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अंतिम भाषण में राहुल पर मोदी का तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस लोक सभा के कार्यकाल का अंतिम भाषण देते हुए जहाँ अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसना भी नहीं भूले। मोदी ने कहा – मुझे इस सदन में आकर ही  यह पहली बार मुझे पता चला कि गले मिलना और गले पड़ना में क्या अंतर होता है। पहली बार देखा कि सदन में आंखों से गुस्ताखियां होती हैं।”
इसके अलावा मोदी ने राहुल के पुराने एक भाषण को याद करते हुए कहा –
”सदन में हम सुनते थे भूकंप आएगा, लेकिन पांच साल पूरे होने को हैं, कोइ भूकंप नहीं आया। हवाई जहाज उड़ाए गए। लेकिन लोकतंत्र की ताकत इतनी है न भूकंप आया और न हवाई जहाज उसकी ऊंचाई तक पहुंचे ”
पीएम ने इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियों भी गिनाईं और उन लम्हों को भी याद किया, जिसकी वजह से संसद का सदन मीडिया की सुर्खियों में रहा। मोदी ने दोनों सदनों के सांसदों का कार्यवाही के लिए धन्यवाद दिया।  मोदी ने कहा – ”२०१४ में मैं भी उन सांसदों में से एक था जो पहली बार संसद आए थे। मुझे संसद के बारे में कुछ पता नहीं था। हर चीज को बड़ी जिज्ञासा से देखता था लेकिन यह गली मेरे लिए नई थी। मेरे लिए हर चीज यहां नई थी। करीब तीन दशक बाद एक पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी थी। इस लोकसभा में १०० फीसदी से अधिक काम हुआ। संसदीय मंत्री का एक दायित्व रहता है। तोमर जी अभी संभाल रहे हैं। शुरुआत में वेंकैया जी देखते थे, अब वह उपराष्ट्रपति पद पर हैं। अनंत कुमार की कमी मुझे महसूस हो रही है।”
मोदी ने कहा कि इस लोकसभा इस बात के लिए भी हमेशा हम गर्व करेंगे, क्योंकि देश में इतने चुनाव हुए उसमें पहली बार सबसे ज्यादा महिला सांसद आईं। कुल ४४ महिला सांसद पहली बार आईं. सभी महिला सांसद अभिनंदन की अधिकारी हैं।
पीएम ने कहा कि पहली बार बिना कांग्रेस गोत्र के पहली मिलीजुली सरकार वाजपेयी जी की बनी थी। पहली बार बिना कांग्रेस गोत्र की बहुमत वाली सरकार २०१४ में बनी।  ”मेरे से पहले १३ प्रधानमंत्री हुए, लेकिन लोकसभा में मेरी जगह पर लगे प्लेक में सिर्फ तीन प्रधानमंत्रियों के नाम लिखे हैं। ऐसा क्यों है इस पर लिबरल लोग विचार करेंगे।”
मोदी ने कहा कि हमारे कार्यकाल में देश विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना।  इसके लिए यहां बैठे सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं।  क्योंकि नीति-निर्धारण का काम यहीं हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व में भारत का एक अलग स्थान बना है जिसका पूरा यश पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाले देश के सवा सौ करोड़ देशवासियों को जाता है।
पीएम ने कहा कि करीब २१९ बिल सदन में पेश हुए और २०३ बिल १६वीं लोकसभा के दौरान पास हुए। इसी दौरान बेनामी संपत्ति के खिलाफ बिल भी पारित हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में भारत ने मानवता के काम में बहुत बड़ी भूमिका अदा की है।

