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बृहन्मुंबई महानगरपालिका का आर्थिक बजट पर विश्लेषणात्मक लेख

बिना को टैक्स में बढ़ोत्तरी किए बिना मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त अजोय महोता ने 30 हजार 692 करोड़ 59 लाख का बजट पेश किया। गत बजट की तुलना की जाए तो 3434 करोड़ 52 लाख की वृद्धि हुई हैं। इस बजट में सातवें वेतन आयोग को अमल में लाने के लिए आर्थिक बोजा, जीएसटी, प्रॉपर्टी टैक्स और हाऊसिंग सेक्टर की मंदी से आर्थिक चिंता का प्रतिबिंब मुंबई मनपा का बजट में साफ तौर पर दिखाई दे रहा हैं। मुंबई मनपा ने आर्थिक स्थिति डांवाडोल होने से आरक्षित फंड से 5 हजार करोड़ लेने की मजबूरी मुंबई मनपा पर आन पड़ी हैं। जबकि इस बजट में नई योजनाओं का समावेश नहीं हैं।
मुंबई मनपा के आयुक्त अजोय मेहता ने 30 हजार 692 करोड़ 59 लाख का बजट स्टैंडिंग कमिटी के अध्यक्ष यशवंत जाधव को पेश किया। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष का बजट 3434.52 कोटी से यानी 12.60 प्रतिशत से बढ़ गया हैं। इस बजट में सड़क, जलमलनिकासी,स्वास्थ्य, शिक्षा, घनकचरा, गार्डन से जुड़े हुई योजनाओं पर ध्यान दिया गया हैं। 2220.40 करोड़ सड़क योजना के लिए प्रावधान की गई हैं। जलमलनिकासी पर 825.5 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं। 9268 करोड़ शहरी गरीब के तहत आदिवासी पाड़ा, गावठान, कोलीवाड़ा, आधार केंद्र के लिए रिज़र्व की गई हैं। 4528.29 करोड़ जलापूर्ति और मलनिकासी पर एकत्र खर्च की जाएगी। वहीं सिर्फ जलापूर्ति के लिए अलग से 1280. 32 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया हैं। 806.23 करोड़ रूपए का प्रावधान स्वास्थ्य सेवा के लिए किया गया हैं। प्राथमिक स्कूल की मरम्मत के लिए 260.64 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं।मुंबई में नए 6 उड़ान पुल के लिए 600 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं। मुंबई में वस्त्रोद्योग  संग्रहालय का प्रस्ताव हैं उसके लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं।  वीरमाता जिजामाता भोसले उद्यान और संग्रहालय के लिए 100 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया हैं। 154.23 करोड़ का प्रावधान मार्केट और खासकर देवनार पशुवध गृह का विकास के लिए किया गया हैं। बड़े घनकचरा योजना पर 176 करोड़ की रकम का प्रावधान किया हैं। शिवसेना ने उनकी दिमाग से उपज कोस्टल रोड के लिए 1600 करोड़ की धनराशि का प्रावधान कर उनके वादे पर अमल करने की पहल की हैं। वहीं गोरेगांव- मुलुंड लिंक रोड के लिए 100 करोड़ का प्रावधान हैं। शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के प्रस्तावित स्मारक के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं और महापौर के लिए नए बंगले की जमीन के लिए 1 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं।
मुंबई मनपा का बजट पर गौर फरमाया जाए तो मनपा प्रशासन ने जिन विभागों पर धनराशि का प्रावधान गत बजट की तुलना से अधिक किया हैं उसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पूल, मलनिकासी, फायर ब्रिगेड, घनकचरा, गार्डन और संग्रहालय का शुमार हैं।
मनपा ने स्वास्थ्य सेवाओं पर इस वर्ष अधिक यानी 15 प्रतिशत की वृद्धि की हैं। इसमें वैद्यकीय सेवा, सुविधा और मैन पॉवर और अस्पताल की मरम्मत पर जोर दिया गया हैं। गत वर्ष 3601 करोड़ का प्रावधान था जो बढ़ाकर इस वर्ष 4151करोड़ किया गया हैं। 785 डॉक्टरों की नियुक्तियों को इस बार वरियता दी जाएगी। अस्पताल के अलावा जो स्वास्थ्य केंद्र हैं, प्रसूतिगृह और उपनगरीय अस्पताल में 101 मूलभूत और 38 अन्य प्रकार की आधुनिक जांच की सेवाएं मुहैया कराई जाएगी ताकि मुख्य अस्पतालों पर अतिरिक्त बोझा नहीं आन पड़े। इसमें अस्पताल के लिए 243 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं। अस्पताल में आनेवाले हर एक मरीज का डाटा बनाने के लिए प्रणाली को कार्यान्वयन किया जाएगा।
बेस्ट सेवा को लेकर बजट से लोगों की अधिक अपेक्षा थी। लेकिन बजट में सिर्फ 44 करोड़ का प्रावधान किया गया। इसमें 10 करोड़ क्वार्ट्स के लिए रखे गए हैं और 34 करोड़ में यात्री प्रणाली और अन्य सेवा पर ध्यान दिया जाएगा। इससे बेस्ट कर्मियों में नाराजगी हैं। जबकि बेस्ट का घाटा 1022 करोड़ का हैं और बेस्ट का मनपा में विलीनीकरण या अन्य राज्यों में जिस तर्ज पर अनुदान मिलता हैं उसी तर्ज से अनुदान की मांग पर विचार नहीं किया गया हैं। इस बजट में सड़क पर रहनेवाले ख़ासकर फुटपाथ पर जीवन यापन करनेवाले गरीब और बेसहारा तबके को वंचित रखा गया है। इनके लिए शेल्टर हाउस की मांग वर्षों से की जाती हैं लेकिन कुछ चंद नाम के लिए बनाए गए शेल्टर हाउस की हालत जर्जर हैं। मुंबई मनपा में कमसे कम 50 शेल्टर हाउस बनाने की आवश्यकता हैं।
कुल मिलाकर बजट संतोषजनक तो हैं ही लेकिन नई योजनाओं की घोषणा नहीं की गई हैं। जिन योजनाओं पर बजट केंद्रित हैं वह सारी की सारी योजनाएं पुरानी हैं। बजट में धनराशि का प्रावधान होता हैं लेकिन शत प्रतिशत बजट में प्रावधान की गई रकम का इस्तेमाल होता नहीं हैं। इसे लेकर मनपा और जनप्रतिनिधियों को आम लोगों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।

