मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों को लोकतंत्र की चेतना बताते हुए कहा कि सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार केवल समाचार नहीं लिखते, बल्कि वर्तमान को शब्द देते हैं और भविष्य का इतिहास गढ़ते हैं। उन्होंने कहा, “समाचार का हर शब्द समय का दस्तावेज होता है और हर तस्वीर समाज की चेतना का दर्पण बन जाती है।”
मुख्यमंत्री संत कबीर कुटीर में सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम, चंडीगढ़ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब समाज में संवाद निरंतर, सार्थक और जीवंत बना रहे। इस दिशा में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता की जड़ें हमारी सनातन परंपरा में निहित हैं। उन्होंने महर्षि नारद को विश्व का प्रथम संवाददाता बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि सत्य, संतुलन और लोककल्याण का संदेश देना था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी और शहीद भगत सिंह जैसे महान नेताओं ने भी अपने लेखन के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया।
उन्होंने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सोशल मीडिया के दौर में सूचनाएं कुछ ही क्षणों में पूरी दुनिया तक पहुंच जाती हैं। ऐसे समय में सबसे बड़ा प्रश्न सूचना की गति नहीं, बल्कि उसकी सत्यता और प्रामाणिकता है। उन्होंने कहा कि अनुभवी और जिम्मेदार पत्रकार ही समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आलोचना लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन वह तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को केवल ब्रेकिंग न्यूज ही नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, समाधान और प्रेरणादायक उदाहरणों की भी आवश्यकता है। जब पत्रकारिता सत्य, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ती है, तब वह राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और संवाद के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है। इसी भावना के साथ सरकार पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान पेंशन प्रदान की जा रही है। पत्रकारों के लिए समूह बीमा योजना लागू की गई है, जिसका पूरा प्रीमियम राज्य सरकार वहन करती है। इसके अलावा गंभीर बीमारी, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में पत्रकार कल्याण कोष के माध्यम से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ समाज में विश्वास और सकारात्मक वातावरण को मजबूत करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकार अपनी निष्पक्ष, जिम्मेदार और रचनात्मक भूमिका निभाते हुए लोकतंत्र को सशक्त बनाने में आगे भी महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग, सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम, चंडीगढ़ के अध्यक्ष ए.एस. पराशर, अध्यक्ष जगतार सिंह, महासचिव केवल भारती, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी.बी. भारती, मीडिया सचिव प्रवीण अत्रेय तथा अनेक वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।




