अब ‘पनीर’ पर नहीं चलेगा धोखा! Hotel-restaurant को बताना होगा सच, सरकार ने किया नया नियम लागू

महाराष्ट्र में अब होटल और रेस्तरां ग्राहकों से पनीर को लेकर कोई भी जानकारी छिपा नहीं पाएंगे, सरकार ने नया नियम लागू कर दिया है।

अब सभी होटल, रेस्तरां और भोजनालयों को यह साफ-साफ बताना होगा पनीर की क्वालिटी... | Image Source : FREEPIK
अब सभी होटल, रेस्तरां और भोजनालयों को यह साफ-साफ बताना होगा पनीर की क्वालिटी... | Image Source : FREEPIK

नई दिल्ली: Maharashtra सरकार ने खाने-पीने के कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी होटल, रेस्तरां और भोजनालयों को यह साफ-साफ बताना होगा कि वे ग्राहकों को जो “पनीर” परोस रहे हैं, वह असली है या उसका कोई विकल्प इस्तेमाल किया गया है। यह नियम अब लागू हो चुका है और इसका पालन करना सभी के लिए जरूरी होगा।

यह निर्देश राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की ओर से जारी किया गया है। इसके तहत हर फूड बिजनेस ऑपरेटर को अपने मेन्यू, बिल और डिस्प्ले बोर्ड पर यह जानकारी देनी होगी कि पनीर ताजा और असली है या फिर उसकी जगह किसी अन्य चीज़ का इस्तेमाल किया गया है। अगर कोई ऐसा नहीं करता, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

दरअसल, पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई रेस्तरां ग्राहकों को बिना बताए पनीर की जगह सस्ते विकल्प परोस रहे हैं। ये विकल्प आमतौर पर खाद्य तेल, स्टार्च और अन्य चीजों से बनाए जाते हैं, जो देखने में पनीर जैसे लगते हैं लेकिन असल में डेयरी प्रोडक्ट नहीं होते। हालांकि ये पूरी तरह असुरक्षित नहीं माने जाते, लेकिन ग्राहकों को सही जानकारी देना जरूरी माना गया है।

सरकार का मानना है कि इस कदम से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और उन्हें यह जानने का अधिकार मिलेगा कि वे क्या खा रहे हैं। इससे खाने की क्वालिटी को लेकर पारदर्शिता भी आएगी और गलत तरीके से सस्ते विकल्प बेचने पर रोक लगेगी।

इस फैसले को होटल और रेस्तरां इंडस्ट्री ने भी समर्थन दिया है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (पश्चिमी भारत) के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस नियम का पालन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने सदस्यों को सलाह दी है कि अगर कहीं पनीर का विकल्प इस्तेमाल हो रहा है, तो उसे साफ तौर पर “चीज़ विकल्प” के रूप में लिखा जाए।

कुल मिलाकर, यह नियम ग्राहकों के हक में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब लोगों को यह चिंता नहीं रहेगी कि उनकी प्लेट में जो पनीर है, वह असली है या नहीं।