
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में खेल और युवा जुड़ाव को लेकर बड़ा संदेश सामने आया है। Manoj Sinha ने खिलाड़ियों से अपील की है कि वे ‘नशा मुक्त अभियान’ के ब्रांड एंबेसडर बनें और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आज के खिलाड़ी नई पीढ़ी के रोल मॉडल हैं और उनकी बातों का युवाओं पर सीधा असर पड़ता है।
श्रीनगर स्थित University of Kashmir में आयोजित अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय वुशु चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में उन्होंने यह बात कही। इस मौके पर उन्होंने खिलाड़ियों से यह भी आग्रह किया कि वे छोटे-छोटे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि नशे के खिलाफ एक बड़ा जनजागरूकता अभियान चलाया जा सके।
सिन्हा ने कहा कि खेल सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह एक स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली की ओर ले जाते हैं। उन्होंने युवाओं से खेल और रचनात्मक गतिविधियों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास आता है।
उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रशासन शिक्षा संस्थानों में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उनका मानना है कि हर छात्र को खेलों में भाग लेने और फिट रहने का मौका मिलना चाहिए, ताकि वह शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन सके।
इस दौरान उन्होंने वुशु चैंपियनशिप को “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को बढ़ाने वाला मंच बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं को एक साथ लाते हैं और आपसी भाईचारे व एकता को मजबूत करते हैं।
इस चैंपियनशिप में देशभर के 150 से ज्यादा विश्वविद्यालयों के करीब 1000 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। यह प्रतियोगिता न सिर्फ खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का मौका दे रही है, बल्कि नए रिश्ते और अनुभव भी बना रही है।
कुल मिलाकर, मनोज सिन्हा का यह संदेश साफ है कि अगर युवा सही दिशा में आगे बढ़ें और खेलों को अपनाएं, तो नशे जैसी समस्याओं से आसानी से दूर रहा जा सकता है और एक बेहतर समाज बनाया जा सकता है।



