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शहीदों के घर मातम

पुलवामा में आतंकी हमले ने दर्जनों भारतीय परिवारों में मातम पसार दिया है। देश की कई बेटियां विधवा हो गईं, बच्चों ने पिता खो दिए, भाइयों-बहनों ने भाई खो दिए हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर देश के सुदूर कोनों तक दुःख की घड़ी है और लोग गमजदा हैं। दुनिया भर से पुलवामा के आतंकी हमले पर भारत को संदेश मिले हैं और एकजुटता दिखाई गयी है। इस बीच जम्मू में ऐहतियातन धरा १४४ लगाई गयी है ताकि किसी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। शहीदों की पार्थिव देह को उनके पैतृक इलाकों में भेजने का काम शुरू हो गया है।

देश के लिए अपनी जान न्योछावार करने वाले ३७ शहीद जवानों में से १२ उत्तर प्रदेश के सपूत हैं। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों में हिमाचल प्रदेश से एक, जम्मू-कश्मीर से एक, पंजाब चार, राजस्थान पांच, झारखंड एक, केरल एक, तमिलनाडु एक, ओड़िशा एक, कर्नाटक एक, महाराष्ट्र २, पश्चिम बंगाल एक, मध्य प्रदेश एक, उत्तराखंड २, बिहार २ और असम एक जवान शामिल हैं। इन जवानों के परिवारों के साथ पूरा देश शोक में डूब गया है।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के साथ ही अमेरिका, इजरायल और रूस से पुलवामा आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारत का साथ देने की बात कही है। यूएन ने एक बयान में कहा –  ”हम जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है हमारी उनके प्रति गहरी संवेदना है। हम सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं और हमले के जिम्मेदार सभी लोगों को जल्द से जल्द कठघरे में लाया जाएगा।”

दिल्ली में यूपीए अध्यक्ष और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने एक ब्यान जारी कर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए उम्मीद जताई है कि इस हमले को अंजाम देने वाले वाले आतंकवादियों को सजा मिलेगी। सोनिया ने बृहस्पतिवार देर रात एक बयान में कहा – “जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए बर्बर हमले से मैं स्तब्ध, आक्रोशित और गहरे शोक में हूं। निस्वार्थ भाव से देश की सेवा करते हुए सीआरपीएफ के हमारे बहादुर जवान कायर आतंकवादियों के हाथों शहीद हुए। देश हमारे वीर जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।”

उन्होंने कहा – ”इस हमले के शिकार हुए हर व्यक्ति के साथ मेरी गहरी संवेदना है।  मुझे पूरी आशा है कि जिन्होंने इस भयावह हमले को अंजाम दिया, उन्हें कतई नहीं बख्शा जाएगा।

हिमाचल कांग्रेस विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार शोक सभा की जिसमें शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। अग्निहोत्री ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। कहा कि यह घटना राष्ट्र के लिए बड़ी चुनौती है। ”केंद्र सरकार इस घटना को गंभीरता से ले और देश के सैन्य ठिकानों और सेनाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता बंदोबस्त करे।”

उधर पाकिस्तान ने इस हमले के बाद प्रेस रिलीज जारी कर कहा – ”हम विश्व में कहीं पर भी होने वाली हिंसा की निंदा करते हैं। भारत अधिकृत कश्मीर के पुलवामा में हुआ हमला चिंता का विषय है। विश्व में कहीं पर भी होने वाली हिंसा की गतिविधियों की हम कड़ी निंदा करते हैं। इसके साथ ही बिना जांच के भारतीय मीडिया और सरकार की ओर से हमले का लिंक पाकिस्तान से जोड़े के तमाम आरोपों को हम सिरे से खारिज करते हैं।”