लखनऊ से पहले प्रियंका की ट्विटर पर एंट्री

यूपी का बड़ा समर संभालने से कुछ घंटे पहले कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने एक और बड़ी एंट्री ली – ट्विटर पर। रात करीब दस बजे इस एंट्री के बाद के घंटों में ही उनके हज़ारों फॉलोअर हो गए हैं।

कुछ रोज पहले बसपा की सुप्रीमो मायावती ने भी ट्विटर की दुनिया में प्रवेश किया था। और अब प्रियंका आ गयी हैं। शुरुआत में प्रियंका ने सात लोगों को अपनी तरफ से फॉलो किया जिनमें राहुल गांधी, अहमद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट भी शामिल हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ट्विटर पर @priyankagandhi के नाम से हैं।  कांग्रेस की ओर से सुबह ट्वीट कर प्रियंका गांधी वाड्रा के ट्विटर पर आने की जानकारी दी गयी।

गौरतलब है कि सोमवार को ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का लखनऊ में रोड शो शुरू हो गया है। यह उनका आधिकारिक सियासी सफर कहा जा सकता है।

प्रियंका गांधी की ट्विटर पर एंट्री के साथ ही उनके फॉलोवर्स की संख्या बढ़ती  जा रही है। ट्विटर अकाउंट के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा का ये अकाउंट १०  फरवरी की पोन ग्यारह बजे क्रिएट हुआ है। फिलहाल प्रियंका ने अपने  आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से अभी कोई ट्वीट तो नहीं किया गया है। वे  अकाउंट्स कांग्रेस, रणदीप सिंह सुरजेवाला और अशोक गहलोत को भी फॉलो कर रही हैं।

