Rahul Gandhi Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

Post Tagged with: "Rahul Gandhi"

राहुल हिंदू ब्राह्मण हैं, लेकिन कौन से?

कांग्रेस विभिन्न धर्मो वाले देश की प्रतिनिधि राजनीतिक पार्टी रही है। राहुल के दादा पारसी थे। जबकि पिता हिंदू और मां इटैलियन हैं। उनकी दादी हिंदू थीं जिन्होंने पारसी से विवाह किया। ऐसी स्थिति में राहुल हिंदू तो हैं। आप चाहें तो उन्हें ईसाई और पारसी भी मान सकते हैं।  

राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज, यानी 4 दिसंबर को, पार्टी के मुख्य पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। 47 वर्षीय सोनिया गांधी के पुत्र की चुनाव में अकेले उम्मीदवार के रूप में उभरने की संभावना है। उनकी मां सोनिया गांधी ने यह पद 1 9 वर्षों तक  

राहुल की नवसृजन यात्रा के अर्थ

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एक-दूसरे के इलाके में ताल ठोकने में लग गए है। मुद्दा है भ्रष्टाचार और विकास का। गुजरात में होने वाले चुनावों को देखते हुए राहुल की गुजरात यात्रा महत्वपूर्ण है। अब जबकि राहुल के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की तिथि नज़दीक  

‘नई पार्टी का गठन रमन सिंह के गांव में इसलिए किया ताकि शेर की मांद में घुसकर उसका शिकार करूं’

तीस साल आपने कांग्रेस में बिताए फिर अचानक से पार्टी से मोहभंग होने का क्या कारण रहा? किसी से कोई मोहभंग नहीं है. दो भावनात्मक कारणों से मैंने नया दल या नई राह पर चलने का फैसला किया. पहला कारण यह कि मुझे लगता है कि एक बेहद गरीब आदिवासी  

‘गांधी’ जो नाव डुबोए…

कहावत है कि राजनीति में कुछ भी पुराना नहीं होता है. भारतीय राजनीति में तो नारे, जुमले, भाषण आदि में से कुछ भी पुराना नहीं हो रहा है. गरीबी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जैसी बातों पर साठ-सत्तर के दशक में जैसे नारे और भाषण दिए जाते थे वैसे आज भी दिए जा  

दो साल की मोदी सरकार, अच्छे दिनों का इंतजार

तीस साल बाद केंद्र में प्रचंड बहुमत से आई मोदी सरकार अपने दो साल पूरे कर रही है. निजी तौर पर नरेंद्र मोदी ने सत्ता की दौड़ में अपने प्रतिद्वंद्वी गठबंधन यूपीए (यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायंस) को काफी पीछे छोड़ते हुए एनडीए (नेशनल डेेमोक्रेटिक एलायंस) को जबरदस्त बढ़त दिलाई और प्रधानमंत्री  

‘लोगों की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर हमला हो रहा है, बहस इस पर होनी चाहिए राष्ट्रवाद पर नहीं’

किसी से आप पूछेंगे कि वह किसको मानता है राष्ट्रवाद तो वह नहीं बता पाएगा. कुछ धुंधली-सी अवधारणा है लोगों के दिमाग में कि मुल्क हमेशा खतरे में रहता है, सैनिक उसकी रक्षा करते हैं, वे मारे जाते हैं, और इधर बुद्धिजीवी हैं जो तरह-तरह से सवाल उठाते रहते हैं,  

मीठे गन्ने की कड़वी खेती

फिल्मों की कहानियां समाज की जमीनी सच्चाई से ही निकलती हैं. इसी तरह की एक सच्ची कहानी बागपत जिले के गांव ढिकाना की है. डॉक्टर अगर आपसे कहे कि आपकी बहन को कैंसर है और जल्द से जल्द ऑपरेशन करने की जरूरत है वरना हम कुछ नहीं कर पाएंगे. इस