पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आयात पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद हिमालयी गुलाबी नमक अवैध तरीके से अनौपचारिक नेटवर्क के माध्यम से लगातार भारत में पहुंच रहा है। राजस्थान और नोएडा के बाजारों में सड़कों के किनारे विक्रेताओं द्वारा खुलेआम यह नमक बेचा जा रहा है और उपभोक्ताओं द्वारा भी यह बड़े चाव से खरीदा जा रहा है। लाहौरी नमक और सेंधा नमक के नाम से प्रसिद्ध यह पाकिस्तानी नमक भारत में बिना रोकटोक के कैसे बिक रहा है? किस तरह आ रहा है? इसी को लेकर तहलका एसआईटी की यह रिपोर्ट :
7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर डिस्प्ले पिक्चर बदली और नागरिकों से भी सशस्त्र बलों और उनकी सफलता के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में ऐसा ही करने का आग्रह किया। भारत ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जो जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के खिलाफ एक सुनियोजित सैन्य प्रतिक्रिया थी। इस आतंकी हमले में 26 भारतीय नागरिक मारे गए थे। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य सीमा पार आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना और पाकिस्तान स्थित संगठनों द्वारा आगे के हमलों को रोकना था। चार दिनों तक चले इस अभियान में भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना की समन्वित कार्रवाई शामिल थी, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़े नौ ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया, जिसके बाद अंततः युद्ध विराम हुआ। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर तहलका ने अपनी इस पड़ताल में खुलासा किया है कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान से आयात पर प्रतिबंध के बावजूद कैसे एक पाकिस्तानी उत्पाद भारतीय सड़कों पर खुलेआम बेचा जा रहा है और लगभग 80 प्रतिशत भारतीय घरों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। ये प्रतिबंधित उत्पाद चावल, सब्जियां या बाजरा नहीं है, बल्कि सेंधा नमक है, जो हिंदू धार्मिक अनुष्ठानों में प्रयुक्त एक प्रमुख सामग्री है। यह नमक, जिसे आमतौर पर सेंधा नमक के नाम से जाना जाता है, हिंदू संस्कृति और परंपराओं में वैदिक ग्रंथों में निहित कारणों से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे अक्सर पाकिस्तानी नमक या लाहौरी नमक के रूप में जाना जाता है और भारत में उपवास में, विशेषकर नवरात्रि जैसे अनुष्ठानों के दौरान इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। भारत में इस्तेमाल होने वाला अधिकांश सेंधा नमक ऐतिहासिक रूप से पाकिस्तान से आयात किया जाता है, क्योंकि यह नमक भारत में प्राकृतिक रूप से पर्याप्त मात्रा में नहीं पाया जाता है। हालांकि हाल के वर्षों में भारत ने अन्य देशों से उत्पाद आयात करके पड़ोसी देश पर अपनी निर्भरता कम करने का प्रयास किया है। गुलाबी नमक या हिमालयी नमक के नाम से प्रसिद्ध सेंधा नमक पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। वहां विशाल खेवरा नमक खदान स्थित है, जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खदान है। इस खदान से सालाना लगभग 4.5 लाख टन नमक निकाला जाता है। हालांकि भारत अधिकांश वस्तुओं के मामले में काफी हद तक आत्मनिर्भर है। लेकिन सेंधा नमक उन कुछ प्रमुख वस्तुओं में से एक है, जिसका भारत में बड़े पैमाने पर- लगभग 80 प्रतिशत भारतीय घरों में उपयोग होता है। यह नमक पाकिस्तान से बड़े पैमाने पर आयातित होता है। हालांकि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद और भारत द्वारा 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने से पहले पाकिस्तानी मूल के हिमालयी गुलाबी नमक पर भारत में प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था। नई दिल्ली ने पाकिस्तान से होने वाले सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात जैसे तीसरे देशों के माध्यम से भेजे जाने वाले सामान भी शामिल हैं। 