देश की शान चढ़ रहा परवान, बुलेट ट्रैन का खांचा हो रहा तैयार

स्वदेशी तकनीक वाली होगी ट्रेन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

सुजीत ठाकुर, बंगलुरु
मैं  इस वक्त खड़ा हूं बेंगलुरु के भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल ) के प्रोडक्शन विभाग की फैक्टरी  में. यहां दो गद्देदार कुर्सियां रखी है. पूछने पर पता चला कि यह कुर्सियां सामान्य नहीं बल्कि देश के भावी बुलेट ट्रेन की कुर्सियां है. इंजीनियरों से बात करने पर पता चला की इसी फैक्टरी  में वह बुलेट ट्रेन बन रही है जो अहमदाबाद और मुंबई के बीच 2027 में चलेगी. यह भारत की पहली बुलेट ट्रेन होगी जो यहां तैयार होकर इतिहास रचेगी.

 रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने  रविवार को यहां का  दौरा किया और बुलेट ट्रेन की प्रगति का जायजा लिया.

 तहलका से बातचीत में उन्होंने कहा की बुलेट ट्रेन के लिए जरूरी सभी उपकरण पूर्णतः स्वदेशी तकनीक पर आधारित है आधारित जो विश्व के बुलेट ट्रेन के मांगों पर फिट बैठते हैं. ट्रेन कब तक बनकर तैयार हो जाएगी यह पूछने पर रेल मंत्री ने कहा की इस फैक्टरी में बुलेट ट्रेन के सभी उपकरण तैयार होंगे फिर उनका असेंबलिंग होगा.   बाद में इस ट्रायल के विभिन्न चरणों से गुजर जाएगा जो यही होगा. मुख्य रूप से तेज रफ्तार चलने में सक्षमता का टेस्ट होगा. इसके बाद तापमान के स्तर पर इसे परखा जाएगा जिसमें 50 डिग्री तक के तापमान से लेकर जीरो डिग्री तापमान तक को सहने की क्षमता सुनिश्चित की जाएगी. इतना ही नहीं इसके बाद धूल और भारी बारिश में चलने के लिए जो जरूरी तकनीक है उसके अनुकूल बुलेट ट्रेन को परखा जाएगा. इसके बाद फील्ड ट्रायल के लिए इसे उतर जाएगा. इन सब में अभी लगभग 6 महीने का समय लगेगा. उम्मीद है कि अगस्त 2027 तक इस ट्रेन को ट्रायल से गुजरने के बाद ऑपरेशनल स्थिति में लाया जाएगा.

 रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बुलेट ट्रेन की निर्माण अधीन बोगी के अंदर भी गए. उन्होंने बताया और तहलका को विशेष रूप से यह बताया की कैसे बोगी जिस स्टील से बन रही है उसका बाहरी ढांचा किस तरह से 300 किलोमीटर की रफ्तार से चलने में हवा और अन्य बाहरी हस्तक्षेपों अर्थात पानी धूल और तापमान को सहने में सक्षम होगी. साथ ही तेज रफ्तार के बावजूद कंपन नहीं होने के लिए हाई लेवल परपलसन शॉक अब्जॉर्बर आदि का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने बताया की ट्रेन मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही सिविल वर्क मतलब जो ट्रैक अहमदाबाद से मुंबई के बीच बिछनी है काफी रफ्तार से उसे पर काम हो रहा है.