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विपदा और विडंबना

आपदा अपने आने से पहले शोर तो नहीं मचाती लेकिन आहट जरूर देती है. इसे सुनने के लिए जो राजनीतिक और प्रशासनिक गंभीरता चाहिए वह उत्तराखंड में गायब दिखी, इसलिए नुकसान के आंकड़े असाधारण हो गए. मनोज रावत की रिपोर्ट.  

दिखावे का बैर!

सपा और भाजपा में मिलीभगत के बेनी प्रसाद वर्मा के आरोपों में कितनी सच्चाई है. अतुल चौरसिया की रिपोर्ट.  

‘आलोचक बेपेंदी के लोटे की तरह होते हैं’

हाल ही में कतर में उर्दू अदब का प्रतिष्ठित ‘फरोग-ए-उर्दू’ सम्मान पाने वाले हिंदी-उर्दू के चर्चित कथाकार शमोएल अहमद से निराला की बातचीत.  

किडनी फेल या पास

डॉक्टरी विज्ञान है तो विज्ञान ही परंतु इस मामले में वह रहस्यमय तथा जादुनुमा हो जाता है कि यहां दो और दो को जोड़ने पर प्राय: चार नहीं बनते. डॉक्टरी में प्राय: गणित गलत ही साबित होता है पर यह बात सामान्यजन के गले नहीं उतरती. वह मान तथा जान  

भ्रष्टाचार का ‘राजमार्ग’

देश में कई सालों से सड़क निर्माण के लिए बड़ी कंपनियों को नियमों के विपरीत ठेके देने या सड़क निर्माण में घटिया किस्म की सामग्री इस्तेमाल करके भ्रष्टाचार करने के मामले सामने आते रहे हैं. पर इन दिनों छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का एक ‘अभिनव’ मामला देखने को  

कटघरे में शिवराज

मध्य प्रदेश में इस साल हो रहे विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक बनाने के लिए भाजपा मुख्यमंत्री चौहान की छवि को लेकर मैदान में उतरने जा रही है. किंतु गेमन इंडिया लिमिटेड कंपनी (मुंबई) को राजधानी भोपाल के बीचोबीच आवंटित 15 एकड़ सरकारी जमीन चौहान के लिए गले की  

इतिहास के दो आख्यान

पुस्तक: इतिहास के दो आख्यान लेखक: प्रियंवद मूल्य: 600 रुपये पृष्ठ: 511 प्रकाशन: वाग्देवी प्रकाशन, बीकानेर मेरे प्रिय कथाकार प्रियंवद प्राचीन भारतीय इतिहास और संस्कृति के विद्यार्थी भी रहे हैं.  इतिहास पर उनकी एक पुस्तक ‘भारत विभाजन की अंतःकथा’ (1707 से 1947 तक ) कुछ साल पहले प्रकाशित हुई थी. हाल ही में इतिहास  

धार्मिक परिसर,  राजनीतिक स्मारक!

पंजाब के अमृतसर स्थित हरमंदिर साहिब अर्थात स्वर्ण मंदिर के शांत, शीतल, आध्यात्मिक और जीवंतता से भरे पवित्र माहौल में घूमते हुए विश्वास नहीं होता कि कभी यह जगह गोली, बम, हथियार और विस्फोटकों से पटी पड़ी थी. पवित्र अमृत सरोवर, जिसके एक छोर पर कुछ लोग स्नान कर रहे  

'मुझे कोई शर्मिंदगी नहीं है'

रजत शर्मा को टेलीविज़न शो ‘आप की अदालत’ से पहले बतौर अखबारी पत्रकार कम ही लोग जानते थे। 16 साल बाद, आज उनका खुद का न्यूज़ चैनल टीआरपी की दौड़ में सबसे आगे है। हरिंदर बवेजा के साथ बातचीत में शर्मा ने सफलता के अपने ही तरीकों से लेकर अपने  

हैं या नहीं

प्रधानमंत्री को लेकर विकट कांव कांव मची है। प्रधानमंत्री हैं, पर पीएमओ में कुछ काम नहीं हो रहा है। मतलब पीएम पीएम हैं या नहीं, इस पर विकट डाऊट मचे हैं। मैंने एक सीनियर जर्नलिस्ट को पकड़ा और उससे इस बारे में दरियाफ्त की।  सर, पीएम लगता है कि पीएम