2 मई, 2025 से विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने हिमालयी गुलाबी नमक यानी सेंधा नमक सहित सभी पाकिस्तानी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध आज भी लागू है। हालांकि तहलका की इस पड़ताल में पता चला है कि प्रतिबंधों के बावजूद पाकिस्तानी गुलाबी नमक या सेंधा नमक भारतीय सड़कों पर अवैध रूप से बेचा जा रहा है। पड़ताल के दौरान तहलका को राजस्थान के झुंझुनू और उत्तर प्रदेश के नोएडा में ट्रकों और टेम्पो से गुलाबी नमक बेचने वाले विक्रेताओं की बढ़ती संख्या का पता चला। इनमें से कई विक्रेता, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं; राजस्थान से हैं। जबकि कुछ उत्तर प्रदेश से हैं। ये लोग अपना कारोबार सुचारू रूप से चलाने के लिए अपनी गाड़ियों को सड़क किनारे खड़ा करते हैं। तहलका रिपोर्टर ने जब इन विक्रेताओं से बात की, तो उन्होंने दावा किया कि बेचा जा रहा नमक पाकिस्तान से पंजाब और राजस्थान के रास्ते लाया जाता है। ऐसे में अगर प्रतिबंध के बावजूद पाकिस्तान से नमक का आयात जारी है, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस मामले की तत्काल जांच करनी चाहिए।
‘यह गुलाबी नमक तस्करी के जरिए पाकिस्तान से आ रहा है। मुझे इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन मेरे बेटे को है। पंजाब और राजस्थान के बड़े व्यापारी पाकिस्तान से यह नमक खरीदते हैं और हम उनसे एक बार में लगभग 2-3 टन नमक खरीदते हैं।’ -राजस्थान के झुंझुनू में गुलाबी नमक बेचने वाली एक स्ट्रीट वेंडर रोशनी ने तहलका के गुप्त पत्रकार को बताया।
‘पिछले 10 वर्षों से मैं झुंझुनू की सड़कों पर खुलेआम यह पाकिस्तानी गुलाबी नमक बेच रही हूं। लोग मुझसे इसे क्विंटलों में खरीदते हैं।’ -उसने कहा।
‘भारतीयों को पाकिस्तानी गुलाबी नमक पसंद है। वे भारतीय टाटा नमक को पसंद नहीं करते और इसकी बिक्री हमारे यहां न के बराबर है। पाकिस्तानी गुलाबी नमक को भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। इससे बीमारियों की संभावना कम हो जाती है।’ -रिपोर्टर से बात करते हुए रोशनी ने यह दावा किया।
‘पिछले साल पहलगाम हमले के बाद जब भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह के व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया था, तब व्यापारियों ने पाकिस्तानी गुलाबी नमक के पुराने स्टॉक को ऊंची दरों पर बेचा था। अब यह पाकिस्तानी गुलाबी नमक एक बार फिर पाकिस्तान से भारत में आने लगा है।’ -उसने कहा।
‘यह पाकिस्तान का लाहौरी नमक है और यह राजस्थान के रास्ते मुझ तक पहुंचता है। यह नमक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। अगर आपके शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन है, तो यह पाकिस्तानी गुलाबी नमक उसे कम करने में मदद करता है।’ -उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक अन्य स्ट्रीट वेंडर शिव कुमार चौधरी ने तहलका के गुप्त पत्रकार से कहा।

‘मैं गारंटी दे सकता हूं कि मैं जो गुलाबी नमक बेच रहा हूं, वह पाकिस्तान का है। अगर आपको मेरी बात पर यकीन नहीं है, तो मेरा फोन नंबर ले लीजिए और अगर आपको पता चले कि नमक पाकिस्तानी नहीं है, तो उसे वापस कर दीजिए।’ -शिव कुमार ने कहा।
‘मैं नोएडा के सेक्टर-78 में सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक पाकिस्तानी लाहौरी नमक बेचता हूं और इसकी शुद्धता की गारंटी देता हूं। यदि आप चाहें, तो मैं 100-150 किलोग्राम पाकिस्तानी लाहौरी नमक उपलब्ध करा सकता हूं।’ -नोएडा के एक अन्य स्ट्रीट वेंडर अरविंद ने हमारे गुप्त रिपोर्टर से कहा।
तहलका के गुप्त कैमरे ने सबसे पहले रोशनी को, जो केवल अपने पहले नाम से जानी जाती है; झुंझुनू में प्रतिबंधित पाकिस्तानी हिमालयी गुलाबी नमक बेचते हुए पकड़ा, जिसे लोकप्रिय रूप से सेंधा नमक यानी लाहौरी नमक के नाम से जाना जाता है। उसने अपना ट्रक सड़क किनारे खड़ा कर रखा था और खुलेआम नमक बेच रही थी।
हमारे गुप्त पत्रकार की रोशनी के साथ संक्षिप्त बातचीत जल्द ही रहस्योद्घाटन में बदल जाती है, क्योंकि हमारे गुप्त पत्रकार ने जब बार-बार उससे पूछा कि पाकिस्तानी गुलाबी नमक भारत कैसे पहुंचता है, तो उसने बिना ज्यादा झिझक के वह स्वीकार किया करती है कि नमक सीमा पार से आता है और अंततः मानती है कि यह तस्करी के माध्यम से आता है। हालांकि वह दावा करती है कि उसके बेटे को मार्ग और नेटवर्क के बारे में अधिक जानकारी है, लेकिन उसके जवाबों से संकेत मिलता है कि प्रतिबंध के बावजूद व्यापार जारी है। यह चैट इस बात को भी दर्शाती है कि सड़क किनारे के विक्रेता कितनी लापरवाही से ऐसे दावे कर रहे हैं।
रिपोर्टर : ये आता कैसे है पाकिस्तान से?
रोशनी : पाकिस्तान से लाकर देते हैं।
रिपोर्टर : बॉर्डर पार करके आता होगा?
