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तीन दिन बाद भी नई मुंबई में पैराशूट से उतरे तीन संदिग्ध विदेशिओं के मामले में कोई ठोस जानकारी नहीं!

मुंबई से सटे नवी मुंबई घणसोली पाम बीच इलाके में एक महिला सहित दो विदेशियों के पैराशूट से उतरने की खबर ने सनसनी फैला दी है मचा दी है स्थानीय पुलिस और इन्वेस्टिगेटिव एजेंसीज पैरा लैंडिंग करने वाले संदिग्धों को लेकर जांच में जुट गई है। उन पर लैंडिंग करने वाले लोगों के बाबत फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
शनिवार के दिन रात 8:30 बजे के करीब पैराशूट की मूवमेंट आसमान में देखी गई पाम बीच एक इमारत स्काईलार्क 19 वीं मंजिल पर रहने वाली एक महिला ने दावा किया कि उसने इमारत के ऊपर से बलून जैसी बड़ी चीज उड़ती देखी और कुछ ही सेकंड में एक विदेशी महिला पैराशूट से रात के अंधेरे में पाम बीच रोड  की दूसरी तरफ खाड़ी इलाके में उतरी और दूसरी ओर एक कार में बैठकर रवाना हो स्थानीय लोगों ने बताया की उस महिला के साथ दो अन्य विदेशी लोग भी शामिल थे स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने उन लोगों से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं की और गाड़ी में बैठ कर चले गए।
बकौल नवी मुम्बई पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ,जांच के दौरान पता चला है कि एक पैराशूट से एक महिला लैंड हुई है। पाम बीच रोड पर लगे सीसीटीवी कैमराें में संदिग्धों के रवाना होने की फुटेज है लेकिन पिक्चर साफ न होने की वजह से उन्हें पहचान पाने में परेशानी हो रही है।
पुलिस ने स्थानीय पैराग्लाइडर क्लब से भी संपर्क किया है ताकि उन्हें इस मामले में कुछ जानकारी मिले।

सीएम फडणवीस के लिखित आश्वासन के बाद अन्ना हजारे ने अपना अनशन तोड़ा।

लोकपाल एवं लोकायुक्त समेत किसानों के हित में मांगों को लेकर अनशन पर बैठे वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने लिखित आश्वासन के बाद अनशन खत्म कर दिया। अनशन के सातवें दिन अन्ना

 से मिलने आज महाराष्ट्र चीफ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस ,केंद्रीय कृषि मंत्री राधारमण सिंह, मंत्री गिरीश महाजन व अन्य मंत्रियों के साथ रालेगण सिद्धि पहुंचे।

अन्ना हजारे और सीएम फडणवीस अन्य सदस्यों के साथ बंद कमरे में लगभग 6 घंटों तक चर्चा हुई इस चर्चा के बाद अन्ना हजारे ने सीएम फडणवीस के हाथों नींबू का पानी पीकर अपना अनशन तोड़ा।

गृह मंत्रालय के राजीव पर ‘कार्रवाई’ के निर्देश

मोदी सरकार ने अब पश्चिम बंगाल सरकार से कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ अनुशासनहीनता और सेवा नियमों का उल्लंघन करने के लिये अनुशासनात्मक ”कार्रवाई” करने को कहा है। मंत्रालय ने राजीव को ”कारण बताओ नोटिस” जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से ऐसी प्रक्रिया शुरू करने को कहा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक पत्र में कहा कि उसे मिली सूचना के मुताबिक राजीव कुमार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ रविवार को धरने पर बैठे। पात्र के मुताबिक ”यह पहली नजर में अखिल भारतीय सेवा नियमावली, १९६८ और अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियमावली, १९६९ के प्रावधानों का उल्लंघन है। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय देश में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का कैडर नियंत्रण प्राधिकार है।

