15 मई 2026, नई दिल्ली: नरेन्द्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सफल दौरे के बाद शुक्रवार को नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की पांच देशों की कूटनीतिक यात्रा का हिस्सा है, जिसमें यूएई के बाद नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं। अबू धाबी में प्रधानमंत्री मोदी का विशेष स्वागत किया गया। यूएई के लड़ाकू विमान F-16 ने उनके विमान को अमीराती हवाई क्षेत्र में एस्कॉर्ट किया, जिसे दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
यूएई दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के साथ व्यापक बातचीत की। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, गैस आपूर्ति और रणनीतिक तेल भंडारण से जुड़े कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। यूएई ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय संस्थानों में लगभग 5 अरब डॉलर के निवेश की भी घोषणा की।
बैठक में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “भारत यूएई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है” और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है।
अब प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड में व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, जल प्रबंधन और हाई-टेक सहयोग को लेकर डच नेतृत्व से बातचीत करेंगे। माना जा रहा है कि यूरोपीय देशों के साथ भारत की आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने पर इस दौरे का विशेष फोकस रहेगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। भारत इस दौरे के जरिए ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्गों और निवेश सहयोग को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।