रोशनी : हां, उसका बॉर्डर पार करते हैं… पता न क्या करते हैं, लड़के को पता है।
रिपोर्टर : वो स्मगलिंग जो होती है, वो?
रोशनी : हां।
रिपोर्टर : स्मगलिंग होकर आता है?
रोशनी : हां।
आगे की बातचीत में रोशनी बताती है कि पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर के कारण पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर पाकिस्तानी गुलाबी नमक की आपूर्ति कैसे प्रभावित हुई थी। उनका कहना है कि संघर्ष के बाद कुछ समय के लिए नमक की आपूर्ति बंद हो गई थी, जिसके कारण व्यापारियों को पुराने स्टॉक को काफी ऊंची कीमतों पर बेचा था। बातचीत के दौरान वह बार-बार उत्पाद को लाहौरी नमक कहकर संबोधित करती है और दावा करती है कि उस समय यह नमक 150-200 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा था। उनके बयानों से पता चलता है कि प्रतिबंधों के बावजूद आपूर्ति माध्यमों के फिर से खुलने के बाद इसका व्यापार फिर से शुरू हो गया।
रिपोर्टर : अभी पाकिस्तान से लड़ाई चल रही थी, तब आ रहा था?
रोशनी : जब नहीं आ रहा था, जब तो बंद हो जाता है। तब तो महंगा देते हैं ये सेठ माल।

रोशनी
रिपोर्टर : अभी पिछले साल लड़ाई हुई थी पाकिस्तान से?
रोशनी : जब बंद हो गया था आना… जब बंद हो जाता है ना, तब सेठ महंगा देते हैं माल।
रिपोर्टर : अच्छा, तब पाकिस्तानी माल तुम्हें महंगा दे रहे थे। तो तुम्हें कितने का दे रहे थे तब, पिछले साल जब लड़ाई हुई थी?
रोशनी : पिछले साल बहुत महंगा खरीदकर लाए थे हम। सबसे महंगा ये वाला- लाहौरी।
रिपोर्टर : लाहौरी नमक है ये?
रोशनी : कभी इसको लाहौरी बोलते हैं, कभी पिंक साल्ट बोलते हैं।
रिपोर्टर : अच्छा, ये लाहौर से आता होगा? क्या रेट था पिछले साल?
रोशनी : बेच रहे थे 150-200 रुपए किलो।
इस विक्रेता ने दावा किया कि व्यापार प्रतिबंध लागू होने के बाद भी व्यापारियों ने पाकिस्तानी गुलाबी नमक का पुराना स्टॉक बेचना जारी रखा। इसके बाद वे सीमित मात्रा में आपूर्ति प्राप्त करने में कामयाब रहे। वह कहती है कि पहले माल बहुत बड़ी मात्रा में आता था और वर्तमान में उन्हें अमृतसर स्थित डीलरों से फोन ऑर्डर के माध्यम से उत्पाद प्राप्त होता है।
रिपोर्टर : सेठों के पास कहां से आ रहा था माल, जब पाकिस्तान से बंद हो गया था?
रोशनी : वो पहले का रखा हुआ बेचते थे। थोड़ा-बहुत थोड़ी मंगवाते हैं, वो 100 की 10 गाड़ी आती है।
रिपोर्टर : पाकिस्तान की?
रोशनी : हां, पाकिस्तान की।
रिपोर्टर : ये सेठ कहां रहते हैं सब?
रोशनी : हम तो अमृतसर से लेते हैं।
रिपोर्टर : अमृतसर से कैसे आता है?
रोशनी : हमारे ऐसे फोन पर कर देते हैं।
पहलगाम आतंकी हमले के एक साल बाद पाकिस्तानी वस्तुओं पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद भी रोशनी ने खुलासा किया कि पाकिस्तानी नमक फिर से भारत में आने लगा है। विक्रेता का दावा है कि प्रतिबंध लागू होने के बाद पाकिस्तानी गुलाबी नमक की बाजार में पहुंच अस्थायी रूप से बंद हो गई थी। हालांकि बाद में आपूर्ति फिर से शुरू हो गई और स्थानीय बाजारों में इस उत्पाद की बिक्री दोबारा शुरू हो गई है।
रिपोर्टर : अब ये कब से आ रहा है पाकिस्तानी नमक? बीच में बंद हो गया था?
रोशनी : हां, बंद हो गया था। उसके बाद फिर आना शुरू हो गया।
रिपोर्टर : फिर बिक रहा है?
रोशनी : हां।
इस बातचीत में रोशनी ने दावा किया कि बेचा जा रहा गुलाबी नमक पाकिस्तानी नमक है और यह अमृतसर, बीकानेर तथा जैसलमेर जैसे शहरों के व्यापारियों के माध्यम से स्थानीय विक्रेताओं तक पहुंचता है। रोशनी आरोप लगाती है कि बड़े व्यवसायी दो से तीन टन की थोक खेप में स्टॉक खरीदते हैं और फिर उसे छोटे विक्रेताओं को बेचते हैं।
रिपोर्टर : ये सारा पाकिस्तानी नमक है?
