“मां को बचा न सका…” दुर्गा पंडाल की भगदड़ में उजड़ गईं खुशियां, अपनों को खोने का दर्द दे गया कोलकाता हादसा

An AI generated image

नई दिल्ली | तहलका न्यूज़ | स्नेहलता
कोलकाता में दुर्गा पूजा की रौनक उस वक्त मातम में बदल गई, जब मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचे लोगों के बीच अचानक चीख-पुकार मच गई। शनिवार शाम चोरबागान के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। बारिश से बचने के लिए पंडाल की ओर बढ़ती भीड़, संकरे रास्ते और अव्यवस्था के बीच लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए। इस दर्दनाक हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हुए। लेकिन आंकड़ों के पीछे छिपा दर्द उन परिवारों का है, जिन्होंने कुछ ही पलों में अपने अपनों को खो दिया।

मां सामने थी, लेकिन उसे बचा नहीं सका

हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर एक बेटे की आपबीती में सामने आई। मां के साथ दुर्गा पूजा देखने पहुंचे एक युवक ने बताया कि अचानक बारिश शुरू हुई और लोग उससे बचने के लिए पंडाल के प्रवेश द्वार की तरफ बढ़ने लगे। भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

युवक खुद भी भीड़ में फंस गया। किसी तरह संभलकर जब वह अपनी मां के पास पहुंचा, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मां को अपनी आंखों के सामने खो देने का यह दर्द हादसे की भयावहता बयां करता है। जिस मां के साथ वह पूजा देखने आया था, उसी मां को वह भीड़ के बीच बचा नहीं सका।

संकरा प्रवेश द्वार, कम रोशनी और भीड़ का दबाव

हादसे के बाद पंडाल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रवेश और निकास के रास्ते संकरे थे। इलाके में पर्याप्त रोशनी भी नहीं थी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि प्रवेश द्वार पर लोग लंबे समय से कतार में खड़े थे। बारिश शुरू होने के बाद अंदर जाने की जल्दबाजी में भीड़ का दबाव बढ़ गया।

हालात ऐसे बिगड़े कि कुछ लोग जमीन पर गिर पड़े और उनके ऊपर दूसरे लोग भी गिरते चले गए। भीड़ के बीच फंसे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। कुछ लोगों के बेहोश होने की खबर भी सामने आई। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्थानीय लोगों ने भी मदद की।

बारिश बनी मुश्किल, कैसे बिगड़े हालात?

पुलिस के शुरुआती बयान के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के चोरबागान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल के निकास द्वार के पास भारी भीड़ और बारिश के बीच भगदड़ की स्थिति बनी। बारिश के दौरान बाहर खड़े लोगों के आगे बढ़ने से कुछ लोग सड़क पर गिर पड़े, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।

रिपोर्टों में पंडाल के एक हिस्से के गिरने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हादसे की पूरी वजह और घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री, जांच की तैयारी

हादसे के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। बचाव कार्य में पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल और एंबुलेंस की मदद ली गई। घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल समेत अन्य चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचाया गया।

राज्य सरकार की ओर से घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की बात भी सामने आई है।