आतंकियों ने बड़ी गलती कर दी : पीएम

पुलवामा हमले को लेकर शुक्रवार को दिल्ली में सीसीएस की बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सबसे तेज ट्रेन वंदे भारत को नई दिल्ली से हरी झंडी दिखाई। वंदे भारत ट्रेन,  जिसका नाम टी१८ है, दिल्ली से वाराणसी के बीच चलेगी। इसकी तीव्रतम गति १८० किलोमीटर प्रति घंटा है। इस मौके पर पीएम ने पुलवामा हमले पर कहा कि आतंकवादियों ने बड़ी गलती कर दी है और इसकी सजा उन्हें ज़रूर मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए पड़ोसी पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि आतंकियों ने बहुत बड़ी गलती कर दी है और उनके सरपरस्तों को करारा जवाब मिलेगा। वंदे भारत एक्सप्रेस की लॉन्चिंग के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने कहा – ”आतंकी संगठनों को और उनके सरपरस्तों को कहना चाहता हूं कि वे बहुत बड़ी गलती कर गए हैं। मैं देश को भरोसा दिलाता हूं कि हमले के पीछे जो ताकतें हैं, इस हमले के जो भी गुनहगार हैं, उन्हें उनके किए की सजा अवश्य मिलेगी। सुरक्षाबलों को पूरी छूट दे दी गई है।”

उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले के बाद अभी हमारी स्थिति दुख और आक्रोश वाली है। उन्होंने कहा – ”मैं विश्वास जताता हूं कि जिन शब्दों और सपनों को लेकर हमारे जवानों ने जीवन त्यागा है, उन सपनों को पूरा करने के लिए हम अपने जीवन का पल-पल खपा देंगे।”

मोदी ने कहा कि पाकिस्तान तबाही के रास्ते पर चल रहा है। ”हमें अपने सैनिकों के शौर्य और उनकी बहादुरी पर पूरा भरोसा है। पड़ोसी देश यह समझता है कि जिस तरह से वह साजिश रच रहा है, उससे भारत में अस्थिरता फैल जाएगी तो वह ऐसा कभी नहीं कर पाएगा। यह कभी नहीं होने वाला है। उसके मंसूबे कभी पूरे नहीं होने देंगे।”

इस मौके पर पीएम ने अपने भाषण में कहा कि बीते वर्षों में रेलवे ने मेक इन इंडिया के तहत काफी प्रगति की है। रेल मंत्री पीयूष गोयल भी उनके साथ थे। ट्रेन रवाना करने से पहले पीएम ने पुलवामा हमले के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। वंदे भारत को हरी झंडी दिखाने से पहले पीएम मोदी ने ट्रेन का दौरा किया।

अधिकारियों ने उन्हें ट्रेन की सुविधाओं के बारे में बताया। मोदी ने बताया कि बिजली वाली ट्रेन चलाने से काफी फायदे होंगे। इससे प्रदूषण कम होगा और डीजल पर होनेवाला खर्च भी बचेगा। पीएम के मुताबिक, इसकी वजह से काफी नौकरियां भी निकली हैं। यह ट्रेन कानपुर और प्रयागराज में भी रुकेगी।

ट्रेन में लंबे सफर में आराम के लिए फुटरेस्ट दिए गए हैं। साथ में बोटल या अन्य सामान रखने की भी जगह सीटों के साथ मौजूद है। वंदे भारत ट्रेन में प्लेन जैसी खूबियां हैं। एसी, टीवी, ऑटेमैटिक दरवाजे, हाइक्लास पैंट्री और वॉशरूम इस ट्रेन में सब-कुछ है। यह भारत की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन है।

ट्रेन दिल्ली से वाराणसी नौ घंटे ४५ मिनट में पहुंचेगी। यात्रा अवधि में ट्रेन कानपुर और इलाहाबाद स्टेशन पर ४०-४० मिनट रुकेगी जहां विशेष कार्यक्रम होगा। सेमी हाई स्पीड ट्रेन १८ का नाम हाल में ”वंदे भारत एक्सप्रेस” कर दिया गया था। इसमें  शताब्दी ट्रेनों से भी बेहतर सुविधा इसमें होगी। इसका मकसद यात्रियों को बिल्कुल नया अनुभव देना है। इसमें १६ वातानुकूलित कोच होंगे जिसमें दो एक्जीक्यूटिव श्रेणी के होंगे। कुल ११२८ यात्री इसमें सवार हो सकते हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस का निर्माण ”मेक इन इंडिया” पहल के तहत चेन्नई में इंटिग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) में किया गया है।