रोशनी : हां, पाकिस्तानी नमक है।

पाकिस्तानी गुलाबी नमक
रिपोर्टर : पाकिस्तानी नमक खिला रही हो हिंदुस्तानियों को?
रोशनी : हम क्या लेते हैं, पीछे से सेठ लोग लेते हैं। अमृतसर से लेते हैं हम तो गाड़ी मंगवा लेते हैं।
रिपोर्टर : ये पाकिस्तानी नमक अमृतसर से आता है?
रोशनी : हां, बड़े बड़े शहरों में आता है ये, बीकानेर, जैसलमेर…।
रोशनी (आगे) : बड़े-बड़े सेठ माल खरीदकर देते हैं हमें।
रिपोर्टर : बड़े-बड़े सेठ खरीदते हैं पाकिस्तान से?
रोशनी : हां, हम सारे (वेंडर्स) मिल के एक बड़ी गाड़ी मंगवा लेते हैं, 2-3 टन का माल।
नीचे दी गई बातचीत में विक्रेता खुले तौर पर दावा करती है कि वह ग्राहकों को बताती है कि बेचा जा रहा गुलाबी नमक पाकिस्तान से आता है। वह कहती हैं कि लोग लगभग एक दशक से इसे बड़ी मात्रा में उससे खरीदते आ रहे हैं। वह पिछले 10 वर्षों से राजस्थान के झुंझुनू में इस उत्पाद को बेच रही है।
रिपोर्टर : तो तुम ये नमक सबको बताकर बेचती हो कि पाकिस्तान का है?
रोशनी : हां, झूठ क्यूं बोलेंगे भाई!
रिपोर्टर : ले जाते हैं लोग?
रोशनी : हां, 10 साल हो गए, क्विंटल-क्विंटल ले जाते हैं लोग।
रिपोर्टर : आप कब से बेच रही हो ये नमक?
रोशनी : हमें 10 साल हुए हैं।
रिपोर्टर : ये कौन-सी जगह है राजस्थान की?
रोशनी : ये झुंझुनू है।
रोशनी के अनुसार, लोग पाकिस्तान के हिमालयी गुलाबी नमक को इसलिए पसंद करते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। उसका दावा है कि पाकिस्तानी गुलाबी नमक न केवल शहरों में, बल्कि गांवों में भी बेचा जा रहा है। उसका कहना है कि यह नमक स्वास्थ्यवर्धक और रोग संबंधी जोखिमों से मुक्त करने वाला है, इसलिए ग्राहक टाटा नमक जैसे भारतीय नमक ब्रांडों को पसंद नहीं करते हैं और इसीलिए वे भारतीय नमक के बजाय पाकिस्तानी नमक को चुनते हैं।
रिपोर्टर : गांव-गांव बेचती हो नमक?
रोशनी : लड़का बेचने गया है गांव।
रिपोर्टर : हिंदुस्तान का क्यों नहीं बेचतीं?
रोशनी : वो लेते नहीं। टाटा नमक हमारे पास नहीं बिकता, ये खान में से निकलता है?
रिपोर्टर : मतलब हिंदुस्तान का नमक आपसे कोई नहीं खरीदता?
रोशनी : नहीं लेता। ये ज्यादा अच्छा है, कोई बीमारी नहीं होती इससे।
रिपोर्टर : कौन कह रहा है नहीं होती?
रोशनी : नहीं होती।
रिपोर्टर : तुम्हें कैसे पता?
रोशनी : हम खुद खाते हैं।
अब रोशनी ने हमें पाकिस्तान के गुलाबी नमक का भाव बताया। उसने कहा कि एक किलो नमक की कीमत 50 रुपए है और अगर हम इसे पाउडर के रूप में लें, तो इसकी कीमत 100 रुपए प्रति किलो है। उसने हमें यह भी बताया कि वह पुलिस के बिना किसी हस्तक्षेप के एक दिन में 50 किलो पाकिस्तानी नमक बेच देती है।
रिपोर्टर : क्या रेट है ये?
रोशनी : कौन सा?
रिपोर्टर : पाकिस्तानी नमक।
रोशनी : ये 50 रुपए का है, वो 100…।
रिपोर्टर : ये 50 रुपए है?
रोशनी : हां, इसका पाउडर 100 रुपए पर केजी।
रिपोर्टर : एक पैकेट में कितना है?
रोशनी : 1 किलो।
रिपोर्टर : कितना बिक जाता है एक दिन में?
रोशनी : बिक जाता है बोरी।
रिपोर्टर : कोई तंग तो नहीं करता पुलिस वाला?
रोशनी : न…।
नीचे दी गई संक्षिप्त बातचीत में रोशनी ने दावा किया कि इलाके में कई अन्य विक्रेता भी पाकिस्तानी गुलाबी नमक बेच रहे हैं। वह आगे कहती है कि भारतीय नमक की बाजार में मांग बहुत कम है।
रिपोर्टर : और कौन बेचता है पाकिस्तानी नमक तुम्हारे अलावा?
