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कर्नाटक, बिहार, जेके में कांग्रेस गठबंधन

कांग्रेस ने लोक सभा चुनाव की घोषणा के बाद तीन और राज्यों में अपने गठबंधन का आधार अंतिम रूप से पक्का कर लिया है। कर्नाटक में जेडीएस, जम्मू कश्मीर में नैशनल कांफ्रेंस और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (और अन्य) के साथ समझौते लगभग अंतिम कर लिए हैं।
कर्नाटक के समझौते के मुताबिक कांग्रेस २० और जेडीएस ८ सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन ने लोकसभा चुनाव के लिए इस सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है। जेडीएस उत्तर कन्नड, चिकमगलूर, शिवमोगा, तुमकुर, हासन, मांडया, बेंगलुरु उत्तर और विजयपुर सीट से अपने उम्मीदवार उतारेगा। राहुल और जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा के बीच हाल में एक बैठक हुई थी जिसमें देवगौड़ा ने कांग्रेस से १० सीटें माँगी थीं लेकिन बाद में वे ८ सीटों के लिए मान गए।
जम्मू-कश्मीर पिछली सरकार में भी कांग्रेस और फारूक अब्दुल्ला/उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन की सरकार थी। अब फिर दोनों ने मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। लोक सभा उपचुनाव में भी कांग्रेस ने श्रीनगर में फ़ारूक़ को समर्थन दिया था। दोनों की दिल्ली में बैठक तय है जिसमें सीटों का अंतिम फैसला होगा।
सम्भावना है कि गठबंधन में कश्मीर की सीटों पर कांग्रेस एनसी जबकि एनसी जम्मू और लदाख की सीटों पर कांग्रेस को समर्थन दे सकती हैं। जम्मू में २, कश्मीर में ३ और लदाख में एक लोक सभा सीट है।
पिछली बार पीडीपी ने कश्मीर की सीटों पर बाजी मारी थी जबकि जम्मू में भाजपा ने मोदी लहार का फायदा उठाया था। इस बार ऐसा नहीं दीखता और माहौल बदला हुआ है। लद्दाख में भाजपा से २०१४ में जीते थुपस्टन छिवांग ने हाल ही में भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। वे कांग्रेस में भी रहे हैं और सम्भावना है कि २०१९ का चुनाव कांग्रेस टिकट पर लड़ें।
बिहार में भी कांग्रेस और राज्य के कुछ विपक्षी दलों के बीच लोकसभा चुनाव समझौता लगभग हो गया है। सीटों के बंटवारे की औपचारिक घोषणा का इन्तजार  है। चर्चा है कि कांग्रेस के हिस्से ११ सीटें आ सकती हैं। गठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, रालोसपा, हम, लोकतांत्रिक जनता दल और विकासशील इंसान पार्टी शामिल हैं। चर्चा यह भी है कि वाम दल भी इस गठबंधन का हिस्सा हो सकते हैं क्योंकि कांग्रेस ऐसा चाहती है। बिहार में लोकसभा की ४० सीटें हैं।

केरल कांग्रेस नेता टॉम बीजेपी में गए

केरल में कांग्रेस को लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है। उसके वरिष्ठ नेता टॉम वडक्कन भाजपा में शामिल हो गए हैं।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में टॉम भाजपा में शामिल हुए। बडक्कन केरल में कांग्रेस के बड़ा नाम थे। पिछले दिनों में कई नेता दल बदल करके दूसरी पार्टियों में गए हैं।
लोक सभा चुनाव के ऐलान के बाद भाजपा ने केरल में अपना आधार बनाने के लिए वडक्कन के रूप में बड़ा तीर मारा है। भाजपा ने जिन राज्यों में उसका आधार नहीं वहां वो कांग्रेस के बड़े नेताओं को अपने पाले में लाकर इस आधार को बनाने की कोशिश करती रही है।
अरुणाचल, असम और नार्थ ईस्ट के राज्यों सहित कुछ और राज्यों में भाजपा ने यह दांव आजमाया है और अब केरल में अपना आधार बनाने के लिए उसने वडक्कन को अपने पाले में किया है जिन्हें कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का नजदीकी नेता माना जाता था। टॉम सोनिया के सचिव भी रहे हैं। वडक्कन पूर्व में कांग्रेस प्रवक्ता भी रह चुके हैं।

