आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और पार्टी के कई अन्य नेताओं को शनिवार को चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विरोध जता रहे थे।सिसोदिया और चीमा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे आप नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने के आरोप लगाए। हिरासत में लिए गए नेताओं में बलतेज पुनिया और सोनिया मान भी शामिल हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने CEO कार्यालय के आसपास भारी बल तैनात किया था और बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारियों के कार्यालय की ओर मार्च करने और सुरक्षा बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद तनाव बढ़ गया, जिसके चलते पुलिस ने कार्रवाई की। हिरासत में लिए जाने से पहले सिसोदिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को आप का समर्थन देने की घोषणा की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
सिसोदिया ने कहा, “अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की ओर से मैं सीजेपी के प्रदर्शन का समर्थन करता हूं। हम भी मांग करते हैं कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए मतदाता सूचियों में हेरफेर करती है। उन्होंने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि अरविंद केजरीवाल के नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 40,000 वोट काटे गए थे।
सिसोदिया ने आरोप लगाया, “मोदी चुनाव नहीं जीतते, वह वोट चुराते हैं।” उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाता सूचियों से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का भी दावा किया।
सिसोदिया ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को हिरासत में लिए जाने को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया।
उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति तो आपातकाल के दौरान भी देखने को नहीं मिली थी।” सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने देश में “अघोषित आपातकाल” जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा युवाओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोक रही है। चंडीगढ़ में आप का यह प्रदर्शन चुनावी अनियमितताओं के आरोपों और राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित प्रदर्शन पर प्रतिबंधों को लेकर बढ़े राजनीतिक टकराव के बीच हुआ। पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।