कश्मीर के स्कूल में ब्लास्ट, १६ छात्र घायल

कश्मीर के स्कूल में ब्लास्ट की घटना हुई है। बुधवार की इस घटना में करीब १२ छात्र घायल हो गए हैं। ब्लास्ट के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलवामा के एक निजी स्कूल में यह धमाका हुआ है। अभी साफ़ नहीं कि यह कोइ आतंकी घटना है या ब्लास्ट किसी अन्य कारण से हुआ है। इस धमाके में १२ बच्चे घायल हुए हैं। धमाके के बाद स्कूल मन दहशत का महल पैदा हो गया। सभी घायल बच्चों को पास के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये धमाका किस वजह से हुआ अभी इस बात का पता नहीं चल पाया है।
जानकारी के मुताबिक एक निजी स्कूल के एक हिस्से में धमाका हुआ। इस धमाके में टेंथ क्लास के स्टूडेंट घायल हुए हैं। फलाही-ई-मिलात स्कूल पुलवामा के काकपोरा में मौजूद है। कश्मीर के इस जिले में बीते दो-तीन दिन में कई मुठभेड़ की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में घाटी में सुरक्षाबल सतर्कता बरत रहे हैं।
स्थानीय पुलिस के मुताबिक दोपहर ढाई बजे स्कूल के क्लास रूम में धमाका हुआ। इसमें १२ बच्चे घायल हुए हैं हालाँकि सभी खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच कर रही है।

कांगड़ा में भूकंप के झटके

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बुधवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। किसी जान-माल के नुक्सान की कोइ खबर नहीं है।
भूकंप के झटके महसूस करते ही लोग भय के कारण घरों से बाहर निकल आये। रिपोर्ट्स के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता ३.५ मापी गई है। भूकंप का यह झटका सुबह करीब ७.३३ पर महसूस किया गया।
बताया गया है कि भूकंप का केंद्र जमीन से पांच किलोमीटर नीचे रहा। अभी तक की जानकारी के मुताबिक सुबह-सवेरे आए हल्के झटकों से कहीं से भी किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।  हालाँकि भूकंप महसूस करते ही  लोग दर के मारे घरों से बाहर निकल आए। इससे पहले पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं।
गौरतलब है कि समूचा हिमाचल खासकर पहाड़ी क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील है। इसे भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील ज़ोन में रखा गया है।

प्रियंका यूपी में सक्रिय, १६ घंटे बैठक

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा यूपी की जिम्मेबारी मिलते ही पूरी तरह सक्रिय हो गयी हो गयी हैं। लखनऊ के सफल रोड शो के बाद उत्साह में आये कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उन्होंने कमोवेश पूरी रात चली बैठक में जीत का मंत्र दिया।

वैसे बैठक को लेकर खुद प्रियंका ने कहा – ”मैं संगठन के बारे में सीख रही हूं। मैं लोगों की राय सुन रही हूं। आखिर चुनाव कैसे जीता जाए, इस पर भी बात हो रही है।” प्रियंका के मुताबिक यह चुनाव कैसे जीता जाए इस पर वे कार्यकर्ताओं के विचार जान रही हैं।

जयपुर से लौटने के बाद मंगलवार की रात प्रियंका ने अलग-अलग आठ लोकसभा क्षेत्रों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की जिनमें अमेठी और रायबरेली सीटें भी शामिल हैं। जयपुर से लखनऊ लौटने के बाद मंगलवार दोपहर को प्रियंका गांधी ने मंगलवार कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बैठक शुरू की थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रियंका ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक सुबह ५.३० बजे खत्म की। मीडिया से इस सिलसिले में जब प्रियंका की बात हो रही थी तो उनसे पूछा गया कि आप मोदी से मुकाबला (बाराणसी चुनाव में) करेंगी, तो प्रियंका का जवाब था – ”मेरे से नहीं, राहुल जी से उनका मुकाबला होगा। राहुल लड़ तो रहे हैं।”

करीब १५ घंटे तक चली बैठकों के बाद भी प्रियंका तरो ताजा दिख रही थीं। उनके हाव-भाव से साफ़ लग रहा है कि पति राबर्ट वाड्रा की ईडी की लगातार पूछताछ के बावजूद वे यूपी में कांग्रेस में पक्ष में हवा बनाने की पूरी कोशिश कर रही हैं।

