7 मई 2026, नई दिल्ली: राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को जुलाई 2026 तक टाल दिया है। स्वामी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद केन्द्र सरकार इस एतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय दर्जा देने पर अपना पक्ष साफ से नहीं रख रहा है। जबकि राम सेतु प्राचीन स्मारक कहलाने के लिए सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करता है। अपनी याचिक में स्वामी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के जनवरी 2023 के आदेश के अनुसार उन्होंने केन्द्र को अर्जी देकर रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की थी।

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सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने 27 जनवरी 2023 और 15 मई 2025 को सरकार को ज्ञापन भेजे थे लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर अपना कोई फैसला अभी तक नहीं दिया है इसलिए उन्होंने फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की है।और याचिका के ज़रिए केंद्र को निर्देश देने की गुहार लगाई है। की वह रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक और राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की उनकी याचिका पर फैसला लें क्योंकि रामसेतु प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल अधिनियम 1958 की धारा 3/4 के तहत सभी शर्तें पूरी करता है।




