नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कोलकाता में आयोजित एक बड़ी रैली में पश्चिम बंगाल की सरकार पर जोरदार हमला बोला। परिवर्तन संकल्प यात्रा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हालात बदलने का समय आ गया है और जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की नीतियों की वजह से बंगाल में विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
अपने भाषण में उन्होंने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी All India Trinamool Congress और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर भी कई आरोप लगाए। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ बंगाल के लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंचने दिया जा रहा। उनका दावा था कि राजनीति की वजह से कुछ योजनाओं को लागू करने में बाधाएं पैदा की जा रही हैं।
उन्होंने खास तौर पर स्वास्थ्य योजना Ayushman Bharat का जिक्र करते हुए कहा कि देश के कई राज्यों में गरीब परिवारों को इसका फायदा मिल रहा है, लेकिन बंगाल के लोगों को इससे वंचित रखा गया है। इसके अलावा उन्होंने Pradhan Mantri Awas Yojana का भी जिक्र किया और कहा कि गरीबों को पक्का घर देने वाली योजना में भी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं।
प्रधानमंत्री ने रैली में कहा कि उनकी सभा को रोकने के लिए प्रशासन ने कई कोशिशें कीं, जैसे रास्ते बंद करना और कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर हटाना। हालांकि उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना इस बात का संकेत है कि राज्य में बदलाव की चाह बढ़ रही है।











‘मां-माटी-मानुष’ के जवाब में पीएम मोदी का नया दांव, बंगाल में दिया ‘रोटी-बेटी-माटी’ का नारा
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों नए नारों की चर्चा तेज हो गई है। कोलकाता में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ‘रोटी-बेटी-माटी’ का नारा दिया और इसे राज्य की मौजूदा स्थिति से जोड़ते हुए सत्तारूढ़ सरकार पर निशाना साधा। माना जा रहा है कि यह नारा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के पुराने राजनीतिक नारे ‘मां-माटी-मानुष’ का जवाब है।
रैली में पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की राजनीति अब सिर्फ नारों से नहीं चलेगी, बल्कि लोगों के असली मुद्दों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि ‘रोटी’ का मतलब है रोजगार और लोगों की रोजी-रोटी, ‘बेटी’ का मतलब है महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान, जबकि ‘माटी’ का मतलब है बंगाल की जमीन, संस्कृति और पहचान की रक्षा।
महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी समाज के लिए बेटियों की सुरक्षा सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी तो समाज में भरोसा कमजोर पड़ता है। इसलिए कानून-व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है।
‘माटी’ यानी जमीन और पहचान के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बंगाल की संस्कृति और परंपरा बहुत समृद्ध रही है और इसे सुरक्षित रखना जरूरी है। उनके अनुसार राज्य की राजनीति को ऐसे रास्ते पर चलना चाहिए जो विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नया नारा आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर दिया गया है। इससे बीजेपी सीधे रोजगार, सुरक्षा और जमीन जैसे मुद्दों पर जनता से जुड़ने की कोशिश कर रही है।
वहीं सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress की ओर से इन आरोपों को पहले भी खारिज किया जाता रहा है। पार्टी का कहना है कि राज्य में विकास और सामाजिक योजनाओं पर लगातार काम हो रहा है।