वैसे सवाल उनसे पति वाड्रा को लेकर भी पूछा गया। प्रियंका का जवाब था –  ”ये चीज़े चलती रहेंगी। मैं अपना काम करती रहूंगी। मुझे बिल्कुल फर्क नहीं पड़ता।”

गुर्जर आरक्षण बिल राजस्थान विधानसभा में पेश

राजस्थान में गुर्जरों को आरक्षण के लिए राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने बुधवार को विधानसभा में बिल पेश कर दिया है। इस बिल के जरिये दस प्रतिशत  सवर्ण आरक्षण और पांच फीसद गुर्जर सहित अन्य जातियों को आरक्षण देने के बाद प्रदेश में आरक्षण की सीमा ६४ फीसद हो जाएगी।

राजस्थान में आरक्षण की मांग पर गुर्जर आंदोलन कर रहे हैं। अब जो बिल लाया गया है उसके मुताबिक गुर्जर समुदाय सहित पांच जातियों को कुल पांच फीसद आरक्षण दिया जाएगा। पूर्व में मिल रहा एमबीसी आरक्षण इसी में जोड़ा जाएगा।

इस बिल के जरिये गहलोत सरकार लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षण को लेकर आंदोलनरत गुर्जरों को मनाने के साथ ही सवर्ण मतदाताओं और महिला वोट बैंक को भी खुश करने की कोशिश में है। इसके तहत ही बुधवार को लाया गया बिल राज्य विधानसभा में पास करवाने की अशोक गहलोत सरकार की कोशिश है। साथ ही १० फीसद सवर्ण आरक्षण का बिल भी पारित कराया जा सकता है।

इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वाडे के मुताबिक लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर विधानसभा में शासकीय संकल्प पत्र पारित कराया जाएगा। इसके बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को चार माह का लेखानुदान भी पेश किया है। लोकसभा चुनाव के कारण पूरा बजट पेश नहीं किया जाएगा।

उधर राजस्थान में गुर्जर आंदोलन जारी है। राज्य में जगह-जगह गुर्जर समुदाय के लोग आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रहे। सवाई माधोपुर में गुर्जर समुदाय के लोग पटरियों पर बैठे रहे। इस कारण जयपुर के रास्ते आने-जाने वाली ट्रेनों पर असर पड़ रहा है।

ट्रेन के साथ ही सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है। जयपुर-आगरा मार्ग पूरी तरह बंद है। इस बीच प्रशासन ने सवाई माधोपुर में धरनास्थल के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है। गुर्जर आंदोलन के चलते कोटा मंडल ने पांचवें दिन भी कई ट्रेनों का संचालन रद्द करने के साथ ही कइयों के मार्ग परिवर्तित किए हैं।

राफेल पर तीन अफसरों ने कहा था – यूपीए से महंगा

राफेल लड़ाकू विमान की खरीद पर मचे बबाल और कैग रिपोर्ट संसद में होने के बीच राफेल को लेकर एक और खुलासा हुआ है। रक्षा मंत्रालय के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने राफेल डील को पिछली यूपीए-२ सरकार के समय किये सौद्दे से महंगा माना है।

