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गणतंत्र का गुड़गोबर

भोलेपन के पर्याय के रूप में मशहूर बेचारी गाय को पता भी नहीं होगा कि देश की सड़कों पर उसकी सुरक्षा के बहाने उपद्रव हो रहे हैं, तो भारतीय संसद में बहस में भी हुई. गाय को यह भी नहीं पता होगा कि उसका नाम अब सियासी गलियारे में मोटे-मोटे  

मोदी जी के पीएम बनने के बाद संघ के लोगों को चर्बी चढ़ गई है : जिग्नेश मेवाणी

हमारे समाज में गाय को आधार बनाकर छुआछूत की परंपरा पुरानी है. पर अब इसके बहाने दलितों को पीटा जा रहा है. देखिए, और कोई पशु माता नहीं है तो गाय ही माता क्यों है? यह सबसे अहम सवाल है. गाय को पवित्र बनाकर लंबे अरसे से एक राजनीति चल  

ममता कुलकर्णी : कभी दर्शकों को थी, अब पुलिस को है तलाश

इस साल अप्रैल के महीने में ठाणे पुलिस ने सोलापुर में एक फार्मा कंपनी एवॉन लाइफसाइंसेज लिमिटेड की एक इकाई से तकरीबन 20 टन ‘एफिड्रिन’ बरामद की थी जिसकी अनुमानित कीमत 2000 करोड़ रुपये बताई गई. एफिड्रिन एक प्रतिबंधित ड्रग है जिसका इस्तेमाल दमा और खांसी की दवाइयां तैयार करने  

मुठभेड़ चाल

सीबीआई कोर्ट ने 25 साल पहले पीलीभीत में हुए 10 सिखों के फर्जी एनकाउंटर में 47 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया है. फर्जी एनकाउंटर तो हमारे देश में आम बात है, लेकिन बहुत कम मामले ऐसे हैं जिनमें फर्जी एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों या सैन्यकर्मियों को सजा हुई हो. हो सकता  

बहादुर बच्चे

हर साल भारत सरकार और भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिए जाते हैं. इसके लिए देशभर से उन बच्चों को चुना जाता है, जो अपने साहस और बहादुरी से दूसरों के लिए नजीर बन जाते हैं. इस साल गणतंत्र दिवस पर देशभर के 25 बच्चों  

अफीम की घुट्टी है राष्ट्रवाद

भाजपा सरकार एक तरफ आंबेडकर को अपना नायक बताने की कोशिश करती है और दूसरी तरफ दलित बुद्धिजीवियों समेत दलित समुदाय पर हमले भी कर रही है. बात एकदम साफ है. आंबेडकर का एक तरह से एप्रोप्रिएशन यानी अपनाने की प्रक्रिया तो बहुत पुरानी स्थिति है. यह एक ऐतिहासिक तथ्य  

मोदी की शह पर फिर भाजपा के शाह

सोमवार, 25 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल में एक रैली को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान आत्मविश्वास से लबरेज शाह ने ममता सरकार की जमकर बखिया उधेड़ी. उन्होंने कहा कि ममता ने परिवर्तन नहीं सिर्फ पतन किया है. रैली की खासियत यह थी कि  

पटेल आरक्षण चाहते हैं या सिर्फ आंदोलन

इस समय पटेल आंदोलन क्यों शुरू हुआ? क्या ये सच में पटेलों के लिए आरक्षण पाने की मुहिम है या ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण को खत्म करने की साजिश? शुक्र है अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति तक फिलहाल इस आंदोलन की आंच नहीं पहुंची. क्या यह आंदोलन नरेंद्र मोदी  

गाय और गोमांस की राजनीति

‘शाकाहार विचार और कार्य की पवित्रता के लिए अपरिहार्य है. यह साधन की पवित्रता का एक प्रकार है. आप जो बोते हैं, वही काटते हैं. बूचड़खानों में ले जाए जाने वाले बेजुबान जानवरों का दर्द हमें सुनना और समझना है.’ नरेंद्र मोदी, तत्कालीन मुख्यमंत्री, गुजरात, 2 अक्टूबर 2003 को महात्मा गांधी  

‘अगर हिंसा करनी पड़ी तो वो भी करूंगा’

पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) की शुरुआत के बारे में बताइए? संगठन की शुरुआत 2011 में लौहपुरुष सरदार पटेल की जयंती पर हुई थी. मैं इस संगठन को अहमदाबाद के विरामगाम और मंडल इलाके से सिर्फ पाटीदार समुदाय के लिए चला रहा था. समाज के संवेदनशील तबके, जिसमें  हिंसा की