झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद, नशे के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ गुस्सा

बढ़ते जनाक्रोश के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को हत्या की गहन जांच करने और घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।

नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में गुरुवार को पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। न्याय की मांग को लेकर मृतक के परिवार के साथ किसान संगठनों, व्यापारिक संगठनों और कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल तथा भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों ने बंद का समर्थन किया।

झोटा के पिता भीम सिंह के आह्वान पर सुबह छह बजे बंद शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक जारी रहने का कार्यक्रम था। कई इलाकों में बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि अनेक निजी शिक्षण संस्थानों ने छुट्टी घोषित कर दी। विभिन्न स्थानों पर किसानों और संगठनों के सदस्यों ने सड़कें जाम कीं, हालांकि एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता दिया गया।

झोटा के परिवार ने न्याय मिलने तक उनके शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने परिवार से मुलाकात कर अंतिम संस्कार को लेकर बातचीत की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।

भीम सिंह ने पंजाब के लोगों से सड़कों पर उतरकर बंद को सफल बनाने की अपील की। कई किसान यूनियनों, राजनीतिक दलों और व्यापारिक संगठनों ने उनके आह्वान का समर्थन किया। मामले में न्याय की मांग के लिए गठित एक्शन कमेटी ने लोगों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील की।

नशे के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ गुस्सा

झोटा की हत्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवा समूहों ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर सवाल उठाए। कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सरकार के प्रचार संबंधी होर्डिंग और आम आदमी पार्टी के नेताओं की तस्वीरों वाले पोस्टर फाड़ दिए।

जालंधर में वारिस पंजाब दे का सक्रिय सदस्य होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने जालंधर बाईपास और लाडोवाल में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पोस्टर उतार दिए। तलवंडी कलां निवासी कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राज्य में नशे की समस्या पर अंकुश लगाने में विफल रहे हैं।

अमृतसर में सुबह करीब सात बजे गोल्डन गेट पर किसानों और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने भगवंत मान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने किया।

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार नशा तस्करी रोकने में नाकाम रही है और राज्य के युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में नशे की बिक्री खुलेआम जारी है। नेताओं ने झोटा की हत्या और नशे के कारोबार पर नियंत्रण करने में कथित विफलता के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

बंद के कारण होशियारपुर, फिरोजपुर और मानसा समेत कई स्थानों पर बाजार बंद रहे। होशियारपुर, जालंधर, मोगा और मानसा में अनेक निजी स्कूलों ने भी छुट्टी घोषित की। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं चालू रहीं।

मान ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश

बढ़ते जनाक्रोश के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को हत्या की गहन जांच करने और घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।

मान ने कहा, “मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन यदि किसी अन्य व्यक्ति की भी साजिश में संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।”

हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार नशा तस्करी पर रोक लगाने के लिए काम कर रही है। इसमें मन:प्रभावी पदार्थों की बिक्री के साथ-साथ डॉक्टरों की पर्ची पर मिलने वाली दवाओं की अवैध बिक्री और दुरुपयोग पर अंकुश लगाना भी शामिल है।

उन्होंने कहा, “मेरी सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। हम मन:प्रभावी नशीले पदार्थों और डॉक्टरों की पर्ची पर मिलने वाली दवाओं के दुरुपयोग, दोनों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। नशे के अवैध कारोबार के प्रति हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है।”

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदर्शनकारी नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों पर सवाल खड़े कर रहे हैं और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई, परिवार अंतिम संस्कार को तैयार नहीं

झोटा के परिवार को अंतिम संस्कार के लिए मनाने के प्रयास अब तक सफल नहीं हुए हैं। बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने परिवार से मुलाकात की, लेकिन बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी।

इस बीच, मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने बताया कि सिटी-2 पुलिस थाने के एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि डीएसपी के खिलाफ संभावित कार्रवाई पर निर्णय पुलिस मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा।

परिवार द्वारा अंतिम संस्कार से इनकार और राज्य के विभिन्न हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच झोटा की हत्या ने पंजाब में नशे के कारोबार, पुलिस की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है।

पंजाब बंद और प्रदर्शनों ने स्पष्ट कर दिया है कि लोग मामले की विश्वसनीय जांच और हत्या के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई चाहते हैं।