नई दिल्ली: Hyderabad से सांसद और AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi ने हज यात्रियों पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय हज कमेटी द्वारा जारी सर्कुलर के तहत यात्रियों पर करीब 100 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 10 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ डालना गलत है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
ओवैसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि हज यात्रा कोई luxury नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक कर्तव्य है जिसके लिए लोग सालों तक पैसे जोड़ते हैं। ऐसे में अचानक किराया बढ़ाना आम लोगों के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या हज कमेटी के जरिए जाने वाले यात्रियों को “सजा” दी जा रही है।
दरअसल, यह अतिरिक्त शुल्क West Asia में चल रहे तनाव के कारण बढ़े हुए Aircraft Fuel (ATF) की कीमतों को देखते हुए लगाया गया है। एयरलाइंस कंपनियों ने किराया बढ़ाने की मांग की थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, इस फैसले से हजारों हज यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा।
Owaisi ने केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju और K. Ram Mohan Naidu को टैग करते हुए कहा कि सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि न सिर्फ यह बढ़ोतरी वापस ली जाए, बल्कि जिन यात्रियों से अतिरिक्त पैसा लिया गया है, उसे भी लौटाया जाए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ समय पहले मुंबई से हज पर जाने वाले यात्रियों से पहले ही काफी ज्यादा रकम ली गई थी, जो मौजूदा किराए से लगभग दोगुनी थी। ऐसे में यह नई बढ़ोतरी यात्रियों पर दोहरी मार डाल रही है।
इस मुद्दे पर अब सियासी बहस तेज होने की संभावना है। जहां एक तरफ सरकार इसे परिस्थितियों की मजबूरी बता सकती है, वहीं विपक्ष इसे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ के तौर पर पेश कर रहा है।
कुल मिलाकर, हज किराए में बढ़ोतरी का मामला अब सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और यात्रियों को राहत मिलती है या नहीं।