रोशनी : सारे बेचते हैं।
रिपोर्टर : सारे बेच रहे हैं, और हिन्दुस्तान का क्यूं नहीं बेच रही?
रोशनी : बिक रा नहीं।
बातचीत के इस अंश में विक्रेता इस बात को दोहराती है कि ग्राहक टाटा नमक को त्याग रहे हैं और इसके बजाय पाकिस्तान से प्राप्त लाहौरी या सेंधा नमक को पसंद कर रहे हैं। वह पाकिस्तानी गुलाबी नमक को सेवन के लिए अधिक स्वास्थ्यवर्धक बताती है।
रिपोर्टर : टाटा साल्ट इस्तेमाल ही नहीं हो रहा?
रोशनी : ये खान में से निकल रहा है। ये है सेंधा, लाहौरी नमक खाने का। वो तो बीमारी का कारण है।

रोशनी
रिपोर्टर : टाटा साल्ट बीमारी का कारण है? और ये पाकिस्तानी नमक?
रोशनी : अच्छा है खाने में।
रिपोर्टर : वो सेंधा नमक है, वो भी पाकिस्तान से आता है?
रोशनी : आता सारा पाकिस्तान से है। ये मसाला डालकर बनाया जाता है काला…।
रोशनी की दुकान से निकलने से पहले रिपोर्टर ने उससे पूछा कि क्या वह दिल्ली में उन्हें एक टन (1,000 किलोग्राम) पाकिस्तानी गुलाबी नमक की आपूर्ति कर सकती है? रोशनी ने सकारात्मक जवाब दिया। वह खेप को दिल्ली भेजने के बारे में भी चर्चा करती है और कहती है कि अगर आपके द्वारा डिलीवरी का खर्च वहन किया जाता है, तो यह व्यवस्था की जा सकती है। रिपोर्टर ने उससे कहा कि परिवहन का खर्च हम वहन करेंगे।
रिपोर्टर : तुम्हारा नाम क्या है?
रोशनी : रोशनी।
रिपोर्टर : एकाध टन चाहिए हो, तो मिल जाएगा?
रोशनी : मिल जाएगा।
रिपोर्टर : पाकिस्तानी?
रिपोर्टर (आगे) : दिल्ली कैसे भेजोगी?
रोशनी : दिल्ली भेजना है, इतना तो किराया-भाड़ा हो जाएगा।
रिपोर्टर : वो हम सब दे देंगे आपको।
यह कहानी राजस्थान की है, जहां हमने रोशनी को झुंझुनू की सड़कों पर खुलेआम पाकिस्तानी हिमालयी गुलाबी नमक बेचते हुए पाया। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ सभी प्रकार के व्यापार पर प्रतिबंध जारी है। फिर भी पाकिस्तान का सेंधा नमक यानी लाहोरी नमक भारतीय बाजारों में खुलेआम बिक रहा है।
इसके बाद तहलका रिपोर्टर ने उत्तर प्रदेश के नोएडा का रुख किया, जहां सेक्टर-45 में उनकी मुलाकात शिव कुमार चौधरी से हुई, जो सड़क किनारे साइकिल रिक्शा पर पाकिस्तानी गुलाबी नमक बेचते हुए मिला। शिव ने रिपोर्टर को बताया कि वह जो गुलाबी नमक बेच रहा है, वह पाकिस्तान से आया है। उसने दावा किया कि यह नमक स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है, खासकर शरीर की सूजन को कम करने में मदद करता है। शिव ने दावा किया कि यह नमक लाहौर (पाकिस्तान) से राजस्थान पहुंचता है और फिर स्थानीय बाजारों में बेचा जाता है। उसने बताया कि उसने पाकिस्तानी नमक राजस्थान से मंगवाया है और उसे 80 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचता है।
रिपोर्टर : ये तो वहां का होगा शायद, पाकिस्तान का?
शिव : हां।
रिपोर्टर : ये भी, दोनों?
शिव : ये लाहौरी है, बहुत फायदे का काम करता है, हाथ-पैर में सूजन हो।

शिव कुमार चौधरी
रिपोर्टर : पिंक नमक भी कहते हैं इसे। ये क्या पाकिस्तान से आता है?
शिव : हां, लाहौर से आता है राजस्थान। वहां से यहां आता है।
रिपोर्टर : ये क्या भाव है, लाहौरी?
शिव : 80 रुपए पर केजी।
रिपोर्टर : काला कहां से आता है?
शिव : काला राजस्थान से आता है…।
रिपोर्टर : ये पिंक साल्ट है पाकिस्तान का?