गौरतलब है कि रविवार को जब सीबीआई की ४० अफसरों की भारी भरकम टीम कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के आवास पर पूछताछ (आरोप के मुताबिक गिरफ्तार करने ) गयी थी तो वहां पुलिस और सीबीआई अधिकारीयों के बीच बड़ा विवाद हो गया था। सीबीआई टीम सारदा चिट फंड घोटाले के सिलसिले में गई थी। पुलिस ने पांच सीबीआई अधिकारियों को ही हिरासत में ले लिया जिसके बाद देश भर में यह मामला गूँज गया।

बाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पुलिस कमिश्नर की मदद के लिए उनके आवास पर पहुँच गईं। सारे मामले के बीच ममता जब धरने पर बैठीं तो   राजीव कुमार भी उनके साथ धरने पर बैठ गए थे। इसी आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब संज्ञान लेते हुए बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर राजीव कुमार के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।

गौरतलब है कि आज ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को गिरफ्तार नहीं करने और कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी समेत कोई भी कड़़ी कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने राजीव कुमार को २० फरवरी को उसके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि सीबीआई की राजीव से पूछताछ अब कोलकाता नहीं बल्कि शिलांग में होगी।

ममता का धरना ख़त्म

सीबीआई और पुलिस के बीच उपजे विवाद के बाद रविवार शाम धरने पर बैठीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना धरना ख़त्म कर दिया है। उनके धरने के ख़त्म करने की घोषणा के समय आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायुडु भी मौजूद थे। 

ममता ने धरना ख़त्म करते हुए कहा कि अब उनका नारा मोदी हटाओ देश बचाओ का है और इसे हर सूरत में पूरा किया जाएगा। उनहोंने कोलकाता विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के आदेश को अपनी नैतिक जीत बताया है।

बिहार के आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी ममता का समर्थन करने उनके धरने में पहुंचे थे। उन्होंने अपने भाषण में भाजपा और मोदी सरकार पर जमकर हमला किया। अब रविवार से धरने पर बैठीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने धरना खत्म कर दिया है। इसे लेकर केंद्र सरकार और ममता सरकार में पिछले तीन दिन से घमासान मचा हुआ था। भाजपा और टीएमसी दोनों तरफ से बयानों का तूफान उठा हुआ था।  

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सीबीआई के मुद्दे पर धरने को समर्थन देते हुए कहा कि लोकतंत्र और इस देश को बचाने के लिए सब साथ हैं। साथ ही उन्होंने मोदी सरकार पर हमला भी बोला। 

उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला किया जा रहा है।  बंगाल पुलिस के कमिश्नर पर कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के एक दिन पहले उन्होंने पुलिस कमिशन्रर को परेशान किया। ये पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। 

ममता पर भाजपा के आरोप कि वो ये सबकुछ इसलिए कर रही हैं ताकि बीजेपी बंगाल में चुनावी रैलियां न कर पाए, नायडू ने पलटवार करते हुए कहा कि कोई किसी को नहीं रोक रहा। उन्होंने कहा – ”अगर आप (बीजेपी) अभद्र तरीके से वार करेंगे, तो सामने वाले को भी करना पड़ेगा। वो तो आंध्र प्रदेश में जाकर भी जैसा मन हो वैसा बोल रहे हैं। तो मुझे भी उनपर हमला करना पड़ेगा। मुझे भी वही भाषा इस्तेमाल करनी होगी।” नायडू ने ईवीएम से छेड़छाड़ के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ संभव है और हमें बैलट पेपर की ओर मुड़ना चाहिए। 

मशहूर एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे कांग्रेस में शामिल

बिग बॉस के सीजन ११ की विजेता रहीं शिल्पा शिंदे कांग्रेस में शामिल हो गयी हैं। एक लोकप्रिय कलाकार शिंदे ”भाभी जी घर पर हैं” नाम के मशहूर सीरियल में अंगूरी भाभी का लोकप्रिय चरित्र भी निभा चुकी हैं।

