आवरण कथा Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
कयास की धुंध में जीत हार के दावे

अगले महीने की 18 तारीख को वोटिंग मशीनों से जब नतीजे निकलेंगे तब सूबे के पहाड़ों पर बर्फ की परत जम चुकी होगी। नतीजे इस ठण्ड को राजनीतिक गर्मी में बदल देंगे। मतदाता की खामोशी के बीच अभी तक के सबसे ज्यादा मतदान से कयास की ऐसी गहरी धुंध प्रदेश के राजनीतिक  

हिमाचल में जारी चुनावी जंग बागी बिगाड़ेंगे खेल?

नौ नवम्बर के विधानसभा चुनाव के लिए हिमाचल में चुनावी रणक्षेत्र सज गया है। प्रदेश के चुनावी इतिहास में यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री पद के दोनों प्रमुख संभावित उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल और वीरभद्र सिंह नए हलकों से चुनाव लड़ रहे हैं। 68 सीटों वाली विधानसभा में प्रवेश के लिए 338 प्रत्याशी  

समय से पहले ही 2018 में होंगे आम चुनाव?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह इस हुनर में माहिर हैं कि हमेशा वे विपक्ष को नींद से जगाते रहे हैं। ऐसी संभावना है कि लोकसभा चुनाव जो 2019 मेेेें होने हैं उन्हें 2018 समाप्त होने के पहले ही कराने का संदेश ये दोनों महारथी दे दें। इसी की  

देश के करोड़ों घरों में अब रातों में भी उजाला

वंशवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ  मुहिम   अर्से से लोगों को इंतजार था कि प्रधानमंत्री देश की आर्थिक विकास दर दुरुस्त करने के लिए ऐसी योजनाएं पेश करेंगे जिससे रोजगार दर बढ़े और शहरी और ग्रामीण इलाकों में विकास हो। प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक के दिन 25 सितंबर  

बाबा को बीस साल का कारावास

सिरसा के डेरा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को आखिर कार अपने गुनाहों की सजा मिल ही गई। दो साध्वियों का यौन शौषण करने के दो अलग-अलग मामलों में गुरमीत सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत ने 10-10 साल की कैद और 15-15 लाख रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई  

यात्रा रोकने की कोशिश भी नाकाम

अमरनाथ यात्रा रोकने की कोशिश पिफर नाकाम रही। ‘यह बाबा की कृपा थी कि गोलियां चल रही थी और तीर्थयात्रियों की बस दौड़ती रही।’ तीर्थयात्रियों की बस मंे घायल उषा ने अपने कानों को हाथ देते हुए, आंखें बंद कर हाथ जोड़ कर कहा ‘अगर कहीं बस रूक जाती तो  

महबूबा मुफ्ती : सत्ता ने बदले सुर

कश्मीर घाटी की मुख्यधारा के नेता, जिन्हें कई बार अलगाववादियों से अलग करने के लिए प्रो-इंडिया यानी भारत समर्थक नेताओं के नाम से जाना जाता है, उनके बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपनी एक अलग छवि बनाई है. उन्हें एक ऐसी नेता के तौर पर जाना जाता रहा है जो  

गणतंत्र का गुड़गोबर

भोलेपन के पर्याय के रूप में मशहूर बेचारी गाय को पता भी नहीं होगा कि देश की सड़कों पर उसकी सुरक्षा के बहाने उपद्रव हो रहे हैं, तो भारतीय संसद में बहस में भी हुई. गाय को यह भी नहीं पता होगा कि उसका नाम अब सियासी गलियारे में मोटे-मोटे  

अखंड भारत : भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के एकीकरण के विचार में कितना दम है?

आजादी के बाद से ही ऐसी आवाजें उठती रहीं कि भारत और पाकिस्तान का बंटवारा सही नहीं था और दोनों देशों का एकीकरण होना चाहिए. भारत-पाकिस्तान का एकीकरण तो नहीं हुआ, पाकिस्तान का विभाजन जरूर हो गया, जिसके बाद बांग्लादेश बना. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से समय-समय पर इन  

पहले वीजा देना शुरू करें, एकीकरण बाद की बात है

भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के एकीकरण से पहले हमें आज के हालात को देखना होगा. हमने दक्षिण एशियाई देशों का एक संगठन दक्षेस बनाया है. पहले हमें उसे ठीक ढंग से काम करने देना होगा. आज की तारीख में तो यही संगठन ठीक ढंग से काम नहीं कर पा रहा