मोदी शी जिनपिंग से डरते हैं : राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चीन के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को ”वीटो” करने के बाद पीएम मोदी की चीन नीति पर तंज कैसा है। गौरतलब है कि मसूद को बचाने के चीन के फैसले से भारत को झटका लगा है।
चीन के इस फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट करके कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से डरते हैं। राहुल ने कहा कि जब भी चीन भारत के खिलाफ कोई एक्शन लेता है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी नहीं बोलते हैं। यही नहीं गांधी ने पीएम मोदी की चीन नीति पर भी तंज कसा है।
राहुल ने अपने ट्वीट में लिखा – ”पीएम गुजरात में शी जिनपिंग के साथ झूला झूलते हैं। दिल्ली में जिनपिंग को गले मिलते हैं। चीन में उनके सामने झुक जाते हैं।”
कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र में मसूद मामले में रोड़ा अटकाने की नीति पर चीन और पाकिस्तान की भी आलोचना की है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने अपने ट्वीट में कहा – ”आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में यह एक दुखद दिन है। उन्होंने आज फिर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को चीन-पाक गठजोड़ ने आघात पहुंचाया है।

चीन का मसूद अज़हर पर फिर ‘वीटो’

पुलवामा आतंकी हमले के बाद थोड़ा सकारात्मक रुख दिखाने वाले चीन ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में आखिर फिर पुरानी नीति अपनाते हुए पाकिस्तान में बैठे दुर्दांत आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित होने से बचा लिया। भारत ने चीन के फैसले को बहुत निराशाजनक बताते हुए कहा है कि वह एक आतंकवादी को बचा रहा है।
अमेरिका से भी चीन को उसके फैसले के लिए फटकार मिली है जिसने कहा कि  एक आतंकवादी को बचाने के लिए चीन का कदम निंदा योग्य है। गौरतलब है कि २००९, २०१६ और २०१७ में भी चीन ने  दिखाते हुए अपने दोस्त पाकिस्तान को ”खुश” रखने की कोशिश की थी। चीन के इस फैसले के बाद अमेरिका ने कहा – ”चौथी बार चीन ने ये अड़ंगा लगाया है। चीन को इस काम को करने से सुरक्षा परिषद को नहीं रोकना चाहिए, लेकिन ऐसा हुआ। ऐसा होने से उपमहाद्वीप में शांति का मिशन फेल हो गया है।”
चीन ने लगातार चौथी बार भारत की उम्मीदों को तोड़ते हुए दुर्दांत मसूद अजहर को वैश्‍विक आतंकी घोषित होने से बचा लिया। भारत पिछले १० साल से मसूद को वैश्‍विक आतंकी घोषित करने की मांग कर रहा है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने १५  सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति से मसूद पर हर तरह के प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। प्रस्ताव में कहा गया था कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर हथियारों के व्यापार और वैश्विक यात्रा से जुड़े प्रतिबंध लगाने के साथ उसकी परिसंपत्तियां भी ज़ब्त की जाएं।
इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट ने बयान में कहा – ”चीन का यह कदम आतंकवाद का मुकाबला करने और साउथ एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता को आगे बढ़ाने के घोषित लक्ष्यों के साथ विपरीत है। अगर चीन इन लक्ष्यों के बारे में गंभीर है, तो उसे पाकिस्तान या किसी अन्य देश के आतंकवादियों को परिषद के प्रति जवाबदेह होने से नहीं बचाना चाहिए।” अमेरिका ने यहाँ तक कहा है कि ”अगर चीन अड़ंगा लगाना जारी रखता है, तो जिम्मेदार सदस्य सुरक्षा परिषद में अन्य एक्शन लेने के लिए मजबूर हो सकते हैं। यह बात इतनी नहीं बढ़नी चाहिए।”