शिव : हां।
अब शिव ने हमें बताया कि वह आमतौर पर नोएडा के सेक्टर-18 के मार्केट में अपनी दुकान लगाता है, जिसे शहर के सबसे पॉश इलाकों में से एक माना जाता है। हालांकि रिपोर्टर के दौरे वाले दिन उसने पाकिस्तानी नमक से लदे अपने साइकिल रिक्शा को नोएडा के सेक्टर-45 में लगाया हुआ था। उसने कहा कि वह मांग होने पर 50-60 किलोग्राम लाहौरी नमक की व्यवस्था कर सकता है। वह इस बात पर भी जोर देता है कि यह नमक वास्तव में पाकिस्तान से है और खरीदार को आश्वस्त करने के लिए अपना फोन नंबर भी देता है कि यदि इसकी उत्पत्ति के बारे में कोई संदेह हो, तो वह इसे वापस लेने को तैयार है।
रिपोर्टर : पहली बार देख रहा हूं आपको, दुकान कहां लगाते हो?
शिव : 18 सेक्टर में।
रिपोर्टर : ये बताओ, लाहौरी नमक हमें चाहिए हो 50-60 किलो?
शिव : हो जाएगा।
रिपोर्टर : अभी कितना है तुम्हारे पास? …और क्या गारंटी है पाकिस्तानी है…?
शिव : लाहौरी है। आप किसी से भी पता कर लीजिए। अगर आपको डाउट हो रहा हो, आप हमारा नंबर ले लीजिए।
रिपोर्टर : हां, नाम और नंबर दे दो।
शिव : हमारा एक दिन का काम नहीं है…।
रिपोर्टर ने शिव कुमार से कहा कि हमें इस बात का यकीन नहीं है कि आप जो गुलाबी नमक बेच रहे हो, वह वास्तव में पाकिस्तान से है या नहीं! क्योंकि पहलगाम हमले के बाद भारत में पाकिस्तानी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। रिपोर्टर ने शिव से पूछा कि उसे अभी भी पाकिस्तानी नमक कहां से मिल रहा है? इसके जवाब में शिव ने कहा कि उसने यह नमक राजस्थान से मंगवाया है। उसने आगे कहा कि यह उत्पाद दिल्ली के बदरपुर इलाके में भी उपलब्ध है। हालांकि उसने व्यक्तिगत रूप से इसे राजस्थान से खरीदा है।
रिपोर्टर : मैं पाकिस्तान का इसलिए डाउट कर रहा हूं, क्यूंकि पाकिस्तान की चीजें बैन हैं इंडिया में, वो पहलगाम के बाद बैन हो गया था।
शिव : पाकिस्तान से राजस्थान आता है, वहां से दिल्ली आता है।
रिपोर्टर : दिल्ली से तुम्हें कौन देता है…?
शिव : बदरपुर की तरफ भी मिलता है, लेकिन हम डायरेक्ट राजस्थान से लाते हैं।
रिपोर्टर : स्मगलिंग करवा रहे होंगे, क्यूंकि वैसे तो बैन है ये।
शिव : हम्म…।
नीचे दिए गए अंश में विक्रेता से पाकिस्तानी नमक यानी लाहौरी नमक के रूप में बेचे जा रहे गुलाबी नमक की प्रामाणिकता के बारे में सवाल किया जाता है। वह आश्वासन के तौर पर अपना फोन नंबर देने की पेशकश करता है और यहां तक कि बिक्री के लिए उपलब्ध उत्पाद को खुलेआम दिखाता भी है। वह आगे दावा करता है कि मांग होने पर वह 50-100 किलोग्राम की बड़ी मात्रा की व्यवस्था कर सकता है।
रिपोर्टर : तो गारंटी कैसे दोगे पाकिस्तान का है ये..?
शिव : आप नंबर ले लो।
रिपोर्टर : तुम्हारे नंबर से कैसे गारंटी होगी?
शिव : ये लो लाहौरी।
रिपोर्टर : इस पर तो लिखा हुआ है। खुलेआम बेच रहे हो?
रिपोर्टर (आगे) : मुझे बताओ, 50-60 किलो मिल जाएगा?
शिव : अभी ले जाओ, 100 किलो से कुछ कम होगा अभी।
रिपोर्टर : रोज लगाते हो आप?
रिपोर्टर (आगे) : काफी सालों से बेच रहे होंगे आप?
शिव : हमको तो ज्यादा टाइम नहीं हुआ है। हम जिससे माल खरीदते हैं, वो बहुत दिनों से बेच रहे हैं।
रिपोर्टर : ठीक है, मैं फोन करके बताऊंगा।
अगली बातचीत में शिव को फिर से यह सुनिश्चित करने के लिए याद दिलाया जाता है कि आपूर्ति किया जा रहा गुलाबी नमक वास्तव में पाकिस्तान से ही हो। वह अपना संपर्क नंबर साझा करके आश्वस्त करता है और कहता है कि यदि सामान में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे वापस किया जा सकता है। उसका यह भी दावा है कि फिलहाल लगभग 100 किलोग्राम से कुछ कम स्टॉक उपलब्ध है, जिसका कुछ हिस्सा पहले ही अन्य खरीदारों को बेचा जा चुका है। चर्चा आगे चलकर बड़े पैमाने पर आपूर्ति और वितरण व्यवस्थाओं पर केंद्रित हो जाती है।
रिपोर्टर : बस ये याद रखना, प्योर होना चाहिए, पाकिस्तान का ही हो?