रेलवे ने दिल्ली-वाराणसी सफर के लिए वातानुकूलित कुर्सीयान का किराया १८५०  रुपये की जगह १७६० रुपये, जबकि एक्जीक्यूटिव श्रेणी का किराया ३५२० रूपये की जगह ३३१० रूपये करने की घोषणा की है। नई दिल्ली से वाराणसी तक एक्जीक्यूटिव श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों को सुबह की चाय, नाश्ते और भोजन के लिए ३९९ रुपये देने पड़ेंगे जबकि कुर्सीयान के यात्रियों को ३४४ रूपये लगेंगे।

जवानों, सरकार के साथ : राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को पुलवामा हमले को लेकर कहा कि वे और उनकी पूरी पार्टी दुःख की इस घड़ी में जवानों, उनके परिवारों और सरकार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा पूरा देश इस घड़ी में एकजुट है और हमें कोइ बाँट नहीं सकता।

प्रेस कांफ्रेंस में राहुल ने कहा कि देश को इस घटना से बड़ी चोट लगी है लेकिन ऐसा करने वाले यह याद रखें कि देश ऐसी चीजें भूलता नहीं है। राहुल ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले कुछ दिन शोक के कारण वे किसी राजनीतिक मसले पर कोइ चर्चा नहीं करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह देश की आत्मा पर हमला है।  ”हम, कांग्रेस और पूरा विपक्ष जवानों, उनके परिवारों और सरकार के साथ खड़े हैं।” राहुल ने कहा कि ऐसा करने वाले भूल जाएँ कि वे हमें तोड़ सकते हैं। राहुल ने कहा इस घटना से उन्हें दिल में चोट पहुँची है। ”हम देश के लिए कुर्वान होने वाले शहीदों के बच्चों, परिवारों, भाई-बहनों के साथ खड़े हैं। हम आपके साथ हैं।”

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि यह अफ़सोस का दिन है। इस मसले का कोइ ठोस हल निकलना ज़रूरी है। ”जैसा कि राहुल जी ने कहा हम जवानों,  परिवारों के साथ खड़े हैं। वे अकेले नहीं है। हम एक साथ हैं।”

प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी और वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद भी थे।

पाकिस्तान को विशेष राष्ट्र का दर्जा ख़त्म

पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से विशेष राष्ट्र (मोस्ट फेवर्ड नेशन) का दर्जा वापस ले लिया है। इसका फैसला सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस)  की शुक्रवार को नई दिल्ली में पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैठक के बाद इसकी जानकारी मीडिया को दी। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय स्तर  पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए तमाम देशों से संपर्क किया जाएगा। भारत ने कहा है कि पुलवामा घटना में सीधे पाकिस्तान का हाथ है। उधर गृह मंत्री राजनाथ सिंह श्रीनगर रवाना हो गए हैं। एनआईए की टीम भी पुलवामा जा रही है। 

बैठक में दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी। पाकिस्तान से विशेष देश का दर्जा ख़त्म करने की अधिसूचना वाणिज्य मंत्रालय आज ही करेगा। जेटली ने बताया कि बैठक में तममम पहलुओं पर चर्चा की गयी। बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख, जेटली, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल और अन्य उच्च अधिकारी शामिल रहे। 

इस बीच सीआरपीएफ ने पुलवामा हमले के शहीदों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया है जिसके मुताबिक ३७ जवान शहीद हुए हैं। घटना में घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें कुछ की हालत गंभीर है। 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आत्मघाती हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पुलवामा जिले में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर हुए इस हमले में ३७ जवान शहीद हो गए हैं, जबकि कई जवान अभी भी घायल हैं। इस हमले के बाद शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक हुई। इसमें उपरोक्त अहम फैसला लिया गया है। इसके अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी आज श्रीनगर दौरे पर जाएंगे।