शिल्पा शिंदे मंगलवार को मुंबई में कांग्रेस में शामिल हुईं। शिंदे के कांग्रेस ज्वाइनिंग कार्यक्रम में मुंबई कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय निरुपम उपस्थित थे जिन्होंने शिंदे को पार्टी की सदस्यता दिलाई। पार्टी नेता चरण सिंह सापराभी इस मौके पर उपस्थित थे। चर्चा है कि उन्हें  कांग्रेस आने वाले लोकसभा चुनाव में मैदान में उतार सकती है।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद शिल्पा ने कहा कि वो इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा भी रखती हैं। टिकट को लेकर पूछे सवाल पर शिंदे ने कुछ कहने से इंकार कर दिया और कहा – “अभी थोड़ा इंतजार कीजिए, जल्द ही आपको सब पता चल जाएगा।” मशहूर टीवी एक्ट्रेस ने कहा कि आजकल सारी चीजें राजनीति के आसपास ही घूम रही हैं और ऐसे में उन्होंने सोचा कि क्यों ने वो भी राजनीति में आ जाएं और राजनीति में रहकर बदलाव की कोई कोशिश करें।

जब उनसे पूछा गया कि वो कांग्रेस में क्यों गईं, शिंदे ने कहा – ”पापा ने सालों कांग्रेस के लिए काम किया है। मैंने बचपन से आसपास पॉलिटिकल माहौल देखा है। ऐसे में कांग्रेस में जाना ही उचित समझा।”

टीवी शो ”भाभी जी घर पर हैं” से चर्चा में आने वालीं शिल्पा शो के प्रोड्यसर से विवाद के बाद उससे बाहर हो गईं थीं। शिंदे ने करियर की शुरुआत १९९९ में की थी। महाराष्ट्र के एक परिवार में शिंदे का जन्म १९७७ में हुआ। पिता डॉ. सत्यदेव शिंदे हाई कोर्ट में जज थे, जबकि मां गीता सत्यदेव शिंदे गृहिणी हैं। पिता की २०१३ में अल्जाइमर से मृत्यु हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट आदेश ‘संविधान की जीत’ : ममता

कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से सीबीआई पूछताछ से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के फैसले को ममता बनर्जी ने ”नैतिक और संविधान की जीत” बताया है। उधर केंद्र सरकार में मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ”सीबीआई के लिए नैतिक जीत” बताया है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा है कि कमिश्नर राजीव कुमार की कोई गिरफ्तारी नहीं होगी और न ही उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने राजीव कुमार से कहा है कि शिलांग में सीबीआई के सामने पेश हों और सभी सबूत उन्हें सौंपे और चिटफंड मामले की जांच में सहयोग करें।

कोलकाता में धरने पर बैठीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ममता बनर्जी ने कहा – ”देश में कोई बिग बॉस नहीं है। यहां केवल जनता ही बिग बॉस है। केवल लोकतंत्र ही इस देश का बड़ा मालिक है। यह मेरी जीत नहीं, यह संविधान की जीत है, यह भारत की जीत है।”

उनसे जब गठबंधन की तरफ से पीएम कौन होगा का सवाल पूछा गया तो ममता ने कहा -”देश का हर नागरिक पीएम है। कोइ भी नागरिक पीएम बनने का अधिकार रखता है।”

उधर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कहा – ”’सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि राजीव कुमार को कोलकाता में नहीं, बल्कि शिलांग में अदालत में पेश होना होगा। कुछ लोग इसे जीत बता रहे हैं। हम क्या कह सकते हैं। सवाल यह है कि राजीव कुमार तीन साल से आगे क्यों नहीं आ रहे हैं? लेकिन अब तक पूछताछ से बचते रहे पुलिस कमिश्नर को सीबीआई के सामने पेश होना होगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सीबीआई की बड़ी नैतिक जीत है।”

प्रियंका गांधी वाड्रा महासचिव

मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में एक कमरे के बाहर एक और नेम प्लेट टंग  गयी – प्रियंका गांधी वाड्रा महासचिव। अमेरिका से लौटते ही कांग्रेस की नई महासचिव पार्टी कार्यकर्ताओं के अपार जोश और उम्मीदों के बीच सक्रिय भी हो गईं। दो दिन बाद ही वे अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपी के दूसरे महासचिव माधव राव सिंधिया और  साथ बैठक में हिस्सा लेंगीं।