इसका खुलासा अंग्रेजी अखबार ”द हिंदू” के आज के अंक में किया गया है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक ये तीनों अधिकारी फ्रांस की कंपनी दसॉ से बातचीत करने वाली रक्षा मंत्रालय की टीम में शामिल थे। इन अधिकारियों ने मोदी सरकार की डील के खिलाफ अपने नोट में यह माना था कि डील महंगी है। नॉट में यह भी कहा कि इसमें पहले चरण के तहत विमानों की आपूर्ति भी देर से हो रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निगोशिएशन टीम (एनआईटी) में कुल सात लोग शामिल थे, जिनमें से तीन वरिष्ठ एक्सपर्ट ने साफ तौर पर यह माना था कि फ्लाइ अवे कंडीशन में ३६ राफेल विमान खरीद का मोदी सरकार का सौदा यूपीए सरकार के दसॉ एविएशन से १२६ विमान खरीद के प्रस्ताव से ”बेहतर शर्तों” पर नहीं था।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन अधिकारियों ने यह निष्कर्ष रखा था कि ३६  राफेल विमान के नए सौदे में पहले चरण में १८ विमान की आपूर्ति का शेड्यूल भी यूपीए सरकार के दौरान मिले प्रस्ताव की तुलना में धीमा है। रिपोर्ट में अखबार ने डील की बातचीत में शामिल रक्षा मंत्रालय के इन तीन एक्सपर्ट अधिकारीयों के नाम एडवाइजर (लागत) एमपी सिंह जो इंडियन कॉस्ट एकाउंट्स सर्विस में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी थे,  फाइनेंशियल मैनेजर (एयर) एआर शुले और एक्विजिशन मैनेजर (एयर) और संयुक्त सचिव राजीव वर्मा बताये हैं। तीनों अधिकारियों ने बातचीत की प्रक्रिया पूरी होने पर पहली जून, २०१६ को डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ (डीसीएएस) को एक कड़े विरोध वाला नोट भेजा था। डीसीएएस ही इस बातचीत के दल का नेतृत्व कर रहे थे। अखबार ने इस आठ पेज के पूरे डिसेंट नोट को प्रकाशित किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह नोट दोनों देशों के बीच २३ सितंबर, २०१६  को हुए अंतर सरकारी समझौते से तीन महीने पहले ही दे दिया गया था। नोट में कहा गया है – ”एस्केलेशन के आधार पर फ्रांस सरकार ने विमानों की जो फाइनल प्राइस तय की, वह पहले तय बेंचमार्क कीमत से ५५.६ प्रतिशत ज्यादा है।”

कैग रिपोर्ट पेश, राफेल की कीमत का जिक्र नहीं

राफेल लड़ाकू विमान सौद्दे पर ”कैग” की रिपोर्ट तो गुरुवार को संसद में पेश कर दी गयी लेकिन इसके बाद भी वो सबसे बड़ा सवाल अनुतरित रह गया है जिसपर विपक्ष सबसे ज्यादा सवाल उठाता रहा है। ”कैग” की इस रिपोर्ट में राफेल की कीमत का कोइ जिक्र नहीं किया गया है। हालाँकि रिपोर्ट में यह ज़रूर कहा गया है कि इसे यूपीए के मुकाबले सस्ता खरीदा गया है।

वैसे रिपोर्ट में राफेल लड़ाकू विमान खरीद प्रक्रिया की पड़ताल की गई है लेकिन कीमत का कहीं जिक्र नहीं है। एक जगह यू-१ जैसे शब्द लिखे गए हैं लेकिन इसके मायने सम्भवता यह हैं – अज्ञात यूरो (यू मतलब अननोन?) यह साफ़ नहीं है। सोलह पन्नों की रिपोर्ट में ”कैग” ने सरकार की प्रक्रिया और उसके जवाबों का जिक्र ज्यादा किया है। इसी अननोन मिलिन यूरो के आधार पर नई डील को पुरानी डील से सस्ता बताया गया है हालाँकि यह सवाल ही रह गया कि असल खरीद राशि है कितनी !

बाद में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कैग रिपोर्ट पर कहा कि ”सत्यमेव जयते” और कहा साफ़ हो गया है कि मोदी सरकार ने राफेल यूपी के मुकाबले सस्ते खरीदे। उन्होंने कहा – ”सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट दी, कैग ने क्लीन चिट दी लिहाजा कांग्रेस का चेहरा बेनकाब हो गया है।”