सारदा घोटाला जांच में निगरानी से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सारदा चिटफंड घोटाला मामले की जांच की निगरानी से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि चिटफंड मामला सामने आने के बाद प्रभावित निवेशकों ने पूरे घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करवाने को लेकर सर्वोच्च अदालत का दरबाजा खटखटाया था।

सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई के दौरान सोमवार कहा कि उसे ऐसा नहीं लगता कि इस घोटाले में निगरानी की कोई ज़रुरत है। शारदा चिटफंड स्कैम पश्चिम बंगाल का एक बड़ा वित्तीय घोटाला है, इस घोटाले में कई बड़े नेताओं का नाम सामने आया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने इनवेस्टरों से वादा किया कि उनकी रकम को ३४ गुना करके वापस किया जाएगा।

लाखों लोगों ने कंपनी में निवेश किया था और बाद में करीब ४० हजार करोड़ की हेर-फेर की बात सामने आई थी। साल २०१४ में सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम पुलिस को जांच में सहयोग करने का आदेश दिया था।

याद रहे चिटफंड घोटाले की जांच करने वाली पश्चिम बंगाल पुलिस की एसआईटी का नेतृत्व २०१३ में राजीव कुमार ने किया था। सीबीआई का आरोप है कि जांच से जुड़े कुछ दस्तावेज नष्ट  किये गए हैं और इस सिलसिले में उसकी राजीव कुमार से पूछताछ भी चल रही है।

बीजेपी को सत्ता का नशा और अहंकार – शिवसेना

आज एक बार फिर शिवसेना ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया है लेकिन निशाना मुख्य तौर पर महाराष्ट्र के चीफ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस को बनाया है।शिवसेना के माउथपीस ‘सामना’ में सीएम को टारगेट करते हुए कहा है कि फडणवीस ने इस लोकसभा चुनाव में किसी भी हालत में 43 सीटें जीतने का दावा किया है और बारामती में शरद पवार को पराजित का दावा भी।

सीएम के इस दावे पर तंज कसते हुए शिवसेना ने कहा कि अपने बलबूते पर बीजेपी महाराष्ट्र में 48 सीटें और देशभर में 548 सीटें जीत सकती है, ईवीएम और इस तरह झाग वाले आत्मविश्वास के साथ तो बीजेपी अमेरिका में भी कमल खिला सकती है लेकिन अभी तक बीजेपी के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि उसने अयोध्या में राम मंदिर का कमल क्यों नहीं खिलाया?
इन सवालों के जवाब उनके पास नहीं है लेकिन इसे गिराएंगे, उसे गिराएंगे, उसे गाड़ेंगे इस तरह की भाषा इन दिनों  इनकी जुबान पर बस गयी है कहीं ऐसा न हो कि किसी दिन खुद ही अपने लोगों को गिराने की बात करन करने लगे!
किसानों के संकट, सूखाग्रस्त महाराष्ट्र की फिक्र केंद्र को नहीं है ।महाराष्ट्र के गंभीर सवालों पर कोई चर्चा नहीं है ।अहमदनगर जिले के किसानों की बेटियों ने अनशन शुरू किया तो उस आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार ने पुलिस बल का इस्तेमाल किया किसानों की बेटियों बहू को गाड़ दो यह संदेश सरकार का है। प्याज को सिर्फ साढ़े सात पैसे का भाव मिल रहा है ,दूध पर लगने वाली जीएसटी से किसान परेशान हैं, अनाथ आश्रम के दत्तक केंद्रों में पिछले 4 वर्षों में 1000 से अधिक बच्चे बच्चों की मौत हुई है ,राज्य में शिक्षकों की 24000 सीटें खाली पड़ी हैं इन गंभीर मसलों का उनके पास कोई उपाय है लेकिन महाराष्ट्र में 48 में से 43 सीटें जीतने का उपाय उनके पास है। जनता को मरने दो, राज्य खाक होने दो लेकिन राजनीति टिकनी चाहिए ।
बीजेपी सत्ता को लोकतंत्र की दुर्घटनाओं का नाम देते हुए शिवसेना ने उस पर वार करते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में दुर्घटना से राह निकालने का काम जनता करती है और पिछले 70 सालों में यह कार्य बखूबी किया जा रहा है। 24 घंटे सत्ता के नशे में रहकर झूमना और नशे में डूब कर बोलना उचित नहीं है ।सत्ताधारी दल में जो संयम और विनम्रता का भाव होना चाहिए वह हाल के दिनों में सत्ताधारी खो चुके हैं ।शिवसेना –  बीजेपी गठबंधन पर भी सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि एक ओर तो सीएम गरजते हैं उन्हें 48 में से 43 सीटें मिल जाएंगी और दूसरी ओर शिवसेना के साथ हिंदुत्व के मुद्दे पर गठबंधन की बात कहते हैं आखिर क्यों तय नहीं कर लेते कि करना क्या है ?अनाप-शनाप बोलने से उनकी बची खुची प्रतिष्ठा खत्म हो जाएगी। महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी  गठबंधन को अधर में लटकाए रखने के लिए बीजेपी पर दोष मढते पर शिवसेना ने कहा कि इस पाप का बीजारोपण 2014 में बीजेपी ने ही किया था।

