Odisha skeleton case: सरकार एक्शन में, विधानसभा में भी जमकर हंगामा

Odisha के Keonjhar जिले में सामने आए कंकाल कांड ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। सरकार ने जहां मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं विधानसभा में भी इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला।

ओडिशा कंकाल कांड: एक भाई के आगे झुकना पड़ा सिस्टम को... | Image Source: NDTV.in
ओडिशा कंकाल कांड: एक भाई के आगे झुकना पड़ा सिस्टम को... | Image Source: NDTV.in

नई दिल्ली: Odisha के Keonjhar District में सामने आए दिल दहला देने वाले कंकाल मामले पर अब सरकार ने सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची, बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की गई। सरकार ने प्रभावित व्यक्ति को आर्थिक मदद भी दी है और उसे उसकी बहन के खाते से पैसा भी दिलाया गया है।

इस मामले ने सिर्फ प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। गुरुवार को ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध जताते हुए कुछ समय के लिए सदन से वॉकआउट भी किया।

दरअसल, पूरा मामला तब सामने आया जब क्योंझर जिले का एक आदिवासी व्यक्ति Jeetu Munda ने अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। उसका कहना था कि बैंक उससे मौत का सबूत मांग रहा था, इसलिए उसे मजबूरी में कब्र से कंकाल निकालकर लाना पड़ा। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया।

जांच टीम ने बैंक अधिकारियों से पूछताछ की और यह जानने की कोशिश की कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी, जिसमें एक व्यक्ति को इतना कठोर कदम उठाना पड़ा। साथ ही, टीम उस गांव भी पहुंची जहां यह परिवार रहता है, ताकि पूरे मामले की जमीनी सच्चाई सामने आ सके।

वहीं, विधानसभा में विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष ने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह घटना प्रशासन की संवेदनहीनता को दिखाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक गरीब व्यक्ति को अपने हक के पैसे के लिए इतना बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा।

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और महिलाओं के अधिकारों जैसे अहम विषयों पर चर्चा होनी चाहिए। हालांकि, कंकाल कांड का मुद्दा पूरे सत्र में छाया रहा।

यानी, यह मामला अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम और संवेदनशीलता पर सवाल बन गया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है कि आखिर इस पूरे मामले में जिम्मेदार कौन है और आगे क्या कार्रवाई होती है।