सरकार के तीन तलाक विधेयक को राज्यसभा में पेश करने पर कहा कि ‘इस मुद्दे पर उनकी पार्टी की स्थिति बिल्कुल साफ है। ”मैं इस पर और कुछ नहीं कहूंगी।” याद रहे हींतीन तलाक मुद्दे पर कांग्रेस का कहना है कि इस बिल में संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार ने विपक्ष से किसी तरह का मशबरा नहीं किया। सरकार इस बिल को राज्यसभा में तीन संशोधन के बाद पेश कर रही है।