कैग रिपोर्ट एक और बड़ा घोटाला होगा : सिब्बल

मोदी सरकार एकाध दिन में कैग रिपोर्ट संसद में लाने की योजना बना रही है हालाँकि उससे पहले ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सीएजी राजीव महर्षि पर गंभीर आरोप लगाया है।  सिब्बल ने कहा है कि ”राफेल सौदे में राजीव महर्षि खुद की जांच कैसे कर सकते हैं। जब पीएम नरेंद्र मोदी ने अप्रैल, २०१५ में इस डील की घोषणा की थी, तब वह केंद्रीय वित्त (आर्थिक मामलों) सचिव थे।”

माना जा रहा है कि कैग की रिपोर्ट्स सोमवार को संसद में पेश हो सकती है। रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सिब्बल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जो सीएजी साल २०१५ में राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इस मामले में बतौर वित्त सचिव शामिल था, वही सीएजी अब रिपोर्ट पेश करेगा। सिब्बल ने कहा – ”यह हितों के टकराव का एक प्रमुख मुद्दा है। उन्हें (राजीव महर्षि) को इस रिपोर्ट को पेश करने से बचना चाहिए। अगर यह संसद में पेश किया जाता है, तो यह एक और बड़ा घोटाला होगा।”

पूर्व मंत्री ने महर्षि से कहा – ”आप २९ अक्टूबर २०१४ से ३० अगस्त २०१५  तक वित्त सचिव थे जिसका मतलब है कि ५८,००० करोड़ रुपये की लागत से ३६ राफेल विमानों की खरीद की पीएम की एकतरफा घोषणा के समय आप वित्त सचिव थे। वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि यानी कॉस्ट अकाउंट्स सर्विस के सदस्य और वित्तीय सलाहकार भारतीय वार्ता टीम का हिस्सा थे।  इसलिए, आप राफेल सौदे की बातचीत में भी शामिल थे। इसलिए आपको राफेल डिल की रिपोर्ट को पेश करने से बचना चाहिए।”

सिब्बल ने इसके साथ ही मोदी सरकार के सभी सरकारी अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा – ”हम पीएम मोदी के प्रति उनकी अत्यधिक निष्ठा वाले अफसरों की निगरानी कर रहे हैं। सरकारें तो आती जाती रहती हैं।”

काले झंडों के बीच पीएम मोदी का आंध्र दौरा

असम दौरे में भारी विरोध झेलने के बाद पीएम मोदी को रविवार को आंध्र प्रदेश के दौरे में भी विरोध झेलना पड़ा। उनकी गुंटूर में रैली से पहले ही वहां सड़कों को पोस्टरों से पाट दिया गया जिनमें मोदी को कुछ लोग दौड़ा रहे हैं। पोस्टर में पीएम को भागते हुए दिखाया गया है। पोस्टर में लिखा गया है “मोदी अब कभी भी नहीं।” उधर मोदी ने अपने भाषण में चंद्र बाबू नायुडु सहित कांग्रेस और अपने विरोधियों पर जमकर हमला किया।