वैसे संसद में राफेल एयर कैग रिपोर्ट को लेकर हंगामा रहा। विपक्षियों ने खूब हल्ला किया और सरकार पार कई आरोप लगते हुए वहिर्गमन किया। वैसे तो मोदी सरकार ने बहुत पहले खुद ही संसद में एक सवाल के जवाब में बिना हथियारों वाले एक राफेल विमान की कीमत ५७० करोड़ बताई थी लेकिन असली विपक्षी विरोध ”हथियारों से लैस राफेल विमान” की कीमतों पर रहा है।

आज सदन में पेश रिपोर्ट में कैग ने ३६ राफेल विमानों की नई डील को यूपीए सरकार में हुए १२६ विमानों वाली पिछली डील से सस्ता बताते हुए कहा है कि पुरानी डील में बदलाव कर सरकार ने देश की १७.०८ प्रतिशत रकम बचा ली। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले १८ राफेल विमानों का डिलीवरी शेड्यूल उस शेड्यूल से पांच महीने बेहतर है, जो १२६ विमानों के लिए किए गए सौदे में प्रस्तावित था।

उधर राफेल पर ”कैग” रिपोर्ट पेश होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपी चेयपर्सन सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार सुबह संसद भवन स्थित गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस के बड़े नेता भी प्रदर्शन में शामिल थे और ज्यादातर ने हाथ में कागज़ के राफेल पकड़ रखे थे।

नागेश्वर राव सर्वोच्च अदालत की अवमानना के दोषी करार

मोदी सरकार के आलोक कुमार को आधी रात को सीबीआई निदेशक के पद से छुट्टी पर भेजने के बाद जिन नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया था, उन्हें सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को न्यायालय की अवमाना का दोषी करार दिया है। उन्हें आज की अदालत की कार्यवाही चलने तक  कोर्ट के एक कोने में बैठने और एक लाख रूपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।

मुज़फरनगर शेल्टर होम मामले की जांच कर रहे अधिकारी एके शर्मा का सर्वोच्च अदालत के निर्देश के विपरीत तबादला करने के लिए सर्वोच्च अदालत ने कोर्ट में मंगलवार तलब किया था। इस मामले की १२ फरवरी को सुनवाई रखी गयी थी।

गौरतलब है कि सर्वोच्च अदालत ने पिछले गुरूवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान कुछ कड़ी टिप्णियां कीं थीं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की बेंच ने कड़े शब्दों में कहा कि पहली नजर में यही लग रहा है कि नागेश्वर राव ने सीबीआई अधिकारी एके शर्मा का ट्रांसफर कर कोर्ट की अवमानना की है। कोर्ट ने कहा- अब भगवान ही आपकी मदद करे।

नागेश्वर राव ने अंतरिम निदेशक रहते मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस मामले की जांच कर रहे एके शर्मा का पिछले दिनों तबादला कर दिया था।  हालांकि, कोर्ट ने आदेश दिया था कि इस मामले से जुड़े अधिकारियों की यथास्थिति बनाए।

अब सुप्रीम कोर्ट ने राव और एक अन्य अधिकारी को नोटिस भेजकर १२  फरवरी को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था। कोर्ट ने कहा कि तबादला आदेश जारी करने से पहले राव को कोर्ट से सहमति लेनी चाहिए थी।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने गुरूवार को कहा कि हम इसे बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। आपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ खिलवाड़ किया है। अब भगवान ही आपकी मदद करे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ कभी खिलावाड़ न किया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश के उल्लंघन के लिए सीबीआई प्रॉसिक्यूशन डायरेक्टर इंचार्ज एस भासु राम को भी मौजूद रहने का निर्देश दिया।

दिल्ली के होटल में आग, १७ की मौत

राजधानी दिल्ली के करोलबाग के एक होटल में मंगलवार को भीषण आग लग जाने से १७ लोगों की मौत हो गयी है। जानकारी के मुताबिक फायर ब्रिगेड की दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियां आगू पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं।