उधर, इस हमले की कवरेज को लेकर मोदी सरकार ने निजी टीवी चैनलों को आगाह किया है। सरकार की तरफ से सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले की पृष्ठभूमि में सभी टीवी चैनलों से ऐसी सामग्री पेश करने के प्रति आगाह किया है जिससे हिंसा भड़क सकती हो अथवा देश विरोधी रुख को बढ़ावा मिलता हो।

 मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में कहा गया, ‘‘हालिया आतंकवादी हमले को देखते हुए टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी किसी भी ऐसी सामग्री के प्रति सावधान रहें जो हिंसा को भड़का अथवा बढ़ावा दे सकती हैं अथवा जो कानून व्यवस्था को बनाने रखने के खिलाफ जाती हो या देश विरोधी रुख को बढ़ावा देती हो और/अथवा देश की अखंडता को प्रभावित करती हो। ”मंत्रालय ने कहा कि सभी निजी चैनलों को इसका कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया जाता है।

पुलवामा में ४२ जवान शहीद

सीआरपीएफ पर आतंकी हमले में देश के ४२ जवानों की शहादत हो गयी है। पीएम मोदी ने देश को हिला देने वाली इस घटना के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल से बैठक की है। एनआईए की टीम शुक्रवार को स्पॉट पर पहुँच रही है जबकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी श्रीनगर जा रहे हैं। इस घटना के बाद देश भर में गुस्सा है और इतनी बड़ी सुरक्षा चूक से देशवासी हक्का-बक्का हैं।

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मालिक ने स्वीकार किया है कि सुरक्षा की यह बड़ी चूक है। कुछ रोज पहले ही पीएम मोदी ने कश्मीर की अपनी यात्रा में कहा था कि घाटी में आतंक की कमर तोड़ दी गयी है। आज की घटना से साफ़ जाहिर है कि यह बहुत ही सुनियोजित हमला था। इसे २००४ के बाद सबसे बड़ा हमला बताया गया है। शहीदों में ४० जावन सीआरपीएफ के और २ आरओपी (रोड ओपनिंग पार्टी) के थे।

इतनी बड़ी तादाद (करीब ३०० किलो आरडीएक्स बताया गया है) एक स्कार्पियो में वहां पहुंचा दिया गया जिससे साबित होता है सुरक्षा की कितनी बड़ी चूक हुई। यह रोड भी कुछ रोज पहले तक बंद था। अभी यह साफ़ नहीं हुआ है ना कोइ आधिकारिक ब्यान आया है कि स्कॉर्पियो किस तरफ से और कैसे सीआरपीएफ के वाहन से टकराई।

जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर अवंतीपोरा में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक काफिले को निशाना बनाकर यह हमला किया। सीआरपीएफ के जिस काफिले को निशाना बनाया गया उसमें ७८ वाहन शामिल थे और इसमें

२५०० के करीब सुरक्षा जवान यात्रा कर रहे थे। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है।

पीएम मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित तमाम नेताओं ने इस घटना की निंदा की है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस स्थगित कर वीर सैनिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों से कहा कि सारा देश संकट की इस घड़ी में आपके साथ है।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हमले पर सीआरपीएफ के डीजी से फोन पर बात की। हमले पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि इसका बदला लिया जाएगा।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया – ”बहादुर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।  शहीदों के परिवार के साथ पूरा देश है।” महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ये खून खराबा बंद होना चाहिए। कहा – ”सरकार मसले का हल निकाले सर्जिकल स्ट्राइक से कुछ नहीं मिला है।”

हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने आतंकी की तस्वीर जारी की है। जैश के आत्मघाती आदिल अहमद डार ने हमला किया है। अभी तक की सूचना के मुताबिक आतंकियों ने हाईवे पर आईईडी लगाकर बस को उड़ा दिया फिर बस पर फायरिंग शुरू कर दी। काफिले में सीआरपीएफ के २५०० जवान थे।  हमला ५४ बटालियन की बस पर हुआ और तीन बसें साथ-साथ चल रही थीं।
गाड़ी जम्मू से कश्मीर की तरफ जा रही थी।

हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। एनआईए की एक बड़ी टीम का गठन किया गया है जिसमें फरेंसिक एक्सपर्ट्स और आईजी रैंक के एक अधिकारी के साथ १२ वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं।

आतंकी हमले के बाद दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने दिल्ली में बैठक की है। हमले में घायल जवानों को श्रीनगर के सैन्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सेना, सीआरपीएफ और एसओजी के जवान अवंतिपोरा और इसके आसपास के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक केस दर्ज कर अपनी जांच शुरू की है।

कश्मीर में फिदाईन हमला, ४२ जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के एक बड़े हमले में कमसे कम ४२ जवान शहीद हो गए हैं।  उड़ी के बाद काश्मीर में यह सबसे बड़ा हमला है जिसमें १९ जवान शहीद हो गए थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जवानों की शहादत पर गहरा दुःख जताया है। यह फिदाईन हमला बताया गया है। 

पिछले कुछ समय में आतंकियों का यह सब बड़ा हमला है। जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेबारी ली है। इस हमले के कुछ इनपुट्स पहले से थे लेकिन फिर भी हमला हुआ है और इतनी बड़ी संख्या में जवान शहीद हो गए हैं।  

पुलवामा के अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों के काफिले पर जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने फिदाईन हमला किया। खबर है कि आतंकवादियों ने अपने वाहन को सीआरपीएफ की गाड़ी से टकरा दिया। इस दौरान आईईडी धमाका हुआ। इस धमाके में ४२ सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए और बड़ी संख्या में जवान गंभीर रूप से घायल हैं। 

घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके साथ ही इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

घटनास्थल पर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त सीआरपीएफ का बाहन दिखा रहा है जबकि जवानों के शव भी वहां दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि काफिले में सीआरपीएफ की करीब दर्जनभर गाड़ियों में २००० से ज्यादा जवान सवार थे।  आतंकियों ने सुरक्षाबलों की दो गाड़ियों को निशाना बनाया है। उनके वाहन के सीआरपीएफ के वाहन से टकराते ही ब्लास्ट हो गया। 

एसीबी जांच, ट्रांसफर-पोस्टिंग अधिकार केंद्र के पास

दिल्ली सरकार और लेफ्टिनेंट गवर्नर (एलजी) के बीच चल रहे मामले में सर्वोच्च अदालत की दो न्यायाधीशों जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ ने गुरूवार को बंटा हुआ फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एसीबी जांच और ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार केंद्र सरकार के पास ही रहेगा। वहीं, सेवाओं के नियंत्रण पर दो जजों का अलग फैसला आया है और अब इस मामले को तीन जजों की पीठ को भेजा जाएगा।
उधर कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इस फैसले को दिल्ली की जनता और संबिधान के खिलाफ बताया। केजरीवाल ने कहा – ”हम अदालत का पूरा सम्मान करते हैं। लेकिन यह फैसला दिल्ली,  दिल्ली के लोगों और संविधान के खिलाफ है। अफसरों की ट्रांसफर का अधिकार विपक्षी पार्टी (केंद्र) के लोगों को मिल गया। ऐसे में  हम सरकार कैसे चला सकते हैं।”

उधर सर्वोच्च अदालत ने कहा कि संयुक्त सचिव और ऊपर के अधिकारी की पोस्टिंग ट्रांसफर का अधिकार एलजी के पास रहेगा। सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ की इस सवाल पर हालांकि अलग-अलग राय है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सेवाओं पर नियंत्रण किसके पास है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण पर अपना खंडित फैसला बड़ी बेंच के पास भेजा दिया है।

