नई दिल्ली: सिक्किम राज्य की स्थापना के 50 साल पूरे होने के मौके पर Narendra Modi ने बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ ‘Act East’ नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि अब ‘Act Fast’ यानी तेजी से काम करने पर भी जोर दे रही है। उनके मुताबिक, पूर्वोत्तर के आठों राज्य भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’ हैं, जो देश की समृद्धि का बड़ा आधार बन सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर सिक्किम के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने बताया कि कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। इनमें बागडोगरा से एक्सप्रेसवे, गंगटोक में रिंग रोड और नाथुला तक बेहतर सड़क कनेक्शन शामिल हैं। इससे न सिर्फ लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
मोदी ने कहा कि सिक्किम की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है और सरकार इसे और मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और वेलनेस टूरिज्म की काफी संभावनाएं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए करीब 1000 होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं और नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
उन्होंने सिक्किम की प्राकृतिक खूबसूरती और स्वच्छता की भी तारीफ की। उनके मुताबिक, यहां के लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मिसाल हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक खेती जैसे प्रयास सिक्किम को भविष्य में एक मॉडल स्टेट बना सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने खेलों पर भी जोर दिया और कहा कि सरकार यहां के युवाओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए काम कर रही है। खासकर फुटबॉल और तीरंदाजी जैसे खेलों में प्रतिभाओं को निखारने की कोशिश की जा रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि पहले की सरकारों ने सिक्किम के विकास पर उतना ध्यान नहीं दिया, जितना दिया जाना चाहिए था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मौजूदा सरकार स्वास्थ्य, सड़क और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी के इस दौरे ने साफ कर दिया कि आने वाले समय में सिक्किम और पूरा पूर्वोत्तर विकास के नए रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ने वाला है।