किन्नौर में बर्फ में दबे २ सैनिकों के शव मिले

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में फरवरी में हिमस्खलन में दब गए सेना के छह जवानों में से बाकी दो और के शव मिले हैं। तीन सैनिकों के शव इसी महीने २ मार्च को भी मिले थे।
जानकारी के मुताबिक  किनौर जिले के नामज्ञा डोगरी के नजदीक हिमस्खलन में दबे दो और जवानों के शव करीब २३ दिन बाद गुरूवार सुबह खोज दल को मिले। खोज अभियान के दौरान गुरुवार सुबह नायक विदेश चंद (३२) पुत्र ईश्वर दास निवासी थरावा (खरगा), तहसील निरमंड (कुल्लू, हिमाचल) और अर्जुन (२५) पुत्र काकू राम निवासी गांव कटल ब्रामणा (झड़ी), तहसील हीरानगर जिला कठुआ (जम्मू कश्मीर) के शव मिले हैं।
गौरतलब है कि २० फरवरी को हिमस्खलन होने से गश्त पर रहे जम्मू-कश्मीर राइफल्स के १६ सैनिकों में से छह बर्फ में दब गए थे। उनके अलावा भारत-तिब्बत सीमा बल  के पांच जवान भी घायल हो गए थे। हादसे में दबे हवलदार राकेश कुमार  को बाहर तो निकाल लिया गया था पर बाद में उनकी मौत हो गयी थी।
इसके बाद लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया जिसके नतीजे में २ मार्च को राजेश ऋषि, निवासी जोंघो जगतपुर नालागढ़, सोलन (हिमाचल) का शव मिला था।
इसके बाद नितिन राणा और बंगाल के गोविंद छेत्री के शव भी मिल गए थे।

कांग्रेस की दूसरी सूची में २१ नाम

उत्तर प्रदेश और गुजरात के लिए पहली सूची के बाद कांग्रेस ने अपनी दूसरी सूची में 

उत्तर प्रदेश की १६ और महाराष्ट्र की ५ सीटों के लिए उम्मीदवारों  ऐलान किया है। इन उम्मीदवारों में सुशील शिंदे, राज बब्बर, सावित्री बाई फुले, प्रिय दत्त, नाना पटोले जैसे नाम शामिल हैं। 

कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन नामों पर मुहर लगाई गई है। दिसंबर में भाजपा की नीतियों के असहमति जताते हुए जिन दलित सांसद सावित्री बाई फुले ने पार्टी छोड़ दी थी वे फरवरी में कांग्रेस में शामिल हो गईं थीं। अब कांग्रेस ने उन्हें उनकी मनपसंद सीट बहराइच से टिकट दिया है। फुले यूपी की राजनीति में बड़ा दलित चेहरा मानी जाती हैं। कांग्रेस यूपी से अब तक २७ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। 

कांग्रेस की अपनी दूसरी सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे, श्रीप्रकाश जायसवाल,  मिलिंद देवड़ा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, पूर्व सांसद प्रिया दत्त, संजय सिंह और किसान कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के नाम शामिल हैं। श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर से चुनाव लड़ेंगे जो उनकी पारंपरिक सीट रही है। मोदी की २०१४ की लहार में वो भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से हार गए थे।

उधर गांधी परिवार के करीबी संजय सिंह को सुल्तानपुर से पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। इस समय वे राज्यसभा सदस्य हैं। 

पार्टी ने महाराष्ट्र की सोलापुर सीट से पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को टिकट दिया है जबकि अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले को नागपुर से मैदान में उतारा है। नागपुर में उनका मुकाबला केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हो सकता है।

इसके अलावा कांग्रेस ने पूर्व सांसद प्रिया दत्त को मुंबई उत्तर-मध्य से टिकट दिया है। पहले चर्चा थी कि दत्त चुनाव नहीं लड़ना चाहतीं जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें चुनाव लड़ने को कहा था। महाराष्ट्र में ही पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा को मुंबई दक्षिण से टिकट दिया गया है जबकि गढ़चिरौली- चिमूर से नामदेव दल्लूजी उसेंदी को उम्मीदवार बनाया है।