कोर्ट ने कहा कि केंद्र के पास जांच आयोग नियुक्त करने का अधिकार होगा। पीठ भ्रष्टाचार रोधी शाखा, राजस्व, जांच आयोग और लोक अभियोजक की नियुक्ति के मुद्दे पर सहमत थी। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि भूमि राजस्व की दरें तय करने समेत भूमि राजस्व के मामलों को लेकर अधिकार दिल्ली सरकार के पास होगा।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उपराज्यपाल को अनावश्यक रूप से फाइलों को रोकने की जरुरत नहीं है और राय को लेकर मतभेद होने के मामले में उसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि बहरहाल, दिल्ली सरकार के पास बिजली आयोग या बोर्ड नियुक्त करने या उससे निपटने का अधिकार है।

पीठ ने कहा कि उपराज्यपाल के बजाय दिल्ली सरकार के पास लोक अभियोजकों या कानूनी अधिकारियों को नियुक्त करने का अधिकार होगा। इसके अलावा कोर्ट ने केंद्र की इस अधिसूचना को बरकरार रखा कि दिल्ली सरकार का एसीबी भ्रष्टाचार के मामलों में उसके कर्मचारियों की जांच नहीं कर सकता।

दिल्ली सरकार और एलजी मामले में वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने छह मुद्दों पर फैसला सुनाया है। इसमें से चार केंद्र के पक्ष में गए हैं। एसीबी, ग्रेड १ और ग्रेड २ अधिकारियों के पोस्टिंग और ट्रांसफर, कमिशन ऑफ इंक्वायरी केंद्र के अधीन होंगे।

पानीपत में ६० लाख के गहनों की लूट

हरियाणा के पानीपत में गुरूवार को दिल्ली के एक ज्वैलर से चार बदमाशों ने बंदूक की नोक पर ६० लाख की ज्वैलरी लूट ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है हालांकि इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शहर में नाकेबंदी कर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक लुटेरों का कोइ सुराग नहीं लग पाया है। जानकारी के मुताबिक बदमाशों ने सोने और हीरे के गहनों के व्यापारी आरके बंसल और उनके नौकर राकेश वर्मा को पहले बंधक बनाया फिर बंदूक की नोक पर ज्वैलरी से भरा बैग छीन कर फरार हो गए।

रिपोर्ट्स व्यापारी और उनके नौकर ने वारदात के समय शोर मचाकर लोगों से मदद भी मांगी लेकिन दोनों का शोर ट्रैफिक के शोर में दब गया। इस घटना से भयभीत बंसल ने पानीपत के अपने करीबी व्यापारियों को फोन कर लूट की इस घटना की सूचना दी।

बताया गया है कि बंसल के बैग में करीब ६० लाख की कीमत के सोने और हीरे से बने गहने थे। लूट की वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप सा मच गया है। बंसल का दिल्ली के लक्ष्मीनगर में आकार डायमंड के नाम से शोरूम है।

घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शहर में नाकेबंदी कर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी है। कोइ सुराग अभी नहीं लग पाया है। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि  जल्द ही लुटेरों की शिनाख्त कर ज्वेलरी की रिकवरी कर ली जाएगी।

नारायणा की फैक्टरी जलकर ख़ाक

तीन दिन में आग की लगातार तीसरी घटना ने राजधानी के बाशिंदों को दहला दिया है। गुरूवार को नारायणा में एक फैक्टरी ख़ाक हो गयी।  इससे पहले ायक होटल में आग से १७ लोगों की मौत हो गयी थी जबकि  बुधवार को पश्चिम पुरी  दर्जनों झुग्गियों में आग लग गयी थी।

पश्चिमी दिल्ली के नारायणा में आज को एक कर्मिशियल बिल्डिंग में आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि काबू करने के लिए फायर ब्रिगेड की २३  गाड़ियों का इस्तेमाल करना पड़ा। इस घटना में किसी के हताहत होने की तो कोइ खबर नहीं है लेकिन आग से फैक्टरी पूरी तरह जल गयी।