कुछ रोज पहले ही उन्हें अध्यक्ष राहुल गांधी ने महासचिव का जिम्मा सौंपा है और यूपी में पूर्वांचल हिस्से का जिम्मा दिया है जहाँ से पीएम मोदी और सीएम योगी लोक सभा के सदस्य हैं। उनकी सीटें क्रमशः वाराणसी और  गोरखपुर हैं।

अमेरिका दौरे से लौटने के बाद अब कांग्रेस उनकी  धूमधड़ाके के साथ  ताजपोशी की तैयारी कर रही है। पार्टी के दिल्ली स्थित कार्यालय में एक कमरे के बाहर प्रियंका गांधी वाड्रा की नेम प्लेट लगा दी गयी है। महासचिव पद का कार्यभार संभालने के बाद प्रियंका गांधी इस कार्यालय से पार्टी का कामकाज देखेंगी।

प्रियंका के लिए बड़ी चुनौती यह है कि उन्हें भाजपा और हाल में बने सपा-बसपा गठबंधन के दोहरे राजनीतिक के बीच से कांग्रेस को सम्मानजनक सीटें जीताने हैं। उन्हें तेज तर्रार नेता माना जाता है और दादी इंदिरा गांधी से उनके चेहरा-मोहरा और हाव-भाव मिलने से लोगों के बीच उनका जबरदस्त आकर्षण देखा जाता है।

प्रियंका ने अमेरिका से लौटते ही सक्रियता दिखाते हुए भाई और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ता ही नहीं आम लोग भी प्रियंका की ताजपोशी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। राहुल ने सात फरवरी को राज्यों के पदाधिकारियों की एक बैठक तालाब की है जिसमें प्रियंका उपस्थित रहेंगी। दो दिन बाद नौ फरवरी को होने वाली कांग्रेस प्रदेश प्रभारियों और विधायकों की बैठक में भी वह शामिल होंगीं।

यह भी चर्चा रही है कि प्रियंका कुंभ में स्नान के लिए भी जा सकती हैं हालाँकि कांग्रेस की तरफ से अभी इसकी कोइ आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है। उनके साथ राहुल की भी कुम्भ स्नान की ख़बरें मीडिया में आती रही हैं।

यूपी विधानसभा में हंगामा

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जमकर हंगामा हुआ। इस हंगामे के समय एक विधायक बेहोश हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिभाषण के समय राज्यपाल के ऊपर कागज के गोले फेंके गए। सपा के विधायक वेल तक पहुंच गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण जब चल रहा था तो समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने उनके ऊपर कागज के पर्चे फेंक दिए। पार्टी सदस्यों ने विधानसभा में जमकर हंगामा भी किया। बसपा सदस्यों ने भी सदन में हंगामा किया।

जानकारी के मुताबिक राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायकों ने हाथों में पोस्टर लेकर शोर किया। उन्हें राज्यपाल के ऊपर कागज के पर्चे से फेंकते भी देखा गया।

इस सारे हंगामे के बीच एक सदस्य बेहोश हो गए। हंगामा जब चल रहा था तो विधायक सुभाष पासी अचानक बेहोश होकर गिर पड़े।  उसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।  रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत अब बेहतर है।

यूपी विधानसभा का बजट सत्र आज शुरू हो गया जो २२ फरवरी तक चलेगा।  सात फरवरी को योगी सरकार अपना तीसरा बजट विधानसभा में पेश करेगी।  इससे पहले मंगलवार को जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई और राज्यपाल राम नाईक का अभिभाषण हुआ तो इस दौरान सपा और बसपा के सदस्यों ने जमकर  हंगामा किया।

बंगाल पुलिस कमिश्नर अदालत में पेश हों : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोलकाता सीबीआई-पुलिस और सारदा चिट फंड स्कैम से जुड़े मामले में आदेश दिए कि कोलकाता के पुलिस कमिश्नर सर्वोच्च अदालत के सामने पेश हों। साथ ही सर्वोच्च अदालत ने कहा कि फिलहाल राजीव कुमार की गिरफ्तारी नहीं होगी। अगली सुनवाई १९ फरवरी को होगी जिसमें उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। बंगाल के मुख्य सचिव को भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। 