करोल बाग के चार मंजिला होटल ‘अर्पित’ में मंगलवार तड़के आग लगी। अभी तक १७ लोगों की जान की खबर है। इनमेँ एक बच्चा और महिलाएं भी हैं। मरने वालों में ज्यादातर लोग दिल्ली आए टूरिस्ट और अन्य लोग थे। म्यांमार और कोच्चि से आए लोग भी इनमें शामिल हैं। खबर लिखे जाने तक कुछ अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही थी। इन्हें दिल्ली के अलग अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।

सुबह १० बजे तक अग्निशमन विभाग ने होटल से २८ से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालने की जानकारी दी। साथ ही आग पर काबू पाने के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने की बात कही। हादसे में खत्म हुए ज्यादातर लोग एक ही परिवार से बताए जा रहे हैं, जो केरल के कोच्चि के रहने वाले हैं। कल ही किसी शादी में शामिल होने दिल्ली आए थे। खबर लिखे जाने तक कुछ मृतकों की पहचान नहीं हुई थी।

हादसे ने करोल बाग ही नहीं, पहाड़गंज और दिल्ली भर के होटलों में सुरक्षा इंतजामात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में १७  लोगों की मौत पर बात करते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने दुख जताते ए कहा कि ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हुई।

मोदी सरकार ने राफेल सौद्दे से भ्रष्टाचार कालम हटा दिया : द हिन्दू

राफेल पर अंग्रेजी अखबार ”द हिन्दू” ने दस्तावेजों सहित नया खुलासा किया है। इसके मुताबिक राफेल सौद्दे पर हस्ताक्षर से पहले भ्रष्टाचार विरोधी जुर्माने के प्रमुख प्रावधान और एक एस्क्रो अकाउंट हटा दिया गया था। अखबार का कहना है कि रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार खत्म करने पर जोर देने का दावा करने वाली मोदी सरकार की ओर से राफेल डील में बड़ी रियायत बरती गई थी। अखबार के खुलासे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दुबारा पीएम मोदी पर हमला बोला है।

अपनी नई रिपोर्ट में अखबार ने आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया है कि तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद ने सितंबर २०१६ में दो सरकारों के बीच हुए एग्रीमेंट, सप्लाई प्रोटोकॉल, ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट और ऑफसेट शेड्यूल में आठ बदलाव  किए थे।

अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि राफेल सौदे में ”उच्च स्तरीय राजनीतिक दखलंदाजी” हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक – ”अनुचित प्रभाव के इस्तेमाल पर जुर्माना, एजेंट कमीशन, दैसो और एमबीडीए फ्रांस कंपनी के खाते तक पहुंच के प्रावधान डील के मसौदे से हटा दिए गए थे।”

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को ”द हिंदू” के नए खुलासे के बाद दुबारा पीएम मोदी पर सीधा हमला किया है। उन्होंने लखनऊ जाने से पहले दिल्ली में आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायुडु की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में मोदी पर निशाना साधा।

इस बीच अखबार की नई रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि २३ सितंबर, २०१६  को भारत और फ्रांस के बीच हुए एग्रीमेंट के मुताबिक डसाल्ट राफेल विमानों की सप्लायर है और एमबीडीए फ्रांस भारतीय वायुसेना के लिए हथियारों की सप्लायर है। रिपोर्ट के मुताबिक राफेल सौदे का एग्रीमेंट और दस्तावेजों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी (सिक्योरिटी) २४  अगस्त, २०१६ को ही मंजूर कर चुकी थी। कुछ रोज पहले भी ”द हिन्दू” ने खुलासा किया था कि डील के समय पीएम कार्यालय (पीएमओ) की तरफ से समानांतर (पैरलेल) वार्ता की जा रही थी। रक्षा मंत्रालय ने हालाँकि आपत्ति जताते हुए अखबार पर ”अधूरे दस्तावेज छपने” का आरोप लगाया था। अब नए खुलासे के बाद मोदी सरकार पर नया संकट खड़ा हो गया है क्योंकि नया खुलासा बहुत गंभीर प्रतीत होता है।