अधिकारियों के मुताबिक आग सुबह सवा सात बजे लगी जिसके बाद आग बुझाने वाली २३ गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। आग लगने की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।

आग पेपर कार्ड फैक्ट्री में लगी । इस फैक्ट्री में ग्रीटिंग कार्ड बनाए जाते थे, जिनमें आर्चीज जैसे बड़े ब्रैंड के कार्ड भी शामिल हैं। आग पर काबू पाने के लिए दो दर्जन से ज्यादा दमकल की गाड़ियां भेजी गई। अब तक किसी कैजुल्टी की खबर नहीं मिली है।

राहुल का राफेल पर फिर हमला

कैग की रिपोर्ट संसद में पेश होने के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राफेल लड़ाकू विमान खरीद को लेकर पीएम मोदी पर जबरदस्त हमला बोला है। राहुल ने प्रेस कांफ्रेंस करके राफेल डील पर सीएजी रिपोर्ट को ”चौकीदार ऑडिटर जनरल रिपोर्ट” करार दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ”अफसरशाही, वायुसेना और रक्षा मंत्रालय में ये फीलिंग है कि राफेल मामले में शत प्रतिशत चोरी हुई है।” राहुल ने कहा – ”यदि आप रिपोर्ट पर नजर डालें तो रिपोर्ट में ये माना गया है कि २००७ के सौदे में संप्रभु गारंटी, बैंक गारंटी और प्रदर्शन गारंटी शामिल थी, जबकि नये सौदे में यह शामिल नहीं है।”
राहुल ने कहा कि यदि सीएजी रिपोर्ट को ही देखा जाय तो निर्मला सीतारमण ने संसद में झूठ बोला है। उन्होंने कहा था कि राफेल डील ९.२० फीसदी सस्ती हुई थी, लेकिन सीएजी २.८ फीसदी बता रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर राफेल डील में कोई घोटाला नहीं हुआ है तो संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के लिए सहमति दें। ”भाजपा जेपीसी से क्यों डर रही है?”
राहुल ने कहा कि ३६ राफेल विमानों के लिये भारत की जरूरतों के हिसाब से बदलाव १२६ विमानों के जैसे ही हैं। नये सौदे में प्रति विमान २५ मिलियन यूरो ज्यादा भुगतान किया गया है और इसी जगह पर भ्रष्टाचार हुआ है।
 गांधी ने कहा कि राफेल पर समझौता टीम ने कहा है कि नई डील पहले से ५५ फीसदी महंगी है। राहुल ने कहा – ”मोदीजी, आप पर पूरा देश आरोप लगा रहा है कि आपने एयरफोर्स से ३०,००० करोड़ रुपये छीनकर अनिल अंबानी को दे दिया।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट ने कीमत पर समझौता टीम की असहमति को नहीं जोड़ा है। राहुल गांधी ने कहा – ”नरेंद्र मोदी घबराए हुए हैं, राफेल का मामला निष्कर्ष तक पहुंचेगा। तीन बिंदुओं  प्रक्रिया, भ्रष्टाचार, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून इसमें अहम् हैं।”
राहुल ने कहा कि राफेल डील में न ही रक्षा मंत्री को मालूम था, न ही विदेश सचिव को मालूम था, न एचएएल को मालूम था। ”लेकिन अनिल अंबानी को डील होने से १० दिन पहले मालूम था। मतलब यही है कि नरेंद्र मोदी अनिल अंबानी के बिचौलिए के रूप में काम कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि इस नए डील का सिर्फ एक कारण है, नरेन्द्र मोदी जी अनिल अंबानी को ३०,००० करोड़ रुपये देना चाहते हैं। गांधी ने कहा कि नई डील इसलिए की गई क्योंकि एयरफोर्स को जल्दी हवाई जहाज देना चाहते हैं।  जबकि डील के डॉक्यूमेंट में लिखा है कि दस साल के बाद हवाई जहाज मिलेगा।