सीजेआई ने कहा राजीव कुमार को पूछताछ में क्या दिक्कत है। अवमानना  के मामले में अभी फैसला नहीं करेंगे। इसमें बिना नोटिस के फैसला नहीं करेंगे। राजीव कुमार को जांच में सहयोग करना चाहिए। देखना पड़ेगा कि  मामले में सबूत क्या हैं। कमिश्नर सीबीआई के सामने पेश हों। वकील सिंघवी ने कहा कि राजनैतिक रैली के बाद छापेमारी हुई।  

बंगाल सरकार के वकील ने कहा पुलिस को परेशान करने की कोशिश की गयी। 

इससे पहले अटार्नी जनरल ने अदालत में कहा कि एसआईटी ने जांच सही तरीके से नहीं की। उन्होंने कहा कि सीबीआई को सौंपी गयी सीडीआर आधी-अधूरी है। उन्होंने कहा कि सबूतों से छेड़छाड़ की गयी है। 

अटार्नी जनरल ने कहा कि टीएमसी से जुड़े लोगों की जांच सही से नहीं की गयी। काल डिटेल्स से भी छेड़छाड़ की गयी। एसआईटी के जवाब आधे-अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में सबैधानिक संस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गयी हैं। उधर राजीव कुमार पर कोलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई टल गयी है। राजीव कुमार ने सीबीआई  को लेकर यह अर्जी दी थी। 

उधर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वे तथ्य देखने के बाद ही कुछ कहेंगी। इस ऑर्डर से जाहिर होता है कि यह हमारी सभी की जीत है। दोनों पक्षों को सहयोग करने के लिए कहा गया है। 

भाजपा में सिर्फ गडकरी में दम : राहुल

वरिष्ठ भाजपा नेता और मोदी सरकार में मंत्री नीतिन गडकरी के ब्यान आजकल विपक्षी नेताओं को बहुत रास आ रहे हैं। अब उनके एक ब्यान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।

दरअसल गडकरी ने भाजपा के युवा संगठन के एक कार्यक्रम में कहा कि जो व्यक्ति अपना घर नहीं संभल सकता वह देश का ध्यान नहीं रख सकता।  उनके इस ब्यान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को गडकरी  की तारीफ की। उन्होंने ट्वीट किया- ”भाजपा में सिर्फ एक नेता में दम है। कृपया राफेल डील, किसानों के मुद्दे और संस्थानों को बर्बाद करने पर भी टिप्पणी करें।”

नागपुर में एबीवीपी के कार्यक्रम में कहा था – ”मैं कई लोगों से मिला, जो कहते हैं कि हमने अपना जीवन भाजपा और देश के लिए समर्पित कर दिया। तब मैंने पूछा तुम क्या करते हो और घर में सब कैसे हैं। उसने कहा कि दुकान ठीक नहीं चल रही थी तो मैंने उसे बंद कर दिया। घर में पत्नी और बच्चे हैं। फिर मैंने उससे कहा कि पहले अपना घर और बच्चों को संभालो। इसके बाद पार्टी और देश के लिए काम करो।”

गडकरी ने कहा था कि भाजपा कार्यकर्ताओं को पहले अपनी घरेलू जिम्मेदारियां निभानी चाहिए, क्योंकि जो ऐसा नहीं कर सकता, वो देश का ध्यान नहीं रख सकता। इससे पहले भी गडकरी के कुछ बयानों को अप्रत्यक्ष रूप से पीएम मोदी पर निशाने के रूप में देखा गया है। यह भी कहा गया है कि गडकरी क्योंकि आरएसएस के बहुत नजदीकी माने जाते हैं लिहाज़ा उनके बयानों को खारिज नहीं किया जा सकता।

गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में गडकरी और राहुल साथ-साथ बैठे और दोनों को गुफ्तगू करते देखा गया था। गडकरी हाल ही में इंदिरा गांधी और जवाहर लाल नेहरू की भी तारीफ़ कर चुके हैं।