बोईंग ने ७३७ मैक्स ८ जहाज़ वापस लिए

दुनिया की सबसे बड़ी विमानन कम्पनी बोइंग ने सभी देशों में अपने ७३७ मैक्स ८ विमानों को उड़ने से रोकते हुए इन्हें वापस ले लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के अपने देश के ऊपर से बोइंग ७३७ मैक्स ८ विमानों के उड़ने पर रोक के फैसले के बाद बोइंग कम्पनी ने अपने इस मॉडल के विमान वापस लेने का ऐलान किया है।
खुद अमेरिकन एयरलाइन्स के पास इस मॉडल के २४ विमान हैं जिन्हें अब प्रतिबंधित कर दिया गया है। बोइंग ने स्वीकार किया है कि जांच से जाहिर हुआ है कि इस मॉडल के विमानों में कुछ गड़बड़ियां हैं। बोईंग के मुताबिक इसके सबूत जांच में मिले हैं।
इथोपियन जहाज़ दुर्घटना के बाद बोइंग ७३७ मैक्स ८ को लेकर कई देशों ने इनकी उड़ान पर रोक का ऐलान किया था। भारत में बोइंग ७३७ मैक्स ८ विमानों के उड़ने पर रोक के बाद गुरूवार को यात्रियों को मुश्किल का सामना करना पड़ा है। इस पाबंदी का असर स्पाइसजेट एयर और जेट एयरवेज की उड़ानों पर पड़ा है। स्पाइसजेट के १२ जबकि जेट एयरवेज के भी बोइंग ७३७ मैक्स ८ विमान अब उड़ नहीं पाएंगे। लिहाजा इनकी उड़ाने रद्द हुई हैं। इससे हवाई यात्रा भी महंगी हुई है।
स्पाइजेट की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि मैक्स विमानों के ग्राउंड होने के बाद उसने बुधवार को इन विमानों से संबंधित १४ उड़ाने कैंसिल की हैं। इसकी भरपाई के लिए वह गुरुवार से अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी। स्पाइसजेट के कुल ७६ विमानों के फ्लीट में १२ बोइंग ७३७ मैक्स ८ हैं। कम्पनी के मुताबिक जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं उनमें से ज्यादातर को स्पाइसजेट की ही दूसरी उड़ानों में समायोजित किया जा रहा है।
उधर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने जानकारी दी है कि गुरुवार को ३०-३५  उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। लिहाजा सरकार ने दूसरी एयरलाइनों से यात्रियों को समायोजित करने को कहा है। गौरतलब है कि बुधवार को ही डीजीसीए ने शाम चार बजे से इन विमानों की आवाजाही बंद कर दी थी। नागरिक विमानन मंत्रालय ने तमाम एयरलाईंस की बैठक बुलाकर उनसे स्पाइसजेट के प्रभावित यात्रियों को यथासंभव समायोजित करने को कहा।

पीएम टेरेसा का ब्रेक्जिट करार खारिज

ब्रिटिश संसद ने बुधवार को दूसरी बार प्रधानमंत्री टेरेसा मे के ब्रेक्जिट करार को खारिज कर दिया। इसके बाद यह सम्भावना अब पक्की हो गयी है कि ब्रिटेन अब बिना किसी करार के यूरोपियन यूनियन (ईयू) से अलग हो जाएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक़ संसद के निचले सदन (हाउस आफ कॉमन्स) के इस फैसले के बाद ब्रिटेन का बिना किसी करार के यूरोपियन यूनियन से अलग होना तय हो गया है। हाउस ऑफ कॉमन्स ने मंगलवार रात इस करार को १४९ मतों के बड़े अंतर से खारिज कर दिया। करार के पक्ष में सिर्फ २४२ मत पड़े जबकि इसके विरूद में ३९१ मत पड़े।
उधर यूरोपियन यूनियन के वरिष्ठ अधिकारियों ने ब्रिटिश संसद के इस नतीजे पर खेद जताया और कहा कि वे जिद पर अड़े सांसदों का वोट जीतने में टेरेसा मे की आगे कोई मदद नहीं कर पाएंगे।
गौरतलब है कि यदि ब्रिटेन की संसद यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते को मंजूर करने में विफल रहती है और यूरोपीय संघ इस पर अधिक समय देने के लिए तैयार नहीं होता है तो ब्रिटेन २९ मार्च को यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के अलग हो जाएगा।
वैसे यूरोपियन यूनियन ब्रिटेन को और समय देने पर विचार कर सकती है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क के प्रवक्ता ने बताया कि टस्क को इस परिणाम पर खेद है। लेकिन ब्रुसेल्स की तरफ से उन्होंने चेताया है कि इससे ज्यादा कुछ कर पाना मुश्किल होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक वहीं, यूरोपीय संघ की प्रमुख ब्रेक्जिट वार्ताकार मिशेल बार्नियर ने यही बात दोहराते हुए कहा कि ब्रुसेल्स इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। अब देखना होगा कि अगले दिनों में इस बाबत क्या अंतिम फैसला सामने आता है।

