
नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बदलते राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य के बीच युवाओं, विशेषकर Gen-Z (16 से 35 वर्ष आयु वर्ग) की आकांक्षाओं को समझने और उन्हें नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लिए नई एकीकृत युवा नीति तैयार करने और एक स्वतंत्र राज्य युवा आयोग के गठन के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य युवाओं की जरूरतों का नियमित आकलन करना, उनकी समस्याओं का समाधान सुझाना और सरकार की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने युवा कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि नई युवा नीति केवल रोजगार तक सीमित नहीं होगी, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, उद्यमिता, डिजिटल सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, खेल, नेतृत्व विकास और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
प्रस्तावित राज्य युवा आयोग युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों की नियमित निगरानी, मूल्यांकन और सुझाव देने का कार्य करेगा। सरकार का मानना है कि नीति निर्माण में युवाओं की सीधी भागीदारी से योजनाएं अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बन सकेंगी। आयोग विभिन्न विभागों की युवा-केंद्रित योजनाओं की समीक्षा भी करेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट ज़ोन की स्थापना में तेजी लाने, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना का विस्तार सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों तक करने तथा प्रत्येक जिले में यूथ इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही छात्रवृत्ति, करियर मार्गदर्शन और रोजगार संबंधी सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, प्रत्येक विकासखंड में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, प्रत्येक जिले में खेल उत्कृष्टता केंद्र और प्रत्येक मंडल में हाई परफॉर्मेंस सेंटर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में युवाओं की बड़ी आबादी और लगातार बढ़ रहे प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं को देखते हुए सरकार युवा-केंद्रित नीतियों पर विशेष फोकस कर रही है। हालांकि सरकार की ओर से इसे युवाओं के समग्र विकास की पहल बताया गया है।