गौरतलब है कि असम दौरे में पीएम मोदी का काले झंडों के साथ स्वागत हुआ था। शनिवार को चांगसारी में उनकी जनसभा से ठीक पहले दिसपुर में राज्य सचिवालय के सामने एक समूह ने अपने कपड़े उतारकर मार्च निकाला और नागरिकता विधेयक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पहले २७  जनवरी को भी उनके तमिलनाडु दोरे पर पीएम मोदी का कड़ा विरोध हुआ था। उन्हें शहर में कई जगहों पर काले झंडे दिखाए गए थे।

हालांकि इससे बेपरवाह मोदी ने रविवार को आंध्र प्रदेश के गुंटूर में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। मोदी ने एनडीए के सहयोगी रहे टीडीपी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू पर राज्य को अपने स्वार्थ के लिए बांटने वाली कांग्रेस के समक्ष ”समर्पण” करने का आरोप लगाया।

विपक्षी दलों के महागठबंधन को भी पीएम मोदी ने आड़े हाथों लिया। उनके निशाने पर नायडू ज्यादा रहे। नायडू पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा –  ”जब एनटी रामा राव की विरासत संभाल रहे नेता अपनी कमियों को छिपाने के लिए दूसरों पर आरोप लगाने की राजनीति करने लगें, तो समझ लेना चाहिए कहीं ना कहीं कुछ गड़बड़ है।”

पीएम ने आंध्र विभाजन को लेकर कहा कि जब आंध्र प्रदेश का बंटवारा हुआ, तो केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। ”वही कांग्रेस, जिसने इस बंटवारे में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों का हित नहीं, अपना स्वार्थ देखा आज उसी कांग्रेस के सामने चंद्रबाबू नायडू जी ने समर्पण कर दिया।”

जहरीली शराब से मौतों पर प्रियंका गांधी दुखी

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से बड़े पैमाने पर लोगों की जान जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उनके परिजनों से संवेदना जताई है। इस बीच दोनों राज्यों में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या १०९ हो गयी। यूपी में ७७ और उत्तराखंड में ३२ लोगों की जान गयी है।
इस बीच सहारनपुर में जहरीली शराब से जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों ने रविवार को सड़क जामकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे मृतकों के परिजनों ने कहा – “हमारे बच्चों को मुख्त में शिक्षा मिलनी चाहिए। जिन महिलाओं की मौत हुई है उनके पतियों को नौकरी दी जानी चाहिए, और दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।”
बड़े पैमाने पर मौतों पर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गहरा दुःख जताया है। जहरीली शराब से हुई मौतों पर प्रियंका गांधी ने एक ब्यान में कहा – ”मैं यह जानकर स्तब्ध और बेहद दुखी हूं कि जहरीली शराब से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, कुशीनगर और कई गांवों में १००  से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और मरने वालों का सिलसिला लगातार जारी है।”

प्रियंका ने बयान में कहा – “दिल दहला देने वाली इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार की सरपरस्ती में अवैध शराब का इतना बड़ा कारोबार संचालित होता है यह कल्पना भी नहीं की जा सकती। मैं उम्मीद करती हूं कि भाजपा सरकारें अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी और मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी का प्रावधान किया जाएगा।”

यूपी के पूर्वांचल की प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा – ”इतनी दुखद घटना के बारे में सुनकर मैं अत्यंत व्यथित हूं और शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करती हूं।”

इस बीच जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यूपी  में अब तक ७७ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं उत्तराखंड में अब तक ३२  लोगों की जान गयी है। दोनों राज्यों की बात करें तो मरने वालों की संख्या १०९ है जबकि दर्जनों लोग अभी अस्पतालों में भर्ती हैं।