शिव : आपको अगर डाउट हो रहा है, नंबर ले लिए हैं, आप वापस कर देना।
रिपोर्टर : ज्यादा चाहिए हमें, 100 किलो?
शिव : सर! ये 100 किलो से थोड़ा कम है अभी। एक आदमी 24 किलो ले गया है…।
रिपोर्टर : लाहौरी?
शिव : हां, और एक ले गया है 12 किलो।
रिपोर्टर : अभी ले गया है..?
शिव : घंटे 2 घंटे पहले।
रिपोर्टर : तुम 100 केजी से ऊपर भी दे सकते हो, 200-250 किलो?
शिव : हां।
रिपोर्टर : लेकिन पहुंचाना आपका काम होगा फिर?
शिव : पहुंचा देंगे।
रिपोर्टर : हम पैसे दे देंगे। पहुंचाना आपका काम होगा?
शिव : किराया दे देना।
रिपोर्टर : रिक्शा का किराया देना होगा?
शिव : ठीक है।
इस बातचीत में आगे शिव ने बताया कि गुलाबी नमक की आपूर्ति एक कंपनी के साथ नियमित रूप से ऑर्डर देकर कैसे प्रबंधित की जाती है। उसने कहा कि स्टॉक हमेशा रोजाना उपलब्ध नहीं होता है, लेकिन ऑर्डर देने के कुछ दिनों के भीतर आ जाता है। शिव ने यह भी बताया कि सामान की डिलीवरी से पहले ही भुगतान अग्रिम रूप से किया जाता है। इस चर्चा का मुख्य विषय यह है कि आपूर्ति श्रृंखला व्यवहार में कैसे काम करती है।
रिपोर्टर : आप रोज मंगवाते हो?
शिव : कंपनी से मंगवाते हैं।
रिपोर्टर : रोज आता है?
शिव : हम कंपनी को ऑर्डर देते हैं, 2-4 दिन में आ जाता है।
रिपोर्टर : अभी है तुम्हारे पास या मंगवाना है?
शिव : पैसा पहले देना पड़ता है उसके पास, फिर आता है।
रिपोर्टर : अकाउंट में डाल दिया उनके, फिर आता होगा?
शिव : हां, फिर आता है…।
जैसा कि ऊपर देखा गया है कि पहलगाम हमले के बाद भारत में पाकिस्तानी वस्तुओं पर प्रतिबंध के बावजूद शिव कुमार चौधरी नाम का व्यक्ति भी खुलेआम पाकिस्तानी गुलाबी नमक बेचते हुए पाया गया। शिव से बातचीत करने के बाद तहलका रिपोर्टर की मुलाकात नोएडा के सेक्टर-78 में एक अन्य स्ट्रीट वेंडर अरविंद से हुई, जो अपने पहले नाम से जाना जाता है। पहलगाम हमले के बाद भारत में पाकिस्तानी सामानों पर प्रतिबंध के बावजूद अरविंद को नोएडा में सड़क किनारे अपनी गाड़ी के जरिए खुलेआम पाकिस्तानी गुलाबी नमक, जिसे लाहौरी नमक भी कहा जाता है; बेचते हुए देखा गया था। जब अरविंद से उसकी बिक्री की दिनचर्या के बारे में पूछा गया, तो उसने बताया कि वह सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक रोजाना पाकिस्तानी नमक बेचता है। उसने रिपोर्टर को 100 किलोग्राम पाकिस्तानी गुलाबी नमक बेचने पर भी सहमति जताई।
रिपोर्टर : ठीक है, मैं कब आ जाऊं?
अरविंद : टाइम बता दो?
रिपोर्टर : आप कब मिलते हो यहां?
अरविंद : मैं रोज मिलता हूं, 10 से 7 बजे तक शाम को।
रिपोर्टर : मैं 100-150 किलो ले जाऊंगा, रखवा लेना अपने पास।
अरविंद : 100 किलो?
रिपोर्टर : 100 किलो लाहौरी।
अरविंद : 50 किलो का आता है एक कट्टा।
रिपोर्टर : 2 कट्टे आएंगे ना?
अरविंद : हां।
रिपोर्टर : मैं फोन कर दूंगा इसी नंबर पर, मेरा नाम राजीव है…।
अरविंद : फोन कर देना।
रिपोर्टर : आने से एक दिन पहले फोन कर दूंगा।
इस बातचीत में अरविंद इस बात की पुष्टि करता है कि वह लाहौरी नमक बेच रहा है। वह इस नमक की कीमत 60 रुपए प्रति किलोग्राम बताता है। मिलावट के बारे में संदेह को खारिज करते हुए वह इस बात पर जोर देता है कि नमक असली है और उसमें कृत्रिम रंग नहीं मिलाया गया है। आपूर्ति और उपलब्धता के बारे में पूछे जाने पर उसने कहा कि वह मांग के अनुसार स्टॉक की व्यवस्था कर सकता है और वह नोएडा के सेक्टर-78 में प्रतिदिन अपना काम करता है। उसने यह भी बताया कि यह नमक दिल्ली से मंगाया जाता है।
रिपोर्टर : ये लाहौरी नमक है?