भीम आर्मी संस्थापक चंदरशेखर से मिलीं प्रियंका गांधी

मायावती के कांग्रेस से कोइ गठबंधन न करने के ऐलान के एक दिन बाद ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार को मेरठ में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर  आज़ाद से मिलने अस्पताल पहुंचीं। उनकी इस मुलाकात को यूपी की राजनीति के नजरिये से बहुत अहम माना जा रहा है।
बाद में मीडिया से बातचीत में प्रियंका ने आरोप लगाया कि एक नौजवान को सरकार इस लिए कुचलना चाहती है क्योंकि वो संघर्ष कर रहा है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर और यूपी के एक और प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी प्रियंका के साथ थे।
माना जा रहा है कि बसपा प्रमुख मायावती प्रियंका गांधी की चंद्रशेखर आज़ाद से मुलाकात से बिलकुल भी खुश नहीं होंगीं। प्रियंका ने मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि वे उनका हाल चाल जानने आईं हैं। चंदरशेखर को मंगलवार को ही अस्पताल में भर्ती किया गया था।
इससे पहले उन्हें प्रोसेसशन निकालने के वक्त पुलिस ने यह कहकर डिटेन कर लिया था कि  आचार संहिता लागू है। इस दौरान आज़ाद को चक्कर आने और बेहोश हो जाने के बाद के बाद पुलिस ने मेरठ लाकर आनंद अस्पताल में भर्ती कर दिया गया था।
आज़ाद का पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में दलितों पर मजबूर असर माना जाता है। प्रियंका की बुधवार को उनकी अस्पताल में भेंट के बाद यह चर्चा शुरू हो गयी है क्या चंदरशेखर आज़ाद कांग्रेस से गठबंधन कर सकते हैं ! आज़ाद दलित युवाओं में बहुत लोकप्रिया माने जाते हैं और वे आज़ाद के साथ पिछले महीनों में बहुत तेजी से जुड़े हैं।
आज़ाद से मुलाकात के बाद जब पत्रकार अस्पताल परिसर में प्रियंका से बात करने पहुंचे तो प्रियंका ने उनसे आग्रह किया कि यहां मरीजों को इससे परेशानी हो सकती है लिहाजा वे बाहर उनसे बात करेंगीं।
प्रियंका ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि एक नौजवान (चंद्रशेखर आज़ाद) संघर्ष कर रहा है लेकिन अहंकारी सरकार (योगी सरकार) उन्हें  कुचलना चाहती है। प्रियंका ने कहा – ”इस मुलाकात को राजनीतिक नजरिये से न देखा जाए। मैं उनसे मिलने यहां आई हूँ। आज़ाद आवाज उठा रहे हैं तो उन्हें सरकार कुचलना चाहती है।”
प्रियंका करीब 30 मिनट तक अस्पताल में रहीं। प्रियंका के आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां पहुँच गए।

बंगाल अति संवेदनशील घोषित हो : भाजपा

भाजपा ने पूरे पश्चिम बंगाल को लोक सभा चुनाव के मद्देनजर अति संवेदनशील घोषित करने की मांग की है। इस मांग को लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग के दरवाजे पर दस्तक दी है। यही नहीं भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भी आयोग से शिकायत की है।
चुनाव पास आते ही विरोधियों की चुनाव आयोग से शिकायत का सिलसिला भी शुरू।  शुरुआत भाजपा ने की है और उसने पूरी बंगाल को लोकसभा चुनाव के लिहाज से ”अति संवेदनशील” घोषित करने की मांग की है। पार्टी ने आयोग से इस मांग के साथ ”बंगाल में होने वाली हिंसा” का तर्क दिया है।
आयोग में शिकायत के बाद जानकारी देते हुए भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि  बंगाल में चुनावों के दौरान होनेवाली हिंसा के कारण बहुत से लोग प्रभावित हुए हैं। प्रसाद ने कहा – ”बंगाल में हो रही हिंसा की आशंका देखते हुए हमने चुनाव आयोग से पूरे बंगाल को अतिसंवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की मांग की। हमने सभी बूथ केंद्रों पर केंद्रीय पुलिस बल तैनात करने की भी मांग आयोग से की है। बंगाल में चुनावों के दौरान मीडिया पर भी पाबंदी अघोषित तौर पर रहती है लिहाजा हमने मीडिया को प्रवेश की भी मांग की है।”
भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अहमदाबाद दौरे के एक भाषण में पीएम मोदी के बारे में की टिप्पणी को लेकर भी शिकायत की है। प्रसाद, जिनके साथ भाजपा के कुछ और नेता आयोग दफ्तर शिकायत करने गए थे, ने बताया कि  आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अहमदाबाद रैली में पीएम के बारे में कहा था कि पीएम ने राफेल डील में देश का पैसा अनिल अंबानी की जेब में डाला। उन्होंने कहा – ”इस बयान की शिकायत भी भाजपा ने चुनाव आयोग में दी है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के बारे में जो बोला हमने इसकी शिकायत कर आयोग से संज्ञान लेने की अपील की है।”