
तहलका डेस्क।
नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक नतीजों के बाद राज्य की राजनीति और भी अधिक गरमा गई है। ताजा मामला भवानीपुर की हाई-प्रोफाइल सीट पर ममता बनर्जी को मात देने वाले भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक 42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या का है। चुनाव परिणाम आने के कुछ ही घंटों के भीतर हुई इस वारदात ने बंगाल में कानून व्यवस्था और राजनीतिक बदले की भावना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन इलाके में भारी तनाव व्याप्त है।
मालूम हो कि बीते 48 घंटे में राज्य में कुल पांच लोगों की हत्याएं हुई हैं जिससे साफ है कि बंगाल में चुनावी जंग खत्म हुई है, लेकिन रंजिश की आग अब भी बरकरार है। वैसे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक कोलकाता को आदेश दिए हैं कि हर हाल में कानून व्यवस्था को बनाएं रखें। और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करें।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में जीत का जश्न अभी शुरू ही हुआ था कि खूनखराबे की खबरों ने सबको सबको चौंका दिया है। बुधवार की रात जब चंद्रनाथ अपनी गाड़ी से उत्तरी 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके से गुजर रहे थे, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावर काफी समय से उनकी गाड़ी का पीछा कर रहे थे और मौका मिलते ही उन्होंने बेहद करीब से चंद्रनाथ के सीने और पेट में कई गोलियां उतार दीं।
राजनीति के जानकारों की मानें तो यह हमला इतना सुनियोजित था कि हमलावरों ने न केवल चंद्रनाथ को निशाना बनाया बल्कि उनके ड्राइवर को भी लहूलुहान कर दिया, जो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया है, जिससे भाजपा समर्थकों और परिवार में मातम छा गया है।
भाजपा नेताओं का सीधा आरोप है कि यह तृणमूल कांग्रेस की हार की बौखलाहट है और इसे एक राजनीतिक साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। पार्टी का कहना है कि चंद्रनाथ ने भवानीपुर के चुनाव प्रबंधन में जमीनी स्तर पर काम किया था और उनकी हत्या का मकसद शुभेंदु अधिकारी को कमजोर करना और राज्य में डर का माहौल बनाना है।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अस्पताल के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति को और अधिक गरमा सकता है, क्योंकि नवनिर्वाचित विधायकों ने साफ कर दिया है कि जब तक दोषियों को पकड़ा नहीं जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। यह घटना दर्शाती है कि बंगाल में सत्ता का संघर्ष केवल मतपेटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब सड़कों पर खूनी संघर्ष का रूप ले रहा है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, हमलावरों की तलाश के लिए कई टीम गठित
कोलकाता। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या के मामले की जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों का पता लगाने के लिए कई टीम गठित की गई हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जांचकर्ता घटनास्थल और आसपास के इलाकों की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और हमलावरों का पता लगाने के लिए पुलिस के कई दल गठित किए गए हैं।’’
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने रात में घटनास्थल का दौरा किया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा, ‘‘विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। हम कई सुरागों पर काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रारंभिक फॉरेंसिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने संभवत: ‘ग्लॉक 47 एक्स’ पिस्तौल का इस्तेमाल किया होगा।



