ओडिशा में वोटर लिस्ट का बड़ा अपडेट, 30 मई से घर-घर होगा सत्यापन

ओडिशा में मतदाता सूचियों को अपडेट करने के लिए निर्वाचन आयोग 30 मई से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। नए वोटर जोड़े जाएंगे, गलतियां सुधारी जाएंगी और फर्जी या मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।

Voter List. | Image Source: Jagran (file photo)
Voter List. | Image Source: Jagran (file photo)

नई दिल्ली: Odisha में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को और ज्यादा साफ और अपडेट बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। राज्य में 30 मई से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान शुरू होगा, जो 28 जून तक चलेगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर लोगों के दस्तावेज और जानकारी का सत्यापन करेंगे।

ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी R. S. Gopalan ने बताया कि इस अभियान की तैयारी 20 मई से शुरू हो जाएगी। 20 से 29 मई के बीच बूथ लेवल अधिकारियों और बूथ लेवल एजेंटों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद 30 मई से सभी अधिकारी फील्ड में जाकर सत्यापन का काम शुरू करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी ओडिशा में 38,123 मतदान केंद्र हैं, लेकिन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 45,255 हो जाएगी।

इस अभियान के दौरान 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नए वोटरों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। वहीं जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है या जो किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो गए हैं, उनके नाम हटाए जाएंगे। इसके अलावा नाम, उम्र, स्पेलिंग और माता-पिता के नाम जैसी गलतियों को भी ठीक किया जाएगा। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि अगर जांच में कोई बाहरी या विदेशी नागरिक पाया जाता है तो उसका नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।

निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पांच जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। इसके बाद लोग चार अगस्त तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। सभी शिकायतों और आपत्तियों के निपटारे के बाद छह सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

फिलहाल ओडिशा में करीब 3.34 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 1.68 करोड़ पुरुष, 1.65 करोड़ महिलाएं और 3,090 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इस अभियान का मकसद मतदाता सूची को ज्यादा पारदर्शी और सटीक बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया और मजबूत हो सके।