अरविंद : हां।
रिपोर्टर : क्या रेट है?
अरविंद : 60 रुपए किलो।
रिपोर्टर : इसकी क्या गारंटी है कि असली है?
अरविंद : इसमें क्या नकली होगा?

अरविंद
रिपोर्टर : हां, वो नकली कलर लगा देते हैं?
अरविंद : ऐसे नहीं होता है।
रिपोर्टर : मैंने सुना है पिंक कलर कर देते हैं, पिंक साल्ट बोल देते हैं?
अरविंद : अरे, ऐसे नहीं होता, पक्का है ये…।
रिपोर्टर : कितना दे सकते हो हमें, 100-200-300 किलो मिल जाएगा?
अरविंद : मेरे पास तो यही है।
रिपोर्टर : ये मंगवाते कहां से हो लाहौरी नमक?
अरविंद : दिल्ली से आता है।
रिपोर्टर : यहां डेली लगाते हो आप?
अरविंद : हां।
रिपोर्टर : ये कौन सा सेक्टर है?
अरविंद : सेक्टर-78, नोएडा।
तहलका रिपोर्टर को झुंझुनू और नोएडा की सड़कों पर पाकिस्तानी गुलाबी नमक बेचते हुए तीन लोग मिले। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी आयात पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद पाकिस्तानी गुलाबी नमक, जिसे सेंधा नमक या लाहौरी नमक के नाम से भी जाना जाता है, भारत के अन्य हिस्सों में भी उपलब्ध है। अपने विशिष्ट रंग और स्वाद के लिए प्रसिद्ध यह नमक कथित तौर पर पूरे भारत में बेचा जा रहा है। इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में अप्रमाणित दावे राजस्थान और नोएडा में सड़क किनारे विक्रेताओं से इसे खरीदने के लिए खरीदारों को आकर्षित करते रहते हैं।
इन दावों के अलावा सेंधा नमक का हिंदू परंपराओं में वैदिक ग्रंथों में निहित कारणों से भी महत्व है। रॉक सॉल्ट, जिसे अक्सर पाकिस्तानी नमक या लाहौरी नमक कहा जाता है, नवरात्रि के व्रत अनुष्ठानों के दौरान आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है और यह बड़े पैमाने पर पाकिस्तान से आयात किया जाता है, क्योंकि यह भारत में नहीं पाया जाता है। सामान्य सफेद नमक की तुलना में सेंधा नमक या रॉक सॉल्ट को आयुर्वेद में इसके कथित स्वास्थ्य लाभों के लिए भी मान्यता प्राप्त हुई है। सोशल मीडिया के माध्यम से बढ़ती जागरूकता और डॉक्टरों की सिफारिशों ने अधिक लोगों को सेंधा नमक अपने आहार में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
सड़क पर बिकने वाले नमक की कीमत पैकेटबंद नमक की तुलना में लगभग आधी है, जिससे इसकी मांग में भारी वृद्धि हुई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, जो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय है; सभी खाद्य उत्पादों को बेचने से पहले उनकी मंजूरी अनिवार्य करता है। इस तरह की मंजूरी के बिना खाद्य उत्पादों की बिक्री, भंडारण या उत्पाद करना अवैध है। इसका उल्लंघन करने वालों को आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
तहलका रिपोर्टर ने जिन विक्रेताओं से बात की, उनका दावा है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद वे बड़ी मात्रा में जो नमक बेच रहे हैं, वह पाकिस्तान से मंगाया जाता है। विक्रेताओं ने यह भी दावा किया कि अनौपचारिक वितरण चैनलों के माध्यम से आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। हालांकि हैरानी की बात यह है कि प्रवर्तन एजेंसियां स्थानीय बाजारों में प्रतिबंधित पाकिस्तानी गुलाबी नमक की खुलेआम बिक्री से अनभिज्ञ प्रतीत होती हैं। चिंता की बात यह है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा उन चैनलों की स्पष्ट रूप से जांच का अभाव है, जिनके माध्यम से प्रतिबंधित पाकिस्तानी गुलाबी नमक कथित तौर पर पंजाब और राजस्थान की सीमाओं के रास्ते भारतीय घरों में प्रवेश कर रहा है। ऐसा लगता है कि भारतीय सड़कों पर ट्रकों और टेम्पो से पाकिस्तानी गुलाबी नमक या सेंधा नमक बेचने वाले विक्रेताओं की संख्या में भी काफी वृद्धि हो रही है।