हिंसक हुआ गुर्जर आंदोलन

तीन दिन पहले शुरू हुआ गुर्जर आंदोलन रविवार को हिंसक हो गया। आंदोलनकारियों ने धौलपुर में महापंचायत की और उसके बाद एनएच ३ पर जाम लगा दिया। बाद में यातायात सेवा बाधित होने के साथ-साथ रेल सेवाएं भी प्रभावित हो गईं। धौलपुर हाइवे पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद लोगों ने जाम लगा दिया और वाहनों में आग लगा दी।

रिपोर्ट के मुताबिक आंदोलनकारी दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर पटरियों पर बैठे हैं जिससे कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया गया हैं या उनके मार्ग में बदलाव किया गया है। गुर्जर नेता पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग पर अड़े हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की सूचना है।
झड़प के बाद लोगों ने जाम लगा दिया और वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने ऐसा करने से रोका तो प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है। भीड़ काबू  करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी है।

लगातार हिंसक हो रहे आंदोलन के चलते कम से कम दो ट्रेनों को रद्द किया गया और नौ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने आंदोलन के कारण उदयपुर से हजरत निजामुद्दीन और हजरत निजामुद्दीन से उदयपुर के बीच चलने वाली रेलगाड़ी को रद्द कर दिया है। आंदोलन के चलते रविवार को उत्तर रेलवे ने १३ ट्रेनों को डायवर्ट किया।

लाल चौक के पास आतंकी हमला

सुरक्षा बलों के हाथों लगातार ढेर हो रहे आतंकी इतना बोखला गए हैं कि रविवार की शाम उन्होंने श्रीनगर के लाल चौक के पास सीआरपीएफ की टीम पर ग्रेनेड से हमला कर दिया। इस हमले में सीआरपीएफ के तीन जवान, जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के चार पुलिसकर्मी और चार नागरिक घायल हो गए।

गौरतलब है कि  रविवार सुबह ही पुलवामा में सुरक्षा बलों ने पांच आतंकियों को ढेर कर दिया था। शाम को आतंकियों ने श्रीनगर के लाल चौक के पास पल्लाडियम लेन में सीआरपीएफ की टीम पर ग्रेनेड से हमला किया जिसमें सीआरपीएफ के तीन जवान, जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के चार पुलिसकर्मी और चार नागरिक घायल हो गए हैं।

इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेरेबंदी कर ली और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। अभी तक आतंकियों को खोजा नहीं जा सका है।

घटना में घायल सभी लोगों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रेनेड हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन  शुरू कर दिया है। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।

कश्मीर में ५ आतंकी मार गिराए

जम्मू कश्मीर में रविवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चली मुठभेड़ में पांच आतंकी मारे गए है। इन आतंकियों के पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद‍हुआ है। उधर घटनास्थल पर स्थानीय लोगों ने एक बार फिर सुरक्षा बलों पर पथरबाजी की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लम देवसर इलाके में हुई। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लम में आतंकवादियों के साथ यह मुठभेड़ काफी देर जारी रही क्योंकि दो आतंकियों को ढेर करने के बाद भी सुरक्षा बालों को आशंका थी कि वहां और आतंकी  छिपे हो सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक केल्लम गांव में दहशतगर्दों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सेना के जवानों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया जिसके बाद आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बालों की जबाबी कार्रवाई से दो  आतंकी ढेर कर दिए गए।

घटना शनिवार देर रात की है जब सुरक्षा बालों को आतंकियों के छिपे होने के जानकारी मिली। सेना के जवानों ने पूरे गांव को चारों ओर से घेर लिया और खोजबीन शुरू की। तलाशी अभियान से बौखलाए आतंकियों ने सेना पर गोलीबारी शुरू कर दी। सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया।  अभी भी इलाके से गोलीबारी की आवाजें आ रही हैं।

इसी जिले में बुधवार को भी सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के मुताबिक लित्तर इलाके के चकूरा गांव में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया और खोज अभियान शुरू किया। जैसे ही छिपे आतंकियों के चारों ओर घेरे को कड़ा किया गया तो उन्होंने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाई, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।